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शूटिंग के दौरान कंगना हुई घायल

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कृष के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘मणिकर्णिकाः क्वीन आफ झांसी’ में मुख्य किरदार निभा रही अभिनेत्री कंगना रनावत एक स्टंट सीन की शूटिंग के दौरान घायल हो गई हैं। चोट लगने के बाद उन्हें जोधपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

उल्लेखनीय हो कि कंगना रानी लक्ष्मी बाई के जीवन पर बन रही फिल्म में जो भी स्टंट हैं वो खुद कर रही हैं| उन्होंने बॉडी डबल के लिए मना कर दिया है। इसके पहले भी कंगना दो बार स्टंट शूट करते समय घायल हो चुकी हैं। पिछली बार एक स्टंट के दौरान उनके सिर पर चोट आई थी।a

असफलता को आशीर्वाद समझता रहा हूं- सुभाष घई

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गोवा में चल रहे ‘48वें अन्तराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव’ में फिल्म जगत के शो मैन कहे जाने वाले फिल्म निर्माता सुभाष घई ने कहा कि मेरे 45 साल के फिल्मी सफर में मेरी असफलता भी मेरी पूंजी रही है। असफलता को आशीर्वाद की तरह लेना चाहिए। वो आपको एक नई उर्जा प्रदान करती है। साथ ही उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसा कोई फिल्म निर्माता नहीं है जिसने फ्लाप फिल्म न बनाई हो।

उल्लेखनीय है कि सुभाष घई ने हिन्दी फिल्म जगत में अपने करियर की शुरुआत एक अभिनेता के तौर पर फिल्म तकदीर (1967) और आराधना (1971) से एक छोटे से रोल से की थी। वहीं 1970 में आई फिल्म उमंग और 1976 में गुमराह में मुख्य भूमिका में नजर आए थे।

सुभाष घई ने निर्माता के तौर पर अपनी शुरुआत फिल्म कालीचरण (1976) से की थी। यह फिल्म उन्हें शत्रुध्न सिन्हा के सिफारिश से मिली थी। सुभाष घई ने कई हिट फिल्में दीं। उनमें प्रमुख हैं- खलनायक, राम लखन, कर्मा, मेरी जंग, परदेश, ब्लैक एंड व्हाइट, यादें आदि।

आसानी से भू-उपयोग बताएगा सिटीजन पोर्टल

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देहरादून। अब जमीन का भू-उपयोग जानने के लिए एमडीडीए या आर्किटेक्ट के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आमजन के सामने भू-उपयोग को लेकर पेश आ रही समस्या के निराकरण के लिए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने सिटीजन पोर्टल बनाने का निर्णय लिया है।

बुधवार को एमडीडीए उपाध्यक्ष डॉ.आशीष कुमार श्रीवास्तव ने प्राधिकरण कार्यालय में आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए सुधार लाने के लिए अधिकारियों एवं जीआइएस अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में प्रकाश में आया कि अक्सर भूउपयोग जानने के लिए आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में लोगों की सहूलियत के लिए सिटीजन पोर्टल बनाने का निर्णय किया गया। इसके तहत मास्टर प्लान तथा सजरा प्लान पोर्टल पर उपलब्ध रहेगा। आमजन अपने गांव तथा खसरा नंबर तथा नक्षे पर अपनी जमीन की स्थिति को अंकित कर उस स्थल का भूउपयोग जान सकेंगे। यह भी जानकारी उपलब्ध होगा कि उस स्थल पर किस तरह का निर्माण अनुमन्य है। इससे आम जनता अपना मानचित्र बनवा सकती है। इस सिटीजन पोर्टल को एनआईसी के देवभूमि पोर्टल से भी जोड़ा जाएगा। जिसमें ऑनलाइन ही स्वामित्व का सत्यापन किया जाना भी संभव होगा। प्राधिकरण कर्मियों द्वारा भी इस पोर्टल का प्रयोग कर भूउपयोग एवं स्वामित्व का सत्यापन किया जाएगा। इस पोर्टल के कार्यक्रम के प्रथम फेज में मास्टर प्लान को सजरा प्लान पर सुपर इंपोज किया जाएगा। द्वितीय चरण में उक्त टू डी इमेज की थ्री डी इमेज में परिवर्तित किया जाएगा। जिसमें एमडीडीए पूरे शहर को थ्री डी में देख सकेगा। प्राधिकरण उक्त पोर्टल पर अपनी सभी योजनाओं को इंगित करेगा तथा समय-समय पर कार्य की प्रगति के अनुसार स्थल का जीओ टैग्ड इमेज भी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी जिससे परियोजना की वर्तमान स्थिति पर भी नजर रखी जा सकेगी।
बैठक में सामने आया कि जिस सडक़ का प्रस्ताव एक विभाग द्वारा दिया जा रहा है, उसी स्थान पर दूसरा विभाग भी प्रस्ताव दे देता है जिस कारण अनावश्यक हानि होती है। उक्त पोर्टल में अन्य सरकारी विभागों को उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसे में विभागों को यह पता चल सकेगा कि संबंधित स्थान पर परियोजना शुरू की जा सकती है कि नहीं। बैठक में अनाधिकृत निर्माण एवं अतिक्रमण से संबंधित सभी प्रकरणों तथा शिकायतों को भी शुरू से अंत तक कंप्यूटरीकृत किया जाए। इसके लिए वर्तमान में प्रचलित व्यवस्था को अपग्रेड किया जाएगा। यह भी तय हुआ कि मानचित्र स्वीकृति के लिए नए सिस्टम को एक दिसंबर से प्रयोग किया जाए। बैठक में प्राधिकरण सचिव पीसी दु का, अधीक्षण अभियंता अनिल त्यागी, सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर संजीवन चंद्र सूंठा आदि मौजूद रहे।

