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मौसम के बदलने से बीमार हो रहे हैं लोग

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ऋषिकेश। तीर्थनगरी में अचानक मौसम ने करवट बदल ली है। सुबह शाम बह रही ठंडी हवाओं ने मौसम के मिजाज को एकदम से बदल दिया है। पिछले दो दिनों से मौसम में आए परिवर्तन से सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। एम्स अस्पताल की ओपीडी में जहां इन दो दिनों मे सैकड़ों मरीज पहुंचे, वहीं राजकीय चिकित्सालय मे भी कुछ ऐसी ही तस्वीर दिखी।

इस बार अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक दिन में तेज धूप होने से लोग गर्मी से परेशान थे, लेकिन अब मौसम ने तेजी से करवट बदली है। रात के मौसम में इन दो दिनों मे बदलाव हुआ है। रात में हल्की ठंडक होने लगी है। सुबह-शाम हल्की सर्दी का एहसास होने लगा है। मौसम के इस उतार चढ़ाव से वायरल फीवर, सर्दी, जुकाम, बच्चों में कोल्ड डायरिया जैसी बीमारियां फैलने लगी हैं। हालांकि, दिन के समय अभी सर्दी नहीं है।
मौसम के बदलते मिजाज ने नगर के तमाम प्राइवेट अस्पतलो मे भी मरीजों की संख्या बढ़ा दी है। सामान्य दिनों में के मुकाबले से यह संख्या दोगुनी हो गई है। निर्मल हास्पिटल के फिजिशियन डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि मौसम में बदलाव से मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसमें सबसे ज्यादा मरीज वायरल फीवर के आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों में कोल्ड डायरिया के मामले सामने आ रहे हैं। उनका कहना है कि मौसम परिवर्तन से बुखार, जुकाम, सर्दी, खांसी के मरीज बड़ी संख्या में अस्पताल में पहुंच रहे हैं। मौसम में बदलाव के दौरान खान पान व रहन सहन पर ध्यान दिया जाना अति आवश्यक है। तभी मौसमी बीमारियों के प्रकोप बचा जा सकता है।

नियुक्ति का इंतजार कर रहे 1700 शिक्षक

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देहरादून। राजकीय माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत एलटी शिक्षकों को प्रवक्ता संवर्ग में तदर्थ पदोन्नति मिलने के बाद भी नियुक्ति का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। गौर हो कि शिक्षा मंत्री ने तदर्थ पदोन्नति की घोषणा कर 15 दिनों में नियुक्ति करने की भी बात की थी लेकिन 15 दिनो से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी अब तक नियुक्ति नहीं मिल पाई है। हालांकि विभाग ने गढ़वाल और कुमाउ से रिक्त पदों को लेकर लिस्ट तलब की है।

शिक्षक संगठनों की एलटी शिक्षकों को प्रवक्ता के पदों पर तदर्थ पदोन्नति की प्रमुख मांग को पूरा करने के बाद भी विभाग अब तक शिक्षकों को स्कूलों में तैनाती नहीं मिल पाई है। बतादें कि करीब 1700 शिक्षकों को नई तैनाती मिलनी है। जिससे सूबे की शिक्षा महकमे में व्यवस्था सुधरने का भी दावा किया जा रहा है। साथ ही शिक्षकों की कमी पूरा करने की भी बात की जा रही है। इधर, शिक्षा विभाग की ओर से गढ़वाल और कुमाउं मंडल दोनों जगहों से स्कूलों की रिक्त पदों की लिस्ट तलब तो कर दी गई है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

 

पहले सप्ताह में गोलमाल अगेन की 137 करोड़ की कमाई

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रोहित शेट्टी की गोलमाल अगेन ने बाक्स आफिस पर अपने पहले सप्ताह का सफर पूरा कर लिया है और इस दौरान फिल्म की कमाई 137 करोड़ पंहुच चुकी है।

