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इनामी बदमाश चढा पुलिस के हत्थे

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उधमसिंह नगर। कोतवाली पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने थाना भोजपुर से पांच हजार के ईनामी बदमाश को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 315 बोर के तमंचे के एक जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश कर दिया।

दरअसल, कटोराताल चौकी इंचार्ज दिनेश बल्लभ रात के वक्त टीम के साथ गश्त पर थे। इस दौरान उन्हें मानपुर रोड स्थित स्टेडियम तिराहे के पास एक संदिग्ध युवक नजर आया। शक होने पर पुलिस ने उसे रोक लिया। तलाशी में आरोपी के पास से 315 बोर का तमंचा और एक कारतूस बरामद हुआ।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सदाकत है जो मुरादाबाद के भोजपुर का रहने वाला है। एसएसआइ वीसी रमोला ने बताया कि सदाकत के विरुद्ध थाना भोजपुर में दर्जनों लूट के मुकदमे दर्ज हैं। साथ ही थाना भोजपुर से आरोपी को पांच हजार का इनामी बदमाश भी घोषित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में भोजपुर पुलिस को सूचित किया जा रहा है कि पांच हजार के ईनामी सदाकत को गिरफ्तार कर लिया है।

223 अनुबंधित जेई की छुट्टी, होगी नियमित भर्ती

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पेयजल निगम प्रबंधन कड़ा कदम उठाते हुए दो साल पहले निगम में रखे 223 अनुबंधित जूनियर इंजीनियरों की छुट्टी करने का निर्णय ले लिया है। इसके बाद अब पेयजल निगम ने उनके स्थान पर नियमित जूनियर इंजीनियरों की नियुक्ति करने की तैयारी शुरू कर दी है।
पेयजल निगम ने दो साल पहले चंडीगढ़ की एक प्राइवेट कंपनी से अनुबंध के आधार पर निगम में दो साल के लिए 223 जूनियर इंजीनियरों को नियुक्ति दी थी। डेढ़ साल पूरे होने के बाद प्रबंधन ने उक्त इंजीनियरों के कार्य को परखा तो पता चला कि वह तकनीकी रूप से कमजोर हैं। इसके बाद प्रबंधन ने दो माह पहले उक्त इंजीनियरों का अनुबंध समाप्त करने का फैसला लिया लेकिन इसके बाद प्रबंधन ने इनकी नियुक्ति पर फिर से विचार किया।

 पेयजल निगम प्रबंधन ने उक्त इंजीनियरों पर अंतिम फैसला कर लिया है। जारी आदेशों के अनुसार आगामी 30 सितंबर को सभी इंजीनियरों का अनुबंध समाप्त कर दिया जाएगा चूंकि पेयजल निगम फिलहाल जूनियर इंजीनियरों की कमी से जूझ रहा है तो इसके चलते निगम ने अब अधीनस्थ चयन आयोग के जरिये नियमित जेई नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इसके लिए निगम की ओर से आयोग को पत्र भी जारी किया जा चुका है।

उधर, पेयजल निगम की ओर से अनुबंध समाप्त करने के फैसले से निगम में काम कर रहे अनुबंधित जूनियर इंजीनियर विरोध में उतर आए हैं। पूर्व में भी उक्त जेई के प्रतिनिधिमंडल ने ऐसी स्थिति में धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी। अब भी संगठन ने कहा है कि यदि उन्हें हटाया गया तो वह इसका विरोध करेंगे। पेयजल निगम के प्रबंध निदेशक भजन सिंह ने कहा कि अनुबंधित जेई के कार्य का परीक्षण किया, जिसमें उनका कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया। इस कारण प्रबंधन ने उक्त लोगों का अनुबंध आगे न बढ़ाने का निर्णय लिया है।

घर बैठे करें सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन

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राशन की सब्सिडी पाने के लिए अब आप घर बैठे ही आवेदन कर सकते हैं। राशन कार्ड को बैंक खाते से लिंक करने के लिए जिला पूर्ति विभाग ने जीमेल आईडी जारी कर 10 अक्टूबर तक अपनी डिटेल भेजने की अंतिम तिथि निर्धारित की है। राज्य खाद्य योजना, अंत्योदय योजना व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के राशन कार्डो के तहत मिलने वाली राशन की सब्सिडी अब उपभोक्ताओं को सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएगी।

3.70 लाख कार्ड धारक 
राशन कार्ड की सब्सिडी को बैंक खाते में भेजने के लिए जिला पूर्ति विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। विभाग ने सभी कार्ड धारकों को बैंक अकाउंट नम्बर, बैक शाखा का नाम, आईएफएससी कोड आधार से लिंक करने के लिए पूरी डिटेल मांगी है। जिसके लिए राशन डीलर और जिला पूर्ति विभाग में 10 अक्टूबर तक सभी कागजात की फोटो कॉपी मांगी है।

