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एलपीजी की कालाबजारी करने के मामले में एक गिरफ्तार

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हल्द्वानी,  खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्त मामले में विभाग के अधिकारियों ने छापेमारी कर बनभूलपुरा से 27 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए। मामले में इंद्रानगर निवासी अमन गुप्ता पुत्र राजकुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है।

शहर में गैस की कालाबाजारी पर रोक नहीं लग रही है। विभाग को लगातार घरेलू गैस के व्यवसायिक इस्तेमाल की शिकायतें मिल रही हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को विभाग के एआरओ विजय जोशी, सप्लाई इंस्पेक्टर रवि सनवाल, राहुल डांगी औक बनभूलपुरा थाने के एसआई संजीव राठौड़ ने छापमारी कर कार्रवाई की।

इस दौरान बनभूलपुरा क्षेत्र से 23 घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर, दो, पांच किलो के पेट्रोमैक्स और दो कमर्शियल सिलेंडर जब्त किए। साथ ही पुलिस ने एलपीजी गैस की कालाबजारी करने के आरोपी अमन गुप्ता को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

विश्व संवाद केन्द्र में घुसा बिज्जू

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शहर के राजपुर रोड स्थित विश्व संवाद केन्द्र में बिज्जू (जंगली जानवर) के घुसने से अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची वनकर्मियों की टीम ने असका बिज्जू पकड़ लिया और उसे मालसी के जंगल में छोड़ दिया।

विश्व संवाद केन्द्र प्रमुख सतेन्द्र ने बताया कि सोमवार रात करीब 11 बजे उनके कमरे में एक बिज्जू घुस आया। वह सीधे कुर्सी पर बैठ गया। उसे भगाने का प्रयास किया तो वह उनकी ओर झपट पड़ा। फौरन मामले की सूचना वन विभाग को दी गई।

सुबह वन क्षेत्राधिकारी नरेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर वन विभाग की एक टीम पिंजरे के साथ मौके पर पहुंची। आधा घंटा के रेस्क्यू में बिज्जू को पकड़कर वन विभाग की टीम उसे जंगल में सुरक्षित छोड़ आई।

कुल्हाड़ी से अधेड़ की हत्या

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द्वाराहाट, दूनागिरि क्षेत्र के रतखाल में सोमवार रात्रि एक अधेड़ पर उसके साथी ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज से पहले ही उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

नगर से 21 किमी दूर रतखाल गांव में सोमवार रात्रि हीरा सिंह (53) पुत्र कुशाल सिंह को साथ के ही एक व्यक्ति ने कुल्हाड़ी से वार कर गम्भीर रूप से घायल कर दिया। मृतक के माथे पर दो बड़े घाव थे। गम्भीर रूप से घायल हीरा सिंह को रात करीब 11 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद वहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया, लेकिन इसी दौरान उसने दम तोड़ दिया।

डॉ. तपन शर्मा ने मौत की वजह हेड इंजरी और अत्याधिक रक्तस्राव बताया है। शव को पोस्टमाटर्म के लिए रानीखेत भेज दिया गया है। घटना में अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। राजस्व पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दून मेट्रो रेल परियोजना पकड़ेगी नए साल से रफ्तार!

