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पुलिस के चुंगल से फरार हुआ कैदी

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नानकमत्ता, खटीमा स्थित एसीजेएम कोर्ट के आदेश पर उप कारागार हल्द्वानी में दाखिल करने लाया जा रहा स्मैक तस्कर चोगरलिया-गौलापार के बीच में जंगल में हथकड़ी समेत फरार हो गया। उल्टी आने की बात कहकर तस्कर ने पुलिस की कार रुकवाई थी। चोरगलिया व नामकमत्ता थाना पुलिस के साथ ही ऊधमसिंह नगर जिले के कई थानों की पुलिस देर रात तक तस्कर को पकड़ने के लिए जंगल में कांबिंग करती रही।

नानकमत्ता थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि सोमवार की सुबह क्षेत्र के शीतलपुर बिलसंडा निवासी अलमजीत सिंह को 4.80 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया था। आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा पंजीकृत किया गया। उसे खटीमा स्थित एसीजेएम के न्यायालय में पेश कर हल्द्वानी स्थित उपकारागार ले जाया जा रहा था। तस्कर को नानकमत्ता थाने का सिपाही कमल गोस्वामी और होमगार्ड सुनील कार से हल्द्वानी ले जा रहे थे।

कार सिपाही कमल चला रहा था। करीब पौने पांच बजे चोरगलिया-गौलापार जंगल में अलमजीत ने उल्टी आने की शिकायत की। इस पर सिपाही ने कार सड़क किनारे रोक ली। उल्टी के बहाने कार से उतरते ही अलमजीत ने हथकड़ी समेत सड़क से उत्तर की ओर जंगल में दौड़ लगा दी। दोनों जवान पकड़ने के लिए पीछे भागे, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। सिपाही ने तुरंत इसकी सूचना नानकमत्ता थानाध्यक्ष अशोक कुमार और चोरगलिया थानाध्यक्ष संजय जोशी को दी।

आला अफसरों तक मामला पहुंचा तो नैनीताल और ऊधम सिंह जिला पुलिस को अलर्ट कर चोरगलिया से लेकर शक्तिफार्म के बीच के जंगल में दोनों ओर से कांबिंग शुरू कर दी गई। देर रात तक दोनों जिलों की पुलिस अलमजीत को जंगल में तलाश रही थीं। चोरगलिया थानाध्यक्ष संजय जोशी ने बताया कि नानकमत्ता पुलिस की ओर से तहरीर मिलने पर चोरगलिया थाने में अलमजीत के विरुद्ध पुलिस अभिरक्षा के भागने का मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा।

अनुकृति गुसाईं का ग्रैंड फिनाले जीत के लिए ऋषिकेश में किया गया हवन

ऋषिकेश, गढ़वाल महासभा एवं उड़ान फाउंडेशन के सँयुक्त तत्वाधान में आज उत्तराखण्ड की बेटी अनुकृति गुसाईं (मिस ग्रेंड इंडिया) के वियतनाम में कल 25 अक्टूबर को ग्रेंड इंटरनेशनल प्रतियोगिता के फिनाले में जीत के लिए हवन यज्ञ कर आहुति डाली।

लेकिन अनुकृति की अच्छी परफॉर्मेसन से इस बार भारत की उम्मीद जागी है। प्रतियोगिता के फाइनल के लिए अनुकृति द्वारा जो डाक्यूमेंट्री स्टॉप फार वॉर थीम पर बनाई गई है उसके साथ ही इस वीडियो में उत्तराखण्ड पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु ऋषिकेश योग एवम गरीब बच्चो को शिक्षा दे रहा उड़ान स्कूल की झलक भी देखने को मिलेगी।

महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजे नेगी ने बताया कि 80 देशो के बीच वियतनाम में 8 अक्टूबर से चल रही मिस ग्रेंड इंटरनेशनल प्रतियोगिता में अनुकृति भारत का प्रतिनिधित्व कर रही है। कल यानि 25 अक्टूबर को प्रतियोगिट्स का फाइनल होना है। प्रतियोगिता में अब तक अनुकृति की परफॉर्मेसन अच्छी रही है इंटरनेशनल कॉस्ट्यूम में अनुकृति टॉप 8 में जगह बना चुकी है। पिछले एक दशक सेअब तक इस प्रतियोगिता में भारत कभी भी नही जीत पाया है। स्टोरी मेल पर है पर्यटन पर्व 2017

वर्ष 2014 में भी अनुकृति मिस एशिया पैसेफिक वर्ल्ड की टॉप 5 फाईनिलिस्ट रह चुकी है। मूलरूप से उत्तराखण्ड के पौड़ी जनपद के लैंसडाउन क्षेत्र में रहने वाली अनुकृति सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग है। अनुकृति की जीत के लिए हवन यज्ञ में आहुति डाल जीत की कामना करने वालो में गढ़वाल महासभा के उपाध्यक् आचार्य जनार्धन केर वान, पंडित अंकित नैथानी उत्तम सिंह असवाल, रमेश लिंगवाल, रवि कुकरेती, राजा ढिंगरा, अजय भटनागर निधि शर्मा ऋचा रावत पूजा नेगी मंजू देवी आशुतोष कुड़ियाल शामिल थे।और ऋषिकेश में निशुल्क शिक्षण संस्थान उड़ान प्रोजेक्ट से जुड़कर गरीब बच्चो की पढ़ाई में अपना सहयोग दे रही है।

उत्पल कुमार सिंह होंगे उत्तराखंड के नये मुख्य सचिव

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उत्तराखंड को उत्पल कुमार सिंह के रूप में नये मुख्य सचिव मिलने जा रहा है। उत्तराखंड कैडर के सिंह राज्य के वरिष्ठ आईएएस अफसर हैं और इस समय दिल्ली में खाद्य मंत्रालय में तैनात हैं। सिंह को केंद्र से रिलीव करने के लिये सरकार ने चिट्ठी लिखी थी जिसके चलते मंगलवार को सिंह को केंद्र सरकार ने रिलीव कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक कुछ दिनों में ही सिंह मुख्य सचिव का पद संभाल लेंगे। सिंह अपनी साफगोई और ईमानदारी के लिये जाने जाते हैं। और शायद ये गुण राज्य में मोदी निशन को कारगर तरीके से लागू करने में काम आये।

झारखंड में पैदा हुए सिंह दिल्ली युनिवर्सिटी से इतिहास में पोस्ट ग्रेजुयेट हैं। 1986 बैच के आईएस अधिकारी सिंह के पास अभी सेवा के तीन साल और बचे हैं।सिंह प्रमुख सचिव कार्मिक, लोक निर्माण, ऊर्जा, कृषि, अद्यान, पर्यटन, गृह, समेत कई विभाग संभाल चुके हैं।  इससे पहले सिंह नैनीताल और शाहजहांपुर के जिलाधिकारी रह चुके हैं। इसके बाद राज्य बनने का बाद सिंह ने उत्तराखंड कैडर चुन लिया था। 

उत्पल कुमार सिंह ने अलग अलग पदों पर नारायण दत्त तिवारी, भुवन चंद्र खंडूरी और रमेश पोखरियाल निशंक के सीएम कार्यकाल के दौरान काम किया है। इसके अलावा उन्होने ने हार्वर्ड युनिवर्सिटी से भी कोर्स किया है।

