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कुख्यातों की सुरक्षा पुलिस के लिए बड़ी चुनौती

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देहरादून। उत्तराखंड की जेलों में इस समय कई कुख्यात बंद हैं। ऐसे में इन कुख्यातों की सुरक्षा पुलिस प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। दरअसल, दो दिन पहले गैंगवार के फलस्वरूप हुए देवपाल मर्डर ने कोर्ट-कचहरियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जाहिर है ऐसे में जेलों में बदमाशों के बीच गैंगवार और गहराने से भी इंकार नहीं किया जा सकता। वहीं, आशंका जताई जा रही है कि देवपाल की हत्या का मु य आरोपी ऋषिपाल हरियाणा में छुपा हो सकता है। पुलिस जल्द उसके ठिकानों पर दबिश दे सकती है।

उत्तराखंड की जेलों में इस समय कई कु यात सलाखों के पीछे हैं। कु यात सुनील राठी को तो हाल ही में हरिद्वार जेल से बागपत जेल में शि ट किया गया जबकि उसका कट्टर दुश्मन चीनू पंडित रुडक़ी की ही जेल में बंद है। चीनू और राठी की दुश्मनी पिछले पांच सालों में तेजी से बढ़ी है। 2014 में चीनू के जमानत से बाहर आने के दौरान राठी गैंग ने उस पर हमला कर दिया था। इसमें चीनू के तीन बदमाश मारे गए थे जबकि वह बच निकला था। अब जबकि राठी के राइट हैंड माने जाने वाले देवपाल की हत्या कर दी गयी है तो इस बात की प्रबल संभावना है कि बदमाशों में यह जंग और तेज हो सकती है। देवपाल की हत्या में ऋषिपाल का नाम सामने आया है। ऋषिपाल को चीनू का भी करीबी समझा जाता है। ऐसे में इस आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता कि ऋषिपाल ने न केवल उसे अपनी दुश्मनी के चलते मौत के घाट उतारा बल्कि चीनू का उकसावा भी इसमें कारण रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में उत्तराखंड पुलिस को बेहद चौकन्ना रहना होगा ताकि जेलों में बंद यह कु यात अपने दुश्मनी की खातिर उत्तराखंड की जमीन को लाल न कर दें। आइजी जेल पीवीके प्रसाद का कहना है कि इस घटना के बाद हर संभव चौकसी बरती जा रही है।
ये कुख्यात भी हैं बंद
चीनू के रुडक़ी जेल में बंद होने के अलावा सचिन खोखर इस समय नैनीताल जेल में बंद है। इसे चीनू पंडित का करीबी माना जाता है। हाल ही में सचिन ने रुडक़ी में कोर्ट से आठ घंटे की पैरोल लेकर शादी रचाई। कु यात के इस कदम को उसकी रुडक़ी में अपनी धमक दिखाने के तौर पर देखा जाता है। वहीं, प्रवीण वाल्मीकि भी चमोली की पुरसाड़ी जेल में बंद है। करीब एक साल पहले वाल्मीकि ने पुरसाड़ी जेल के जेलर के मोबाइल से ही बुलंदशहर में एक व्यक्ति से फिरौती की मांग कर डाली थी। जिसके बाद शासन ने जेलर को सेवा से बर्खास्त कर दिया था।
विकास को बी-वारंट पर लाएंगे
देवपाल की हत्या में देहरादून से धरे गए शूटर विकास को रुडक़ी पुलिस बी-वारंट पर लाने की तैयारी कर रही हे। बता दें कि विकास इस समय देहरादून पुलिस के पास है। जल्द ही रुडक़ी पुलिस देहरादून में बी-वारंट के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल कर सकती है। दूसरी ओर, मौके से दबोचे गए दोनों शूटरों अजय व मोहित का भी पुलिस रिमांड लेने की तैयारी में है।
बागपत जेल के जेलर की हुई पेशी
रुडक़ी के एक चिकित्सक से पचास लाख रुपए की फिरौती मांगने के मामले में बुधवार को बागपत जेल के जेलर की रुडक़ी कोर्ट में पेशी हुई। बता दें कि कु यात राठी इस समय बागपत जेल में ही कैद है। ऐसे में पुलिस का मानना है कि बगैर किसी अंदर के व्यक्ति की मदद के बिना जेल से रंगदारी मांगना आसान नहीं है।