गुरुवार को सप्ताह के अंतिम दिन फिल्म ने 10 करोड़ के आसपास की कमाई की। दीवाली पर रिलीज हुई इस हारर कामेडी फिल्म ने रिलीज के चौथे दिन ही सौ करोड़ के दायरे को पूरा कर लिया था। रविवार के बाद भी बाक्स आफिस पर फिल्म की पकड़ मजबूत रही है। ‘गोलमाल’ सीरिज की इस चौथी फिल्म को लेकर फिल्मी कारोबार के जानकारों का मानना है कि ये फिल्म अगले तीन दिनों में, यानी दूसरे वीकंड तक 160 करोड़ से ज्यादा का कारोबार कर सकती है।

माना जा रहा है कि दीवाली पर इसके साथ रिलीज हुई आमिर खान की फिल्म ‘सीक्रेट सुपर स्टार’ का मामला जल्दी ढीला पड़ गया और इस सप्ताह किसी बड़ी फिल्म के रिलीज न होने का फायदा ‘गोलमाल अगेन’ को मिलता नजर आ रहा है।

शर्मिला टैगोर को एक और सम्मान

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अपने दौर की दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर को एक और सम्मान मिला है। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्टरी की ओर से शर्मिला टैगोर को दिल्ली के सिरी फोर्ट सभागार में शर्मिला को सिनेमा में उनके योगदान के लिए लाइफ टाइम अचिवमेंट सम्मान दिया गया।

उनको ये सम्मान केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह और भाजपा के दिल्ली के अध्यक्ष मनोज तिवारी के हाथों दिया गया। शर्मिला ने इस मौके पर सम्मान देने पर गर्व महसूस करते हुए कहा वे खुद को सौभाग्यशाली मानती हैं कि सिनेमा का स्वर्णिम युग कहे जाने वाले दौर में उनको फिल्मों में काम करने का मौका मिला। उन्होंने राजेश खन्ना के साथ फिल्म सफर और गुलजार की मौसम (संजीव कुमार) को अपनी पसंदीदा फिल्मों में से बताया।

मौसम में शर्मिला ने मां-बेटी का डबल रोल किया था। शर्मिला टैगोर के परिवार में इन दिनों दो छोटे मेहमानों की किलकारियां गूंज रही हैं। पहले करीना कपूर खान ने बेटे को जन्म दिया, जिसका नाम तैमूर अली खान रखा गया, तो हाल ही में उनकी बेटी सोहा भी मां बनी हैं और उन्होंने बेटी को जन्म दिया है, जिसका नाम इंसिया रखा गया है।

लता मंगेशकर ने किया जावेद अख्तर को सम्मानित

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हिंदी सिनेमा के मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर को गुरुवार की शाम को मुंबई में आयोजित एक भव्य आयोजन में ह्रदयनाथ मंगेशकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इस मौके पर अपने संबोधन में जावेद अख्तर ने कहा कि मंगेशकर परिवार से मिला ये सम्मान उनके लिए गौरव की बात है। ये समारोह विले पार्ले के भाईदास हाल में आयोजित किया गया। जावेद अख्तर ने याद करते हुए कहा कि इसी हाल में उनको फिल्म जंजीर के लिए पहला पुरस्कार मिला था।

जावेद अख्तर ने लता मंगेशकर के साथ अपने रिश्तों को लेकर कहा कि बतौर गीतकार उन्होंने पहला गीत यश चोपड़ा की फिल्म सिलसिला के लिए लिखा था, जिसे लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने मिलकर गाया था। इस मौके पर लता मंगेशकर ने जावेद अख्तर की सराहना करते हुए कहा कि बतौर लेखक और बतौर गीतकार जावेद अख्तर ने भारतीय सिनेमा को अपनी कलम के जादू से बांधे रखा है। ये सम्मान लता मंगेशकर के भाई ह्रदयनाथ मंगेशकर के 80वें जन्मदिन के मौके पर दिया गया।

‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की अलख जगाएंगे युवा

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देहरादून। फाइव फेस एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड मॉडलिंग और फैशन की दुनिया में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए लेकर आया है मिस्टर एंड मिस देहारदून-2017 प्रतियोगिता के दूसरे सीजन के लिए 29 अक्टूबर को ऑडिशन होंगे। इस वर्ष यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता केंद्र सरकार की मुहिम ‘बेची बचाओ-बेटी बढ़ाओ’ के साथ लोगों के बीच आएगी। प्रतियोगिता के लिए चुने जाने वाले प्रतिभागी लोगों के बीच जाकर बेटियों को बचाने और बढ़ाने का संदेश देंगे।
फाइव फेस एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड मॉडलिंग के निदेशक विनायक शर्मा और श्वेता चौधरी ने जानकारी दी कि प्रतियोगिता का फिनाले 10 दिसम्बर को होगा। इसके लिए पंजीकरण जारी हैं और 29 अक्टूबर को डग आउट लांज में ऑडिशन आयोजित किए जा रहे हैं। ऑडिशन में एमटीवी लव स्कूल और स्प्लिटविला फेम वेरोनिका राजपूत फैशन और मॉडलिंग से जुड़े विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे।

राष्ट्रीय स्तर पर निखरेगा टैलेंट
प्रतियोगिता के विजेताओं को मिस्टर एंड मिस उत्तराखंड और एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में सीधे प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही ‘ट्रूगिग’ कंपनी के आगामी पंजाबी वीडियो एलबम में काम करने का मौका दिया जाएगा। वहीं, तमाम उपहार भी विजेताओं के लिए रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए अभी तक 300 से ज्यादा पंजीकरण हो चुके हैं और अभी दो दिन पंजीकरण जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिभागी सीधे ऑडिशन के वक्त भी पंजीकरण करा सकते हैं।

सामाजिक मुद्दों पर करेंगे जागरूक
प्रतियोगिता के लिए चुने जाने युवा मॉडलिंग और फैशन के साथ ही समाज के लिए काम करेंगे। इसी उद्देश्य के साथ चुने गए प्रतिभागियों की ग्रुमिंग के दौरान उन्हें समाज के विभिन्न तबकों से रुबरु कराया जाएगा और इस दौरान वे स्वचच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ को लेकर लोगों को जागरूक करेंगे। श्वेता चौधरी ने बताया कि इस आयोजन में कावेरी ज्वैलर्स, शेखर बाय मयंक, स्पोर्ट्स फिट बाय एमएस धौनी जिम, हेयर कैफे, दून ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, सीएमएस एड एजेंसी, अवनीश फोटोग्राफी आदि सहयोग कर रहे हैं।
इस मौके पर मन्नू कालरा, विभोग गुप्ता, जैज पुश्कल, मिस्टर देहरादून-2016, शिवम खजूरिया, मिस्टर उत्तराखंड उप विजेता सागर सेनगुप्ता आदि मौजूद रहे।