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(देहरादून) उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित दून मेट्रो रेल परियोजना नए साल से रफ्तार पकड़े इसके लिए कवायद तेज हो गई है। जनवरी 2018 में परियोजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) को कैबिनेट में रखा जाए इस बात पर भी विचार किया जा रहा हैं। इसके अलावा मेट्रो परियोजना को लाइट रेल ट्रांजिट सिस्टम (एलआरटीएस) पर विकसित किया जा रहा है, जो कि प्रदेश के लिए बिल्कुल नई तकनीक है, लिहाजा उत्तराखंड मेट्रो रेल, शहरी अवस्थापना व भवन निर्माण निगम के अधिकारी इसके हर पहलू की जानकारी के लिए 24 व 25 नवंबर को दिल्ली में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के अधिकारियों के साथ मंथन करेंगे।
निगम के प्रबंध निदेशक जितेंद्र त्यागी के मुताबिक एलआटीएस वैसे तो मेट्रो की तरह ही है, लेकिन इसकी तकनीकी भिन्न है। यही वजह है कि परियोजना में सहयोग कर रहे डीएमआरसी अधिकारियों के साथ बैठक कर यह जानकारी जुटाई जाएगी कि कौन-कौन सी कंपनी इस तकनीक पर काम करने में सक्षम हैं। परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए यह किया जाना बेहद जरूरी है।
प्रबंध निदेशक त्यागी के अनुसार पहले फेज में परियोजना के 24 किलोमीटर लंबे आइएसबीटी-कंडोली/राजपुर व एफआरआइ (वन अनुसंधान संस्थान)-रायपुर के कॉरीडोर का निर्माण किया जाएगा। इसकी लागत करीब 3,372 करोड़ रुपये आएगी। वर्ष 2021-22 तक पहले फेज का निर्माण पूरा करने के बाद अगले फेज में शेष परियोजना पर काम किया जाएगा।
यहां से ऋण लेने पर विचार
मेट्रो रेल के प्रबंध निदेशक जितेंद्र त्यागी ने बताया कि परियोजना के लिए वित्तीय साधन जुटाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। अभी एशियन डेवलपेमंट बैंक (एडीबी), यूरोपियन यूनियन बैंक व फ्रांस के केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक से ऋण लेने पर विचार चल रहा है। यह ऋण दो फीसद ब्याज दर पर लिया जाएगा।
15 फीसद तक बढ़ेगी लगात
मेट्रो रेल परियोजना के पहले फेज की लागत वर्ष 2017 के अनुसार 3372 करोड़ रुपये आंकी गई है। हालांकि अनुबंध होने व काम शुरू होने तक लागत में करीब 15 फीसद का इजाफा संभव है। लिहाजा, मूल लागत के साथ कंपिटिशन प्राइस का आकलन भी कर लिया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत परियोजना को लेकर बेहद उत्साहित हैं और उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस महत्वकांक्षी परियोजना के निर्माण में बजट को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।
परियोजना की लागत पर एक नजर
पहला फेज
आईएसबीटी-कंडोली/राजपुर, 1760 करोड़ रुपये
एफआरआई-रायपुर, 1612 करोड़ रुपये
दूसरा फेज
हरिद्वार-ऋषिकेश, 4740 करोड़ रुपये
आईएसबीटी-नेपाली फार्म, 5026 करोड़ रुपये
सॉइल टेस्टिंग का काम शुरू
उत्तराखंड मेट्रो रेल, शहरी अवस्थापना व भवन निर्माण निगम ने पहले फेज के दो कॉरीडोर पर काम शुरू करने के लिए सॉइल टेस्टिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है। दोनों कॉरीडोर पर हर 200 मीटर के फासले पर यह कार्य किया जा रहा है ताकि पता लगाया जा सके कि परियोजना रूट पर भूगर्भ की स्थिति कैसी है। 

विधायक ने पीएमजेएसवाई के अभियंताओं की कार्य प्रणाली पर उठाये सवाल

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(उत्तरकाशी) यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत ने पीएमजेएसवाई के अधिकारियों की काम करने की प्रणाली पर सवाल खड़े किये हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों का काम में रुचि नहीं है। यही कारण है दर्जनों सड़के आज भी बगैर फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लटकी हुई हैं। उन्होंने कहा कि बड़कोट और चिन्यालीसौड़ नगर पालिका को जल्द ही पंपिंग पेयजल योजनाएं चलाने की बात कही है। विधायक ने कहा कि विधायक निधि से यमुनोत्री के सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को जहां शिक्षण सामग्री उपलब्ध करा दी गई हैं, वहीं हाई स्कूल व इंटर कालेजों और महाविद्यालयों को फर्नीचर के लिए एक-एक लाख की विधायक निधि दी गई है।
यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत नगर के सोमवार को बड़कोट स्थित अपने कैंप कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने पीएमजेएसवाई के अभियंताओं की धीमी कार्य प्रणाली पर नाराजगी जाहिर करते हुये कहा कि अधिकारियों की फॉरेस्ट क्लीरियेंस में रूचि न लेने के कारण कई सड़कें अटकी पड़ी हैं। समय पर पत्रावलियों का निस्तारण न होने के कारण कई सड़कों को बजट भी समय पर नहीं मिल पा रहा है। खरादी-स्यालना-भंसाड़ी मोटर मार्ग का उदाहरण देते हुये उन्होंने कहा कि फॉरेस्ट क्लीरियेंस के नोडल अधिकारी के यहां से तीन बार आपत्ति आने के बाद भी पीएमजेएसवाई पुरोला के अभियंता निस्तारण करने के बजाय फिर उन्हीं बिंदुओं को रिपीट कर रहे हैं। जिस पर आपत्तियां हैं। हनुमानचट्टी-निसणी, जुणंग-कुमारकोट, बड़कोट-पौंटी, लसरी-बसराली, मोरगी-कुरड़ा, राना-दांगुण गांव-पिण्डकी-मदेश, कुथनौर हलना मोटर मार्गाें पर तेजी से कार्य शुरू करवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब जल्द ही अस्पतालों में स्टॉफ व उपकरणों की स्थिति को मजबूत किया जायेगा। जबकि बड़कोट और चिन्यालीसौड़ में पेयजल की समस्याएं दूर करने के लिए विधायक निधि से पंप‌िंग पेयजल योजनाएं संचालित की जा रही हैं। 

