गोपेश्वर। शनिवार को जनपद में मौसम ने करवट बदली और आसामान में बादल छाने लगे। देर सांय तक बुंदा-बांदी के साथ बारिश शुरू होने लगी जिससे ठंड बढ़ने लगी है। वहीं, बद्रीनाथ धाम की पहाड़ियों पर बर्फवारी शुरू हो गई है। ठंड से निजात पाने के लिए लोगों ने अलावा का सहारा लिया।
शनिवार को मौसम ने ठंड की दस्तक दी। जिले के उंचाई वाले स्थानों पर हल्की बर्फवारी तो निचले हिस्से में बारिश शुरू हो गई है, जिससे ठंड बढ़ने लगी है। बदरीपुरी में ठंड की दस्तक महसूस होने पर लोगों ने अलाव का सहारा लिया। शुक्रवार तक मौसम में दिन में गुनगुनी धूप और ठंड भी साथ-साथ रही। शनिवार को अचानक मौसम बदला तो ठंड कुछ ज्यादा हुई। लोगों ने अलावा का सहारा लिया। जबकि यात्री इस हिमालय में आकर ठंडे मौसम का आनंद और भगवान के दर्शन पाकर खुश नजर आ रहे हैं।
ठंड ने दी दस्तक, बद्रीनाथ की पहाड़ियों पर बर्फबारी
मुख्य सचिव ने किया केदारधाम में पुनर्निर्माण का निरीक्षण
- मुख्य सचिव द्वारा श्री केदारनाथ मंदिर के पीछे की भूमि का समतलीकरण करने एवं उसका एक पार्क के रूप में लैण्ड स्केपिंग करते हुए विकसित करने के निर्देश दिये गये। साथ ही मंदिर के पीछे समस्त मलबे एवं बोल्डरर्स को हटाने एवं उक्त भूमि को समतलीकरण उपरान्त एक पार्क के रूप में विकसित करने के भी निर्देश दिये गये, जिसमें यात्री बैठकर मंदिर के दृश्य का अवलोकन कर सकें। इस संबंध में एन.आई.एम.को कार्य करने के निर्देश दिये गये।
- केदारनाथ मंदिर के चबूतरे/प्लेटफार्म को मा0 प्रधानमंत्री जी की अपेक्षानुसार अधिक से अधिक बढ़ाये जाने हेतु लो0नि0वि0 को निर्देशित किया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि मा0 प्रधानमंत्री जी द्वारा अपेक्षा की गई है कि श्री केदारनाथ मंदिर की भव्यता परिसर का और अधिक विस्तार करने से सही मायनों में सामने आयेगी। इस संबंध में मुख्य सचिव द्वारा जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को निर्देशित किया गया कि मंदिर के आगे एवं बांये तथा दांये यथासंभव मंदिर परिसर को विस्तृत करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करें तथा लो0नि0वि0 को निर्देश दिये गये कि आगामी यात्रा से पूर्व मंदिर के परिसर को और अधिक भव्य बनाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
- इसके अतिरिक्त श्री केदारनाथ मंदिर को जानेवाले मुख्यमार्ग के सौन्दर्यीकरण कार्य का निरीक्षण करते हुए मुख्य सचिव द्वारा निर्देश दिये गये मा0 प्रधानमंत्री जी की अपेक्षानुसार इस मार्ग का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि केदारपुरी में प्रवेश करते हुए यात्रियों को मंदिर का विराट एवं भव्य स्वरूप दिखायी दे। इस मार्ग में प्रयुक्त होने वाले पत्थर एवं अन्य सामग्री स्थानीय हो एवं स्थानीय कला से ही रास्ते का निर्माण किया जाए।
- मुख्य सचिव द्वारा मंदाकिनी एवं सरस्वती नदियों के तट पर बननेवाली सुरक्षा दीवारों एवं घाट का भी निरीक्षण किया गया। इस संबंध में सिंचाई विभाग एवं एन.आई.एम. को निर्देशित किया गया कि निर्धारित समयान्तर्गत उक्त सुरक्षा दीवार एवं घाट बनाना सुनिश्चित करें ताकि नदी द्वारा काटी गई भूमि पुनः प्राप्त कर श्री केदारपुरी की सुरक्षा की जा सके।