काली नदी में कूदा व्यापारी, लापता

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पिथौरागढ़, सीमावर्ती इलाके झूलाघाट में रेस्टोरेंट चलाने वाले एक व्यापारी ने काली नदी में छलांग लगा दी। व्यापारी का अभी तक पता नहीं लगा है। व्यापारी के नदी में कूदने की प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस व्यापारी तलाश में जुट गई है। झूलाघाट बाजार में चाउमीन और मोमो का रेस्टोरेंट चलाने वाले कैलाश सिंह बिष्ट (27) पुत्र केशर सिंह बिष्ट ने काली नदी में कूद मार दी।

नदी में कूदते देख लोगों ने शोर मचा दिया। साथ ही इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस व्यापारी की तलाश में जुट गई। कैलाश बिष्ट मूल रूप से खडय़ानी जिला बैतड़ी नेपाल का निवासी है। कई वर्षों से वह भारत के झूलाघाट में दुकान चलाता था। यहां पर उसने मकान भी खरीदा है। वह विगत कुछ दिनों से परेशान था। वह रात भर दुकान खोलकर बैठा रहता था। उसके दो छोटे बच्चे हैं।

और भी घोटाले में शामिल कर सकते हैं समर्पण

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रुद्रपुर, एनएच 74 मुआवजा घोटाले में आरोपी बनाए गए डाटा एंट्री आपरेटर व राजस्व अहलमद अब एसआईटी के संपर्क में आ गए हैं। सूत्रों का कहना है कि वह कभी भी एसआईटी के समक्ष समर्पण कर सकते हैं। इसके अलावा दो किसानों की भी एसआईटी गिरफ्तारी कर सकती है।

उल्लेखनीय है कि एनएच 74 मुआवजा घोटाले में आरोपी बनाए गए काशीपुर तहसील के डाटा एंट्री आपरेटर अर्पण कुमार व राजस्व अहलमद संजय कुमार उस वक्त भूमिगत हो गए थे जब पुलिस ने गिरफ्तारियां शुरू की। इन दोनों ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे लेने का प्रयास किया था, मगर हाईकोर्ट से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। सूत्रों का कहना है कि अब उन्हें यह लगने लगा है कि उन्हें जेल जाना ही पड़ेगा, लिहाजा उन्होंने एसआईटी से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। दोनों कभी भी एसआईटी के सामने आत्म समर्पण कर सकते हैं। इसके अलावा फरार चल रहे जसपुर के काश्तकार रमेश व दिलबाग सिंह को एसआईटी शीघ्र गिरफ्तार कर सकती है।

एनएच घोटाले में बाजपुर के पूर्व प्रभारी तहसीलदार भी एसआईटी के निशाने पर आ गए हैं, जिन्हें एसआईटी पूछताछ के लिए हिरासत में ले सकती है। यहां बता दें कि पूर्व प्रभारी तहसीलदार के खिलाफ हाल में ही बाजपुर थाने में सरकारी धन के गबन की रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है।

