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डीपी के लिए गैर जमानती वारंट का करेंगे आवेदन

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रुद्रपुर- फरार पूर्व एसएलएओ डीपी सिंह की पुलिस तलाश में जुटी हुई है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि डीपी सिंह कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं। इसे देखते हुए जहां पुलिस कोर्ट के बाहर सिविल ड्रेस में डीपी सिंह पर नजर रखे हुए है। वहीं मंगलवार को डीपी की गिरफ्तारी न होने पर एसआइटी गैर जमानती वारंट लेने के लिए कोर्ट में आवेदन करेगी। एनएच मुआवजा घोटाले में रविवार को निलंबित पीसीएस अधिकारी समेत आठ लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि पुलिस की नजर अब एक पीसीएस अधिकारी समेत कई अन्य कर्मचारियों पर है। इसके लिए पुलिस तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही पुलिस उन्हें भी गिरफ्तार कर सकती है।एसएसपी सदानन्द दाते ने बताया कि एनएच घोटाले में अब तक की सबसे बडी गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी के लिए पुलिस जल्द ही आवेदन करने जा रही है जिसमें डीपी सिंह के गैर जमानती वारंट के लिे एसआईटी आवेदन करेगी।

दो शातिर चोर देहरादून से गिरफ्तार

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अलग-अलग पुलिस टीमें के चैकिंग अभियान के दौरान एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर अभियुक्त के कब्जे से देहरादून जनपद के अलग-अलग थाना क्षेत्र से चोरी की गयी 8 स्कूटी बरामद की गयी। उसी अभियान के क्रम में अलग-अलग 4 टीमें गठित की गयी। जिसमें से 2 टीमों को सादे कपडों में नियुक्त किया गया, जिसके चलते लगातार सार्थक प्रयास एवं सूरागरसी पतारसी करते हुये संदिग्ध व्यक्तियों / वाहनो की चैकिंग के दौरान शक्ति बिहार तिराहे के पास सुबह दो व्यक्ति जो शक्ति विहार की तरफ से आते दिखायी दिये तथा पुलिस कर्मियों को देखकर वापस भागने लगे ।

शक होने पर पुलिस पार्टी ने दोनो को पकड लिया गया तथा पूछताछ करने पर संतोषजनक जवाब नही दे पाये। नाम पता पूछा तो अपना नाम इश्तिगार व अनीस बताया। दोनों व्यक्तियों की तलाशी ली गयी तो उनके कब्जे से नगदी, जेवरात, चांदी के सिक्के व चाँदी की मूर्तिया बरामद हुयी।

बरामद माल के सम्बन्ध में पूछताछ करने पर कोई संतोषजनक जवाब नही दे पाये। व्यक्तियों से सख्ती से पूछताछ की गयी तो बताया कि हम टर्नर रोड, एमडीडीए कालोनी पटेलनगर व सेवलाकंला के बन्द घरो से चोरी कर चुके थे।

अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, दोनो से सम्बन्धित जेवरातों के सम्बन्ध में पूछा गया तो बताया गया कि, “हम लोगों के  बन्द घरो से चोरी कर, कुछ दिनों बाद, कुछ जेवरातों को राह चलते लोगों को ओने -पौने दामो में बेच दिया करते थे।”

अपराध का तरीका: अभियुक्त शातिर किस्म के चोर है, जो कि दिन के समय बन्द मकानों की रेकी कर रात को बन्द घरों के ताले तोडकर व रोशनदान से अन्दर जाकर चोरी को अंजाम देते है ।

उद्धव ठाकरे परिवार के साथ पहुंचें पहाड़ों की रानी मसूरी

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पहाड़ों की रानी मसूरी की खूबसुरती देखने लोग हर मौसम में आते रहते हैं ।खासकर फिल्मी सितारे और राजनितिज्ञों की भी यह पहली पसंद है। इसी कड़ी में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने निजी दौरे पर मसूरी के कैंपटी फॉल स्थित जेडब्लू मेरियाट होटल में पहुँचे। इस दौरे में उद्धव अपने परिवार के साथ कुछ दिन पहाड़ों में छुट्टियां बिताने आए हैं।