विभाग का दावा है कि अगर आप ऑफिस के चक्कर से बचना चाहते हैं और घर बैठे इसका समाधान चाहते हैं, तो संबंधित दस्तावेजों को सीधे ईमेल आईडी डीएसओ डॉय दून एटदरेट जीमेल डॉट कॉम([email protected]) पर 10 अक्टूबर तक अपलोड कर सकते हैं।

डीएसओ विपिन कुमार ने बताया कि, “राज्य खाद्य योजनाएं अंत्योदय योजना व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के राशन कार्डो के तहत मिलने वाली राशन की सब्सिडी अब उपभोक्ताओं को सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएगी। इसके लिए 10 अक्टूबर तक का समय तय किया जाएगा। इस कारण उपभोक्ताओं से बैंक खाता संख्या, बैंक शाखा का नाम, आईएफएससी कोड व मोबाइल नंबर लिया जा रहा है।” उपभोक्ता ये दस्तावेज अपने राशन डीलर जिला पूर्ति कार्यालय, संबंधित क्षेत्रीय निरीक्षक या जिला पूर्ति अधिकारी के पास जमा कर सकते हैं। राजधानी में करीब 3.70 लाख कार्डधारक हैं, जिसमें से 1.70 लाख एपीएल कार्ड धारक हैं। डीएसओ ने बताया कि एक नवंबर से सब्सिडी सीधे खाते में आएगी। जिसके लिए विभाग ने अपने स्तर से पूरी तैयारियों में जुट गया है। 

एमआरआई मशीन खराब, आफत में मरीज

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दून मेडिकल कॉलेज में एमआरआई मशीन खराब होने से मरीज ही नहीं अस्पताल भी नुकसान में है। पिछले 15 दिन में अस्पताल को इस कारण करीब तीन लाख रुपये का फटका लग चुका है। इसमें अगले कुछ दिन अभी राहत मिलने के आसार भी नहीं हैं।

दून मेडिकल कॉलेज की टीचिंग अस्पताल में एमआरआई के लिए पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों तक से लोग आते हैं। कारण यह कि प्रदेशभर में तीन ही सरकारी अस्पताल में एमआरआई की सुविधा है। निजी सेंटर पर एमआरआई जहां पांच से छह हजार रुपये में होता है। वहीं, दून अस्पताल में बीपीएल मरीज व एमएसबीवाई कार्डधारकों के लिए यह सुविधा नि:शुल्क है।

आम मरीज से भी इस जांच के 3500 रुपये ही लिए जाते हैं। यह मशीन अस्पताल का राजस्व का सबसे बड़ा जरिया भी एमआरआई मशीन है। हर दिन इस मशीन में लगभग 15 मरीजों की एमआरआई होती है। जिस लिहाज से निशुल्क जांच के अलावा भी एक दिन में लगभक 25 से 30 हजार रुपये की एमआरआई होती है।

पिछले 15 दिन से बंद होने से दून अस्पताल को ही तीन लाख रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं इस बीच मशीन का खराब हुआ हिस्सा सिंगापुर से मंगाया गया. जिसे आने में ही दस दिन से ज्यादा लग गया। अभी इसे जोड़ने में एक सप्ताह का समय और लग सकता है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता ने बताया कि मशीन की मरम्मत बुधवार से शुरू हो जाएगी। उम्मीद है कि एक सप्ताह में मशीन काम करने लगेगी। 

पार्षदों ने विद्युत सामग्री की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

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विद्युत सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए नगर पालिका, पिथौरागढ़ के सभासदों ने ईओ को पत्र देकर सही गुणवत्ता वाले सामान की आपूर्ति कर नगर की विद्युत व्यवस्था बहाल करने की मांग की।

सभासद नगरपालिका कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कार्यालय में पत्र देकर नगर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने की मांग की है। साथ ही पार्षदों ने कहा कि नगर में विद्युत आपूर्ति के लिए आई सोडियम लाइटें लगाते ही खराब हो जा रही है। नगर में लगी हाईमास्क लाइटें भी पूरी तरह खराब हो चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि नगर में विद्युत व्यवस्था सही करने को लगाए कर्मचारी भी सहीं तरह से कार्य नहीं कर रहे। जिससे नगर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने ईओ से विद्युत सामग्री की गुणवत्ता सुधारने और नगर में लगी हाईमास्क लाइटों को ठीक करने की मांग की है। जिस पर नगरपालिका के ईओ खीमानंद जोशी ने कहा कि खराब विद्युत सामान की जांच की जाएगी। खराब गुणवत्ता का सामान मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