ब्रेकिंग न्यूजः एनएच घोटाले के मुख्य आरोपी ने किया सरेंडर

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रुद्रपुर- एनएच घोटाले के मुख्य आरोपी और निलम्बित पीसीएस अधिकारी ने आखिर पुलिस और एसआईटी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, लम्बे समय से पुलिस और एसआईटी को छका रहे थे डीपी सिंह अपने दो वकीलों के साथ अचानक एसएसपी आफिस पहुंचे और सभी को चौंका दिया, डीपी सिंह लम्बे समय से पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ रहे थे, उनके खिलाफ एसआईटी ने लूक आउट नोटिस के साथ ही कुर्की के नोटिस बी जारी कर दिये थे, जिसके बाद उनकी कोर्ट में सरेन्डर करने की सम्भावनाओं को देखते हुए खुफिया पुलिस भी तैनात की गयी थी साथ ही उनके की ठिकानों पर भी पुलिस तैनात की गयी थी लेकिन अचानक नाटकीय ढंग से डीपी सिंह दो वकीलों के साथ एसएसपी आफिस पहुंचे जहां एसआईटी और एसएसपी बंद कमरे में उनसे बातचीत कर रहे हैं गौरतलब है कि कभी हाई कोर्ट तो कभी सुप्रिम कोर्ट की सरण में जाकर अपना बचाव कर रहे डीपी सिंह को जब कहीं से राहत नहीं मिली तो डीपी सिंह ने आखिर सरेंडर कर दिया,

हत्या का खुलासा, दो गिरफ्तार

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हल्द्वानी- बिजली सामान के व्यापारी विकास की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों तस्लीम पुत्र अली मोहम्मद निवासी किच्छा और दूसरा गुलफाम निवासी काशीपुर को बदोच लिया। एसपी सिटी ने बताया ने बताया कि पैसों के लेनदेन को लेकर विकास की हत्या की गई थी।

खुलासा करते हुए एसपी सिटी ने बताया कि तस्लीम ने विकास की दुकान से 119000 का माल लिया था जिसकी एवज में उसने विकास को एक चेक दिया था, चैक 16 तरीक का था और उसके पास पैसे की व्यवस्था नहीं हो पाई थी, उसने गुलफाम को पैसे के लालच में लेकर विकास की हत्या कराने का प्लान बनाया। 16 नवंबर को तस्लीम आपने साथी गुलफाम को विकास की दुकान पर ले गया लेकिन भीड़ भाड़ वाले इलाके में गुलफाम ने हत्या करने से मना कर दिया और फिर दोनों ने कामलवागंज में बृजवासी स्कूल के पीछे खाली प्लाट पर हत्या करने की योजना बनाई। हत्या वाले दिन तस्लीम ने विकास को फोन कर अपने पैसे ले जाने को कहा और फिर उसको तय की गई जगह पर बुलाया जहां गुलफाम पहले से ही घात लगा कर बैठा था।

गुलफाम ने पीछे से विकास पर लोहे की सरिया से हमला किया और फिर विकास के जूते से उसका गला घोंट कर हत्या कर दी।

डीपी की तलाश में पुलिस, कास्तकारों से पुछताछ कई को नोटिस

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रुद्रपुर- एनएच मुआवजा घोटाले के आरोपी पूर्व विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी डीपी सिंह की धरपकड़ के लिए पुलिस ने फिर से कवायद तेज कर दी है। सिंह की गिरफ्तारी के लिए तीन टीम गठित की गई हैं। साथ ही उनके हाई कोर्ट और जिला न्यायालय में सरेंडर करने की संभावनाओं पर भी पुलिस नजर गड़ाए हुए है।

एनएच-74 मुआवजा घोटाले में एसआइटी अब तक निलंबित एक पीसीएस अधिकारी समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इधर गिरफ्तारी से बचने के लिए पूर्व एसएलएओ डीपी सिंह पहले हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट की शरण में गए, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इस पर पूर्व एसएलएओ डीपी सिंह ने बीते दिनों दोबारा सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की थी। सोमवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने डीपी सिंह को पहले सरेंडर करने के आदेश पारित किए हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने पर पुलिस डीपी सिंह की तलाश में जुट गई है। इसके लिए पुलिस की तीन टीम, देहरादून व लखनऊ के साथ ही दिल्ली में उनकी तलाश में जुट गई है। वह नैनीताल स्थित उत्तराखंड हाई कोर्ट या फिर रुद्रपुर स्थित जिला न्यायालय में सरेंडर न करें, इसे देखते हुए भी पुलिस कोर्ट में आने जाने वालों पर नजर रखे है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक डीपी सिंह की तलाश की जा रही है।

एनएच मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआइटी ने मंगलवार को जसपुर तहसील के पांच काश्तकारों से पूछताछ की। सुबह 11 बजे से शुरू हुई पूछताछ दोपहर दो बजे तक चली। इस दौरान काश्तकारों से भूमि की 143, मुआवजा संबंधी जानकारी ली गई। साथ ही उनके बयान दर्ज किए गए। एसआइटी के मुताबिक बुधवार को भी कुछ और काश्तकारों से पूछताछ होगी।