जौनसार-बावर में लहलहा रहा दक्षिण अमेरिकी योकॉन

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विकासनगर। भले ही सरकारें सूबे में कृषि को बढ़ावा देने के दावे कर रही हों, लेकिन तकनीकी व संचार माध्यमों के बढ़ते प्रचार-प्रसार ने ग्रामीण काश्तकारों को भी कृषि क्षेत्र में नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया है।

काश्तकार सिर्फ परंपरागत व नकदी फसलों के उत्पादन में ही प्रयोग नहीं कर रहे, बल्कि जलवायु व धरातलीय समानता के आधार पर देश-दुनिया में पाए जाने वाले ऐसे पौधे भी यहां उगा रहे हैं, जो आर्थिकी को नई ऊंचाइयां दे सकते हैं। ऐसा ही प्रयोग मल्टीपल एक्शन ग्रुप फॉर इंटीग्रेटेड सोसाइटी से जुड़े जौनसार-बावर परगने के बैराटखाई निवासी काश्तकार भाव सिंह ने किया है। इन्होंने दक्षिण अमेरिका में उगाए जोन वाले औषधीय पादप योकॉन का उत्पादन बैराट खाई में किया है। प्रयोग के तौर पर बीते वर्ष डेढ़ बीघा जमीन पर योकॉन उगाया गया, जिसके अपेक्षित परिणाम भी मिले। अब वह इसे वृहद स्तर पर उगाने की तैयारी करने के साथ अन्य काश्तकारों को भी इस बारे में जानकारी मुहैया करा रहे हैं।
आमतौर पर पेरू का ‘भूरा सेब’ के नाम से विख्यात योकॉन का पौधा औषधीय पादप है, जो ठंडे स्थानों पर उगाया जाता है। जौनसार-बावर (देहरादून) के बैराटखाई में इसे उगाने वाले काश्तकार भाव ङ्क्षसह व मल्टीपल एक्शन ग्रुप फॉर इंटीग्रेटेड सोसाइटी के अध्यक्ष अमित रोहिला ने बताया कि जैविक खेती से जुड़े काश्तकार योकॉन की खेती सिक्किम व शिमला में पिछले कई वर्षों से कर रहे हैं। प्रयोग के तौर पर उत्तराखंड के जौनसार-बावर परगने में भी बीते वर्ष डेढ़ बीघा भूमि में इसकी खेती की गई। यह बारहमासी पौधा है, जिसकी जड़ें (कंद) औषधीय उपयोग में काम आती हैं।
सगंध पौधा केंद्र सेलाकुई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुनील साह बताते हैं कि औषधीय पादप योकॉन उत्तराखंड के काश्तकारों के लिए नया पौधा है। उत्तरकाशी के मोरी ब्लाक व जौनसार-बावर के कुछ क्षेत्रों में इसका उत्पादन किया जा रहा है। योकॉन के एक पौधे से सात किलो तक स्वास्थ्यवर्धक कंद मिल जाता है। लिहाजा काश्तकारों को इसका आर्थिक लाभ देने के लिए बाजार विकसित किया जाना भी जरूरी है। इस दिशा में प्रयास हो रहे हैं।

योकॉन के औषधीय गुण
-एंटीआक्सीडेंट: कैफीक एसिड, फेरलिक एसिड व क्लोरोजेनिक योकॉन के पत्तों में पाए जाने वाले एंटी ऑक्सीडेंट हैं। जबकि, इसकी जड़ में शरीर को सूजन से रोकने व पुरानी बीमारियों को समाप्त करने वाले औषधीय गुण पाए जाते हैं।
-कम ट्राइग्लिसराइड: योकॉन में फ्रटूलीगोसेकेराइडस होता है, जो कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक है।
-कैंसर की रोकथाम: यह एपोपोटिकिस की शुरुआत करके उत्परिवर्ती कोशिकाओं का प्रसार रोककर त्वचा, कोलन व रक्त कैंसर के उपचार में प्रभावी है।
-मधुमेह नियंत्रण: प्राकृतिक स्वीटनर के रूप में उपयोग किया जाता है, जो मधुमेह के रोगियों के लिए चीनी मुक्त मिठास तैयार करने में उपयोगी है।
हर्बल चिकित्सा: योकॉन को दक्षिण अमेरिका में आदिवासी लंबे समय से गुर्दा व मूत्राशय की समस्याओं से निजात पाने के साथ ही ङ्क्षसड्रिस, नेफ्रैटिस व मलेरिया की रोकथाम के लिए उपयोग में लाया जाता है।
-एंटी फंगल: त्वचा संबंधी रोगों के निवारण में भी इसका उपयोग प्रभावी होता है।
-कब्ज का इलाज: योकॉन आंतों की गति बढ़ाकर कब्ज को नियंत्रित करने में सहायक होता है।

