Page 393

पहली बार देसी नस्ल के कुत्ते होंगे भारतीय सेना में शामिल

0

देहरादून: इस तरह की पहली कोशिश में, एक भारतीय नस्ल के कुत्ते को सेना में शामिल करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।अब तक आर्मी विदेशी नस्लों जैसे कि जर्मन शेफर्ड, लैब्रेडर्स और ग्रेट स्विस माउंटेन कुत्तों का उपयोग किया जाता रहा है। सूत्रों ने बताया कि मेरठ में सेना की रिमाउंट ऐंड व्हेटर्नरी कॉर्पस (आरवीसी) ने लगभग देसी नस्ल मुधोल हाउंड्स नस्ल के छह कुत्तों को प्रशिक्षण दिया है जिनके इस साल के अंत तक जम्मू-कश्मीर में तैनाती के लिए शामिल होने की संभावना है।

पिछले साल कर्नाटक से कुत्तों को आरवीसी केंद्र भेजा गया था और तब से वह गहन प्रशिक्षण से गुजर रहे था। केंद्र में तैनात एक अधिकारी ने कहा कि “यह एक नई पहल थी क्योंकि हमारे पास बिल्कुल शोध या दस्तावेज या कोई पिछला अनुभव नहीं था हाउंड को प्रशिक्षित करने का। “शुरू में, कुत्तों को क्वेरेंटिन में रखा गया जिससे यह जांच हो सके कि उन्हें कोई बीमारी तो नहीं।इसके बाद उन्हें बेसिक ओबिडिएन्ट ट्रेनिंग दी गई उसके बाद लड़ाई के दौरान इस्तेमाल आने वाले गुणों की ट्रेनिंग और अंत में विशेष ट्रेनिंग।उन्होंने बताया कि ‘’इस पूरी ट्रेनिंग में सबसे महत्तवपूर्ण पहलू था ट्रेनर और कुत्ते के बीच के बाँड को मजबूत बनाना जिससे पशु के व्यवहार के साथ-साथ उसकी क्षमता का आकलन किया जा सका”।

यह पूछने पर कि क्या भविष्य में भारतीय कुत्ते की नस्लों को शामिल किया जाएगा, अधिकारी ने कहा, “यह फिलहाल  तुरंत लेने वाला फैसला नहीं है।इस फैसले के पीछे कई वैज्ञानिक सोच लगी हैं। मुधोल हाउंड एक मजबूत वंश के साथ एक मान्यता प्राप्त भारतीय नस्ल है। अपनी गति,फुरतीलेपन और आकार के साथ यह एक गार्ड कुत्ते के रूप में अच्छा होगा, हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि इसे विशेषता की वजह से अन्य कार्यों के लिए प्रशिक्षित नहीं किया जा सकता है।प्रशिक्षण के लिए चुनने से पहले कुत्ते के  स्वभाव, क्षमता और मनोदशा को ध्यान में रखकर कुत्तों का चयन किया जाता है। इसलिए, यह कहना बहुत जल्दी होगी कि क्या भविष्य में सेना में अधिक भारतीय नस्लों को शामिल किया जाएगा।”

इस बीच, मुम्बई स्थित इंडियन नेशनल कैनल क्लब(आईएनकेसी) के एक अधिकारी, जो एक संगठन है जो कुत्तों के ठीक तरह से, पालन और प्रशिक्षण के बारे में जागरूकता पैदा करने में शामिल है, उन्होंने बताया कि यह संगठन का पहला प्रयास नहीं था कि मुधोल शिकारी नस्ल के कुत्तों को प्रशिक्षित करना है।

निगम के नलकूप से आ रहा गंदा पानी, मंत्री से की शिकायत

0

देहरादून। पेयजल निगम की ओर से दो महीने पहले ही तैयार किया गया नलकूप क्षेत्र की करीब ढ़ाई हजार की आबादी को गंदे पानी की आपूर्ति कर रहा है। लोगों की शिकायत के बाद जल संस्थान और एडीबी विंग के अधिकारियों ने पूरी पाइप लाइन छान मारी, लेकिन कहीं लीकेज नजर नहीं आया। इसके बाद जब नलकूप का निरीक्षण किया, तब हकीकत नजर आई।

