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पौड़ी होगी पर्यटन नगरी के रूप में विकसित

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पौड़ी। पौड़ी को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने के प्रयासों को लेकर शनिवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी सुशील कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक में डीएम ने खिर्सू-पौड़ी में पर्यटन हब, इको पार्क, एडवेंचर पार्क, मिनि स्टेडियम के साथ ही साहसिक पर्यटन की गतिविधियों जिसमें पैरा ग्लाडिंग से लेकर दूरबीन लगाए जाने तक की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश जिला पर्यटन विकास अधिकारी को दिए। इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में पर्यटन सर्किट बढ़ाए जाने के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इनमें कंडोलिया-झंडीधार-डांडा नागराजा तथा लैंसडोन-ताड़केश्वर-रतवाढाब क्षेत्रों में पर्यटन की गतिविधियों को बढ़ाये जाने के प्रयास किए जाने पर चर्चा हुई।

बैठक में जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों को उनके क्षेत्रों में पर्यटन विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का मौका मुआयना करने के निर्देश दिए। उन्होंने कलाल घाटी व कर्ण्वाश्रम क्षेत्रों में पर्यटन की गतिविधियों को लिए पर्यटन विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों का भी निरीक्षण करने के निर्देश उप जिलाधिकारियों को दिए। उन्होंने गढ़वाल मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउसों को हर प्रकार की सुविधा सम्पन्न करने तथा पुराने जर्जर गेस्ट हाउसों को अपडेट करने को कहा। इस मौके पर डीएफओ रमेश चंद, अपर जिलाधिकारी रामजी शरण शर्मा, एसडीएम सदर केएस नेगी, एसडीएम कोटद्वार राकेश तिवारी, एसडीएम श्रीनगर एमडी जोशी, एसडीएम थलीसैंण कमलेश मेहता, एसडीएम लैंसडोन सोहन सिंह सैनी, डीटीडीओ खुशाल सिंह नेगी आदि उपस्थित रहे।

रिस्पना को पुनर्जीवन के लिए सीएम की पहल का मैड ने किया स्वागत

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देहरादून। मेकिंग ए डिफरेंस बाई बीइंग द डिफरेंस (मैड) संस्था ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा इको टास्क फोर्स की 127वीं टुकड़ी को रिस्पना नदी के पुनर्जीवन हेतु गहन वृक्षारोपण करने के उत्तरदायित्व का स्वागत किया है।

इको टास्क फोर्स का नेतृत्व कर रहे कर्नल राणा ने मैड संस्था द्वारा नदियों को पुनर्जीवित किये जाने के प्रयासों का संज्ञान लेते हुए मैड से संपर्क साधा और नदी के बारे में जानकारी मांगी। मैड ने यह सुझाव दिया कि नदी एवं घाटी को समझने के लिए सबसे उपयुक्त यही होगा कि रिस्पना घाटी में जा कर उसका मुआयना किया जाए। कर्नल राणा तुरंत तैयार हो गए और शनिवार की सुबह रिस्पना घाटी की रेकी करने के लिए तय कर लिया गया।
शनिवार की सुबह शुरू हुई ट्रैक लगभग दोपहर तक चली। इन चार-पांच घंटों में मैड संस्था के सदस्यों ने इको टास्क फोर्स के साथ मिलकर रिस्पना घाटी को करीब से समझने की कोशिश की। न सिर्फ जल संवर्धन छेत्रों और स्रोतों को अपनी आंखों से देखा बल्कि झाड़िपानी के क्षेत्र में मॉक्रेट से आगे और थलयनी गांव के समीप सदस्यों ने खुद देखा कि कैसे रिस्पना घाटी में संगरक्षण हेतु और अधिक काम किया जा सकता है, जिससे रिस्पना का बहाव बहुत बढ़ाया जा सकता है।
मैड संस्था ने इको टास्क फोर्स का ध्यान राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान (एनआइएच) रुड़की द्वारा तैयार की हुई 2014 कि उस रिपोर्ट की ओर आकर्षित किया। जिसमें एनआइएच ने 2014 में ही रिस्पना को बारामासी नदी को दर्जा दे दिया था। संस्था ने यह तर्क दिया है कि क्यों ना इस एक वर्ष में रिस्पना नदी के बहाव को दोगुना करने का संकल्प लिया जाए।
राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान को इस अभियान के साथ जोड़ा जाए ताकि वो सारे माप ले सके और कोशिश कर सके कि आगामी बरसाती मौसम में जल को योजनाबद्ध तरीके से संघरक्षित किया जाए। इसके लिए जो भी जरूरी पौधे रोपे जाए, उसमें एफआरआई के विशेषज्ञों को अभियान के साथ जोड़ा जाए। इको टास्क फोर्स ने न सिर्फ धरातल पर उतर कर मैड के साथ कंधे से कंधा मिलाया बल्कि उनके विचारों को गौर से सुना।
मैड उम्मीद करता है कि इको टास्क फोर्स के पास रिस्पना की बागडोर आने से उसकी जो बदतर हालात शहर में हो रखी है, उसमे सुधार होगा। इस अभियान में मैड के संस्थापक अध्यक्ष अभिजय नेगी, विजय विनोद, अक्षत, राहुल, शिवम, हृदयेश, दक्ष समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।

सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से होगी केदारपुरी निर्माण कार्यों की निगरानी: मुख्य सचिव

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मुख्य सचिव का पद संभालने के तुरंत बाद उत्पल कुमार सिंह ने कोदारनाथ का दौरा कर वहां हो रहे निर्माण कार्यों का जायज़ लिया। इससे मुख्य सचिव ने अपनी प्राथमिकताओं को साफ कर दिया है। उत्पल कुमार सिंह ने शनिवार को केदारनाथ पहुँचकर वहां किए जा रहे पुनर्निर्माण कार्यो का निरीक्षण किया। इनमे

  • सरस्वती नदी पर कराये जा रहे घाट निर्माण व बाढ़ सुरक्षा कार्य,
  • तीर्थ पुरोहितों का भवन-निर्माण कार्य,
  • एम.आई-26 हैलिपेड के पास किए जा रहे टू टियर बैरियर व ड्रेनेज सिस्टम और
  • पजांब सिंध लाॅज के समीप सरस्वती नदी पर हो रहे पुल निर्माण काम शामिल रहे।
CS Photo 02, dt.28 October, 2017-1 इस मौके पर मुख्य सचिव ने पुनर्निर्माण कार्यो में तेजी लाने के निर्देश दिए। गौरीकुंड से केदारनाथ तक सभी पड़ावों पर सीसीटीवी कैमरे लगाये जायं। जिससे कि निर्माण कार्यों की निगरानी की जा सके। इसके साथ ही माॅनिटरिंग के लिए ड्रोन का इंतजाम करने के लिए कहा। इसके साथ साथ
  • केदारनाथ मंदिर के पीछे की भूमि का समतलीकरण करने एवं उसका एक पार्क के रूप में लैण्ड स्केपिंग किया जायेगा।
  • मंदिर के पीछे समस्त मलबे एवं बोल्डरर्स को हटाने और वहां भी एक पार्क बनाया जायेगा। इस काम को एन.आई.एम.को  दिया जायेगा।
  • केदारनाथ मंदिर के चबूतरे/प्लेटफार्म को प्रधानमंत्री की इच्छा से बढ़ाया जायेगा।
  • केदारनाथ मंदिर को जानेवाले मुख्यमार्ग का निर्माण इस प्रकार किया जायेगा कि केदारपुरी में प्रवेश करते हुए यात्रियों को मंदिर का विराट एवं भव्य स्वरूप दिखायी दे।
  • केदारनाथ पुर्ननिर्माण कार्यों की माॅनीटरिंग हेतु विभिन्न स्थानों पर सी0सी0टी0वी0 कैमरे स्थापित कराये जांए ताकि पुनर्निर्माण/नवर्निमाण कार्यों की प्रगति किसी भी स्थान पर बैठकर देखी जा सके।
  • एन.आई.एम. को निर्देशित किया गया कि केदारनाथ में उरेडा के पावर प्लांट के प्रोजेक्ट को 15 दिन के अन्दर पूरा किया जाये।

हांलाकि मौसम खराब होने के कारण मुख्य सचिव पूरे इसाके का दौरा नहीं कर सके और बीच में ही वापस लौटना पड़ा। लेकिन उम्मीद की जा रही है कि उनके इस दौरे से केदार पुरी में हो रहे निर्माण कार्यों में तेज़ी आयेगी।