नृसिंह मंदिर की सुरक्षा-व्यवस्था बढ़ाई

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गोपेश्वर। मंदिरों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बाद बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने चमोली जिले के जोशीमठ के नृसिंह मंदिर की सुरक्षा-व्यवस्था बढ़ा दी है। अब चौबीस घंटे मंदिर में सुरक्षा कर्मचारी तैनात रहेंगे।

बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ बीडी सिंह ने बताया कि मंदिरों में लगातार चोरी की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। इसके मद्देनजर नृसिंह मंदिर की सुरक्षा पर समिति ने विशेष ध्यान दिया है। मंदिर की सुरक्षा में आठ कर्मचारियों की तैनाती की गई है और ये सभी कर्मचारी सशस्त्र होंगे।

दो लोग गिरफ्तार, 15 लीटर कच्ची शराब बरामद

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गोपेश्वर। चमोली जनपद की पुलिस चौकी घाट की पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से 15 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई है। यह गिरफ्तारी घाट-नंदप्रयाग मोटर मार्ग पर की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस चौकी प्रभारी घाट विनोद कुमार गोला ने बताया कि घाट-नंदप्रयाग मोटर मार्ग पर वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी बीच मुनियाली गांव के समीप दो लोगों को शिव सिंह और धीरेन्द्र को गिरफ्तार कर उनके पास से क्रमश: दस और पांच लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई है। दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

धरती सिकुड़ने की दर 18 एमएम प्रतिवर्ष, हलचल से वंचित हो रही ऊर्जा

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देहरादून। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी नई दिल्ली के अध्ययन में सामने आया कि देहरादून से टनकपुर के बीच करीब 250 किमी क्षेत्रफल की जमीन लगातार सिकुड़ती जा रही है। धरती के सिकुड़ने की यह दर सालाना 18 मिमी. प्रतिवर्ष है। मंगलवार को सेंटर के निदेशक डॉ. विनीत गहलोत ने इस अध्ययन को देहरादून में आयोजित ‘डिजास्टर रेसीलेंट इंफ्रांस्ट्रक्चर इन दि हिमालयास: अपॉर्च्युनिटीज एंड चैलेंजेज’ वर्कशॉप में किया।

डॉ. गहलोत के मुताबिक, वर्ष 2012 से 2015 के बीच देहरादून (मोहंड) से टनकपुर के बीच करीब 30 जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) लगाए गए। इसके अध्ययन पर पता चला कि यह पूरा भू-भाग 18 मिमी की दर से आपस में सिकुड़ रहा है। जबकि पूर्वी क्षेत्र में यह दर महज 14 मिमी प्रति वर्ष पाई गई। इस सिकुड़न से धरती के भीतर ऊर्जा का भंडार बन रहा है, जो कभी भी इस पूरे क्षेत्र में सात-आठ रियेक्टर स्केल के भूकंप के रूप में सामने आ सकती है। क्योंकि इस पूरे क्षेत्र में पिछले 500 सालों में कोई शक्ति शाली भूकंप नहीं आया है। एक समय ऐसा आएगा जब धरती की सिकुड़न अंतिम स्तर पर होगी और कहीं पर भी भूकंप के रूप में ऊर्जा बाहर निकल आएगी। नेपाल में धरती के सिकुड़ने की दर इससे कुछ अधिक 21 मिलीमीटर प्रति वर्ष पाई गई। यही वजह है कि वर्ष 1934 में बेहद शक्तिशाली आठ रिक्टर स्केल का नेपाल-बिहार भूकंप आने के बाद वर्ष 2015 में भी 7.8 रिक्टर स्केल का बड़ा भूकंप आ चुका है। हालांकि यह कह पाना मुश्किल है कि धरती के सिकुड़ने का अंतिम समय कब होगा, जब भूकंप की स्थिति पैदा होगी। इतना जरूर है कि जीपीएस व अन्य अध्ययनी के बदलाव व हर भूकंप का अध्ययन किया जा रहा है।
तीन बड़े लॉकिंग जोन पता चले
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के निदेशक डॉ. विनीत गहलोत के अनुसार वैसे से 250 किमी का पूरा हिस्सा भूकंपीय ऊर्जा का लॉकिंग जोन बन गया है, लेकिन अब तक के अध्ययन में सबसे अधिक लॉकिंग जोन चंपावत, टिहरी-उत्तरकाशी क्षेत्र में धरासू बैंड व आगरा खाल में पाए गए हैं।

