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जब आमने-सामने आए कंगना और करण जौहर

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अपने अपने बयानों से एक दूसरे के खिलाफ निशाना लगाने वाले करण जौहर और कंगना एक समारोह में एक दूसरे के सामने आ गए, लेकिन दोनों में कोई कहासुनी नहीं हुई, बल्कि एक दूसरे को अनदेखा करते हुए आगे निकल गए। एक फोटोफ्रेम में दोनों मीडिया को हाथ हिलाते कैमरों में कैद भी हुए। करण जौहर और कंगना दोनों नीता अंबानी द्वारा मामी फेस्टिवल को लेकर दी गई पार्टी में शामिल होने पहुचे थे। करण जौहर थोड़ा पहले पंहुचे और उनके आने के 15 मिनट बाद कंगना पंहुची। एक पल ऐसा भी आया, जब दोनों एक फ्रेम में आ गए, लेकिन एक दूसरे को देखे बिना ही आगे बढ़ गए। कंगना वहां ज्यादा नहीं रुकीं और नीता अंबानी से मिलकर तुरंत पार्टी से चली गईं, जबकि करण काफी देर बाद निकले। पिछले एक साल से करण जौहर और कंगना के बीच रिश्तों में खटास आ चुकी है। करण के शो काफी विद करण मे हिस्सा लेने गई कंगना ने करण को मूवी माफिया होने का सीधा आरोप जड़ दिया, जिसमें मूल मामला ये था कि करण जौहर अपनी फिल्मों में परिवारवाद को बढ़ावा देते हैं और फिल्मी परिवारों से आए बच्चों को अपनी फिल्मों में ज्यादा मौके देते हैं। करण जौहर ने तिलमिलाकर कंगना पर विक्टिम कार्ड खेलने की बात कहकर उनको फिल्म इंडस्ट्री छोडने की सलाह दी, तो हंगामा हो गया। इस साल आईफा के मंच पर करण जौहर की मौजूदगी में कंगना की खिल्ली उड़ाई गई। 

कला एवं संस्कृति का संरक्षण कर रही है संस्कार भारती: सतपाल महाराज

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संस्कार भारतीय जो विलुप्त हो रही ललित कलाओं की संरक्षक संस्था है। कार्यक्रम में पर्यटनमंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि संस्कार भारती संस्कृति की ध्वज वाहक है।

उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता संस्कृति और विलुप्त हो रहे संस्कारों के साथ-साथ संस्कृति को संरक्षण देना आज की आवश्यक आवश्यकता है। इसी काम को संस्कार भारती आगे बढ़ा रही है। सतपाल महाराज ने जनरल महादेव सिंह रोड स्थित एक फर्म हाउस में संस्कार भारती द्वारा आयोजित पुरातत्व कला प्रदर्शनी कार्यशाला एवं प्रच्य कला पर आधारित स्मारिका विमोचन के अवसर पर उपस्थित जन समूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि गढ़वाल की सांस्कृतिक विरासत हमें सदियों तक जागृत करती रहेगी। उन्होंने इस अवसर पर प्रस्तुत प्रदर्शनी के अभिलेखों, चित्र, वाद्ययंत्रों, अस्त्र-शस्त्र आदि की प्रदर्शनी का लोकार्पण करते हुए कहा कि हमें इस धरोहर को संजोकर रखना है।

उन्होंने कहा कि संस्कार भारती की सफलता के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। महाराज ने स्मारिका को अद्वितीय बताया। कार्यक्रम में संस्कार भारती के प्रांतीय संरक्षक पद्मश्री डा. यशेधर मठपाल ने कहा कि पुराकाल में भारतीय संस्कृति और सभ्यता विश्वव्यापी थी, आज विश्व के तमाम देशों में जो संस्कृतियां हैं, उन पर भारतीय संस्कृति की पूरी तरह छाप है। प्रांतीय अध्यक्ष सतीश कुमार माथुर ने लोक कलाओं को सौन्दर्य बोध कराने वाला बताया तथा कहा कि इनका संरक्षण करना हम सब की जिम्मेदारी है।