16 घंटे के ऑपरेशन ने बचाई कैंसर पीड़ित रोगी की टांग

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देहरादून। चिकित्सक विशेषज्ञों की एक टीम ने 16 घंटे की हाई-प्रेसीजन मैराथॉन सर्जरी के जरिए 17 साल के मरीज की टांग को बचा लिया। पत्रकारों को जानकारी देते हुए डॉ. विपिन बर्थवाल ने बताया कि कैंसर की जंग जीत चुके इस मरीज को एम्प्यूटेशन यानि टांग काटने की सलाह दी गई थी। जटिल शल्यक्रिया को अंजाम देने वाले अस्पताल षज्ञों में शामिल थे डॉ. विपिन बर्थवाल व डॉ विवेक वर्मा, डॉ. महेश सुल्तानिया, डॉ. विमल पंडिता तथा मैक्स सुपर अस्पताल की टीम ने इस रोगी को टांग दान दी। 2015 में इस मरीज मनीष पडियार की दाहिनी टांग में ऑस्टियोसार्कोमा यानि हड्डी कैंसर का निदान किया गया। निदान के बाद मुम्बई के एक अस्पताल में उनकी शल्यक्रिया कर ट्यूमर निकाल दिया गया और प्रत्यारोपण यानि इम्प्लान्ट डाला गया। 2015 के बाद डॉ.. विमल पंडिता के मार्गदर्शन में मेडिकल ओंकोलोजी टीम ने उन्हें कीमोथैरेपी दी। जुलाई 2016 में मनीष के साथ एक दुर्घटना घटी, जिसके चलते उनकी उसी टांग में संक्रमण हो गया, जिसके बाद संक्रमित इम्प्लान्ट हटा कर रॉड डाल दी गई। लेकिन संक्रमण इतना गंभीर था कि उनकी टांग में घाव हो गया, जिसमें मवाद पड़ गई। कई अस्पतालों में राय लेने के बाद उन्हें एम्प्यूटेशन यानि टांग काटने की सलाह दी गई। दु:खी और परेशान परिवार एक बार फिर से डॉ. विमल पंडिता के पास पहुंचा। डॉ. पंडिता ने मनीष का मामला मैक्स इण्डिया फाउन्डेशन के समक्ष प्रस्तुत किया। मनीष के कैंसर के इतिहास का विश्लेषण करने के बाद मैक्स इण्डिया फा उन्डेशन मदद के लिए तैयार हो गया।
मैक्स अस्पताल देहरादून के विशेषज्ञों डॉ. विवेक वर्मा, डॉ. विपिन बर्थवाल, डॉ. महेश सुल्तानिया और डॉ.विमल पंडिता ने मामले का गहराई से अध्ययन किया, आपस में विचार-विमर्श किया। व्यापक विश्लेषण के बाद फैसला लिया गया कि टांग को बचाते हुए भी उनका इलाज किया जा सकता है। दो चरणों में सर्जरी का फैसला लिया गया। पहले चरण में डॉ. विवेक वर्मा ने संक्रमित इम्प्लान्ट, खराब हड्डी और अस्वस्थ उतकों को निकाला ताकि संक्रमण को नियन्त्रित किया जा सके। इसके बाद मरीज की टांग में पेशी और त्वचा कवर के बिना 20 सेंटीमीटर का दोष रह गया। पहले कई बार शल्यक्रियाएं होने के कारण मरीज की टांग में रक्त की आपूर्ति बहुत कम थी। इसलिए, घाव भर जाने के बाद सर्जरी की दूसरी अवस्था में टांग की हड्डी को रीक्रिएट किया गया, इसके लिए फि बुला (टांग की ही एक दूसरी हड्डी), पेशियों, तंत्रिकाओं, रक्त वाहिकाओं और त्वचा कवर का इस्तेमाल किया गया। डॉ. विपिन बर्थवाल ने कहा, ”यह मनीष के लिए जीवन बदल देने वाली शल्यक्रिया है। इस तरह की मुश्किल शल्यक्रिया मानसिक तौर पर भी मरीज पर भारी पड़ती है। इसके लिए टीम में काम करना होता है और शल्यक्रिया के बाद भी मरीज की सुरक्षा का पूर ध्यान रखना होता है, जिसे हमने मैक्स अस्पताल, देहरादून में कर दिखाया है।
डॉ. संदीप सिंह तंवर, वाईस प्रेजीडेन्ट-ऑपरेशन्स ने कहा, ‘जटिल लिम्ब सेविंग सर्जरी अब नियमित रूप से मैक्स सुपर स्पेशलटी अस्पताल, देहरादून में की जा रही है। हम मरीजों की सामर्थ्य को भी ध्यान में रखते हुए उन्हें इलाज मुहैया कराते हैं। हम पूरी कोशिश करते हैं कि मरीज के अंगों को बचाते हुए कैंसर को नष्ट किया जा सके। हम अपनी विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाओं के साथ उत्तराखण्ड एवं आस-पास के क्षेत्रों के लोगों को जटिल एवं सुरक्षित सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