चमोली का युवक हरिद्वार से लापता

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हरिद्वार। चमोली का एक युवक हरिद्वार से लापता हो गया। परिजनों ने हरिद्वार कोतवाली में तहरीर दी है। चमोली जिला अंतर्गत थराली क्षेत्र के किमनी गांव निवासी शिवम बिष्ट पुत्र विजय बिष्ट पिछले साल काम करने के लिए हरिद्वार आया था।

वह मायापुर क्षेत्र के एक होटल में तंदूर कर्मचारी था। शिवम के पिता विजय बिष्ट ने बताया कि कई महीने से संपर्क नहीं हो पाया है। शिवम ने दीपावली के बाद घर आने का वादा किया था।
उन्हें लगा कि शिवम दीपावली के बाद घर पहुंच जाएगा। लेकिन दीपावली बीतने के कई दिन बाद भी शिवम घर नहीं आया तो उन्हें चिंता हुई। मोबाइल लगातार बंद होने पर चिंता और बढ़ गई।
होटल में जानकारी लेने पर पता चला है कि बीते सात जुलाई को शिवम ने काम छोड़ दिया था। इसके बाद वह कहां गया, होटल कर्मचारियों को नहीं पता। कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है युवक की तलाश शुरू कर दी गई है।

खनन निगरानी के लिए लगाया अतिरिक्त कर्मचारी

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हरिद्वार। वन क्षेत्र में खनन को रोकने के लिए एक अतिरिक्त कर्मचारी लगाया गया है। हालांकि कर्मचारी की तैनाती के बावजूद भी खनन का खेल चल रहा है। सरकार की ओर से एक सप्ताह पहले सील किए गए करीब 45 स्टोन क्रशरों को खोलने के आदेश जारी कर दिए गए थे। साथ ही खनन करने के लिए पट्टे भी आवंटित कर दिए गए थे, लेकिन खनन खुलते ही खानपुर रेंज की सामाजिकी वानिकी की रसूलपुर बीट के जंगल की बामरो नदी में खनन का खेल शुरू हो गया था।

माफिया की ओर से भैंसा बोगी एवं ट्रैक्टरों से जमकर खनन किया जा रहा था। इस खेल में वन विभाग के एक कर्मचारी का हाथ होने का आरोप ग्रामीणों की ओर से लगाया जा रहा था। क्योंकि शिकायत करने के बावजूद भी खनन का खेल नहीं रुक पा रहा था। मामले में ग्रामीणों की ओर से वन विभाग के बड़े अधिकारियों को शिकायत की गई थी। जिस पर अब वन विभाग के अफसरों की ओर से एक अतिरिक्त कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। जो सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक नदी पर अवैध खनन को रोकने के लिए निगरानी कर रहा है। हालांकि इसके बावजूद भी खनन माफिया उक्त कर्मचारी की ड्यूटी शुरू होने से पहले एवं समाप्त होते ही खनन करने में लग जाता है।

चौपाल में डीएम ने ग्रामीणों की सुनी समस्याएं

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गोपेश्वर। चमोली जिले के दूरस्थ विकास खंड घाट के लुणतरा गांव में ग्रामीणों की चौपाल में लोगों ने अपने परेशानी प्रशासन को बतायी। मनरेगा के अंतर्गत ग्रामीणों ने अपनी व्यधा सुनाते हुए कहा कि उन्हें समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। कुछ ने काम न मिलने की भी बात कही। डीएम ने सभी जाॅब कार्ड धारकों को मनरेगा में सौ दिन काम करने व सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा स्वयं सहायता समूहों का भी फीडबैक लिया।
जिलाधिकारी चमोली आशीष जोशी विभागीय अधिकारियों के साथ लुणतरा गांव की चैपाल में पहुंचे। ग्रामीणों ने कुरुड़ लुणतरा मोटर मार्ग के डामरीकरण और चौड़ीकरण की बात रखी। साथ ही जूनियर हाईस्कूल में अध्यापकों की तैनाती की मांग की। कुरुण माणखी के कास्तकारों ने मोटर मार्ग निर्माण के दौरान काटी गई भूमि के मुआवजे की बात की। जिलाधिकारी ने कुरुड़ लुणतरा के मोटर मार्ग के डामरीकरण का आंगणन तैयार करने के आदेश अधिकारियों को दिए। डीएम ने शिक्षकों की तैनाती के लिए भी अश्वासन दिया।
इस अवसर पर ब्लाॅक प्रमुख कर्ण सिंह, खिलाफ सिंह, कमला देवी के साथ ही विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