- मुख्य सचिव द्वारा श्री केदारनाथ धाम से स्थान भीमबली तक पैदल यात्रा मार्ग का उक्त अधिकारियों की उपस्थिति में पैदल भ्रमण किया गया। निरीक्षण के दौरान लो.नि.वि. के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पैदल मार्ग का सुदृढ़ीकरण करना सुनिश्चित करें ताकि आगामी यात्रा से पूर्व घोड़े-खच्चरों हेतु स्थान रामबाड़ा से जंगलचट्टी होते हुए केदारनाथ यात्रामार्ग सर्वे करें एवं संभव होने की दशा में उक्त मार्ग का निर्माण करना भी सुनिश्चित करें।
- मुख्य सचिव द्वारा जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को निर्देशित किया गया कि केदारनाथ पुर्ननिर्माण कार्यों की माॅनीटरिंग हेतु विभिन्न स्थानों पर सी0सी0टी0वी0 कैमरे स्थापित कराये जांए ताकि पुनर्निर्माण/नवर्निमाण कार्यों की प्रगति किसी भी स्थान पर बैठकर देखी जा सके।
- मुख्य सचिव द्वारा एन.आई.एम. को निर्देशित किया गया कि श्री केदारनाथ धाम में उरेडा के पावर प्लांट के प्रोजेक्ट को 15 दिन के अन्दर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को निर्देशित किया गया कि विद्युत की सभी तारों को भूमिगत ;नदकमत हतवनदकद्ध करवाना सुनिश्चित करें।
आरक्षण बढ़ने के बाद भी खुश नहीं दिव्यांग
हरिद्वार। प्रदेश सरकार के दिव्यांगों के आरक्षण को तीन प्रतिशत से बढ़ाकर चार प्रतिशत किए जाने के बाद भी दिव्यांगों में रोष है। कारण, दिव्यांगो की श्रेणी सात से बढ़ाकर 21 कर दी गई है। इससे मूल दिव्यांगों ने भविष्य में नौकरी ना मिलने की आशंका जताई है।
देवभूमि बधिर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप अरोड़ा का कहना है कि यह शासनादेश बहुत देरी से जारी किया गया है। जबकि केन्द्र सरकार ने दिव्यांग अधिकार अधिनियम अप्रैल 2016 लागू किया था, उस परिप्रेक्ष्य में इसे अस्तित्व मे लाया जाना आवश्यक हो गया था। इस अधिनियम में बहुत खामियां है, जिसे दूर करने के लिए केन्द्र सरकार ने दिव्यांग संगठनों से सुझाव मांगे थे, लेकिन उन सुझावों पर अमल तक नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार को सुझाव दिया था कि इस विधेयक में 21 प्रकार की कैटगरी को शामिल किया गया है, लेकिन उसी अनुपात में आरक्षण नहीं दिया गया। केवल तीन से बढ़ाकर चार प्रतिशत आरक्षण कर दिया गया जबकि कैटेगरी बढ़ाने के हिसाब से 12 प्रतिशत आरक्षण होना चाहिए।
पूर्व मे केवल सात प्रकार की कैटेगरी मूक बधिर, नेत्रहीन, शारीरिक दिव्यांग, मानसिक दिव्यांग, सेरेब्रल पाल्सी व अन्य आदि थी और उसका आरक्षण तीन प्रतिशत था। पूर्व के विधेयक से दिव्यांग समाज बहुत खुश था, क्योकि पूर्व के विधेयक में दिव्यांग तो असल मे प्राकृतिक दिव्यांग थे, उनको बीमार नहीं कहा जा सकता। जबकि वर्तमान विधेयक मे 14 प्रकार की नई कैटेगरी डाली गई है। संदीप अरोड़ा ने कहा कि सरकार इससे अच्छा इनकी मूल दिव्यांगों से इतर एक अलग से श्रेणी बनाकर अलग से विधेयक बनाए।
अब बीएसएनएल जल्द शुरू करेगा वायरलेस ब्रॉडबैंड सुविधा
