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कंगना और रितिक का विवाद फिर भड़का

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रितिक रोशन और कंगना के बीच दो साल से चला आ रहा विवाद एक बार फिर मीडिया के केंद्र में आ गया है। ये केस एक बार फिर कानूनी रास्ते पर आगे बढ़ा है। खबरों के मुताबिक, रितिक रोशन के वकीलों ने कंगना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, तो कंगना के वकील की ओर से रितिक की शिकायत को नकार दिया गया है।

सोशल मीडिया पर कंगना की बहन रंगोली द्वारा रितिक को अंकल का ताना मारा गया, तो ये विवाद और गहरा गया। रितिक के वकील महेश जेठमलानी की ओर से मुंबई पुलिस मे एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसमें कंगना द्वारा कथित तौर पर लिखे ईमेल का विवरण है। 29 पेज की इस शिकायत में रितिक के वकीलों की टीम ने कंगना पर अश्लील मैसेज भेजने के आरोप लगाए।

मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम ने पिछले साल भी इस केस की जांच की थी और बिना किसी नतीजे के इस जांच को बंद कर दिया था। रितिक रोशन की ओर से दर्ज शिकायत के बाद ये जांच फिर से आगे बढ़ेगी। पुलिस ने भी कहा है कि मामला बंद नहीं हुआ है और जांच आगे बढ़ेगी। कंगना के वकील रिजवान अली ने इस शिकायत पर एक बयान जारी कहा, जिसमें उनका कहना था कि ये मामला नया नहीं है और दो सालों से पब्लिक डोमेन में हैं। उनका कहना है कि जांच तेजी से होनी चाहिए और निष्पक्ष होनी चाहिए।

रितिक की रिपोर्ट की खबर आने के बाद सोशल मीडिया पर कंगना की बहन रंगोली एक बार फिर तैश में आ गईं और उन्होंने रितिक का नाम लेकर उनको खरी खोटी सुनाईं और उनके लिए अंकल शब्द का इस्तेमाल किया। रंगोली का कहना है कि जब रितिक की पहली फिल्म रिलीज हुई, तो कंगना सिर्फ तीन साल की थीं। अगर वे हीरो न होते, तो कंगना उनको अंकल बुलातीं। रंगोली ने रितिक पर आरोप लगाया कि उनकी बहन को बदनाम करने के लिए वे उल्टे सीधे हथकंडे अपना रहे हैं। कंगना की बहन ने ये भी कह दिया कि कंगना जैसी अमीर लड़की को जिंदगी में अंकल टाइप किसी की जरुरत नहीं होती।

परिणीती चोपड़ा के पांव में चोट आई

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मुंबई, परिणीती चोपड़ा जहां इन दिनों दीवाली पर रिलीज होने जा रही अपनी फिल्म गोलमाल 4 के प्रमोशन में व्यस्त हैं, वहीं हाल ही में उन्होंने यशराज की नई फिल्म ‘संदीप और पिंकी फरार’ का पहला शेड्यूल भी किया। इस फिल्म में वे ‘इश्कजादे’ के बाद एक बार फिर अर्जुन कपूर के साथ जोड़ी बना रही हैं।

इसी फिल्म के सेट पर एक सीन करते हुए परिणीती चोपड़ा के पांव में चोट आ गई। बताया जाता है कि उनका पांव एक कांच से टकरा गया, जिसकी वजह से काफी खून बहा। इसी हादसे में उनका पांव मुड़ गया और उस पर सूजन आ गई। परिणीती ने अपना प्रोफेशनल रवैया दिखाते हुए चोट लगने के बाद भी उस दिन की शूटिंग का काम किया और साथ में ‘गोलमाल 4’ के प्रमोशन के काम को भी जारी रखा।

इस फिल्म में वे पहली बार रोहित शेट्टी की टीम से जुड़ी हैं और पहली बार अजय देवगन की हीरोइन बनी हैं। ‘गोलमाल 4’ की टीम ने परिणीती के जज्बे की तारीफ की है। 

सोशल मीडिया पर सक्रिय दुनिया के सितारों की लिस्ट मे प्रियंका-दीपिका

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सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले अंतर्राष्ट्रीय सितारों को लेकर हाल ही में जारी एक लिस्ट में बालीवुड से दो सितारों के नाम हैं। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर प्रियंका चोपड़ा का नाम है, तो दीपिका पादुकोण सातवें नंबर पर हैं। इन दोनों ने ही हाल ही में

हालीवुड की फिल्मों में अपना कैरिअर शुरु किया है। इसी साल जहां प्रियंका की फिल्म बेवाच रिलीज हुई, तो दीपिका की फिल्म ट्रिपल एक्स भी परदे पर आई। ये अलग बात है कि बाक्स आफिस पर न प्रियंका की फिल्म चली और न ही दीपिका की।