ठंड ने दी दस्तक, बद्रीनाथ की पहाड़ियों पर बर्फबारी

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गोपेश्वर। शनिवार को जनपद में मौसम ने करवट बदली और आसामान में बादल छाने लगे। देर सांय तक बुंदा-बांदी के साथ बारिश शुरू होने लगी जिससे ठंड बढ़ने लगी है। वहीं, बद्रीनाथ धाम की पहाड़ियों पर बर्फवारी शुरू हो गई है। ठंड से निजात पाने के लिए लोगों ने अलावा का सहारा लिया।
शनिवार को मौसम ने ठंड की दस्तक दी। जिले के उंचाई वाले स्थानों पर हल्की बर्फवारी तो निचले हिस्से में बारिश शुरू हो गई है, जिससे ठंड बढ़ने लगी है। बदरीपुरी में ठंड की दस्तक महसूस होने पर लोगों ने अलाव का सहारा लिया। शुक्रवार तक मौसम में दिन में गुनगुनी धूप और ठंड भी साथ-साथ रही। शनिवार को अचानक मौसम बदला तो ठंड कुछ ज्यादा हुई। लोगों ने अलावा का सहारा लिया। जबकि यात्री इस हिमालय में आकर ठंडे मौसम का आनंद और भगवान के दर्शन पाकर खुश नजर आ रहे हैं।