कोसी घाटी में ड्रोन की उड़ान से मचा हड़कंप

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रानीखेत/गरमपानी। कोसी घाटी में ड्रोन के उड़ान भरने से हड़कंप मच गया। आसमान में विचित्र यंत्र के उड़ने की खबर कोसी घाटी में आग की तरह फैल गई। उसे देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं दी गई है। उप जिलाधिकारी ने कहा कि ड्रोन उड़ाने वाले की तलाश कर कार्रवाई की जाएगी।

एक ओर अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर सुरक्षा संबंधी कारणों के चलते एनएच प्रशासन ड्रोन के हवाई सर्वे की अनुमति के लिए दर-दर भटक रहा है। एनएच प्रशासन को ड्रोन की अनुमति नहीं मिल पा रही। वहीं, कोसी घाटी स्थित थापली गांव से सटी कोसी नदी के ऊपर नियमों को ताक पर रखकर किसी ने ड्रोन उड़ाया। ड्रोन कैमरा उड़ने की खबर आस-पास के गांव में भी फैल गई। जिससे हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने बिना अनुमति ड्रोन उड़ाए जाने का विरोध जताया है। लोगों का कहना है कि अतिसंवेदनशील कोसी नदी में बिना अनुमति इस प्रकार की घटना निंदनीय है वही प्रशासन ने अनुमति न दिए जाने की बात कहीं है। ग्रामीण दलिप सिंह बोहरा का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आना चाहिए। बाहरी लोग मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं। यदि अंकुश नहीं लगाया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। नियम की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस मामले में उपजिलाधिकारी कोश्या कुटोली प्रमोद कुमार ने कहा कि ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं दी गई है। 200 मीटर के नीचे ड्रोन उड़ाने के लिए स्थानीय प्रशासन व 200 मीटर से ऊपर के लिए उच्च अधिकारियों की अनुमति आवश्यक है। पता लगाएंगे कि ड्रोन किसने उड़ाया। जांच कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