भारतीय दर्शकों को अपनी पसंदीदा हीरोइनों में से किसी की फिल्म नहीं पसंद आई। दिलचस्प बात ये है कि सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाले अंतर्राष्ट्रीय सितारों की इस लिस्ट में पहले नंबर पर डवेन जानसन हैं, जो राक के नाम से जाने जाते हैं और प्रियंका के साथ बेवाच में हीरो थे। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर दीपिका की फिल्म के हीरो रहे विन डिजल हैं।

जेनिफर लोपाज का नाम प्रियंका के बाद इस लिस्ट में चौथे नंबर पर है और एमिलिया क्लार्क पांचवे नंबर पर हैं। संजय लीला भंसाली की बाजीराव मस्तानी में प्रियंका और दीपिका ने पहली बार एक साथ काम किया था, जबकि रामलीला में दीपिका हीरोइन थीं और प्रियंका ने इसके लिए एक आइटम सांग किया था। 

कृषक महोत्सव मनाने का सरकार को नहीं अधिकारःबेहड

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रुद्रपुर, पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ ने कहा कि, “प्रदेश की भाजपा सरकार को कृषक महोत्सव मनाने को कोई अधिकार नहीं है। जिस प्रदेश में छह किसानों ने कर्ज में डूब कर आत्महत्या कर ली हो उस सरकार को कृषक महोत्सव मनाने के बजाए किसानों के हित के लिए योजनाएं चलानी चाहिए, ताकि हमारे अन्न दाता अपनी जान देने को मजबूर न हो।”

पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड़ ने कहा कि उत्तराखण्ड में किसान अपनी फसल बेचने के लिए मारे मारे घूम रहा है। सरकार द्वारा धान के कांटे जगह-जगह लगाए नहीं गए है और जिस जगह लगे हैं तो कोई धान खरीद नहीं रहा है। ऐसे में किसान अपनी फसल लेकर दर दर भटक रहा है जो हमारे देश के लिए चिंता का विषय है। विगत दिनों भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा बयान दिया गया था के भाजपा ने कभी किसानों के कर्ज माफी का वादा नहीं किया था। “भाजपा नेताओं को इतनी भी शर्म नहीं आती कि दिन में तीन बार जिस किसान का उगाया अन्न खाकर वह अपना पेट भरते हैं उसकी मृत्यु का मजाक उड़ाना क्या अच्छा है।”

जिला उधमसिंह नगर में तीन तीन किसानों के कर्ज में डूब कर आत्हत्या कर ली थी, प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मृतक किसानों के परिजनों से मिलना भी जरूरी नहीं समझा तो आज यह किस हक से कृषक महोत्सव मना रहे हैं। यह कृषक उत्सव नहीं बल्कि मृतक किसानों का अपमान है।

श्री बेहड़ ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार ने किसानों की फसल के नुकसान के बाद राहत देने के लिए बीमा फसल योजना शुरू की है। जिसमें जिस किसान ने सोसाइटी से लोन लिया हुआ है और उसका पी्रमियम कटा हुआ है, यदि उसकी फसल खराब होती है तो उसको 24 घण्टे के अन्दर प्रार्थना पत्र के साथ कटे हुए प्रीमियम की रसीद भी बैंक या सोसाइटी में जमा करवानी होगी उसके बाद किसान का प्रार्थना पत्र केन्द्र में भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बीमा कम्पनी को भेजा जाएगा। श्री बेहड़ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार व उत्तराखण्ड सरकार किसानें के लिए एक जुमला साबित हुई है।

मानकों के पालन को सीबीएसई कस रहा स्कूलों पर नकेल

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देहरादून। गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में छात्र की हत्या के बाद से सीबीएसई सुरक्षा मानकों पर सख्त दिख रही है। इस संबंध में बोर्ड से सभी संबद्ध स्कूलों को एडवाइजरी जारी की है। अब सीबीएसई फिर एक्शन में दिख रहा है। स्कूलों में नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की गाइड लाइन को अनिवार्य कर दिया गया है।

सीबीएसई ने सर्कुलर जारी कर सभी संबद्ध स्कूलों को गाइड लाइन का अनिवार्य रूप से पालन करने को कहा है। नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की यह गाइड लाइन फरवरी-2016 में जारी की गई थी, जिसमें स्कूल कैंपस के अंदर आपदा आने पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर तरह-तरह की चेतावनियां व सुझाव दिए गए हैं। सीबीएसाई ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वह प्रयोगशालाओं और भवन में ऐसे उपकरण लगाएं जिससे आग लगने की स्थिति में कोई नुकसान न हो। सीबीएसई ने इससे पहले भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई तरह के दिशा निर्देश जारी किए हैं। जिसमें यह निर्णय भी लिया गया है कि बोर्ड विद्यालयों का औचक निरीक्षण करेगा। बच्चों का फीडबैक लिया जाएगा और उनसे पूछा जाएगा कि विद्यालय में उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं है। इसके साथ ही बच्चों के साथ बढ़ रही लैंगिग अपराध की घटनाओं को देखते हुए सीबीएसई ने गुड टच और बैड टच के प्रति बच्चों को जागरूक करने के निर्देश भी स्कूलों को दिए हैं। 