देहरादून। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) अपने उपभोक्ताओं के लिए जल्द ही वायरलेस ब्रॉडबैंड सेवा शुरू करेगी और इस सेवा का लाभ उठाने के लिए ग्राहक घर बैठे बुकिंग कर लाभ उठा सकते हैं।
बीएसएनएल के प्रधान महाप्रबंधक एके. श्रीवास्तव ने शनिवार को प्रेस वार्ता में बताया कि वायरलेस ब्रॉडबैंड सेवा दूर संचार केद्रों से चार किलोमीटर की रेडियल दूरी तक मिलेगी। पटेल नगर, क्लेमेंट टाउन, लक्ष्मी रोड, विधानसभा, मियांवाला, प्रेम नगर, इंदिरा नगर, सेलाकुई, गुजराड़ा, जाखन, हरबर्टपुर/ विकासनगर, गढ़ीकैंट, रायपुर, आईडीपीएल (ऋषिकेश), क्रियायोग (ऋषिकेश) डन्सविर्क कोर्ट मसूरी, टीवी टावर मसूरी में उपकरण भी स्थापित किए जा चुके हैं तथा फील्ड ट्रायल भी हो चुका है। जल्द ही इस सेवा को शुरू किया जाएगा।
इस मौके पर एके श्रीवास्तव प्रधान महाप्रबंधक दूरसंचार जिला देहरादून राहुल रस्तोगी उप महाप्रबंधक एके. गोयल उप महाप्रबंधक, शिव सिंह उप महाप्रबंधक, पीके. शर्मा सहायक महाप्रबंधक, अनिल शर्मा सह महाप्रबंधक, एससी. सक्सेना मंडलीय अभिभावक पटेल नगर, एके. शर्मा मंडलीय अभिभावक ऋषिकेश, संजय विशनोई मंडलीय अभिभावक क्रॉस रोड और रघुवीर सिंह मंडली अभिभावक विकासनगर प्रेमचंद देहरादून आदि की उपस्थिति में संपन्न हुई।
ये है मासिक प्लान
499, 599,699, 849, 899 तथा 1399 है। (स्पीड 2 एमबीपीएस से 15 एमबीपीएस) तथा सिक्योरिटी चार्ज 2000 रुपये है जो वापस का दिया जाएगा। यह सुविधा दूर संचार केद्रों से चार किलोमीटर की रेडियल दूरी तक मिलेगी। घर बैठे बुकिंग के लिए डब्लूबीबी लिखकर 9400054141 पर मेसेज कर सकते है। वहीं, अगर फेसबुक से बुकिंग करनी है तो बीएसएनएल इंडिया फेसबुक पेज पर जाएं। अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18001028028 पर संपर्क करें।
किसानों का जोरदार प्रदर्शन, बुग्गी में लगाई आग
रुड़की। भारतीय किसान यूनियन ने दिल्ली हरिद्वार हाईवे पर एक बुग्गी जलाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि सरकार की नीतियां किसानों का शोषण करने वाली हैं और बुग्गी, ट्रैक्टर आदि के टायरों पर जीएसटी के कारण काफी दाम बढ़े हैं जिसका सीधा बोझ किसानों पर पड़ा है।
पूर्व कार्यक्रम के अनुसार भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट द्वारा अपनी मांगों को प्रदेश सरकार द्वारा ना माने जाने पर मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार व प्रकाश पंत कैबिनेट मंत्री के रुड़की भ्रमण कार्यक्रम का विरोध किया। इसके विरोध में किसानों की एक बैठक करीब 11 बजे गुड मंडी मंगलौर में आयोजित की गई।
जिसके उपरांत इनके द्वारा गुड़ मंडी मंगलोर के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुग्गी जलाकर विरोध किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से संजय चौधरी- गढ़वाल मंडल अध्यक्ष, विजय शास्त्री- प्रदेश प्रवक्ता, विकेश सिंह जिलाध्यक्ष, अनुज युवा जिला अध्यक्ष, अंकुर चौधरी युवा मंडल सचिव, सुक्रमपाल कोषाध्यक्ष आदि मौजूद रहे।
सूना पड़ा डाकपत्थर बैराज पार्क