राज्य के सहकारिता सिस्टम को ऑनलाइन करने की कवायद

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(देहरादून) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया की पहल के बाद अब उत्तराखंड का सहकारिता विभाग ने भी ऑनलाइन की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। पहले चरण में सहकारी बैंक व फाइनेंस सिस्टम को ऑनलाइन किया जाएगा, इसके बाद सरकार पूरे सहकारिता सिस्टम को ऑनलाइन करेगी।
सोमवार को उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ लिमिटेड कार्यालय पर आयोजित 64वें सहकारिता सप्ताह के दौरान राज्य सहकारी संघ के अध्यक्ष दान सिंह रावत, डिप्टी रजिस्ट्रार नीरज बेलवाल ने यह बाते कही। बताया कि विभाग को डिजिटलाइजेशन करने में आने वाले खर्च का 60 फीसद केंद्र सरकार, 35 फीसद राज्य सरकार व पांच फीसद पैक्स समितियां खर्च करेगी। इस व्यवस्था के तहत सभी 759 पैक्स समितियों को ऑनलाइन किया जाएगा। अध्यक्ष ने बताया कि विभाग केंद्र सरकार से अपील कर रहा है कि चूंकि, राज्य की आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है तो इसलिए केंद्र 80 फीसद खर्च वहन करे। बताया कि पहले चरण में सहकारी बैंक व फाइनेंस सिस्टम को डिजीटलाइज्ड करने के बाद पीडीएस सिस्टम, धान व गेहूं खरीद आदि सभी को इसके दायरे में शामिल किया जाएगा। जल्द ही ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
2000 कार्यक्रम चलाएगा नाबार्ड
कार्यक्रम के दौरान नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक ने कहा कि अभी राज्य के किसान ऑनलाइन सिस्टम से अंजान है। इसलिए नाबार्ड दो हजार जागरूकता कार्यक्रम चलाने की तैयारी कर रहा है। जिससे किसानों को जागरूक किया जाएगा।
विशेषज्ञ देंगे किसानों को ट्रेनिंग
राज्य सहकारी संघ के अध्यक्ष दान सिंह रावत ने कहा कि सहकारिता विभाग भी किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएगा। इस दौरान विशेषज्ञ किसानों को इस व्यवस्था की बेसिक ट्रेनिंग देंगे। साथ ही विभाग ऑनलाइन प्रक्रिया को होर्डिंग्स, बैनर व नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी किसानों को जागरूक करेगा।
भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम
कार्यक्रम में निबंधक सहकारी समितियां बीएम मिश्रा ने बताया कि डिजीटलाइजेशन से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। हालांकि, इस व्यवस्था में कुछ जोखिम भी हैं, जिसका सावधानी से निस्तारण करना होगा।