क्षेत्र प्रमुख देवेन्द्र रावत ने पश्चात्य संस्कृति और भौतिकवादी जीवन पद्धति से समाज को बचाने का आग्रह किया। विशिष्ट अतिथि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हरबंस कपूर ने संस्कार भारती के आयोजनों को जनोपयोगी बताते हुए उनकी सराहना की तथा कहा कि संस्था अपने अविरल प्रयासों से निरंतर अग्रसर होती रहेगी। इस अवसर पर जिन विशिष्ट जनों ने अपने विचार रखे, जिनमे प्रांत संगठन मंत्री रोशन लाल, प्रांत उपाध्यक्षा श्रीमती सरिता कपूर के नाम शामिल हैं। दो सत्रों में संपन्न कार्यक्रम में अशोक शर्मा के कविता संग्रह तरंग का लोकार्पण भी किया गया।

कार्यक्रम में संध्या जोशी के निर्देशन में सरस्वती वंदना, ध्येय गीत तथा जागर का प्रस्तुतिकरण किया गया। नाटक व मीडिया के प्रभारी अनिल वर्मा के संयोजन में प्राचीन कला प्रमुख ठाकुर भवानी प्रताप सिंह पंवार को सम्मानित किया गया। डा. श्रीमती भवानी गुप्ता को भी स्मृति चिंह देकर सम्मानित किया गया। प्रथम सत्र का संचालन अरुण चावला तथा आभार प्रदर्शन श्रीमती सविता कपूर ने किया। तृतीय सत्र में कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसकी संयोजक व संचालक डा. ममता सिंह थी।

धनतेरस पर करें यम, कुबेर और धनवंतरि की पूजा

हिंदू धर्म में दीपावली का पर्व बहुत ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है। हमारे देश में सर्वाधिक धूमधाम से मनाए जाने वाले त्योहार दीपावली का प्रारम्भ धनतेरस से हो जाता है। धनतेरस छोटी दीवाली से एक दिन पहले मनाया जाता है। इस दिन कोई भी समान लेना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस साल धनतेरस 17 अक्टूबर को है। धनतेरस पूजा को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है।