इस पूरे दौरे को मीडिया की पहुंच से दूर रखा गया है। इस दौरे में उदव ने अपने पारिवारिक दोस्तों के साथ कैंपटी फॉल के पास सैंजी गांव का भ्रमण किया जहां उनका गांववालों ने जोरदार स्वागत किया। इतना ही नहीं उद्धव ने गांव के लोगों के साथ फोटो खिंचवायी और खुद भी गांव की खूबसुरती को अपने कैमरे में कैद किया।

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उद्धव ठाकरे ने गांव में ग्रामीण संस्कृति का लुत्फ उठाया लेकिन उद्धव ठाकरे की सुरक्षा में लगे सुरक्षा कर्मियों ने मीडिया कर्मियों को ठाकरे के दौरे से दूर रखा।हालांकि उद्धव ने अपने इस दौरे में उत्तराखंड की पारंपरिक झंगोरे की खीर का आनंद भी उठाया।

गांव में घुमते हुए उद्धव ठाकरे ने अपने कैमरे पहाङ की वास्तूकला से बने भवनों की तस्वीर भी कैद की। साथ ही उद्धव ठाकरे के आगमन पर ग्रामीणो ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजित किया।आपको बतादें कि उद्धव बीते 5 नवंबर को मसूरी आए और आने वाले 9 नवंबर तक वह मसूरी में हैं। खबर यह भी है कि वह मसूरी माल रोङ में भी घूमेंगे।

चुनाव के मद्देनजर हिमाचल की सीमा पर चौकसी

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विकासनगर। हिमाचल प्रदेश में आगामी नौ नवंबर को विद्यानसभा चुनाव के मद्देनजर त्यूणी थाना पुलिस ने हिमाचल की सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। हिमाचल और उत्तराखंड की सीमा पर जगह-जगह चैकपोस्ट और बैरियर लगाकर पुलिस हर आने-जाने वाले वाहनों की सघन चेकिंग कर रही है।

नौ नवंबर को होने वाले हिमाचल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता का पालन करने के लिए त्यूणी पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान शुरू किया है। जिसमें त्यूणी व हिमाचल की सीमा पर चार स्थानों पर चेकपोस्ट और बैरियर लगाये गये हैं। त्यूणी थाना पुलिस ने पंद्राणू,कठंग, अटाल और मीनस में बैरियर लगाये गए है लगातार आने जाने वाले वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। थानाध्यक्ष त्यूणी राकेश शाह ने बताया कि प्रत्येक चे़क पोस्ट पर बारह पुलिस कर्मियों की टीम तैनात की गयी है। जिनमें दो दरोगा, आठ सिपाही, एक एक वायरलेस ऑपरेटर व कैमरा मैन शामिल हैं। बताया कि लगातार वाहनों की चेकिंग करने के साथ ही सूचना हिमाचल प्रशासन, चुनाव आयोग, उत्तराखंड पुलिस प्रशासन को दी जा रही है। कहा कि सभी व्यवस्थायें चाक चौबंद कर दी गयी हैं ताकि उत्तराखंड की सीमा से लगे हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकें।

छात्राओं ने सरकारी शिक्षा को दिखाया आईना

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देहरादून। राज्य स्थापना दिवस समारोह की श्रंखला में मुख्यमंत्री ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को इस लिहाज से सरकारी स्कूलों में भेजा कि वह बच्चों को संबोधित कर उन्हें सही दिशा में ले जाने के लिए प्रेरित कर सके। लेकिन, जब सचिव स्कूलों में पहुंचे तो उल्टे बच्चों ने अधिकारियों पर ऐसे सवाल दाग दिए, जिनके जवाब फिलहाल तो उनके पास नहीं थे। कम से कम राजकीय इंटर कॉलेज कारगी में तो ऐसा ही हुआ। छात्राओं ने सचिव के सामने सरकारी व्यवस्थाओं की बखिया उखाड़ दी।