दरअसल, एडीबी विंग ने बलबीर रोड व आसपास के क्षेत्र में हाल ही में पानी की नई पाइप लाइन डाली है। जबकि, पेयजल निगम ने मोहिनी रोड पर दो माह पूर्व नए नलकूप का निर्माण किया। इससे बलबीर रोड स्थित ओवरहैड टैंक को भरकर क्षेत्र में पानी की सप्लाई शुरू की गई। एडीबी विंग ने नई लाइन में हाल ही कनेक्शन कर पानी की आपूर्ति शुरू की है। तभी से लोगों के घरों में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। पहले लोगों ने गंदे पानी आने की शिकायत जल संस्थान को की, तब पता चला कि फिलहाल लाइन का संचालन एडीबी विंग कर रहा है। फिर एडीबी विंग को शिकायत की गई, इस पर अधिकारियों ने पूरी नई लाइन की जांच कर डाली, लेकिन कहीं लीकेज नहीं मिली।
दो-दो विभागों द्वारा भी कार्रवाई न होने से निराश लोगों ने पेयजल मंत्री को इसकी शिकायत की। शिकायत के बाद जल संस्थान व एडीबी विंग के अधिकारियों ने लाइन का निरीक्षण कर नलकूप की जांच की, वहां जाकर पता चला कि यह गंदा पानी सीधे नलकूप से आ रहा है। बता दें कि फिलहाल यह नलकूप जल संस्थान को हैंडओवर नहीं हुआ है। इसलिए इसका संचालन पेयजल निगम द्वारा ही किया जा रहा है। शिकायत के बाद अब निगम ने नलकूप को ठीक करने का काम शुरू किया है। पेयजल निगम अधीक्षण अभियंता एनएस बिष्ट ने बताया कि ‘शिकायत आने के बाद नलकूप को ठीक करने का काम शुरू कर दिया है। जल्द ही नलकूप को ठीक कर शिकायत को खत्म कर दिया जाएगा। 

प्रतिभावान खिलाड़ियों को करें तैयार: खेल मंत्री

0

हरिद्वार। खेल महाकुम्भ 2017 के आयोजन को लेकर शिक्षा, खेल एंव युवा कल्याण मंत्री अरविंद पाण्डे ने सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो काॅफ्रेंसिंग के माध्यम से दिशा निर्देश दिये। मंत्री ने कहा कि न्याय पंचायत, नगर पंचायत, विकास खण्ड, नगरपालिका, नगर निगम, जनपद व राज्य स्तर पर होने वाली इस प्रतियोगिता का उद्देश्य अभावग्रस्त प्रतिभावान खिलाड़ियों छात्रों को ढूंढकर उन्हें देश-विदेश और प्रदेश में होने वाले खेलों के लिए तैयार करना है। इन प्रतिभाओं के लिए राज्य सरकार की ओर से प्रशिक्षण दिलाया जायेगा।

09 नवम्बर राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रतियोगिता का विधिवित उद्घाटन सभी जिलों के प्रभारी मंत्री करेंगे। मंत्री ने बताया कि 800 मी. की दौड़ में ब्लाॅक में प्रथम आने वाले विजेता को मोटर साइकिल पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जायेगी। प्रतियोगिता के दौरान टीम या व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक विधा में अलग अलग आयु वर्ग में पांच खिलाड़ियों को चिन्हित किया जायेगा।
इस आयोजन में शिक्षा, पंचायतराज, युवा कल्याण, पीआरडी आदि विभाग सामुहिक रूप से नोडल होंगें। इनकी देखरेख मे ही प्रतियोगिता का सफल आयोजन कराये जाने के निर्देश भी जिलाधिकारियों को दिये। आयोजन में प्रायोजक बनने हेतु संगठन संस्था को आमंत्रित करने के लिए जिला युवा कल्याण अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी। प्रतियोगिता में आॅनलाइन पंजिकरण के कैबिनेट मंत्री अरविंद पाण्डे ने सरकारी वेबसाइट का उद्घाटन भी किया।

अंतरराष्ट्रीय योग स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप में पतंजलि के विद्यार्थियों का चयन

0

हरिद्वार, उत्तर प्रदेश योग एसोशिएशन द्वारा आयोजित योग फेडरेशन ऑफ इंडिया के 42वें नेशनल योग स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप से प्रतिभाग करके लौटे पतंजलि विश्वविद्यालय एवं आचार्यकुलम के विद्यार्थियों ने योगऋषि स्वामी रामदेव एवं पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण से आशीर्वाद लिया। आगे होने वाली अंतरराष्ट्रीय योग स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप में दो विद्यार्थियों को चयन हुआ है।

इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने सफल प्रतिभागियों को खेल एवं शिक्षण के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने का आशीर्वाद दिया। इस 42वें नेशनल योग स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप में पतंजलि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी तुर्कपाल को 17 से 21 आयु वर्ग में छठवां एवं आचार्यकुलम के विद्यार्थी अनमोल जोशी को 11 से 14 आयु वर्गीय प्रतियोगिता में पांचवा स्थान प्राप्त हुआ।

आगामी होने वाली अंतरराष्ट्रीय योग स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप प्रतियोगिता में दोनों विद्यार्थियों ने चयनित होने में सफलता अर्जित की है। पतंजलि विश्वविद्यालय के खेल एवं योग प्रशिक्षक तथा योग फेडरेशन के हरिद्वार जिला सेक्रेटरी संदीप माणिकपुरी ने बताया कि उत्तराखण्ड से दो विद्यार्थी ही चयनित किए गए हैं। 

तीन दिवसीय गढ़ कौथिंग मेला तीन नवंबर को होगा शुरू

0

देहरादून, गढ़वाल भ्रातृ मंडल संस्था के तत्वावधन में उत्तराखंड स्थापना दिवस की 17वीं वर्षगांठ के अवसर पर तीन दिवसीय 17वें गढ़ कौथिंग मेले एंव युवोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन पिपलेश्वर मंदिर, बैल रोड, क्लेमेंटाउन के प्रांगण में धूमधम से मनाया जाएगा।

तीन नवम्बर से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम का शुभांरभ विधायक विनोद चमोली बतौर मुख्य अतिथि करेंगे। साथ ही विरेन्द्र सिंह बिष्ट, विजेन्द्र रावत, हरक सिंह रावत, उमेश अग्रवाल भी मौजूद रहेंगे, रावत ने बताया कि यह मेला क्षेत्र में बहुत प्रचलित है।

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के संस्कृति भाषा और पहनावे के सरंक्षणसंबंधी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे, जिसमें स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम, संस्था की महिलाओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, निशुल्क चिकित्सा शिविर, पहाड़ी अनाजों के खान-पान तथा लघु एंव कुटीर उद्योगों के स्टॉल और गढ़ भोज और युवाओं हेतु स्वरोजगार संबधी जानकारी दी जाएगी। साथ ही प्रसिद्ध सांस्कृतिक दलों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएगी। मेले का आकर्षण गढ़वाली ढोल- दमो, मशकबाजा और गढ़वाल राइफल बैंड की धुन होगी। 

हरिद्वार में डेंगू का कहर

0

हरिद्वार व ज्वालापुर के विभिन्न क्षेत्रों के डेंगू की जद में आने से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की नाकामी के कारण लोगों में गुस्सा है। अभी तक कई मौतें डेंगू से हो चुकी हैं। यहां तक की सरकारी कर्मचारी भी डेंगू से सुरक्षित नहीं है।

कनखल थाने का आलम यह है कि हेड मोहर्रिर सहित पांच पुलिस कर्मियों को डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया है। निजी चिकित्साल्यों के अलावा सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डेंगू के अभी तक जनपद में 350 केस सामने आ चुके हैं। जिनकी जांच में पुष्टि हुई है। डेंगू से निपटने के उपाय नहीं हो पा रहे हैं। नगर निगम के अधिकारी सफाई व्यवस्था को लेकर कोई भी अभियान क्षेत्र में नहीं चला रहे हैं।

सरकारी अस्पताल में डेंगू के मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा जिससे लोग निजी चिकित्साल्यों में महंगे इलाज करवाने को मजबूर हैं। ज्वालापुर के अहबाब नगर, मैदानीयान, कडच्छ, घोसियान, तेलियान, कोटरवान, नानकपुरी के अलावा कनखल, भूपतवाला, आदि क्षेत्र पूरी तरह से डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। जगह-जगह जलभराव होने के कारण मच्छर पनप रहे हैं नगर निगम दवाइयों का छिड़काव नहीं करा रहा। जल्द ही सफाई व्यवस्था की सुध नहीं ली तो पूरा क्षेत्र डेंगू की चपेट में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सुध लेनी चाहिए। 