गैरसैंण में सत्र की तैयारियों को लेकर स्पीकर ने दिए निर्देश

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देहरादून। भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में सात दिसम्बर से प्रस्तावित उत्तराखण्ड विधानसभा के सत्र के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने को लेकर उत्तराखण्ड विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सत्र के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नजर नहीं आनी चाहिए।
मंगलवार को विधान सभा परिसर में स्पीकर ने शासन व विभागों के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में विभिन्न विषयों पर गहनता से चर्चा की गई। इसमें बिजली की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही जरनेटर और हाउस के अन्दर हीटर की व्यवस्था की जानी है। जल आपूर्ति के लिए 1200 किलोलीटर के दो टैकों के अलावा 10 अतिरिक्त टैक की व्यवस्था होगी, जिससे 15,000 लोंगों को पानी की आपूर्ती होनी है। सत्र के दौरान प्रत्येक विभाग के सचिव के अलावा तीन अन्य अधिकरियों को ही मौजूद रहने की अनुमति होगी ताकि कम लोगों के होने से व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित हो पाएं। उन्होंने कहा कि विधायकों और मंत्रियों के रहने के लिए विधानसभा भवन भराणीसैण में 60 कमरे पूर्ण रूप से तैयार हैं। अधिकारी, स्टाफ और मीडिया के लिए गैरसैण, कर्णप्रयाग, आदि बद्री, गौचर और कालेश्वर के गढ़वाल मण्डल विकास के गेस्ट हाउस मुहैया होंगे। साथ ही लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस को जिलाधिकारी स्तर के अधिकारियों के लिए रहेंगे। बर्फ गिरने की स्थित सड़क यातायात को सुचारु रखने के लिए स्नो कटर की व्यवस्था की गई है।
विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को कहा कि सत्र के दौरान वाईफाई और मोबाइल नेटवर्क व्यवस्था सुचारू रखी जाए। उन्होंने कहा कि इन्टरनेट व्यवस्था ठीक न होने के कारण सदन भी प्रभावित होता है और मीडिया के लिए भी यह समस्या का विषय है। सत्र के दौरान गैरसैण में उपस्थित सभी मंत्री, विधायक, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खाने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी चमोली को अपने स्तर से कूपन व्यवस्था करने को कहा गया है। साथ ही कुमाऊ मण्डल एवं गढ़वाल मण्डल विकास निगम को आपसी सांमजस्य से खाने की व्यवस्था को ठीक से करने के लिए कहा गया। विधान सभा अध्यक्ष ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि शीत कालीन समय होने के कारण ठण्ड का देखते हुए डाक्टरों की समुचित व्यवस्था की जाए, सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो को अलर्ट रखा जाए। साथ ही इमरजेन्सी के लिए स्वास्थ्य मोबाइल वैन 108 की उचित व्यवस्था व हेलीकॉप्टर सेवा की व्यवस्था रखी जाए। अस्थाई एवं मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था को गम्भीरता से लिया जाए। अन्त में विधान सभा अध्यक्ष ने सभी से सहयोग की अपेक्षा की। बैठक में विधानसभा सचिव जगदीश चंद, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, प्रमुख सचिव राज्य सम्पत्ति विभाग, सभी विभागों के प्रमुख सचिव/सचिव, आयुक्त गढ़वाल मण्डल दिलीप जावलकर, पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी आदि मौजूद रहे।

अवैध खनन से भरे तीन वाहन पकड़े

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हरिद्वार। मातृ सदन के स्वामी शिवानंद सरस्वती के शिष्य स्वामी आत्मबोधानंद द्वारा गंगा में खनन खोले जाने के विरोध में विगत 23 दिनों से भूख हड़ताल जारी है। इसके बावजूद गंगा में अवैध खनन का खेल जारी है। भिक्कमपुर पुलिस ने चेकिंग के दौरान भोगपुर गांव के पास से अवैध खनन से लदा डंपर और तीन ओवरलोड सामग्री पकड़कर सीज कर दी।

भिक्कमपुर पुलिस चौकी प्रभारी आशुतोष चौहान भोगपुर गांव के पास वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान वहां से अवैध खनन सामग्री लेकर जा रहे एक डंपर को पकड़ लिया। प्रभारी ने वाहन चालक से खनन सामग्री का बिल दिखाने की बात कही तो वह नहीं दिखा पाया। साथ ही तीन ओवरलोड डंपरों को भी पुलिस ने पकड़ लिया। चौकी प्रभारी आशुतोष चैहान ने बताया कि अवैध खनन सामग्री से लदे तीन ओवरलोड डंपरों को भिक्कमपुर पुलिस चौकी लाकर सीज कर दिया है।

एसटीएफ/साईबर क्राइम की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिये विचार-विमर्श

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अशोक कुमार,अपर पुलिस महानिदेशकअपराध एवं कानून व्यवस्थाउत्तराखण्ड ने रिद्धिम अग्रवाल एसएसपी एसटीएफ व एसटीएफ/साईबर पुलिस स्टेशन के अधिकारयों के साथ एक बैठक कर एसटीएफ/साईबर क्राइम पुलिस स्टेशन की कार्यक्षमता बढ़ाने हेतु गहन विचार-विमर्श किया। बैठक में दीपम सेठ, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, अजय सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक,एसटीएफ द्वारा भी प्रतिभाग किया गया।

अशोक कुमार ने बताया की बैठक में निम्न महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये-