धनतेरस के दिन धन्वन्तरी त्रयोदशी या धन्वन्तरि जयन्ती भी होती है। यह आयुर्वेद के देवता के जन्म दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन गणेश लक्ष्मी घर लाए जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन कोई किसी को उधार नहीं देता है। इसलिए सभी नई वस्तुएं लाते हैं। इस दिन लक्ष्मी और कुबेर की पूजा के साथ-साथ यमराज की भी पूजा की जाती है। पूरे वर्ष में एक मात्र यही वह दिन है, जब मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है। यह पूजा दिन में नहीं की जाती अपितु रात्रि होते समय यमराज के निमित्त एक दीपक जलाया जाता है। धनतेरस के दिन चांदी खरीदने की भी प्रथा है। अगर सम्भव न हो तो कोई बर्तन खरीदें। इसके पीछे यह कारण माना जाता है कि यह चन्द्रमा का प्रतीक है जो शीतलता प्रदान करता है और मन में सन्तोष रूपी धन का वास होता है। सन्तोष को सबसे बड़ा धन कहा गया है। जिसके पास सन्तोष है वह स्वस्थ है, सुखी है और वही सबसे धनवान है।
धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी इस दिन का विशेष महत्त्व है। शास्त्रों में इस बारे में कहा गया है कि जिन परिवारों में धनतेरस के दिन यमराज के निमित्त दीपदान किया जाता है, वहां अकाल मृत्यु नहीं होती। घरों में दीपावली की सजावट भी आज ही से प्रारम्भ हो जाती है। इस दिन घरों को स्वच्छ कर, लीप-पोतकर, चौक, रंगोली बना सायंकाल के समय दीपक जलाकर लक्ष्मी जी का आवाहन किया जाता है। इस दिन पुराने बर्तनों को बदलना व नए बर्तन खरीदना शुभ माना गया है। इस दिन चांदी के बर्तन खरीदने से तो अत्यधिक पुण्य लाभ होता है। इस दिन कार्तिक स्नान करके प्रदोष काल में घाट, गौशाला, कुआं, बावली, मंदिर आदि स्थानों पर तीन दिन तक दीपक जलाना चाहिए।
इस दिन यम के लिए आटे का दीपक बनाकर घर के मुख्य द्वार पर रखा जाता हैं इस दीप को यमदीवा अर्थात यमराज का दीपक कहा जाता है। रात को घर की स्त्रियां दीपक में तेल डालकर नई रूई की बत्ती बनाकर, चार बत्तियां जलाती हैं। दीपक की बत्ती दक्षिण दिशा की ओर रखनी चाहिए। जल, रोली, फूल, चावल, गुड़, नैवेद्य आदि सहित दीपक जलाकर स्त्रियां यम का पूजन करती हैं। चूंकि यह दीपक मृत्यु के नियन्त्रक देव यमराज के निमित्त जलाया जाता है, अत: दीप जलाते समय पूर्ण श्रद्धा से उन्हें नमन तो करें ही, साथ ही यह भी प्रार्थना करें कि वे आपके परिवार पर दया दृष्टि बनाए रखें और किसी की अकाल मृत्यु न हो। धनतेरस की शाम घर के बाहर मुख्य द्वार पर और आंगन में दीप जलाने की प्रथा भी है।
धनतेरस के दिन यमराज को प्रसन्न करने के लिए यमुना स्नान भी किया जाता है। यदि यमुना स्नान सम्भव न हो तो, स्नान करते समय यमुना जी का स्मरण मात्र कर लेने से भी यमराज प्रसन्न होते हैं, क्यों कि हिन्दु धर्म की ऐसी मान्यता है कि यमराज और देवी यमुना दोनों ही सूर्य की सन्तानें होने से आपस में भाई-बहिन हैं और दोनों में बड़ा प्रेम है। इसलिए यमराज, यमुना का स्नान करके दीपदान करने वालों से बहुत ही ज्यादा प्रसन्न होते हैं और उन्हें अकाल मृत्यु के दोष से मुक्त कर देते हैं।
धनतेरस को मृत्यु के देवता यमराज जी की पूजा करने के लिए संध्याकाल के समय एक वेदी(पट्टा) पर रोली से स्वास्तिक बनाइये। उस स्वास्तिक पर एक दीपक रखकर उसे प्रज्वलित करें और उसमें एक छिद्रयुक्त कोड़ी डाल दें। अब इस दीपक के चारों ओर तीन बार गंगा जल छिडक़ें। दीपक को रोली से तिलक लगाकर अक्षत और मिष्ठान आदि चढाएं। इसके बाद इसमें कुछ दक्षिणा आदि रख दीजिए जिसे बाद में किसी ब्राह्मण को दे देवें। अब दीपक पर कुछ पुष्पादि अर्पण करें। इसके बाद हाथ जोडक़र दीपक को प्रणाम करें और परिवार के प्रत्येक सदस्य को तिलक लगाएं। अब इस दीपक को अपने मुख्य द्वार के दाहिनी और रख दीजिए। यम पूजन करने के बाद अन्त में धनवंतरी पूजा करें।
इस प्रथा के पीछे एक लोक कथा है, कथा के अनुसार किसी समय में एक राजा थे जिनका नाम हेम था। दैव कृपा से उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। ज्योतिषियों ने जब बालक की कुण्डली बनाई तो पता चला कि बालक का विवाह जिस दिन होगा उसके ठीक चार दिन के बाद वह मृत्यु को प्राप्त होगा। राजा इस बात को जानकर बहुत दुखी हुआ और उन्होने राजकुमार को ऐसी जगह पर भेज दिया जहां किसी स्त्री की परछाई भी न पड़े। दैवयोग से एक दिन एक राजकुमारी उधर से गुजरी और दोनों एक दूसरे को देखकर मोहित हो गये और उन्होंने गन्धर्व विवाह कर लिया।
विवाह के पश्चात विधि का विधान सामने आया और विवाह के चार दिन बाद यमदूत उस राजकुमार के प्राण लेने आ पहुंचे। जब यमदूत राजकुमार के प्राण ले जा रहे थे, उस वक्त उसकी नवविवाहिता पत्नी का विलाप सुनकर उनका हृदय भी द्रवित हो उठा परन्तु विधि के अनुसार उन्हें अपना कार्य करना पड़ा। यमराज को जब यमदूत यह कर रहे थे, उसी वक्त उनमें से एक ने यमदेवता से विनती की- हे यमराज क्या कोई ऐसा उपाय नहीं है जिससे मनुष्य अकाल मृत्यु के लेख से मुक्त हो जाए। दूत के इस प्रकार अनुरोध करने से यमदेवता बोले- हे दूत अकाल मृत्यु तो कर्म की गति है। इससे मुक्ति का एक आसान तरीका मैं तुम्हें बताता हूं सो सुनो। कार्तिक कृष्ण पक्ष की रात जो प्राणी मेरे नाम से पूजन करके दीप माला दक्षिण दिशा की ओर भेंट करता है, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। यही कारण है कि लोग इस दिन घर से बाहर दक्षिण दिशा की ओर दीप जलाकर रखते हैं।
दीपावाली धन से ज्यादा स्वास्थ्य और पर्यावरण पर आधारित त्योहार है। इस दिन आयुर्वेद मनीषी धनवन्तरी का जन्मदिन है। दीपावली एक ऐसा त्योहार है जिसके अपने पर्यावरणीय निहितार्थ है। मौसम में बदलाव और दीप पर्व में घनिष्ठ सम्बन्ध है। इसे समझते हुए कृपया पर्यावरण को नुकसान पहुचाने वाली गतिविधि ना करें। पटाखों का प्रयोग न्यूनतम करें, सरसों तेल के दिये जलायें। सरसों तेल के दिये से दीपोत्सव के धार्मिक निहितार्थ सामाजिक व्यवस्था और अध्यात्मिक उन्नति में अत्यन्त सहायक है।