सोमवार को सचिव डी सेंथिल पंडियन ने छात्राओं को संबोधित करने के बाद उनसे सवाल पूछने को कहा। इतना कहते ही एक छात्रा खड़ी हुई और बोली, सर, हमारी कक्षाओं में बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां नहीं हैं, सर्दी में तो हम जैसे-तैसे काम चला लेते हैं, लेकिन गर्मियों में चार-चार लड़कियों को एक-एक सीट पर बैठना पड़ता है, जिससे हम ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाती। दूसरी छात्रा ने कहा कि, सर, मैं पुलिस में जाना चाहती हूं लेकिन हमारे स्कूल में एनसीसी नहीं है। एनसीसी से भर्ती में 15 अंक मिलते हैं, लेकिन हमें इसका नुकसान हो रहा है। तभी तीसरी बालिका खड़ी हुई और बोली सर, यह विद्यालय 2016 में उच्चीकृत हो गया था, जिसे 11 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक विद्यालय में एक अदद लेबोरेट्री तक उपलब्ध नहीं कराई गई, अब हम कैसे पढ़ाई करें।
चौथी छात्रा ने कहा कि विद्यालय में कक्षा छह, सात व आठ में 137 छात्राएं पढ़ती हैं, लेकिन उनके लिए सिर्फ एक कंप्यूटर दिया गया है। एक कंप्यूटर से 137 छात्राएं कैसे कंप्यूटर का ज्ञान ले सकती हैं। इसके अलावा भी छात्राओं ने कहा कि छात्राएं खेल में आगे बढऩा चाहती हैं, लेकिन न पीटीआई की व्यवस्था है और न खेल का मैदान है। छात्राओं ने एक के बाद एक शहरी क्षेत्रों की सरकारी शिक्षा पर कई सवाल खड़े कर दिए। इतना ही नहीं, छात्राओं के सवालों पर सचिव भी गंभीर नजर आए, लेकिन वह कैंपस से बस छात्राओं को यह आश्वासन देकर आ गए कि उनकी समस्याओं पर तुरंत उचित कार्रवाई की जाएगी।। 

किसानों को हर संभव सहायता मुहैया करा रही प्रदेश सरकार

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विकासनगर। सोमवार को सहसपुर ब्लाक सभागार में पंडित दीनदयाल सहकारिता किसान कल्याण योजना का शुभारंभ करते हुए क्षेत्रीय विधायक सहदेव पुंडीर ने कहा प्रदेश के काश्तकारों की आय वर्ष 2022 तक दोगुनी करने के लिए प्रदेश सरकार कई लाभकारी योजनाएं शुरु कर रही है जिससे कांग्रेस शासनकाल में उपेक्षित किसानों को सुविधाएं मुहैया कराई जा सके।

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत राज्य सरकार किसानों की आय में वृद्धि करने तथा उन्हें मिश्रित खेती करने हेतु सहायता प्रदान करेगी। इस योजना में किसानों को दो प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलेगा। इसके साथ ही योजना के तहत लघु, सीमान्त एवं गरीब किसानों को मुहैया कराये जाने वाले विभिन्न लाभों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में किसानों की आय में वृद्धि करने तथा उन्हें मिश्रित खेती करने के लिए योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा। विधायक पुंडीर ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में कांग्रेस शासनकाल के दौरान सूबे में कृषि व किसान की उपेक्षा की गई जिससे कृषि के प्रति रुचि कम होने के साथ ही कृषि जोतों का आकार भी कम हुआ है। भाजपा सरकार ने गठन के बाद से प्रदेश में कृषि को बढ़ावा देने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरु की हैं। जबकि इससे पूर्व केंद्र सरकार देश को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़े कदम उठा चुकी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहाड़ी व मैदानी दोनों ही किसानों के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में भी कृषि को पर्याप्त बढ़ावा मिल सके। उन्होंने पंडित दीनदयाल सहकारिता किसान कल्याण योजना को काश्तकारों के लिए संजीवनी करार दिया। इस दौरान जिला नियोजन समिति के सदस्य यशपाल नेगी, क्षेपं सदस्य सुखदेव फर्सवाण, रविंद्र रमोला, सुखवीर बुटोला, ओमप्रकाश गुप्ता, दयानंद जोशी, माया पंत, रमा थापा, रामपाल राठौर आदि मौजूद रहे।

तीन दिन में बैकलाग पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग

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विकासनगर। प्रदेश के शिक्षा विभाग में बैकलाग के रिक्त पड़े 541 पदों पर अनुसूचित जाति के बीएड, टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को तीन दिन में नियुक्ति देने की मांग उत्तराखंड संवैधानिक संरक्षण मंच ने मुख्य सचिव से की है।