इस मौके पर चंद्रशेखर मखौलिया, भुवन जोशी, केदार सिंह लुंठी, ललित पुनेड़ा, गंगोत्री दताल, विक्रम वाल्मिकी, दिनेश सिंह सौन, विजेंद्र सिंह महर आदि मौजूद रहे। 

तंगहाली में अस्पताल, उधार का खाना खा रहे मरीज

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देहरादून। दून व श्रीनगर मेडिकल कॉलेज मरीजों की थाली में उधार का निवाला परोस रहे हैं। इन पर खाने का तकरीबन एक करोड़ बीस लाख रुपये बकाया है। तंगहाली में कैंटीन संचालक के भी पसीने छूट रहे हैं। जिस तरह की परिस्थितियां हैं, खाने पर कभी भी ब्रेक लग सकता है।

राज्य के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को हर रोज खाना उपलब्ध कराया जाता है। यह व्यवस्था ठेके पर चलती है। आलम यह है कि मरीजों का खाना ‘उधारी’ पर चल रहा है। नियमानुसार कैंटीन संचालक को तय अवधि में और नियमित भुगतान होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। सीमित बजट होने के कारण अस्पताल हाथ रोककर भुगतान करते हैं, वह भी तय वक्त पर नहीं होता। हाल का ही उदाहरण लीजिए, दून व श्रीनगर मेडिकल कॉलेज पर खाने का एक करोड़ बीस लाख रुपये बकाया है। भुगतान की बानगी देखिए, कैंटीन संचालक को मार्च माह में भुगतान किया गया था। उसके बाद से अब तक एक पाई नहीं मिली। तंगहाली में कैंटीन संचालक को आगे का राशन आदि खरीदने में भी दिक्कत आ रही है। वह भुगतान के लिए लगातार अफसरों के चक्कर काट रहे हैं। भुगतान न होने से व्यवस्था बनाए रखने में उनके गले-गले आ रही है। स्थिति यह है कि व्यवस्था कभी भी लड़खड़ा सकती है और मरीजों के खाने पर संकट आ सकता है। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। शासन से बजट की मांग रखी गई है और बजट आते ही तुरंत भुगतान कर दिया जाएगा। 

सरकार पर किसानों ने लगाया उपेक्षा का आरोप

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पिथौरागढ़। किसानों का क्रमिक अनशन कर्ज माफी की मांग को लेकर 64 वें दिन भी जारी रहा। अनशन पर बैठे किसानों ने प्रदेश सरकार पर उपेक्षा का अरोप लगाया।

मंगलवार को किसान, जिला किसान संगठन के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। इस दौरान किसानों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाए। किसान संगठन के जिलाध्यक्ष सुभाष चंद्र जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस कारण कई दिनों से आंदोलन किए जाने के बावजूद भी किसानों की मांगें नहीं मानी जा रही है।
मंत्री जगदीश प्रसाद ने कहा कि भाजपा ने चुनावों के समय किसानों के कर्ज माफी की घोषणा की थी। कहा कि सत्ता में आते ही भाजपा किसानों को भूल गई है। कहा कि जिस कारण किसानों में प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रोश है।

विस अध्यक्ष ने एम्स से दून बस सेवा को हरी झंडी दिखाकार किया रवाना

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ऋषिकेश। उत्तराखण्ड विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चन्द अग्रवाल ने मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) ऋषिकेश से देहरादून तक उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बस सेवा का हरी झण्डी दिखाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा कि जिन रोगियों को एम्स ऋषिकेश तक आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। जिस कारण वह अपना इलाज सही से नहीं करा पाते हैं, उन लोगों को परिवहन निगम की इस बस सेवा शुरू होने से बहुत लाभ मिलेगा।
अग्रवाल ने कहा कि स्थानीय जनता की बस सेवा की मांग काफी समय से थी जिस पर त्वरित गति से काम करते हुए आज बस सेवा को हरी झण्डी दिखा दी गई है। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक अग्रवाल ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान का मुआयना करते हुए कहा कि यहां पर जो भी समस्यांए अभी बनी हुई है, उस सम्बन्ध में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बात हुई है, जिस पर जल्द ही कारवाई कर समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।

अब सीबीएसई स्कूलों में लगेंगे सजेशन बॉक्सेज

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देहरादून। गुरुग्राम में हुई दर्दनाक घटना के बाद अब प्राइवेट स्कूलों में सजेशन बॉक्सेज भी लगेंगे। हालांकि प्राइवेट स्कूल ने यह कदम अपने स्तर से सुरक्षा के यह सारे इंतजाम किए हैं। बोर्ड के तमाम दिशा निर्देशों के साथ ही स्कूल एहतिहातन बच्चों को अपनी मन की बात कहने के लिए यह जरिया प्रदान करने जा रहा है।