एनएच मुआवजा घोटाले में जसपुर और काशीपुर तहसील की जांच के बाद एसआइटी ने बाजपुर तहसील की जांच शुरू कर दी है। बाजपुर तहसील के दस्तावेजों का अध्ययन कर अब एसआइटी नोटिस भेजने की कवायद में जुट गई है। इसके लिए एसआइटी ने मंगलवार को बाजपुर तहसील के छह काश्तकारों को नोटिस भेजा है। साथ ही उन्हें निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज कराने को कहा है।

जानलेवा बनी बिजली की तारें

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रानीखेत- विकासखंड सल्ट में ऊर्जा निगम की लापरवाही एक बार फिर सामने आई। रथखाल बाजार में एकाएक बिजली के तार गिर गए। संयोगवश करंट की चपेट में आने से तीन ग्रामीण बाल-बाल बच गए और बड़ा हादसा टल गया।

मानिला के मुख्य बाजार रथखाल में एलटी लाइन के तीनों फेस चिंगारियों के साथ सड़क में आ गिरे। इस दौरान बाजार में खरीददारी कर रहे तीन ग्रामीण बाल-बाल बचे। बिजली के तार गिरते ही मौके पर हड़कंप मच गया। यह घटना देव सिंह की दुकान के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तार टूटने के समय खरीददारी करने आए ग्रामीणों की काफी भीड़ थी। करंट फैलने के डर से लोग दुकानों व अन्य सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। क्षेत्र के लोगों के मुताबिक पूरी लाइन बांज के पेड़ों से घिरी हुई है। इससे आये दिन लाइन टूटती रहती है।

एडीबी विंग की पाइप लाइनों में नहीं है पानी का प्रेशर

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देहरादून। राजधानी दून में बिछाई जा रही पानी की पाइप लाइनों के संबंध में एडीबी विंग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। एडीबी की ओर से खुड़बुड़ा व गुरु रोड क्षेत्र में डाली गई पाइप लाइन में प्रेशर ही नहीं चढ़ रहा। इस कारण लोगों के घरों में नई लाइन से कनेक्शन लेने के बावजूद पानी नहीं आ रहा। यही वजह है कि जहां खुड़बुड़ा क्षेत्र में लोगों ने नई लाइन से कनेक्शन लेने से मना कर दिया है, जबकि गुरु रोड क्षेत्र में पानी न आने पर अधिकारियों को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

दरअसल, खुड़बुड़ा में पानी न आने से लोगों ने तीन दिन पहले कनेक्शन लेने से मना कर दिया था। तब अधिकारी दावा कर रहे थे कि पूरी लाइन जोडऩे के बाद लोगों के घरों में पानी आ जाएगा, लेकिन बुधवार को पता चला कि जल संस्थान के टैंक से लाइन को चालू कर दिया है, लेकिन इस लाइन में पानी का प्रेशर ही नहीं बन रहा। इसकी वजह बताई जा रही है कि जब पांच साल पहले लाइन डाली गई, तब दूसरा ठेकेदार काम कर रहा था, जिसका कुछ समय पहले एडीबी विंग ने ठेका निरस्त कर दिया था। इसके बाद दूसरे ठेकेदार को काम पर लगाया गया, जिसे लाइनों के बारे में उचित जानकारी ही नहीं। इतना ही नहीं, यह भी आशंका जताई जा रही है कि पांच साल पुरानी होने के कारण लाइन कहीं से फट न गई हो। इसके अलावा गुरु रोड, लक्ष्मण चौक क्षेत्र में भी एडीबी विंग ने कुछ साल पहले नई लाइन डाली थी, जहां फिलहाल कनेक्शन बांटने का काम चल रहा है। यहां भी स्थिति ऐसी ही है, लोगों ने नई लाइन से कनेक्शन तो ले लिए, लेकिन उनके घरों में पानी नहीं आ रहा। बुधवार को स्थानीय लोगों ने इसका विरोध भी किया। यहां भी लोग पुरानी लाइन से ही पानी की मांग कर रहे हैं, जबकि नई लाइन से पानी लेने से इन्कार कर रहे हैं।
इस दौरान एडीबी विंग के अपर कार्यक्रम निदेशक झरना कमठान ने बताया कि काम सही न करने पर पुराने ठेकेदार का ठेका निरस्त कर दिया था। इस मामले की जांच कराई जाएगी कि आखिर लोग पानी के कनेक्शन लेने से क्यों इन्कार कर रहे हैं। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।