पुलिस कार्यालय देहरादून में किया गया स्वच्छता कार्यक्रम

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आज पुलिस कार्यालय, देहरादून में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून महोदया की उपस्थिति में “स्वच्छ भारत अभियान” के तहत सफाई अभियान चलाया गया जिसमें पुलिस कार्यालय में नियुक्त समस्त अधिकारी/कर्मचारीगणों द्वारा अपने अपने शाखाओँ की सफाई की गई।

अभियान के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदया द्वारा पुलिस कार्यालय की समस्त शाखाओं का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया गया तथा उपस्थित अधिकारियों को अपने अपने कार्यालयों में नियमित रूप से साफ- सफाई करवाने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर पुलिस उपमहानिरीक्षक, गढवाल परिक्षेत्र महोदय द्वारा पुलिस कार्यालय देहरादून का आकस्मिक निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया गया।

किडनी कांड: तीन और पैथालॉजी लैबों का पता चला

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देहरादून। किडनी कांड में जांच के दौरान पुलिस को तीन पैथालॉजी लैबों मस्तू एण्ड मूर (रोहिणी, दिल्ली), पैथालॉजी लैब गंगोत्री तथा एसआरएल लैब के समबन्ध में जानकारी प्राप्त हुई है। यहां पर आपरेशन से पूर्व किडनी डोनरों के सिटी स्कैन व अन्य टेस्ट किए जाते थे।

थाना डोईवाला के गंगोत्री चैरीटेबल हास्पिटल में बीते सितम्बर माह में हुई बहुचर्चित किडनी खरीद फरोख्त/ट्रांसप्लांट प्रकरण में पुलिस जांच पड़ताल कर रही है। अब तक की जांच में पुलिस को तीन लैबों के अतिरिक्त कुछ एम्बुलेन्स चालकों के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई, जो आपरेशन के बाद मरीजों को गंगोत्री हास्पिटल से अन्य अस्पतालों में ले जाते थे।
पूछताछ में एम्बुलेंस चालकों द्वारा बताया गया कि वह मरीजों को गंगोत्री अस्पताल से आपरेशन के पश्चात गंगाराम अस्पताल, नई दिल्ली, अपोलो अस्पताल, नई दिल्ली तथा नरेल फैब्रिस करनाल बाईपास, नई दिल्ली ले जाते थे। जिसके लिए उनके द्वारा एक कांसेंट बुक में एंट्री की जाती थी, जिसमें मरीजों के सम्बन्ध में पूर्ण जानकारी रहती थी। पुलिस ने एम्बुलेंस चालकों से कांसेंट बुकों को कब्जे में लिया है। जांच के दौरान प्रकाश में आये पैथालॉजी लैबों तथा सम्बन्धित हास्पिटलों में गये मरीजों की तस्दीक के लिए पुलिस और जानकारी जुटा रही है।

राजाजी टाइगर रिजर्व, चीला रेंज में मनाया जा रहा हाथी दिवस 

उत्तराखंड में स्थित राजा जी नेशनल पार्क एशियन हाथियों की एक अलग पहचान के रूप में पूरे विश्व में  जाना जाता है. यहां की जीव विविधता के चलते यहां बड़ी संख्या में हाथी और टाइगर के साथ साथ वाइल्ड एनिमल की बड़ी संख्या है जिसके चलते यहां बड़ी संख्या में वन जीव प्रेमी चीला और मोतीचूर रेंज का भ्रमण करते हैं।

राजाजी नेशनल पार्क के चीला रेंज में वन जीव सप्ताह के अंतर्गत हाथी दिवस मनाया जा रहा है। जिसमे वन एंव पर्यावरण मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया, साथ ही इस रेंज की सबसे समझदार सबसे पुरानी सदस्य रही अरुंधति हथनी की समाधि पर पुष्प चढ़ा कर अपनी श्रधांजलि  दी, साथ ही वन मंत्री ने पार्क में आए तीन शिशु हाथियों का किया नामकरण भी किया।

rajaji national park

इस अवसर पर बड़ी संख्या में वनकर्मी वन्यजीव प्रेमी और बीजेपी विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, मंडी चैयरमेन संजय चोपड़ा,पार्क के निदेशक सनातन सोनकर उपस्थित रहे. इस अवसर पर बोलते हुए उत्तराखंड के वन मंत्री डॉक्टर हरक सिंह रावत ने कहा कि, “राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क उत्तराखंड की शान है और हमारी सरकार वनों और यहां रह रहे जीव जंतुओं को बचाने के लिए  पूरी तरह से वचनबद्ध है।”