विकासनगर। कुछ वर्ष पूर्व तक पछवादून की शान रहा डाकपत्थर ग्रीन पार्क इन दिनों वीरान पड़ा हुआ है। पार्क की व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार सिंचाई अवस्थापना खंड डाकपत्थर पार्क की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने से बजट की कमी का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ रहा है। आलम यह है कि पार्क की स्ट्रीट लाइटें खराब हो चुकी हैं। पार्क का मुख्य आकर्षण रहा बिजली से चलने वाला फव्वारा सूख चुका है। जिसके चलते सुबह शाम घूमने के शौकीन लोग भी पार्क का रुख नहीं कर रहे हैं।
डाकपत्थर में जल विद्युत परियोजना का शिलान्यास होने के साथ ही साठ के दशक में स्थानीय लोगों व परियोजना कर्मचारियों के परिवारों को सैर सपाटा करने व मनोरंजन की सुविधा मुहैया कराने के लिए बैराज पार्क का निर्माण किया गया था। जिसके बाद से ही पार्क स्थानीय बाशिंदों के साथ ही अन्य राज्यों से आने वाले सैलानियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना रहा। लेकिन पिछले दो वर्षों से पार्क का रखरखाव नहीं होने के चलते अब वीरान पड़ा हुआ है। आलम यह है कभी पार्क का मुख्य आकर्षण रहा बिजली से चलने वाला रंग बिरंगी रोशनी से युक्त फव्वारा क्षतिग्रस्त होने के चलते दो वर्षों से सूख पड़ा हुआ है। कभी पछवादून की शान रहा यह पार्क इन दिनों जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते वीरान हो चुका है।
पार्क की स्ट्रीट लाइटें खराब हो चुकी हैं जिससे रात को रंगबिरंगी रोशनी में यमुना की लहरों का दीदार करने वाले अब यहां नहीं आ रहे हैं। जबकि पार्क की अन्य व्यवस्थाएं भी जर्जर होने से सुबह सांय भी पार्क में कोई नहीं जा रहा है। बता दें कि पीपीपी मोड पर चलने पर ग्रीन पार्क की दशा सुधरी थी, लेकिन अनुबंध समाप्त होने पर सिंचाई विभाग ने न तो पार्क को दोबारा से पीपीपी मोड पर दिया और न ही पार्क की दशा सुधारने पर ध्यान दिया। उधर, पार्क की व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार सिंचाई विभाग अवस्थापना खंड डाकपत्थर के अधिशासी अभियंता पीएन राय ने कहा कि बजट के अभाव में पार्क का जीर्णोद्धार करना मुश्किल साबित हो रहा है। लिहाजा पार्क को यूजेवीएनएल का हस्तांतरित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
किसानों का कर्ज माफ नहीं कर पाएगी उत्तराखंड सरकार : सीएम
रुड़की। रुड़की में किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी में पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्धघाटन किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों का कृषि ऋण माफ नहीं कर पाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों पर 11 हजार करोड़ का ऋण है और राज्य की आमदनी 17 हजार करोड़ है ऋण माफ करने से राज्य की अर्थव्यवस्था डगमगा जाएगी। उन्होंने कहा किसान भी ऋण देने चाहता है कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं।