किडनी चोरी के आरोपों के चलते मंत्री के पति की बड़ी मुश्किलें

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नौकर की किडनी निकलवाकर दूसरी पत्‍‌नी को लगाने के आरोप में घिरे महिला एवं बाल विकास कल्याण राज्य मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ गिरधारी पप्पू की परेशानी और बढ़ गई है। हल्द्वानी पुलिस ने पीड़ित पक्ष के साथ-साथ बरेली के हिस्ट्रीशीटर रहे गिरधारी को भी बयान के लिए तलब किया है। इसी बहाने पुलिस गिरधारी की हिस्ट्रीशीट भी सामने लाएगी। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

बरेली के हिस्ट्रीशीटर गिरधारी लाल साहू के खिलाफ ताजा आपराधिक मामला धोखाधड़ी से किडनी निकालने का तब सामने आया जब पीड़ित ने एसएसपी नैनीताल को एक दिन पूर्व लिखित तहरीर सौंपी। बरेली के ग्राम जशनपुर, थाना शेरगढ़ निवासी नरेश गंगवार के इस पत्र से प्रशासन एवं शासन स्तर पर भी हड़कंप मचा हुआ है। साहू के यहां सुपरवाइजर रहे नरेश ने सीधा आरोप लगाया है कि साहू ने धोखे में रखते हुए श्रीलंका ले जाकर उसकी किडनी निकलवा ली और दूसरी पत्‍‌नी वैजयंतीमाला को ट्रांसप्लांट कर दी। यही नहीं, उसके बाद से साहू और उसका बेटा धर्मेद्र मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं। दरअसल राज्य गठन के बाद से ही साहू की सक्रियता यहां बढ़ गई थी। सोमेश्वर से राजनीति में उसने पत्‍‌नी रेखा आर्य को सक्रिय कर दिया। 2012 में विधानसभा चुनाव के दौरान साहू पर अल्मोड़ा जिला प्रशासन ने कार्रवाई की थी। इसके बाद से जमीन से जुड़े मामलों में भी साहू की संलिप्तता के मामले सामने आते रहे हैं। मार्च 2016 में राज्य में सत्ता के संग्राम के दौरान रेखा ने कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया था। इसके बाद 2017 में वह फिर भाजपा से विधायक बनी और वर्तमान में महिला एवं बाल विकास कल्याण राज्य मंत्री भी हैं। किडनी चोरी प्रकरण में पति का नाम सामने आने के बाद रेखा का कहना है कि मामले की जांच होनी चाहिए। जबकि साहू ने नरेश के सभी आरोपों को निराधार बताया है। वहीं, जांच अधिकारी कोतवाल खुशी राम पांडे ने बताया कि इस मामले में साहू एवं नरेश गंगवार दोनों के बयान लिए जाएंगे। साथ ही हिस्ट्रीशीट सहित पूरे प्रकरण की जांच कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।

वाहन रेजिस्ट्रेशन के लिये अब नहीं खाने पड़ेंगे आरटीओ के चक्कर

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अब अपने नये वाहनों के रेजिस्ट्रेशन के लिये आपको आरटीओ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राज्य़ परिवहन विभाग ने राज्यभर में डीलर प्वाइंटर रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू कर दी है। अब तक केवल देहरादून में ही यह व्यवस्था थी। इसके लिये परिवहन विभाग ने सभी ज़रूरी तैयारियां पिछले हफ्ते ही कर ली ती।