मुख्य सचिव ने किया केदारधाम में पुनर्निर्माण का निरीक्षण

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मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने शनिवार को केदारनाथ धाम पहुँचकर श्री केदारधाम में किए जा रहे पुनर्निर्माण कार्यो का निरीक्षण किया। मुख्य सचिव सिंह ने सरस्वती नदी पर कराये जा रहे घाट निर्माण व बाढ़ सुरक्षा कार्य, तीर्थ पुरोहितों का भवन-निर्माण कार्य, एम.आई-26 हैलिपेड के समीप किए जा रहे टू टियर बैरियर व ड्रेनेज सिस्टम व पजांब सिंध लाॅज के समीप सरस्वती नदी पर हो रहे पुल निर्माण कार्यो का मौके पर जायजा लिया। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने कार्यदायी संस्था को पुनर्निर्माण कार्यो में तेजी लाने के निर्देश दिए। कहा कि आगामी यात्राकाल में यात्रियों को अधिक सुविधा मुहैया कराई जा सके इसके लिए पूरा प्रयास किया जाए। मुख्य सचिव भीम बली हैलीपैड से पैदल चलकर मार्ग का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग को निर्देश दिए कि गौरीकुंड से केदारनाथ तक सभी पड़ावों पर सीसीटीवी कैमरे लगाये जायं। जिससे कि निर्माण कार्यों की निगरानी की जा सके। इसके साथ ही माॅनिटरिंग के लिए ड्रोन का इंतजाम करने के लिए कहा।
  • मुख्य सचिव द्वारा श्री केदारनाथ मंदिर के पीछे की भूमि का समतलीकरण करने एवं उसका एक पार्क के रूप में लैण्ड स्केपिंग करते हुए विकसित करने के निर्देश दिये गये। साथ ही मंदिर के पीछे समस्त मलबे एवं बोल्डरर्स को हटाने एवं उक्त भूमि को समतलीकरण उपरान्त एक पार्क के रूप में विकसित करने के भी निर्देश दिये गये, जिसमें यात्री बैठकर मंदिर के दृश्य का अवलोकन कर सकें। इस संबंध में एन.आई.एम.को कार्य करने के निर्देश दिये गये।
  •  केदारनाथ मंदिर के चबूतरे/प्लेटफार्म को मा0 प्रधानमंत्री जी की अपेक्षानुसार अधिक से अधिक बढ़ाये जाने हेतु लो0नि0वि0 को निर्देशित किया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि मा0 प्रधानमंत्री जी द्वारा अपेक्षा की गई है कि श्री केदारनाथ मंदिर की भव्यता परिसर का और अधिक विस्तार करने से सही मायनों में सामने आयेगी। इस संबंध में मुख्य सचिव द्वारा जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को निर्देशित किया गया कि मंदिर के आगे एवं बांये तथा दांये यथासंभव मंदिर परिसर को विस्तृत करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करें तथा लो0नि0वि0 को निर्देश दिये गये कि आगामी यात्रा से पूर्व मंदिर के परिसर को और अधिक भव्य बनाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
  • इसके अतिरिक्त श्री केदारनाथ मंदिर को जानेवाले मुख्यमार्ग के सौन्दर्यीकरण कार्य का निरीक्षण करते हुए मुख्य सचिव द्वारा निर्देश दिये गये मा0 प्रधानमंत्री जी की अपेक्षानुसार इस मार्ग का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि केदारपुरी में प्रवेश करते हुए यात्रियों को मंदिर का विराट एवं भव्य स्वरूप दिखायी दे। इस मार्ग में प्रयुक्त होने वाले पत्थर एवं अन्य सामग्री स्थानीय हो एवं स्थानीय कला से ही रास्ते का निर्माण किया जाए।
  • मुख्य सचिव द्वारा मंदाकिनी एवं सरस्वती नदियों के तट पर बननेवाली सुरक्षा दीवारों एवं घाट का भी निरीक्षण किया गया। इस संबंध में सिंचाई विभाग एवं एन.आई.एम. को निर्देशित किया गया कि निर्धारित समयान्तर्गत उक्त सुरक्षा दीवार एवं घाट बनाना सुनिश्चित करें ताकि नदी द्वारा काटी गई भूमि पुनः प्राप्त कर श्री केदारपुरी की सुरक्षा की जा सके।
  • मुख्य सचिव द्वारा श्री केदारनाथ धाम से स्थान भीमबली तक पैदल यात्रा मार्ग का उक्त अधिकारियों की उपस्थिति में पैदल भ्रमण किया गया। निरीक्षण के दौरान लो.नि.वि. के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पैदल मार्ग का सुदृढ़ीकरण  करना सुनिश्चित करें ताकि आगामी यात्रा से पूर्व घोड़े-खच्चरों हेतु स्थान रामबाड़ा से जंगलचट्टी होते हुए केदारनाथ यात्रामार्ग सर्वे करें एवं संभव होने की दशा में उक्त मार्ग का निर्माण करना भी सुनिश्चित करें।
  • मुख्य सचिव द्वारा जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को निर्देशित किया गया कि केदारनाथ पुर्ननिर्माण कार्यों की माॅनीटरिंग हेतु विभिन्न स्थानों पर सी0सी0टी0वी0 कैमरे स्थापित कराये जांए ताकि पुनर्निर्माण/नवर्निमाण कार्यों की प्रगति किसी भी स्थान पर बैठकर देखी जा सके।
  • मुख्य सचिव द्वारा एन.आई.एम. को निर्देशित किया गया कि श्री केदारनाथ धाम में उरेडा के पावर प्लांट के प्रोजेक्ट को 15 दिन के अन्दर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को निर्देशित किया गया कि विद्युत की सभी तारों को भूमिगत ;नदकमत हतवनदकद्ध करवाना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि सरस्वती नदी पर बाढ़ सुरक्षा व घाट का निर्माण कार्य, आदि गुरू शंकराचार्य की समाधि व संग्रहालय का निर्माण, मंदाकिनी नदी पर बाढ सुरक्षा कार्य, श्री केदारनाथ धाम में मन्दिर परिसर को जानेे वाले रास्ते का चैड़ीकरण व सौन्दर्यीकरण का निर्माण कार्य किया जाएगा।

आरक्षण बढ़ने के बाद भी खुश नहीं दिव्यांग

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हरिद्वार। प्रदेश सरकार के दिव्यांगों के आरक्षण को तीन प्रतिशत से बढ़ाकर चार प्रतिशत किए जाने के बाद भी दिव्यांगों में रोष है। कारण, दिव्यांगो की श्रेणी सात से बढ़ाकर 21 कर दी गई है। इससे मूल दिव्यांगों ने भविष्य में नौकरी ना मिलने की आशंका जताई है।