एम्स प्रशाशन के खिलाफ अनिश्चितकालीन अनशन 

ऋषिकेश, कभी अपने सस्ते ईलाज के किये जाने जाना वाला ऋषिकेश एम्स ने अब अपने ईलाज की दरों को बड़ा दिया है जिसके बाद अब इसके विरोध में धरने प्रदर्शन शुरू हो चुके है, इसी कड़ी में तीन नवंबर से आम लोग एम्स परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने जा रहे है जिसमें ऋषिकेश छेत्र के कई लोग जुटेंगे और बड़ी ईलाज दरों को कम करने की मांग करेंगे।

aiims dharna

आपको बता दे की ऋषिकेश एम्स ने हाल ही में अपने इलाज दरों को दुगना बड़ा दिया था जिसके बाद से ही लोगों को इलाज के लिए पहले से कई गुना ज्यादा रुपए देने पद रहे है. ऋषिकेश स्तिथ पीडब्यूडी गेस्ट हाउस में प्रेस वार्ता कर इस बारे में जानकारी दी गई, मीडिया से बात करते हुए प्रवीण सिंह ने बताया कि ऋषिकेश एम्स को पहाड़ में बेहतर स्वास्थ्य सेवा के लिए बनाया गया था लेकिन अब एम्स प्रशाशन ने अपने ईलाज दरों को बड़ा दिया है जिससे लोगों को एम्स में ईलाज करवाने में दिककतें हो रही है।

उन्होंने बताया कि ये अनशन 3 नवंबर से शुरू होगा और अनिश्चितकालीन तक चलेगा।

पुलिस द्वारा चरस तस्करी में 1 किलो चरस के साथ एक अभियुक्त गिरफ्तार

0

एसएसपी देहरादून द्वारा जनपद में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में बीते बुधवार को थाना रानीपोखरी पुलिस द्वारा चरस बेचने वाले तस्कर को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। अभियुक्त के कब्जे से करीब एक किलो चरस बरामद की गई जिसकी कीमत लगभग एक लाख रुपए है अभियुक्त से एक स्कूटी मेस्ट्रो भी बरामद हुई है अभियुक्त के विरुद्ध थाना रानी पोखरी में मुकदमा अपराध संख्या 79 /17 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। अभियुक्त सतीश उनियाल ने बताया कि वह यह चरस सहारनपुर से खरीदकर ऋषिकेश बेचने के लिए जा रहा था

नाम अभियुक्त-
अतीस उनियाल पुत्र स्वर्गीय शांति प्रसाद उनियाल निवासी रेशम माजरी थाना डोईवाला जनपद देहरादून उम्र 25 वर्ष

  • अभियुक्त के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है
  • पुलिस टीम :-
  • थानाध्यक्ष श्री धर्मेंद्र सिंह रौतेला
  • कांस्टेबल 896 युवराज सिंह 3-कांस्टेबल 712 संदीप कुमार 4-कांस्टेबल 989 अजेंद्र बुटोला
  • कांस्टेबल चैन पाल सिंह चौधरी
  • राजाराम डोबाल

पुलिस द्वारा नशे के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत अभियुत्त को गिरफ्तार करने पर स्थानीय जनता द्वारा एवं उच्च अधिकारियों द्वारा प्रशंसा की गई है।