अपर आयुक्त सुनीता सिंह ने बताया कि “देश के अधिकांश राज्य इस व्यवस्था को अपना चुके हैँ। राज्य के सभी डीलर को इस बाबत अपडेट किया जा चुका है। राज्य में हर महीने करीब 17 हजार छोटे-बडे़ वाहनों का रजिस्ट्रेशन होता है।”

सोमवार से डीलर प्वाइंट रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है।इसके तहत वाहन खरीदने वाले व्यक्ति को किसी भी प्रकार की परेशानी होती है तो वो तत्काल परिवहन विभाग से संपर्क कर सकता है। वहीं अब परिवहन विभाग की जिम्मेदारियों में इज़ाफा हो गया है। डीलरों के पास अकसर रेजिस्ट्रेशन के लिये ज्यादा पैसे लेने की शिकायते आती रहती हैं। इन शिकायतों से निपटना विभाग के लिये चुनौती पूर्ण रहेगा।

वहीं अबी भी डीलर प्वाइंट व्यवस्था के साथ-साथ परिवहन विभाग ने विकल्प के रूप में आरटीओ-एरआटीओ दफ्तरो में एक काउंटर रजिस्ट्रेशन के लिए रखा है। इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या से यदि डीलर प्वाइंट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन न हो पा रहा हो तो परिवहन विभाग में आकर भी रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।

भाजपा पीएम मोदी को बना रही धर्म पुरुष: हरीश रावत

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पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हिन्दू धर्म पर राजनीति करने वाली भाजपा अब संतों से भी ऊपर है। यही कारण है कि पीएम मोदी धर्म पुरुष बनकर शंकराचार्य के हिस्से का काम भी स्वयं कर रहे हैं।

सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस के किए कार्यों को वर्तमान सरकार शिलापट लगाकर अपना नाम जोड़ने की योजना चला रखी है। इसी योजना के तहत भाजपा केदारनाथ और केदारपूरी में कांग्रेस सरकार द्वारा किए गए कार्यों पर पुराने नाम हटाकर नए शिलापट् लगाकर प्रधानमंत्री के हाथों जनता को परोस रही है।
हरीश रावत ने पीएम को केदारनाथ में अाने का स्वागत करते हुए कहा कि ‘मैं अपने कार्यकाल के दौरान चारों पीठ के शंकराचार्य द्वारा समाधि स्थल का शिलान्यास कराने की योजना बनाई थी।’ लेकिन वर्तमान सरकार को पीएम मोदी सबसे उपर दिख रहे है और उन्हें संतों की गरीमा नही अपनी सुविधा से मतलब है। अगर ऐसा नही है तो वह संत का काम अपने हाथ से न करके संतों के द्वारा करवाते।
पूर्व सीएम ने भाजपा को जुमले वाली सरकार बताते हुए कहा कि डबल इंजन की प्रदेश को फायदा नही मिल रहा है। दिल्ली से जो तेल मिला है उससे सरकार आगे नही बढ़ पा रही है और ‘घरघर’ कर डबल इंजन की सरकार चल रही है। यही कारण है कि इस सरकार का कार्य धरातल पर नही दिख रहा है।
हरीश रावत ने भाजपा सरकार को विकासविरोधी बताते हुए कहा कि इस सरकार को जनता के कार्यो को कोइ लेना देना नही है। प्रदेश पूरी तरह अव्यवस्थाओं के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में उत्तराखण्ड विरोधी पार्टी भाजपा से जनता का मन उबने लगा है। क्योंकि भाजपा के कथनी और करनी और उसके नीतियों में काफी अंतर देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि गुरदासपुर उपचुनाव के नतीजे से कांग्रेस को लाभ मिलेगा और भाजपा के लिए यह झटका है। भाजपा सरकार के विफलताओं को लोकतांत्रितक तरीके से कांग्रेस जनता के बीच आवाज बनकर उभरेगी।
हरीश रावत ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि कांग्रेस के शासन में चारधाम सहित प्रदेश में अनेकों बेहतर योजनाए लाई गई। लेकिन भाजपा सरकार इस कार्य को गति नही दे पाई, जिससे जनता में आक्रोश बना हुआ है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ में विकास का काम पूरी तरह ठप पड़ा हुुआ है केवल ताड़बाड़ का काम चल रहा है।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने बताया कि पिछले दिनों धारचूला,सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों का प्रवास किया और इस दौरान पंश्चेवर बांध सहित अन्य जनहित मुदृों पर लोगों से मिलकर बातचीत की। कहा कि पंश्चेवर बांध पर एक कमेटी बनाई गई है जो ग्रमीणों की समस्याओं को समझेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में चारो तरफ निरासा का माहौल बना हुआ है। त्यौहारों होने के बावजूद भी बाजार में गुलजार देखने को नही मिल रहा है। उन्होंने अगस्तमुनी, चन्द्रमणी सहित अन्य जगहों पर चंद लोगों की आवागमन को लेकर सरकार की नीतियों पर प्रहार किया। कहा कि ऐसे में प्रदेश से पलायन व बेरोजगार की सामना कैसे किया जा सकता है।
राज्य मंत्री रेखा आर्या के पति के सवालों पर कन्नी काटते हुए कहा कि इसे राजनीति के लोगों को जुबान खोलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मानवीय संवदेना से खेलने वाले पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही कहा कि हम कभी भी जमीन घोटाला करने वाले के पक्ष में नही रहे है ऐसे लोगों को खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के पक्षधर है। सरकार में रहते हुए ऐसे लोगों के विरोध में काम किया था। 