सोमवार को मुख्य सचिव कार्यालय में ज्ञापन सौंपने गए मंच के कार्यकर्ताओं ने बताया कि हाईकोर्ट की सिंगल व डबल बैंच ने रिक्त पदों पर दो माह में भर्ती करने के निर्देश सरकार को दिए थे लेकिन निर्धारित समय पूरा होने में तीन दिन शेष रहने के बावजूद सरकार भर्ती प्रक्रिया शुरु नहीं कर रही है। जबकि नियुक्ति की मांग को लेकर अनुसूचित जाति के प्रशिक्षित युवा लंबे समय से धरना दे रहे हैं। इससे पूर्व मंच कार्यकर्ताओं ने धरना स्थल पर पहुंच कर बेरोजगार युवाओं को समर्थन दिया। मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपने के बाद पछवादून लौटे उत्तराखंड संवैधानिक संरक्षण मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर व सह प्रवक्ता अरविंद शर्मा ने बताया कि लंबे समय से शिक्षा विभाग में रिक्त पड़े बैकलाग के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरु करने की मांग पात्र अभ्यर्थी कर रहे हैं। सरकार द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने पर बेरोजगार युवा हाईकोर्ट की शरण में गए। हाईकोर्ट की सिंगल बैंच ने दिसंबर 2016 में बेरोजगार युवाओं के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सरकार को नियुक्ति प्रक्रिया शुरु करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद मामला डबल में बैंच में गया। सितंबर 2017 में शिक्षा विभाग में रिक्त पड़े 541 पदों पर पात्र अभ्यर्थियों को दो माह में नियुक्ति देने के आदेश दिए। बताया कि हाईकोर्ट द्वारा नियुक्ति के लिए तय की गई तिथि समाप्त होने में मात्र तीन दिन शेष रहने के बावजूद सरकार द्वारा इस दिशा में कोई कार्रवाई शुरु नहीं की गई है। लिहाजा मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपकर नियुक्ति प्रक्रिया शुरु करने की मांग की गई है। बताया कि सरकार द्वारा बैकलाग के पदों पर हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित तिथि तक नियुक्ति नहीं दिए जाने पर उत्तराखंड संवैधानिक मंच अभ्यर्थियों के पक्ष में आंदोलन शुरु करेगा। इस दौरान अमर सिंह कश्यप, टीसी माथुर, एसबी शाही आदि मौजूद रहे।

निर्माण के इंतजार में पिथौरागढ़ के 4418 शौचालय

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पिथौरागढ़। सरकारी कामकाज कछुवा चाल चल रहा है। यह हम नहीं बल्कि योजलनाओं के हालीात बता रहे हैं। आलम यह है कि प्रदेश को खुले में शौच मुक्त करने की मुहिम के तहत जिले के 4418 शौचालयों का निर्माण सरकारी रिकार्ड में ही अधूरा है। बावजूद इसके जिला ओडीएफ घोषित कर दिया गया।

जिले में स्वच्छ भारत अभियान पर प्रशासनिक उदासीनता भारी पड़ रही है। जिला मुख्यालय पर ही पिछले दशक में एक भी नया शौचालय नहीं बना है। जिले के अन्य नगर निकाय भी दशकों पूर्व जोड़ी गई सुविधाओं के भरोसे चल रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने शौचालयों के ताले ही अब तक नहीं खुले हैं। पिथौरागढ़ नगर की आबादी करीब 80 हजार पहुंच चुकी है। इस आबादी में एक वर्ग प्रवासी मजदूरों का है। जो किसी तरह सिर छुपाने का इंतजाम तो कर लेते हैं, लेकिन शौच के लिए इनके पास कोई इंतजाम नहीं है। नगर निकायों की बात करें तो डीडीहाट, गंगोलीहाट, बेरीनाग और धारचूला में इक्का-दुक्का शौचालयों से ही काम चल रहा है। जिले को दो अक्टूबर को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) घोषित कर दिया गया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी 4418 परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं। इन स्थितियों में स्वच्छ भारत मुहिम की सफलता अभी संदिग्ध ही है। हालांकि नगर निगम के अधिकारी इस बात को स्वीकारने में गुरेज कर रहे हैं। मामले में नगर पालिका पिथौरागढ़ के अधिशासी अधिकारी खीमचंद जोशी का कहना है कि पिछले एक दशक में नगर के कई शौचालयों को हाईटेक बनाया गया है। उन्होंने बताया कि नए शौचालयों के निर्माण के लिए जगह मिलना एक चुनौती है। लेकिन जल्द ही इसका समाधान कर दिया जाएगा। इसके अलावा शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुए नए सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। 