पुलिसकर्मी ने रक्तदान कर बचाई महिला की जान

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थाना गोपेश्वर के पुलिसकर्मी धनपाल ने एक महिला को रक्तदान कर उसकी जान बचाई। थानाध्यक्ष गोपेश्वर कुंदन राम ने बताया कि रोली ग्वाड निवासी जगदीश चंद्र की पत्नी कलावती देवी को उसके परिजन प्रसव के लिए जिला चिकित्सालय में लाये थे।

प्रसव के दौरान पैदा हुए बच्चे की मौत हो गई और कलावती देवी को अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उसकी स्थिति काफी चिंता जनक हो गई थी। डॉक्टरों ने परिजनों से यथाशीघ्र खून की व्यवस्था करवाने की बात कही। 

इस पर परिजनों ने रक्तदाता ग्रुप के लोगों के साथ ही पुलिस के जवानों से भी संपर्क किया। जिस पर थाना गोपेश्वर में तैनात कांस्टेबल धनपाल ने रक्त दिया। जिससे महिला की स्थिति अब सामान्य बनी हुई है। परिजनों ने पुलिस महकमे का धन्यवाद किया है।

हाईवे पर गड्ढों से बढ़ा सड़क हादसों का ग्राफ

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ऋषिकेश। हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए दिन लगने वाले जाम के साथ ही गड्ढों के कारण होने वाले हादसे भी वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। आईडीपीएल, कैनाल गेट, हनुमान मन्दिर के सामने नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से कराया जा रहा डामरीकरण लोगों पर भारी पड़ रहा। सड़क निर्माण में बरती गई अनियमितता के चलते यहां आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं।

हाल में ही इस नेशनल हाईवे पर विभाग द्वारा सड़क का डामरीकरण किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि उक्त कार्य के दौरान सड़क के मध्य में मेन होल के ढक्कन और जगह-जगह बनी हुईं पुलिया पर ठीक से काम नहीं किया। इसके चलते जगह-जगह सड़क ऊपर-नीचे है। पिछले एक पखवाड़े में ही इनकी चपेट में आकर कई वाहन चालकों को अस्पताल का रुख करना पड़ा है। क्षेत्र के समाजसेवी वाईएस भण्डारी का कहना है इन गड्ढों की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को मामले की जानकारी देते हुए कारवाई की मांग की।

2800 रुपये में बना दिया फर्जी सर्टिफिकेट

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सितारगंज- एलएलबी के छात्र ने एक स्कूल के प्रधानाचार्य और उसके बेटे के खिलाफ एसडीएम को स्कूल द्वारा फर्जी टीसी बनाकर देने के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। जिस पर एसडीएम विनोद कुमार ने इसकी जांच खंड शिक्षा अधिकारी और कोतवाल से कराने की बात कही।

छात्र अमृतपाल सिंह का कहना था कि उसके पास चीनी मिल स्थित विद्यालय के प्रधानाचार्य का बेटा आया और कहने लगा कि किसी को अगर किस भी क्लास की कोई टीसी चाहिए हो तो वह अपने विद्यालय से बनवा देगा। जिस पर उसने इसका पता लगाने के लिए स्वयं विद्यालय जाकर आठवीं किलास की टीसी बनाने के लिए कहा, जिस पर उससे प्रधानाचार्य ने 2800 रुपये लेकर उसे फर्जी टीसी आठ पास की बना दी। इसके बाद उसने विद्यालय प्रबंधक और उसके बेटे के खिलाफ खंड शिक्षा अधिकारी और कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन उनकी तहरीर पर न तो कोतवाली पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई की गई और न ही खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा।  जिस पर वह इस फर्जीवाड़े के खिलाफ  एसडीएम कार्यालय पहुंचे।

उसने एसडीएम विनोद कुमार से मांग की कि इस फर्जीवाड़े की जांच कर प्रधानाध्यापक और उसके बेटे के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस पर एसडीएम विनोद कुमार ने मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी से करा उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।