फिल्मकार लेख टंडन का अंतिम संस्कार हुआ

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दिवंगत फिल्मकार लेख टंडन का आज मुंबई के विक्रोली इलाके के शमशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। 88 वर्षीय लेख टंडन का कल शाम अपने निवास स्थान पर देहांत हो गया था। वे काफी समय से बीमार बताए जा रहे थे। अपने कैरिअर के शुरुआती दौर में लेख टंडन राजकपूर के सहायक निर्देशक भी रहे। बतौर निर्देशक लेख टंडन का फिल्मी सफर 1962 में शम्मी कपूर के साथ बनी फिल्म प्रोफेसर से शुरु हुआ।

1966 में उन्होंने सुनील दत्त और वैजयंती माला बाली के साथ बनी फिल्म आम्रपाली का निर्देशन किया। 1969 में बनी प्रिंस (शम्मी कपूर) भी हिट साबित हुई। 1977 में उनके निर्देशन में बनी फिल्म दुल्हन वही, जो पिया तमन भाए बाक्स आफिस पर सुपर हिट साबित हुई। लेख टंडन के निर्देशन में बनी अन्य फिल्मो में झुक गया आसमान, जहां प्यार मिले, एक बार कहो, शारदा, खुदा कसम, दूसरी दुल्हन, अगर तुम न होते, उत्तरायन और 1997 की दो राहें के नाम प्रमुख रहे। दो राहें उनके निर्देशन में बनी अंतिम फिल्म थी।

लेख टंडन ने 90 के दशक में टीवी सीरियलों का निर्देशन भी किया। शाहरुख खान की खोज उन्होने ही की थी। लेख टंडन ने शाहरुख खान को अपने सीरियल दिल दरिया के लिए कास्ट किया था। इसकी शूटिंग भी हुई थी, लेकिन कुछ कारणों से ये सीरियल लटक गया और शाहरुख खान का फौजी पहले टेलीकास्ट हो गया।

लेख टंडन के प्रसिद्ध सीरियलों में फिर वही तलाश और फरमान रहे। उनको एक्टिंग का भी शौक था। आशुतोष गोवारिकर की स्वदेस, अमोल पालेकर की पहेली, राकेश मेहरा की रंग दे बसंती, राजकुमार संतोषी की हल्ला बोल और रोहित शेट्टी की चेन्नई एक्सप्रेस में उन्होंने शाहरुख खान के दादा जी का रोल किया था, जो सचिन तेंदुलकर का मैच देखते हुए स्वर्ग सिधार जाते हैं।

लेख टंडन के निधन पर कई फिल्मी हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर शबाना आजमी, शेखर कपूर, आशुतोष गोवारिकर, अशोक पंडित ने उनके निधन पर शोक जताया, लेकिन कोई भी फिल्मी हस्ती उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुई। मंगलवार को लेख टंडन की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना दिवस होगी।

नैनीताल पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 32 किलो चरस के साथ 3 गिरफ्तार