सीएम ने कहा कि किसान भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और उत्तराखण्ड में कृषि के विस्तार की सम्भावना कम है। इसलिए कृषि में आधुनिकता इस्तेमाल कर उत्पादन बढ़ाने पर जोर देना होगा। पहाड़ में भी सिंचाई की भूमि की कमी है। पहाड़ों में ऑफ सीजन फसलों की उत्पादक झमता बढ़ानी होगी। पर्वतीय क्षेत्रों में चकबंदी की शुरुआत हो गई है, इससे किसानों को खेती में आसानी होगी किसान के खेत छोटे छोटे टुकड़ों में थे अब वह एक हो जाएंगे और सिंचाई आदि में आसानी होगी। उन्होंने कहा भाजपा किसान मोर्चा किसानों की आवाज बने। प्रधानमंत्री का लक्ष्य है किसानों की आय दो गुनी करने के लिए सरकार कार्य कर रही है। खाद के दामों में भी कमी आई है। अब आसानी से किसानों को यूरिया उपलब्ध हो जाती है।
प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि भाजपा की सरकार में किसानों की उन्नति हुई है। कांग्रेस सरकार में 20 हजार किसान प्रतिवर्ष आत्महत्या कर रहे थे अब किसान खुशहाल है। उन्होंने किसान मोर्चे के पदाधिकारियों से गांव-गांव जाकर बैठक कर किसानों को जागरूक करने के लिए कहा। इस अवसर पर राज्य मंत्री रेखा आर्य, प्रदेश संगठन मंत्री संजय, प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
विश्व प्रसिद्ध कत्थक नृत्यांगना शोभना नारायण ने युवा पीढ़ी को दिए कत्थक के टिप्स
इंडिया की अमूल्य धरोहर शास्त्रीय संगीत और शास्त्रीय नृत्य का पूरे विश्व में एक विशेष स्थान है कत्थक नृत्य एक ऐसी परंपरा है जिसने पूरे विश्व को दीवाना बना रखा है। कथक की विश्व प्रसिद्ध नृत्यांगना शोभना नारायण ने ऋषिकेश में एस बी एम पब्लिक स्कूल में स्पीक मैके के तत्वाधान में अपने नृत्य कला की प्रस्तुति देकर समा बांध दिया। युवा पीढ़ी को अपनी परंपरा से जुड़ने के लिए स्पिक मैके का भारतीय संगीत एवं नृत्य से जोड़ने का अभियान ऋषिकेश पहुंचा और यहां के एसबीएम स्कूल में युवाओं को नई पीढ़ी से जुड़ने के लिए और उनकी रुचि शास्त्रीय संगीत की विधा में जगाने के लिए समय-समय पर अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करके युवाओं को जागरूक करते हैं।

स्पीक मैके के उत्तराखंड कोऑर्डिनेटर अभिषेक अग्रवाल और धीरेंद्र जोशी ने बताया भारत के पास अपनी कला का एक बड़ा खजाना है। स्पीक मैके युवा पीढ़ी को इस अमूल्य धरोहर को संजोए रखने के लिए प्रयासरत है और ऐसे छोटे शहरों में प्रस्तुति देकर यहां के युवाओं को अपनी सभ्यता से जोड़ने का काम करते हैं। ऋषिकेश पहुंची विश्व प्रसिद्ध नृत्यांगना शोभना नारायण ने बताया कि स्कूल और कॉलेजों में इस तरह के कार्यक्रम होनी चाहिए क्योंकि यह एक बीज है जो आगे जाकर एक फल के रूप में सामने आएगा और हमारे भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य कला को संजोए रखेगा क्योंकि भारत की शास्त्रीय परंपरा को इन्हीं के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा। ऋषिकेश में प्रस्तुति देकर शोभना नारायण काफी खुश थी उन्होंने बताया कि 1963 के बाद वह दूसरी बार ऋषिकेश में अपने नृत्य के अनुभव को साझा कर रहे हैं और यहां देव भूमि में प्रस्तुति देकर उन्हें आत्म अनुभूति हो रही है। एक तरफ मां गंगा है और दूसरी ओर हिमालय यह अद्भुत संगम है जो नृत्य को एक नई ऊर्जा देता है.