देवभूमि बधिर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप अरोड़ा का कहना है कि यह शासनादेश बहुत देरी से जारी किया गया है। जबकि केन्द्र सरकार ने दिव्यांग अधिकार अधिनियम अप्रैल 2016 लागू किया था, उस परिप्रेक्ष्य में इसे अस्तित्व मे लाया जाना आवश्यक हो गया था। इस अधिनियम में बहुत खामियां है, जिसे दूर करने के लिए केन्द्र सरकार ने दिव्यांग संगठनों से सुझाव मांगे थे, लेकिन उन सुझावों पर अमल तक नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार को सुझाव दिया था कि इस विधेयक में 21 प्रकार की कैटगरी को शामिल किया गया है, लेकिन उसी अनुपात में आरक्षण नहीं दिया गया। केवल तीन से बढ़ाकर चार प्रतिशत आरक्षण कर दिया गया जबकि कैटेगरी बढ़ाने के हिसाब से 12 प्रतिशत आरक्षण होना चाहिए।
पूर्व मे केवल सात प्रकार की कैटेगरी मूक बधिर, नेत्रहीन, शारीरिक दिव्यांग, मानसिक दिव्यांग, सेरेब्रल पाल्सी व अन्य आदि थी और उसका आरक्षण तीन प्रतिशत था। पूर्व के विधेयक से दिव्यांग समाज बहुत खुश था, क्योकि पूर्व के विधेयक में दिव्यांग तो असल मे प्राकृतिक दिव्यांग थे, उनको बीमार नहीं कहा जा सकता। जबकि वर्तमान विधेयक मे 14 प्रकार की नई कैटेगरी डाली गई है। संदीप अरोड़ा ने कहा कि सरकार इससे अच्छा इनकी मूल दिव्यांगों से इतर एक अलग से श्रेणी बनाकर अलग से विधेयक बनाए। 

अब बीएसएनएल जल्द शुरू करेगा वायरलेस ब्रॉडबैंड सुविधा

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देहरादून। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) अपने उपभोक्ताओं के लिए जल्द ही वायरलेस ब्रॉडबैंड सेवा शुरू करेगी और इस सेवा का लाभ उठाने के लिए ग्राहक घर बैठे बुकिंग कर लाभ उठा सकते हैं।

बीएसएनएल के प्रधान महाप्रबंधक एके. श्रीवास्तव ने शनिवार को प्रेस वार्ता में बताया कि वायरलेस ब्रॉडबैंड सेवा दूर संचार केद्रों से चार किलोमीटर की रेडियल दूरी तक मिलेगी। पटेल नगर, क्लेमेंट टाउन, लक्ष्मी रोड, विधानसभा, मियांवाला, प्रेम नगर, इंदिरा नगर, सेलाकुई, गुजराड़ा, जाखन, हरबर्टपुर/ विकासनगर, गढ़ीकैंट, रायपुर, आईडीपीएल (ऋषिकेश), क्रियायोग (ऋषिकेश) डन्सविर्क कोर्ट मसूरी, टीवी टावर मसूरी में उपकरण भी स्थापित किए जा चुके हैं तथा फील्ड ट्रायल भी हो चुका है। जल्द ही इस सेवा को शुरू किया जाएगा।
इस मौके पर एके श्रीवास्तव प्रधान महाप्रबंधक दूरसंचार जिला देहरादून राहुल रस्तोगी उप महाप्रबंधक एके. गोयल उप महाप्रबंधक, शिव सिंह उप महाप्रबंधक, पीके. शर्मा सहायक महाप्रबंधक, अनिल शर्मा सह महाप्रबंधक, एससी. सक्सेना मंडलीय अभिभावक पटेल नगर, एके. शर्मा मंडलीय अभिभावक ऋषिकेश, संजय विशनोई मंडलीय अभिभावक क्रॉस रोड और रघुवीर सिंह मंडली अभिभावक विकासनगर प्रेमचंद देहरादून आदि की उपस्थिति में संपन्न हुई।
ये है मासिक प्लान
499, 599,699, 849, 899 तथा 1399 है। (स्पीड 2 एमबीपीएस से 15 एमबीपीएस) तथा सिक्योरिटी चार्ज 2000 रुपये है जो वापस का दिया जाएगा। यह सुविधा दूर संचार केद्रों से चार किलोमीटर की रेडियल दूरी तक मिलेगी। घर बैठे बुकिंग के लिए डब्लूबीबी लिखकर 9400054141 पर मेसेज कर सकते है। वहीं, अगर फेसबुक से बुकिंग करनी है तो बीएसएनएल इंडिया फेसबुक पेज पर जाएं। अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18001028028 पर संपर्क करें।