क्यों होगा इन चार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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उत्तराखंड़ के चार बडे अधिकारियों पर मातृ सदन सीपीसीबी के आदेश के उल्लघन के मामले में मुकदमा कराने जा रहा है। एक्ट के तहत मातृसदन उत्तराखंड के पूर्व खनन सचिव शैलेष बगोली, औद्योगिक सचिव आनंदवर्धन, हरिद्वार के पूर्व उपजिलाधिकारी हरबंस चुघ और वर्तमान जिलाधिकारी दीपक रावत पर मुकदमा करने जा रहा है। मातृ सदन के मुताबिक सीपीसीबी के आदेश गंगा में खनन और पांच किलोमीटर क्रसिंग पर प्रतिबंध का उल्लघन किया गया हैं। यही नहीं मातृ सदन हाईकोर्ट में अवमानना को लेकर भी मुकदमा करने जा रहा है। मातृ सदन ने आगामी 30 अक्टूबर से खनन खोले जाने के विरोध में तपस्या की घोषणा की है।

शनिवार को मातृ सदन के स्वामी शिवानंद ने बताया कि छह दिसंबर 2016 को सीपीसीबी ने गंगा में खनन को प्रतिबंधित किया और क्रेसरों को गंगा से पांच किलामीटर दूर करने का आदेश दिया था। लेकिन शासन, प्रशासन ने अभी तक इस संबंध में किसी तरह का ठोस कदम नहीं उठाया। इसको लेकर मातृ सदन ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा करने की तैयारी कर ली है। स्वामी शिवानंद ने बताया कि इसके लिए प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। आगामी कार्यदिवस में जिला कोर्ट में इस मुकदमे को फाइल कर दिया जाएगा। शिवानंद ने बताया कि ईपी एक्ट के तहत इस मामले में दोषी पाए जाने पर पांच से सात साल की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता हैं।
मातृ सदन के स्वामी शिवानंद ने गंगा में खनन खुलने और स्टोन क्रेसरों के चालू किए जाने के पूर्व अंदेशे के चलते तपस्या का ऐलान कर दिया है। स्वामी शिवानंद ने बताया कि यदि खनन खुला तो वे 30 अक्टूबर से तपस्या करेंगे। उन्होंने बताया कि गंगा में खनन खोलने की तैयारी सरकार कर रही है। यही नहीं इसके विरोध में उन्होने मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा है। उन्होंने इसके पीछे हुए कथित लेनदेन की जांच कराने की मांग की है।

फेसबुक फ्रेंड पर लगाया रेप का आरोप

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रुड़की, फेसबुक पर दोस्ती हुई और तीन युवतियां दोस्त से मिलने कर्नाटक से कलियर पहुंच गई। फेसबुक फ्रेंड भी लड़कियों के बुलाने गंगोह से कलियर पहुंच गए। लेकिन मुलाकात के बाद युवकों पर युवतियों ने रेप का आरोप लगाया और हंगामा कर दिया। पुलिस ने फिलहाल दो युवकों पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कर्नाटक की एक युवती की गंगोह सहारनपुर निवासी सचिन से फेसबुक पर दोस्ती हो गयी। बात आगे बढ़ी तो दोनों ने मिलने का प्रोग्राम बनाया और स्थान तय किया गया कलियर। रविवार शाम युवती दो सहेलियों के साथ कलियर पहुंची औऱ गेस्ट हाउस में कमरा लिया। उसके बाद उन्होंने सचिन को फोन करके कलियर बुलाया। सचिन अपने साथी मोनू को साथ लेकर किराये की टैक्सी से कलियर पहुंच गया। सब लोग आपस में मिले और थोड़ी देर में दो युवती सचिन और उसके दोस्त के साथ घूमने चली गयी। तीसरी सहेली वहीं रुक गयी। कुछ देर बाद जब चारों लौट कर आये तो दोनों युवतियो ने अपनी सहेली को बताया कि दोनों युवकों ने उनके साथ रेप किया है। इस पर युवतियों ने हंगामा शुरू कर दिया। मामला बढ़ता देख युवक फरार हो गए, लेकिन युवतियों ने टैक्सी ड्राइवर को पकड़ लिया और थाने ले आयी। वहीं ड्राइवर के बुलाने पर सचिन भी थाने पहुंच गया। पुलिस ने युवतियों की तहरीर पर सचिन और मोनू के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कर लिया है। युवतियों का मेडिकल करवाया गया है। थाना प्रभारी देवराज शर्मा का कहना है कि रेप का मुकदमा दर्ज कर एक युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।