पांच सौ के करीब लोग खुले में शौच जाने को मजबूर
विकासनगर। केंद्र सरकार के खुले में शौच मुक्त भारत अभियान को पलीता लगाते हुए कालसी वन प्रभाग के तिमली रेंज के कर्मियों ने धौला तप्पड़ वन गुर्जर बस्ती के बाशिंदों के एक दर्जन शौचालय गत 17 जुलाई को तोड़ डाले। जिससे बस्ती की पांच सौ के करीब आबादी चार माह से खुले में शौच जाने को मजबूर है। वन विभाग ने जिन शौचालयों को अवैध करार देते हुए तोड़ा है उनका निर्माण सरकारी इमदाद से ही हुआ था। जबकि कुछ मोबाइल शौचालय भी वन कर्मियों द्वारा तोड़ दिए गए। स्थानीय प्रशासन से कई बार शौचालय निर्माण गुहार लगाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर बस्ती के बाशिंदों ने अब प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर वन विभाग द्वारा तोड़े गए शौचालयों के पुनर्निर्माण की मांग की है।
प्रधानमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में बताया गया कि कालसी वन प्रभाग की तिमली रेंज के कुल्हाल पंचायत की धौला तप्पड़ बस्ती में 80 परिवार की करीब पांच सौ की आबादी चालीस साल अधिक समय से स्थाई तौर पर निवास कर रही है। वन अधिनियम के तहत वन गुर्जरों के परिवारों को पक्के आवासीय मकान की सुविधा नहीं मिल रही है। लेकिन केंद्र सरकार द्वारा खुले में शौच मुक्त भारत अभियान के तहत गुर्जर बस्ती में शौचालय निर्माण की अनुमति दी गई थी। इसके लिए बाकायदा स्वजल परियोजना के माध्यम से गुर्जर परिवारों को सरकारी इमदाद मुहैया कराई गई।
सरकारी इमदाद मिलने पर शौचालय बनाए गए व कुछ मोबाइल शौचालय भी बस्ती के बाशिंदों को दिए गए। लेकिन सरकारी इमदाद पर बने शौचालयों को गत जुलाई माह में कालसी वन प्रभाग की तिमली रेंज के कर्मियों ने अवैध करार देते हुए ध्वस्त कर डाला। शौचालय ध्वस्त होने से बस्ती के बाशिंदे खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। जंगल में बसी बस्ती में खुले में शौच जाना स्थानीय बाशिंदों के लिए सुरक्षा के लिहाज से खतरा बना हुआ है। बस्ती के बुजुर्गों व महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। जबकि इससे प्रधानमंत्री के खुले में शौच मुक्त भारत अभियान को भी पलीता लग रहा है।
प्रधानमंत्री को प्रेषित ज्ञापन के माध्यम से स्थानीय बाशिंदों ने वन विभाग द्वारा ध्वस्त किए गए शौचालयों का पुनर्निर्माण कराने की मांग की है। ज्ञापन पर लियाकत, सुलेमान, मीर हमजा, इमाम हुसैन, इनाम, अहमद अली, आबिद, सद्दाम, जहांगीर, रमजान, रुस्तम आदि के हस्ताक्षर हैं।
बीसीसीआई की मान्यता के लिए प्रयास करे सरकार
देहरादून। उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन (यूसीए) सचिव दिव्य नौटियाल ने उत्तराखंड को बीसीसीआई से मान्यता दिलाने के लिए पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायण स्वामी की तर्ज पर कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर उत्तराखंड सरकार पुडुचेरी सरकार के नक्शे कदम पर चलेगी तो मान्यता को लेकर 17 साल से अटका मामला हल हो जाएगा।
दिव्य नौटियाल ने कहा कि यूसीए बीसीसीआइ से मान्यता दिलाने के लिए डेढ़ दशक से प्रयास कर रही है लेकिन चार क्रिकेट एसोसिएशनों की आपसी खींचतान के चलते मान्यता नहीं मिल पा रही।
वहीं, पुडुचेरी मुख्यमंत्री ने राज्य को मान्यता दिलाने के लिए मई में बीसीसीआई को पत्र लिखा था और वाजिब कारण गिनाए थे। पत्र का संज्ञान लेते हुए बीसीसीआइ ने पुडुचेरी की तीन क्रिकेट एसोसिएशनों की जांच पड़ताल शुरू की और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ पुडुचेरी को मान्यता के लिए उपयुक्त पाया।
अक्टूबर को एसोसिएट सदस्य के रूप में मान्यता भी दे दी गई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में 16 अक्टूबर को क्रिकेट एसोसिएशनों के साथ बैठक हुई थी, लेकिन इसमें कोई निर्णय नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि सरकार पुडुचेरी के तर्ज पर ठोस कदम उठाए। बीसीसीआई सभी एसोसिएशनों की पड़ताल करेगी और जो मानकों पर खरा उतरेगी उसे मान्यता दे देगी।





























