प्राइवेट स्कूलों में सुरक्षा पर सवाल: प्रधुम्न मर्डर केस के बाद से प्राइवेट ही नहीं सरकारी स्कूलों में भी सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। प्राइवेट स्कूलों में जहां सीसीटीवी लगाने के साथ-साथ सभी कर्मचारियों का सत्यापन करने की गाइडलाइन पहले से ही जारी हो चुका है। जिसको लेकर सभी स्कूल मेनेजमेंट की ओर से अपने अपने स्तर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का दावा किया जा चुका है। इसके अलावा शिक्षा विभाग ने भी सभी शासकीय अशासकीय स्कूलों में सुरक्षा की द़ृष्टि से फोटोयुक्त प्रोफाइल बाकी जानकारियों के साथ लगाने के निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा सीबीएसई ने भी अपने स्तर से हर स्कूलों में सुरक्षा के इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में सभी स्कूलों में शिकायत पेटिकाएं लगाना भी आवश्यक हो गया है। हालांकि प्राइवेट स्कूलों ने सजेशन बॉक्सेज के साथ-साथ ग्रीवेंस बॉक्स लगाने की भी आवश्यकता बता रहा है।
रैंगिंग को लेकर भी बनाया गया था नियम:स्कूलों में छात्राओं की परेशानी और रैगिंग की समस्या को देखते हुए सीबीएसई द्वारा सजेशन बॉक्सेज लगाने के निर्देश दिए गए थे। जिससे डर की वजह से प्रबंधन तक अपनी बात न रख पाने वाले छात्र-छात्राएं सुझाव यानि सजेशन अथवा कम्प्लेन यानि शिकायत पेटिका के जरिए अपनी बात रख सके। प्राइवेट स्कूलों ने इस निर्णय का भी स्वागत किया था और अपने स्तर से स्कूलों में सजेशन बॉक्स लगाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। ताकि रायन इंटरनेशनल स्कूल मेंं हुई वारदात की पुनरावृत्ति न हो।
अभिभावकों को नहीं होगी परेशानी :राजधानी के पटेलनगर स्थित जीआरडी एकेडमी के प्रिंसीपल राजन सेठी ने बताया कि स्कूल में सजेशन बॉक्स को लगाए जाने के साथ ही ग्रीवेंस बॉक्स अर्थात शिकयत पेटिका भी लगाई जा रही हैं। जिससे अभिभावकों को अपनी बात रखने में कोई परेशानी नहीं होगी। दोनों बॉक्सेज को अलग-अलग लगाया जाएगा जिससे दोनों के लगाने का फायदा स्कूल प्रबंधन को मिले। प्रिंसीपल का दावा है कि सजेशन बॉक्सेज से ज्यादा फायदा ग्रीवेंस बॉक्स से होगा। इसलिए स्कूल अपने स्तर से दोनों बॉक्स प्रोवाइड कराने जा रहा है।

शाहरुख हुए मायूस

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4 अगस्त को रिलीज हुई ‘जब हैरी मीटस सेजल’ के बाक्स आफिस पर निराशाजनक प्रदर्शन के बाद शाहरुख खान जहां आनंद एल राय की नई फिल्म की शूटिंग शुरु करने जा रहे हैं, वहीं हाल ही में एक और खबर आई थी कि शाहरुख खान की प्रोडक्शन कंपनी रेड चिल्ली ने इन दिनों साउथ में तहलका मचा रही तमिल फिल्म ‘विक्रम वेधा के हिंदी रिमेक राइटस खरीदे हैं।

‘विक्रम वेधा’ में आर माधवन के साथ साउथ के दिग्गज सितारे विजय सेतुपति ने काम किया है। अंडरवर्ल्ड और पुलिस अधिकारी के रिश्तों पर बनी इस फिल्म को बाक्स आफिस पर बड़ी कामयाबी मिली है। अब इस फिल्म के रीमेकिंग राइटस को लेकर एक और खबर आ रही है, जिसमें ‘विक्रम वेधा’ का निर्माण करने वाली कंपनी ने रीमेकिंग राइटस बेचने की खबर का खंडन कर दिया है।

इसके रीमेकिंग राइटस खरीदने की होड़ में शाहरुख से पहले अक्षय कुमार, अजय देवगन, संजय दत्त और सलमान खान भी शामिल रहे हैं। विक्रम वेधा का निर्माण करने वाली कंपनी वाई नाट प्रोडक्शन की ओर से सोशल मीडिया पर खबर दी गई है कि कंपनी ही इसे हिंदी में रीमेक करने पर विचार कर रही है और किसी को राइटस नहीं बेचे गए हैं। कंपनी का कहना है कि वे जल्दी ही इस बाबत अधिकारिक घोषणा करेंगे। देखने वाली बात होगी कि इन सभी सितारों में से किसे कंपनी रीमेक में कास्ट करेगी।