धूमिल हो रही है हिमालय की चकाचौंध

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नैनीताल से विराट हिमालय के दर्शन में भी वायु प्रदूषण व नमी की बाधा आड़े आ रही है। अक्टूबर बीतने को है और धुंध के आवरण से नैनीताल समेत ऊंचाई वाले इलाकों से हिमालय की आभा आंखों से ओझल है। नैनीताल की मनोहारी सुंदरता के साथ हिमालय दर्शन यहां के पर्यटन का  मुख्य आकर्षण रहा है। यहां चार स्थान हैं, जहां से हिमालय नजर आता है। मानसून थमने के बाद अमूमन सितंबर के अंत से हिमालय साफ चांदी की तरह चमकता नजर आने लगता है और अक्टूबर शुरू होते ही इसकी चमक में चार चांद लग जाते हैं। इसे निहारने के लिए इस दौरान देसी- विदेशी सैलानी यहां पहुंचते हैं। परंतु इस बार हिमालय की चमक धुंधला गई है।

दशहरे से हिमालय दिखना शुरू तो हुआ, लेकिन उसकी चमक में अभी तक निखार नहीं आ पाया है। सुबह सूर्य की किरणें हिमालय की चोटियों पर पड़ते ही, जो लालिमा नजर आती थी, वह नदारद है। स्थानीय लोग इसके पीछे काफी हद तक वायु प्रदूषण को जिम्मेदार ठहराते हैं। 

यहां से नजर आने वाली  चोटियों में सबसे उंची चोटी नंदा देवी की है। यह समुद्रतल से 6611 मीटर उंचाई पर स्थित है। चौखंबा, पंचाचूली, त्रिशूल, छोटी नंदा देवी व नंदा घुटी प्रमुख हैं। जिन्हें स्नोव्यू, नयनापीक, टीफिनटॉप व हिमालय दर्शन से देखा जा सकता है। 

आर्यभटट् प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वायुमंडीय वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह का कहना है कि मानसून के अंतिम चरण में हुई बारिश के कारण हिमालय के वातावरण में नमी बरकरार है। इस कारण हिमालय स्पष्ट नजर नहीं आ रहा है। यह नमी ज्यादा दिन तक नहीं रहेगी। ड्राई होते ही चमक भी नजर आनी शुरू हो जाएगी।

अब बोर्ड पेटर्न पर होंगी माध्यमिक की परीक्षाएं

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अब माध्यमिक विद्यालयों की गृह परीक्षाएं भी उत्तराखंड बोर्ड के पैटर्न पर होंगी। इसके लिए बोर्ड ने कवायद शुरू कर दी है। इसका मकसद अन्य शिक्षकों को भी बोर्ड के मूल्यांकन के लिए मानसिक रूप से तैयार करना है। साथ ही परीक्षार्थी भी बोर्ड परीक्षा के लिए पहले से तैयार हो सकेंगे।

कक्षा नौ, दस, 11 और 12वीं में छह माह में होने वाली गृह परीक्षाओं का प्रश्नपत्र प्रत्येक जिले की जिला स्तरीय समिति द्वारा तैयार किए जाते हैं, लेकिन प्रश्नपत्र का निर्माण हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा कराने वाली उत्तराखंड बोर्ड के पैटर्न के हिसाब से नहीं होता है। गृह परीक्षा के प्रश्नपत्र में यूनिट वार अंकों का विभाजन बोर्ड के प्रश्नपत्र से भिन्न होता है। ऐसे में परीक्षार्थी गृह परीक्षा के हिसाब से ही बोर्ड की भी तैयारियां करता है, लेकिन अब उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने बोर्ड के पैटर्न को भी गृह परीक्षाओं में लागू करने की रूपरेखा तय कर ली है। परिषदीय अधिकारियों का मानना है कि गृह परीक्षाओं में भी उत्तराखंड बोर्ड के प्रश्नपत्रों का पैटर्न लागू होने से परीक्षार्थियों एवं शिक्षकों को परेशानी नहीं होगी। परीक्षार्थी जहां बोर्ड परीक्षा में आने वाले प्रश्नों के अंक विभाजन को पहले से ही समझकर उसी हिसाब से तैयारी करेगा। साथ ही शिक्षकों को भी गृह परीक्षा में ही बोर्ड का प्रश्नपत्रों का पैटर्न पता चल जाएगा। 