अर्किटेक्ट प्लानर को लोक सूचनाधिकारी बनाए जाने पर सूचना आयोग ने जताई नाराजगी

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(देहरादून) सूचना आयोग ने सिडकुल (आइटी पार्क) में आर्किटेक्ट प्लानर को लोक सूचनाधिकारी (पीआइओ) बनाए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। आयोग ने सिडकुल के प्रबंधन निदेशक को निर्देश दिए कि वह महाप्रबंधक (जीएम) को लोक सूचनाधिकारी बनाने की कार्रवाई अमल में लाएं। ताकि सूचना देने में अनावश्यक विलंब न हो।
टीएचडीसी कॉलोनी देहरादून निवासी महेश सैनी ने सिडकुल से विभिन्न बिंदुओं की सूचना मांगी थी। तय समय के भीतर पर्याप्त सूचना न मिल पाने पर उन्होंने सूचना आयोग में अपील की। आयोग के निर्देश के बाद सूचना तो उपलब्ध करा दी गई, लेकिन इस मामले में हुए विलंब पर राज्य सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत ने नाराजगी व्यक्त की। आयुक्त ने पाया कि सिडकुल में आर्किटेक्ट प्लानर को लोक सूचनाधिकारी बनाया गया है, जो कि प्रशासनिक अधिकारी नहीं हैं।
उन्होंने टिप्पणी में कहा कि प्रशासनिक ज्ञान के अभाव में ही इस मामले में सूचना देने में बेवजह विलंब हुआ है। हालांकि अकारण सूचना में विलंब अक्षम्य है, लिहाजा राज्य सूचना आयुक्त ने लोक सूचनाधिकारी का स्पष्टीकरण तलब किया कि क्यों न उन पर 25 हजार रुपये का अधिकतम जुर्माना लगा दिया जाए। उन पर जुमार्ने की राशि सुनवाई की अगली तिथि 19 दिसंबर को तय की जाएगी। 

देहरादून में सामने आये रोड रेज का मामला, जेडएसआई प्रमुख पर रॉड से हमले का प्रयास

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भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (जेडएसआइ) की क्षेत्रीय प्रमुख डॉ. अर्चना बहुगुणा पर कुछ युवकों ने रॉड से हमले का प्रयास किया। इसके साथ ही उनके साथ अभद्रता भी की गई। डॉ. बहुगुणा की कार से आरोपियों की कार को हल्की टक्कर लगने पर ही कार सवार युवक भड़क उठे और उन पर रॉड तान दी।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक जेडएसआइ की क्षेत्रीय प्रमुख डॉ. अर्चना बहुगुणा सोमवार शाम को कार से कौलागढ़ की तरफ से बेटी को ट्यूशन छोडऩे जा रही थीं। इसी दौरान सिनर्जी अस्पताल के पास राम विहार की गली में चढ़ाई के दौरान उनकी कार थोड़ा पीछे आ गई और उनकी कार से सटकर चल रही दूसरी कार से टकरा गई। डॉ. बहुगुणा के मुताबिक टक्कर बेहद मामूली थी और उन्होंने इस पर माफी भी मांगी, लेकिन कार सवार युवक उनके साथ गाली-गलौच करने लगे। जब उन्होंने समझाने का प्रयास किया तो कार सवार युवकों ने रॉड निकालकर उन पर तान दी। आरोप है कि युवकों ने यह कहकर धमकाने का प्रयास भी किया कि ‘तुम नहीं जानते कि हम लोग कौन हैं। हालांकि डॉ. अर्चना बहुगुणा के ड्राइवर ने मोबाइल से युवकों की तस्वीर खींची तो वे मुहं छिपाकर भाग खड़े हुए। बताया जा रहा है कि युवक आसपास के इलाके के ही थे। खबर लिखे जाने तक इस मामले की शिकायत पुलिस में नहीं की जा सकी थी।

पुलिस में महिलाओं की भर्ती महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है: अनिल रतूड़ी

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पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय नरेन्द्रनगर, टिहरी गढ़वाल में आयोजित विशेष महिला उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस सीधी भर्ती के 48 उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस प्रशिक्षुओं की दीक्षान्त परेड में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस महानिदेशक ने परेड का मान-प्रणाम ग्रहण किया गया और दीक्षान्त परेड का निरीक्षण किया। 

इस मौके पर बेहतरीन प्रदरऩश करने वाली कैडेटस को सम्मानित किया गया। इनमे कुमारी लक्ष्मी सकलानी, कुमारी पिंकी तोमर, प्रथम परेड कमाण्डर प्रीति ग्वाड़ी, द्वितीय परेड कमाण्डर पूनम रावत तथा परेड एडज्यूडेन्ट के लिये कुमारी मेघा शर्मा शामिल रही।