हाथी दिवस के माध्यम से पार्क प्रशासन आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को भी  हाथियों के रहन-सहन और स्वभाव के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं और  वन जीव एक्सपर्ट  इस मौके पर पार्क के रिंग क्षेत्र में रहने वाले लोगों को वन जीव के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराते हैं जिससे मानव  और जीव संघर्ष को रोका जा सके और लोगों को वन जीवन के प्रति जागरुक किया जा सके.

 

राज्य में बनेंगे और हेलीपैडः सीएम

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देहरादून। राज्य में आपदा प्रबंधन और पर्यटन की दृष्टि से नए स्थानों पर हेलीपैड तैयार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में नागरिक उड्डयन विभाग की समीक्षा के दौरान विभाग को ऐसे स्थानों को चिह्नित करने के निर्देश दिए जहां अभी हेलीपैड नहीं हैं।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में हवाई पट्टियों और प्रमुख हेलीपैडों की सुरक्षा के लिए सिविल एविएशन सिक्योरिटी के गठन पर समुचित विचार करने के निर्देश भी दिए। सीएम ने कहा कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए 365 एकड़ भूमि की आवश्यकता हैं, जिसके लिए नागरिक उड्डयन विभाग आवश्यक पैरवी करे। पंतनगर एयरपोर्ट में नाइट लैण्डिंग सुविधा के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से अनुरोध किया जाए।
मुख्यमंत्री ने केदारनाथ में सेवा दे रही हेलीकॉप्टर कम्पनियों के लिए सीएसआर के तहत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निःशुल्क कुछ घंटे निर्धारित करने की नीति बनाने के निर्देश भी उन्होंने दिए। केदारनाथ में हवाई सेवाएं दे रही कम्पनियों द्वारा अधिक किराया वसूली की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया और उत्तराखण्ड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण को उनके अनुश्रवण को प्रभावी तंत्र बनाने को कहा।
उत्तराखण्ड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के निदेशक डॉ. आर.राजेश कुमार ने बताया कि इस वर्ष सात करोड़ रुपये राजस्व के लक्ष्य के सापेक्ष 5.80 करोड़ रुपये की आय हो चुकी है। नैनीसेनी हवाई पट्टी पर डीजीसीए द्वारा उठाई गई आपत्तियों का प्रतिउत्तर भेजा जा चुका है। नैनीसेनी हवाई पट्टी पर एअरपोर्ट मैनेजर की नियुक्ति के लिए अनुरोध किया गया है। चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी की गुणवत्ता की जांच केन्द्रीय सड़क शोध संस्थान द्वारा की जाएगी। पंतनगर-देहरादून के लिए उड़ान योजना के अन्तर्गत डेक्कन एयरवेज द्वारा दिसम्बर माह तक सेवा प्रारम्भ की जाएगी। केदारनाथ क्षेत्र में कुल 13 हवाई कम्पनियों को अनुमति दी गई है। वर्तमान में कुल आठ कम्पनियों द्वारा सेवाएं दी जा रही है। प्रदेश में कुल 49 हेलीपैड हैं। बैठक में मुख्य सचिव एस.रामास्वामी, सचिव मुख्यमंत्री, अमित सिंह नेगी उपस्थित रहे।

नगर पालिका में शामिल किए जाने पर ग्रामीणों का जबरदस्त विरोध

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नगर पंचायत नंदप्रयाग,गोपेश्वर को उच्चीकृत कर प्रस्तावित नगर पालिका बनाने में आसपास के गांवों को शामिल किये जाने के विरोध में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया।

ग्राम पंचायत मंगरोली, रामबोरी, सेम, धनकुंड, ग्राम पंचायत मासौं के ग्रामीण उनके गांवों को नगर पंचायत नंदप्रयाग में शामिल किये जाने के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नगर पालिका नंदप्रयाग में हमारे गांवों को शामिल न किया जाए। यदि ऐसा हुआ तो ग्रामीण इसका विरोध करेंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि, “प्रस्तावित नगर पालिका नंदप्रयाग में हमारे गांवों को मिलाने से ग्रामीणों को एतराज है। गांव को मिलने वाली योजनाओं पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। जब नगर पंचायत का विस्तार किया जा रहा था तो तब ग्रामीणों को विश्वास में नहीं लिया गया। हम सभी ग्रामीण नगर पालिका में शामिल होने का विरोध करते है।”