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हल्द्वानी, एसएसपी जन्मेजय खंडूरी द्वारा नशे के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत पुलिस को मिली बड़ी सफलता। एसओ चोरगलिया संजय जोशी ने मुखबिर की सुचना पर 32 किलो चरस के साथ 3 तस्करों को किया। गिरफ्तार तस्कर पहाड़ से चरस लाकर मैदानी क्षेत्रों में करते थे सप्लाई, तस्कर यूपी मुजफ्फरनगर शामली के रहने वाले है, जो लम्बे समय से चरस की तस्करी कर रहे थे। पकड़ी गयी चरस की कीमत डेढ़ करोड़ रूपये बताई जा रही है, पुलिस ने तस्करों से एक गाड़ी भी बरामद की।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से राज्य भर में नशे के बढ़ते कारोबार पर लगाम लगाने के लिये सभी ज़िलों की पुलिस खास अभियान चला रही है। इसी सिलसिले में खुद डीजीपी और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने पुलिस कप्तानों को कारगर एक्शन लेने के लिये कहा है। इसके चलते नैनीताल इलाके में पुलिस को नशे के खिलाफ अपने अभियान में लगातार सफलताऐं मिल रही हैं।

मुकेश अंबानी पहुंचे बद्री-केदार धाम, समिति पर की दान की बारिश

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देश के प्रमुख उद्योगपति और रिलायंस समूह के मालिक मुकेश अंबानी सोमवार को बद्रीनाथ-केदारनाथ के दर्शनों के लिये पहुंचे। इस दौरान अंबानी ने मदिर समिति को मंंदिरके रखरखाव और अन्य कामों के लिये कापी दान दक्षिणा भी दी। उन्होंने करीब ढाई करोड़ मंदिर समिति को धार्मिक कार्यों के लिये देने की घोषणा की। मुकेश अंबानी चारधाम यात्रा की शुरुआत के वक्त भी बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर पहुंचे थे।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ बीडी सिंह ने बताया कि “सुबह सबसे पहले उद्योगपति मुकेश अंबानी बदरीनाथ पहुंचे। यहां उन्होंने पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह केदारनाथ धाम पहुंचे।” हाल ही में रिलायंस समूह द्वारा लांच किये गये जियो की कामयाबी से भी अंबानी की यात्रा को जोड़कर देखा जा रहा है। अंबानी ने यहां मंदिर में चंदन आदि खरीदने के लिये एक करोजड 51 लख दान दिये।

मंदिर में भगवान के गहनों आदि के लिये भी अंबानी ने 71 लाख रुपये दिये। और साथ साथ बद्रीनाथ में अपने बेटे के नाम पर बने एनंत आश्रम का उद्धाटन किया। गौरतलब है कि पूरे अंबानी परिवार का बद्री-केदार मंदिर से पुराना संबंध रहा है। मुकेश के छोटे भाई अनिल अंबानी भी हर साल धामों के दर्शन के लिये आते रहे हैं।

दिपावली में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी रहेगी बंद

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देहरादून, राज्य में सरकारी अवकाश के दिन अब राजकीय अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी अस्पतालों में ओपीडी नहीं चलेगी। प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ (पीएचएमएस) ने ये निर्णय लिया है और शासन के साथ ही स्वास्थ्य महानिदेशाल को अवगत करा दिया है। निर्णय केवल ओपीडी के लिये लिया गया है, इमरजेंसी ड्यूटी एवं पोस्टमार्टम ड्यूटी पहले की तरह सरकारी छुट्टी के दिन चलेंगी।
पीएचएमएस संघ की वर्किंग कमेटी के समन्वयक डॉ एनएस बिष्ट ने बताया कि, सरकारी अवकाश के दिन भी डाक्टर ओपीडी ड्यूटी करने आता है। पीएचएमएस संघ की राज्य गठन के बाद से ही मांग रही है कि इसके लिये डाक्टरों को एक अतिरिक्त महीने का वेतन दिया जाए लेकिन इस पर कभी कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसलिए पीएचएमएस संघ की वर्किंग कमेटी का ये निर्णय लेना पड़ा है कि सभी सरकारी अवकाश के दिन प्रदेश में ओपीडी बंद रहेगी। इसके अतिरिक्त ये भी निर्णय लिया गया है जिन डाक्टरों की सरकारी अवकाश के लिए पोस्टमार्टम ड्यूटी और इमरजेंसी ड्यूटी लगेगी, उन्हेें किसी अन्य दिन अवकाश दिया जायेगा।