1- जनपद देहरादून स्थित साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन में खोये हुये मोबाइल फोनों की बरामदी हेतु मोबाईल रिकवरी सैल स्थापित कर मोबाइल नम्बर9456591502 जारी किया गया है जिस पर सम्पर्क कर या साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन, गॉधी रोड निकट फायर स्टेशन, देहरादून पर आकर मोबाइल फोन गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं। उक्त मोबाईल रिकवरी सैल पूरे राज्य के लिये कार्य करेगा।

2 राज्य में अपराधियों के सक्रिय गैंग जिनके कुछ सदस्य जेल में है तथा कुछ सक्रिय सदस्य जमानत पर बाहर है, उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही करते हुए गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत सक्रिय गैंग के सदस्यों की सम्पत्ति जब्त कराने की कार्यवाही की जाये।

3– आज के परिदृश्य में समाज में ड्रग्स एक बड़ी समस्या बन कर उभरी है जिसके रोकथाम हेतु एसटीएफ को भी लगाया है यदि कोई पुलिस कर्मी ड्रग्स के कारोबार में सलिंप्त पाया जाता है तो उसके विरूद्ध भी उचित कार्यवाही की जाये। साथ ही एसटीएफ को निर्देशित किया गाय कि नारकोटिक्स ब्यूरो से भी समन्वय स्थापित कर ड्रग्स माफियाओं के विरूद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाये।

4 साईबर क्राइम के मामलों में जैसे एटीएम एवं सोशल मीङिया पर महिलाओं को परेशान करने आदि में तत्काल एफआरआई दर्ज कर अपराधियों की गिरफ्तारी कर कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाये जिससे पीड़ित को न्याय मिल सके।

5- वर्तमान परिदृश्य में बढ़ते नाईजीरियन फ्रॉड/लोटरी फ्रॉड जैसे साईबर क्राईम के सम्बन्ध में जागरूकता अभियान चलाये जाने हेतु निर्देशित किया गया।

6– एसटीएफ तथा जनपदीय एस.ओ.जी. के मध्य समन्वय बढ़ाने की उद्देश्य से उनके मध्य मासिक बैठक की जाये जिससे उनके कार्य की गुणवत्ता में वृद्धि होने के साथ-साथ अपराधों का शीघ्र अनावरण किया जा सके।

जल्द रोशन होगी गढ़ी कैंट से बल्लूपुर की सड़क

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देहरादून, गढ़ी कैंट से बल्लूपुर जाने वाली सड़क आखिरकार रोशन होने जा रही है। नगर निगम ने सड़क पर नई अंडर ग्राउंड केबल डालने का काम शुरू कर दिया है।

गढ़ी कैंट से बल्लूपुर की रोड लाइट नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आती है। नगर निगम का कहना था कि उक्त रोड में डिवाइडर के बीच मे डाली अंडर ग्राउंड केबल खराब हो चुकी है। जिस कारण रोड लाइट बंद पड़ी है। इन लाइट को लेकर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण एवं नगर निगम के बीच लंबे समय तक विवाद भी चलता रहा। क्योंकि मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने डिवाइडर पर पेड़ एवं बाड़ लगा रखी है। जिसकी देखरेख प्राधिककरण करता है। निगम का कहना था कि पौधों में पानी डालने से अंडर ग्राउंड केबल खराब हुई।

भाजपा मंडल उपाध्यक्ष देवेंद्र पाल सिंह एवं विष्णु प्रसाद पिछले लंबे समय से रोड लाइट ठीक करवाने के प्रयास कर रहे थे। जिसके लिए कई बार महापौर विनोद चमोली से मुलाकात कर लाइट ठीक करवाने की मांग की गई। उन्हें बताया गया कि सड़क पर अंधेरा होने के कारण रात में दुर्घटनाएं हो रही हैं। जिसके बाद महापौर ने निगम अधिकारियों को डिवाइडर के बाहर रोड साइड में नई केबल डालने के निर्देश दिए। जिसकी लागत लगभग 17 लाख रुपये आई है।

भाजपा नेता देवेंद्र पाल सिंह ने कहा कि, “महापौर ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही उक्त रोड पर सोडियम लाइट को बदलकर एलईडी लाइट लगाई जाएगी।”