सचिव (उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर) वीपी सिमल्टी का कहना है कि बोर्ड के प्रश्नपत्र के पैटर्न को भी गृह परीक्षा में लागू कराया जाएगा। इससे बेहतर मूल्यांकन में बढ़ोत्तरी होगी। वहीं शिक्षक भी बोर्ड के मूल्याकंन के लिए मानसिक रूप से तैयार हो सकेंगे।

दून की महिलाओं को पुलिस देगी फ्री पार्किंग

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देहरादून में बद से बदत्तर हो रही ट्रैफिक व्यवस्था पर काबू पाने के लिये और महिलाओं की सुरक्षा औऱ सुविधा के लिये ट्रैफिक विभाग शहर में महिलाओं के लिये डेडिकेटड औऱ फ्री पार्किंग स्पॉट बनाने जा रहा है। शहर मे तीन जगह बनने वाले इन फ्री पार्किंग स्थानों को लेकर विभाग ने सभी तैयारियां कर ली हैं। इस बारे में जानकरी देते हुए सहायक इंस्पेकटर जनरल (ट्रैफिक) केवल खुराना ने बताया कि “शहर में महिलाओं के लिये तीन फ्री पार्किंग स्थल चिन्हित किये गये हैं। ये पार्किंग स्थल बल्लूपुर चौक, घंटा घर और ईसी रोड पर बनाये जायेंगे। ये फैसला महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है”।

जानकार हांलाकि पुलिस के इस फैसले की कारगरता से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है लोकिन विभाग के इस कदम को एक मौका ज़रूर देना चाह रहे हैं। “ये कदम कितना कारगर साबित होगा ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा लेकिन देहरादून की चरमराती ट्रैफिक व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा के लिये निरंतर नये कदम उठाते रहना बेहद ज़रूरी है” ये कहना है देहरादून निवासी अनूप नौटियाल का।

केवल खुराने का कहना है कि शहर भर में तकरीबन 70 जगहों पर फ्री पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है जिनमें से 14 चालू हैं और केवल तीन ही महिलाओं के लिये आरक्षित किये गये है। खुराना कहते हैं कि लोगों को कही ंभी गाड़ी खड़ी करने की आदत है इसलिये हम लोगों के लिये फ्री पार्किंग स्थान बना रहे हैं। इसके अलावा हमने नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने का दंड भी 400  से बड़ा कर 1000 रुपये कर दिया है।

गौरतलब है कि औसतन देहरादून में करीब 2.5 लाख गाड़ियां रोजाना सड़कों पर उतरती हैं। इसके अलावा 270 बसे, 1200 विक्रम, औऱ 2500 कमर्शियल लोडर भी हैं।

 