80 फीसद स्कूल जोखिम में डाल रहे बच्चों की जान

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देहरादून। उत्तराखंड में 80 फीसद निजी स्कूलों के वाहनों में बच्चों की सुरक्षा को ताक पर रखा जा रहा है। ये स्कूली वाहन न सिर्फ स्कूली बच्चों की जान जोखिम में डाल रहे हैं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का भी जमकर उल्लंघन कर रहे हैं। प्रदेश के स्कूलों के ये चौंकाने वाले आंकड़े बाल आयोग की सर्वे रिपोर्ट से सामने आए हैं।
उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष योगेंद्र खंडूड़ी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने राज्य बाल आयोग को प्रदेश में निजी स्कूलों में स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा संबंधी 51 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी थी। इस पर आयोग के सदस्यों ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों के 20 स्कूलों में सर्वे किया, जिसमें लगभग सभी स्कूलों के वाहनों में बच्चों की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ पाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के निजी स्कूल बच्चों की सुरक्षा के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। यह बेहद चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि मामले में आयोग की ओर से मुख्य सचिव को प्रदेश के स्कूलों में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन कराने के आदेश दिए हैं। ताकि बच्चों की सुरक्षा आदि को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
ये पाई गई खामियां
-वाहन चालक व कंडक्टर का पुलिस में सत्यापन नहीं
-स्कूली वाहनों में स्कूल संबंधी कोई पहचान नहीं
-चालक का नाम, मोबाइल नंबर समेत अन्य हेल्पलाइन नंबर अंकित नहीं
-फस्र्ट-एड बॉक्स और अग्निशमन उपकरण नहीं
-जीपीएस और सीसीटीवी नहीं
-बस कंडक्टर के पास वैध लाइसेंस नहीं पाए गए
-बसों में लेडी कंडक्टर या गार्ड की व्यवस्था नहीं

नौ से शुरु होगा ग्रामीण खेलों का महाकुंभ

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विकासनगर। राज्य स्थापना दिवस नौ नवंबर से ग्रामीण खेलों के महाकुंभ का शुभारंभ होगा। इसके लिए शिक्षा विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। नौ नवंबर से शुरु होने वाले न्याय पंचायत स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिताएं तीन दिनों तक चलेंगी जिसके बाद ब्लाक स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। सोमवार को सहसपुर ब्लाक के खंड शिक्षाधिकारी पंकज शर्मा ने अपने कार्यालय में संबंधित कर्मियों व अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं।

बीईओ श्री शर्मा ने बताया कि सहसपुर ब्लाक में छह न्याय पंचायत हैं जिनमें से भगवंतपुर न्याय पंचायत की प्रतियोगिता गोरखा मिलिट्री इंका गढ़ी केंट, आमवाला पंचायत की हाई स्कूल कोठड़ा संतूर, भाऊवाला पंचायत की एसजीआरआर भाऊवाला, सहसपुर न्याय पंचायत की एसजीआरआर सहसपुर, आर्केडिया न्याय पंचायत की हाई स्कूल बनियावाला व झाझरा न्याय पंचायत की क्रीड़ा प्रतियोगिता राइंका सेलाकुई में संपन्न कराई जाएंगी। प्रत्येक न्याय पंचायत की प्रतियोगिताओं के संचालन के लिए संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य को नोडल अधिकारी नामित किया गया है जबकि व्यायाम शिक्षक प्रतियोगिताओं के संचालन में बतौर निर्णायक की भूमिका निभाते हुए अपने सहयोग देंगे। अंडर-10, अंडर-14 व अंडर-17 वर्ग में संचालित होने वाले ग्रामीण खेल महाकुंभ के तहत कबड्डी, खो-खो व एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं संपन्न कराई जाएंगी जिनके लिए पंजीकरण संबंधित विद्यालयों में कराया जा रहा है। बैठक में क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी रविंद्र कुमार फोनिया, आरवी सिंह, प्रदीप डबराल, रविंद्र सैनी आदि मौजूद रहे।