शानदार परेड के लिए समस्त प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए पुलिस महानिदेशक ने कहा कि, “राज्य में पहली बार इतनी बडी संख्या में पुलिस में महिलाओं की भागीदारी हो रही है यह महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है। आप सौभाग्यशाली हैं कि एक ऐसे वर्दीधारी बल में शामिल हो रहें  जिसे एक्जीक्यूटिव कानून के अधिकार मिले हैं तथा एक प्रजातान्त्रिक व्यवस्था में अत्याधिक शक्तियां प्रदान की गयी हैं। वर्दी पहनना एक गौरव का विषय है जो आपको  अपने कर्तव्य पालन करने के लिए प्रेरित करती है।” 

राज्य के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय नरेन्द्रनगर में पहली बार सीधी भर्ती के माध्यम से चयनित उपनिरीक्षकों का एक वर्ष का आधारभूत प्रशिक्षण सफलता पूर्वक पूरा कराया गया। इससे पहले उप निरीक्षकों के आधारभूत प्रशिक्षण राज्य से बाहर उत्तर-प्रदेशअन्य राज्यों में सम्पन्न कराये जाते रहे है।

राज्य पुलिस में महिला उपनिरीक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा वर्ष-2016 में महिला उपनिरीक्षकों की विशेष भर्ती करायी गयी। वर्तमान में महिला उपनिरीक्षक सीधी भर्ती वर्ष-2016 के माध्यम से चयनित प्रथम बैच में 44 महिला तथा वर्ष-2014 के 4 (2 पुरूष, 2 महिला) कुल 48, उपनिरीक्षक प्रशिक्षु कसम परेड के उपरान्त पुलिस की मुख्यधारा में शामिल हुये। इसी क्रम में द्वितीय बैच के प्रशिणाधीन 29 प्रशिक्षु माह फरवरी 2018, तथा तृतीय बैच के 47 प्रशिक्षु माह मई 2018 में इस संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त कर राज्य के पुलिस बल में शामिल होंगे।

भविष्य में लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 21 पुलिस उपाधीक्षकों का प्रशिक्षण भी पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय नरेन्द्रनगर में संचालित किया जाना भी प्रस्तावित है।    

जसपुर में मिला डायनासोर जैसा कंकाल

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जसपुर, विद्युत उपकेंद्र के पुराने खंडहरनुमा भवन में डायनासोर की तरह दिखने वाले किसी जीव का कंकाल मिला है। इसकी लंबाई दो फीट और ऊंचाई एक फीट बताई जा रही है। कंकाल देखने में हूबहू डायनासोर जैसा है। इसको लेकर क्षेत्र में खासा कौतूहल है। पुलिस ने कंकाल कब्जे में लेकर जांच में वनाधिकारियों से मदद मांगी है। आमतौर पर इस तरह आकृति के जीव उत्तराखंड के जंगलों में नहीं देखे गए हैं।

कस्बे के फैज-ए-आम मार्ग स्थित विद्युत सब स्टेशन का 35 वर्ष पुराना भवन खंडहर में तब्दील हो चुका है। यहां बिलिंग काउंटर बनाने के लिए रविवार को विभागीय कर्मचारी सफाई करा रहे थे। तभी कबाड़ निकालते समय ठेकेदार सलीम अहमद को उसमें कंकाल दिखाई दिया। कर्मचारी ने कंकाल को बाहर निकाला। कंकाल देख सभी अचंभे में पड़ गए। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों व पुलिस को दी गई। इसी दौरान डायनासोर जैसा कंकाल मिलने की सूचना क्षेत्र में फैल गई। कंकाल देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। पुलिस ने कंकाल कब्जे में लेकर कोतवाली में रखा है।

कोतवाल अबुल कलाम ने बताया कि, “विभागीय अधिकारियों को भी इसकी सूचना दी गई है। वन विभाग के अधिकारियों को यह पता करने के लिए बुलाया गया है कि कंकाल किस प्रजाति के वन्यजीव का है।”

कुमाऊं पश्चिमी वृत्त के वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि डायनासोर विलुप्त हो चुके हैं। इसे डायनासोर तो नहीं कह सकते, लेकिन उत्तराखंड के जंगलों में इस आकृति का कोई जीव भी नहीं पाया जाता। कंकाल की पूंछ संदेह पैदा कर रही है। यह किसी पक्षी प्रजाति का भी हो सकता है। कंकाल की कार्बन डेटिंग के सहारे जांच की जाएगी।