ग्राम सदस्य ने की प्रधान की पीएम पोर्टल पर शिकायत

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हरिद्वार,  विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाते हुए ग्राम प्रधान की शिकायत पीएम पोर्टल पर की गई है। ग्राम पंचायत सदस्य ने शिकायत में जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
मामला बहादराबाद विकास खंड क्षेत्र की अहमदपुर ग्रंट ग्राम पंचायत का है। यहां के ग्राम पंचायत सदस्य सुरेंद्र कुमार ने प्रधानमंत्री पोर्टल पर शिकायत करते हुए कहा कि ग्रामप्रधान यशपाल सैनी की ओर से पंचायत में किए जा रहे विकास कार्यों में सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। प्रधान की ओर से श्मशान घाट व पंचायत घर के सौंदर्यीकरण और अन्य विकास कार्यों में आयकर और बिक्री कर तथा रॉयल्टी की कटौती नहीं की है। इससे सरकार को हानि पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना से बने शौचालयों में लाभार्थियों को नकद धनराशि बांटकर कमीशनखोरी की जा रही है। जिससे लाभार्थियों को योजना के अनुसार पूरा पैसा नहीं मिल पा रहा है। साथ ही शौचालयों की अवैध रूप से पुताई के नाम पर ग्राम प्रधान की ओर से 200 रुपये प्रत्येक शौचालय धारक से लिए गए हैं। गांव में बने आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन में मजदूरी के नाम पर पांच किलोमीटर से अधिक दूर के मजदूर कार्य करते दिखाए गए हैं। जिनसे सांठगांठ कर ग्राम प्रधान ने मजदूरों से कमीशन लिया है। जबकि गांव के बेरोजगार लोगों को आंगनबाड़ी भवन निर्माण में कार्य न देकर रोजगार से वंचित किया गया है। उधर, प्रधान यशपाल सैनी का कहना है उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। उनकी ओर से एक भी रुपये की हेराफेरी नहीं की गई है। यह पहले हुई जांच में भी साबित हो चुका है। कुछ लोग रंजिशन राजनीति के तहत उन्हें फंसाने और बदनाम करने काम कर रहे हैं।

छह दिनों से कोटा गांव में पसरा अंधेरा

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विकासनगर/चकराता, कालसी ब्लाक की डिमऊ पंचायत के कोटा मजरे में ऊर्जा निगम की लापरवाही के चलते पिछले पांच दिनों से अंधेरा पसरा हुआ है। दो दर्जन से अधिक परिवार परेशानी झेल रहे हैं। गांव को विद्युत आपूर्ति करने वाले ट्रांसफार्मर से मजरे तक जाने वाली बिजली की तार टूटकर जमीन पर गिर गई है। ग्रामीण कई बार निगम अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से 30 अक्टूबर से मनाए जाने वाले ग्यास पर्व के भी फीके रहने की आशंका है।
जौनसार-बावर परगना में ऊर्जा निगम की लापरवाही से अक्सर ग्रामीण कई अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। लाइन में तकनीकी खराबी आने, लाइन क्षतिग्रस्त हो जाने या ट्रांसफार्मर फुंक जाने के बाद बाधित बिजली आपूर्ति को सुचारु करने के लिए निगमकर्मी कार्रवाई नहीं करते। इन दिनों निगम की लापरवाही का खामियाजा कालसी ब्लाक की डिमऊ पंचायत अंतर्गत कोटा मजरे के दो दर्जन परिवार झेल रहे हैं। पांच दिन पूर्व मजरे को ट्रांसफार्मर से जाने वाली बिजली की तार टूट गई थी, जिसे निगम कर्मियों ने ठीक नहीं किया।
स्थानीय बाशिंदे प्रताप सिंह, धन सिंह, पूर्ण सिंह, गजेंद्र सिंह, मुन्ना सिंह ने बताया कि तार टूटने की सूचना निगम अधिकारियों को पांच दिन पूर्व ही दी थी, लेकिन अभी तक क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत करने ऊर्जा निगम का कोई भी कारिंदा गांव में नहीं आया है। इन दिनों ग्रामीण 30 अक्टूबर से शुरू होने वाले ग्यास पर्व की तैयारियां कर रहे हैं। ऐसे में पर्व के भी फीके रहने की आशंका है। उधर, ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता ने बताया कि संबंधित एसडीओ को क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत करने के निर्देश दे दिए गए हैं। शीघ्र ही आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।