दून में चरस के साथ पकड़े गए दो युवा

0

एसएसपी देहरादून के निर्देशन में थाना प्रेमनगर क्षेत्रान्तर्गत अवैध मादक पदार्थ के विक्रय एवं नशे की प्रवर्ति एवं नशे के प्रचलन पर नियंत्रण हेतु चलाये जा रहे रहे अभियान के अंतर्गत थानाध्यक्ष प्रेमनगर के नेतृत्व में बुधवार को थाना प्रेमनगर क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्ति/वाहन चेकिंग के दौरान डी0ए0वी0 कॉलेज प्रेमनगर के पास दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए। जिन्हें पुलिस टीम द्वारा रुकने का इशारा किया गया लेकिन पुलिस को देखकर अचानक से पीछे मुड़कर भागने का प्रयास किया।परंतु पुलिस टीम द्वारा तेजी दिखाते हुवे एकदम घेर घोटकर मौके से कुछ दूरी पर पकड़ लिया तथा इनसे इनका नाम पता पूछा तो पहले ने अपना नाम गोपाल तथा दुसरे ने अपना नाम लक्ष्मण सिंह होना बताया भागने का कारण पूछने पर अपने आपको स्टूडेंट होने का बहाना बनाने लगे परंतु पुलिस टीम द्वारा उक्त दोनों व्यक्ति की तलासी ली गयी तो पहले व्यक्ति गोपाल के पिट्ठू बैग के अंदर से एक पॉलीथिन के अंदर से 310 ग्राम चरस व 28000 रुपये नगद तथा दूसरे व्यक्ति लक्ष्मण के बैग की तलाशी ली जाने पर 205 ग्राम चरस व 26000 रूपये नगद कुल 515 ग्राम चरस व 54000 रूपये नगद बरामद किया गया इतने रूपये होने की जानकारी ली गयी तो उक्त दोनों व्यक्ति द्वारा बताया गया कि ये सभी पैसे हमने चरस बेचकर कमाये है तथा चरस को अपने ग्राम से लाना तथा चरस को हॉस्टल व कॉलेज में रहने वाले लड़को को बेचना बताया। अभियुक्तो का विवरण निम्नवत है:-

  • गोपाल पुत्र नारायण सिंह उम्र 28 वर्ष निवासी घेस थराली जनपद चमोली हॉल बोहरा नर्सिंग होम के पास स्पेशल विंग प्रेमनगर
  • लक्ष्मण सिंह पुत्र रणजीत सिंह उम्र 27 वर्ष ग्राम व पोस्ट थराली चमोली हॉल पता उपरोक्त। 

    बरामद मॉल का विवरण :-

  • 515 ग्राम चरस
  • 02 मोबाइल विभिन्न कम्पनी 3) 54000 रूपये नगद।

अभियुक्त/मॉल बरामद करने वाली पुलिस टीम का विवरण:-

  •  मुकेश त्यागी, थानाध्यक्ष, थाना प्रेमनगर
  • प्रवीण सैनी, उप निरीक्षक 3) आरक्षी चमन
  • आरक्षी परविंदर

सरकारी विभागों में तालमेल के अभाव में हजारों लोगों को नहीं मिल रहा पानी

0

देहरादून। चाहे सरकार राज्य में कितनी भी गुड गर्वनेंस की बात करें, लेकिन सच्चाई यह है कि यहां सरकारी विभागों में ही आपस में तालमेल नहीं है। इसी का परिणाम है कि जल संस्थान के आवेदन करने के छह माह बाद भी ऊर्जा निगम ने बिजली का कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराया है। जबकि बाकी जगहों की बात तो दूर, तालमेल के इस अभाव के कारण तीन हजार लोग पानी के संकट से जूझ रहे हैं।

जल संस्थान ने मई 2017 में राजेश रावत कॉलोनी व आसपास के क्षेत्र के लिए सूरज बस्ती में नलकूप का निर्माण किया। इस नलकूप से क्षेत्र की करीब तीन हजार की आबादी का पानी का संकट खत्म होना था। जल संस्थान निर्माण करने के बाद विद्युत विभाग में बिजली के कनेक्शन के लिए मई में ही आवेदन कर दिया। बाकायदा अधिकारियों ने जरूरी शुल्क भी उसी समय जमा कर दिया था, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि अब तक जल संस्थान को बिजली का कनेक्शन नहीं मिला है। जिस कारण न नलकूप चालू हो पा रहा है और न लोगों को पानी की आपूर्ति सुचारू हो पा रही। क्षेत्र की स्थिति ये है कि जल संस्थान इस मौसम में भी टैंकरों के जरिए लोगों को पानी पिलाना पड़ रहा है। बुधवार को स्थानीय लोगों ने जल संस्थान के कार्यालय पहुंचकर अधिशासी अभियंता मनीष कुमार से इस संबंध में शिकायत की। जिसके बाद अधिशासी अभियंता ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर बिजली का कनेक्शन शीघ्र देने की मांग की।
जल संस्थान के धिशासी अभियंता मनीष सेमवाल ने बताया कि लोगों की शिकायत के बाद इस संबंध में ऊर्जा निगम के अधिकारियों से वार्ता की गई हैं, उन्होंने कहा है कि बिजली का कनेक्शन शीघ्र जारी कर दिया जाएगा।