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प्रत्येक गुरुवार को समाधान पोर्टल की शिकायतों की होगी समीक्षा

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देहरादून। मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार के समाधान पोर्टल में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा अब प्रत्येक सप्ताह के गुरुवार को की जाएगी।

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वीर सिंह बुदियाल ने शनिवार को यहां एक जारी बयान में बताया कि वर्तमान में विभागवार शिकायतों की प्राप्ति एवं लम्बित होने के कारण शिकायतों की संख्या बढ़ती जा रही है। शिकायतों के निस्तारण आख्या ससमय प्राप्त न होने के कारण शिकायतें स्वतः उच्चस्तर हस्तान्तरित हो जाती है। इसे देखते हुए प्रत्येक गुरुवार को प्रातः 11 बजे समीक्षा करने का समय नियम किया गया है। उन्होंनेे बताया कि किसी भी सप्ताह में गुरुवार के दिन राजकीय अवकाश होने की स्थिति में उसके अगले दिन समाधान में प्राप्त शिकायतो एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की जाएगी। इस सम्बन्ध में उन्होंने समस्त विभागाध्यक्षों से अपने अधीनस्थों को निर्देशित करने का अनुरोध किया है।

‘भाजपा-कांग्रेस दोनों ही पहाड़ विरोधी’ : यूकेडी

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ऋषिकेश। उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार ने भाजपा की सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार जन पक्षीय विषयों पर पूरी तरह से विफल गई है, जो कि पहाड़ों में विकास के नाम पर लोगों को ठगने का कार्य कर रही है, जिसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अब उक्रांद ‘पहाड़ बचाओ-गांव बचाओं’ के नारे के साथ हरिद्वार से अभियान छेड़ेगी।
उक्रांद के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार ने प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि जिन महिलाओं को भाजपा और नरेंद्र मोदी ने सब्जबाग दिखाकर सरकार बनाई है, उनका भ्रम टूट चुका है। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता राज्य में शराब को गंगाजल की तरह घर-घर पहुंचाने की है। जबकि देश की आजादी के बाद सार्वजनिक वितरण प्रणाली सबसे प्रभावी योजना को इस सरकार ने बंद कर दिया है, जो दुर्भाग्य की बात है, जिसे सरकार को जनहित में तत्काल वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का किसान आत्महत्या करने को मजबूर है। क्योंकि उसकी हालत अत्यंत चिंताजनक है, यहां तक कि राज्य निर्माण के बाद तेजी से बढ़ रहा है, खेत-खलियान भी सूनसान हो गए हैं। राज्य के मुख्य तीन हजार स्कूल बंद करने की कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पहाड़ विरोधी हैं, जिनके खिलाफ उत्तराखंड क्रांति दल व्यापक स्तर पर जन आंदोलन करेगा, जिसके लिए तीन दिसम्बर को हरिद्वार में कार्यकर्ताओं का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें पार्टी के सदस्यता अभियान को लेकर विस्तृत रूप से चर्चा की जाएगी। प्रेसवार्ता में जय प्रकाश उपाध्याय प्रभारी केंद्रीय महामंत्री बीके पाल, युद्धवीर सिंह, रामलाल नवानी, एनपी रतूड़ी, राजपाल राणा, मोहित डोभाल, शांति तडियाल, किशन सिंह रावत, सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।

केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य में तेजी, जल्द भेजी जाएंगी मशीनें

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(रुद्रप्रयाग) केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की रफ्तार तेज करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कवायद जारी है। स्वयं रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल दो दिन से यहां डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही निर्माण कार्यों के लिए जल्द ही भारी मशीनें केदारनाथ भेजी जाएंगी। डीएम ने कहा कि यदि मौसम ने साथ दिया तो सभी काम निर्धारित समय पर पूरे हो जाएंगे। हालांकि केदारनाथ में मौसम परीक्षा ले रहा है। बीते सात दिन में यहां तीन बार एक-एक फुट हिमपात हो चुका है। इससे काम प्रभावित हो रहा है।
शुक्रवार को डीएम ने पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि केदारनाथ मंदिर से संगम तक पैदल मार्ग को नया स्वरूप दिया जाएगा। 250 मीटर लंबे पुराने मार्ग से मलबा हटाने के बाद इसे पचास मीटर चौड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि मौसम मेहरबान रहा तो मलबा हटाने का कार्य अगले माह पांच दिसंबर तक कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले साल यात्रा शुरू होने से पहले इसे सीसी मार्ग बना दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने सरस्वती नदी के तट पर चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। डीएम ने उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण को भी पावर प्लांट समय पर तैयार करने को कहा। डीएम ने कहा कि पुनर्निर्माण कार्य को तेज करने के लिए पोकलैंड मशीनों की संख्या भी बढाई जाएगी। फिलहाल यहां तीन पौकलैंड मशीन, दो जेसीबी व पांच डंफर हैं। उन्होंने कहा कि लिनचोली और केदारनाथ के बीच कुछ जगहों पर पैदल मार्ग की स्थिति खराब है, जिसे जल्द से जल्द ठीक लिया जाएगा। इसके साथ ही केदारनाथ में मंदाकिनी नदी पर घाट निर्माण कार्य के लिए ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया चल रही है।

एसबीएम पब्लिक स्कूल पर चला मिश्रा बंधू के सूरों का जादू

ऋषिकेश। स्पीक मैके संस्था 40 वर्षों से भारतीय संस्कृति और संगीत को बढ़ावा देने का काम कर रही है इसी कड़ी में भरत मंदिर स्कूल में स्कूली बच्चों को मिश्रा बन्दुओं ने भारतीय संस्कृत संगीत से रूबरू कराया, और स्कूली बच्चों ने भी उनके संगीत को जमकर पसंद किया

बनारस घराने से निकल कर मिश्रा बंधु पूरे विश्व में भारतीय संगीत को एक नई पहचान दिला रहे हैं, स्पिक मेके के तत्वाधान में हिंदुस्तानी संगीत कार्यक्रम का आयोजन ऋषिकेश के एसबीएम पब्लिक स्कूल में किया गया। रितेश मिश्रा ने विभिन्न रागों के जरिए छात्रों को मंत्रमुग्ध किया, वहीं तबले पर रजनीश मिश्रा और हारमोनियम पर कांता प्रसाद ने उनका साथ दिया। रितेश व रजनीश ने राग भैरव की विभिन्न प्रस्तुतियों से खूब वाहवाही लूटी साथ ही उन्होंने छात्रों को शास्त्रीय संगीत की बारीकियां भी सीखाई।

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 आपको बता दें की मिश्रा बंधू की शिक्षा दिल्ली यूनिवर्सिटी में हुई है, घर में भारतीय संस्कृत का माहौल बचपन से ही मिला और उसी के साथ अपने घराने की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. भारतीय राग में ख्याल, तप्पा ,तराना ,भजन और अन्य संस्कृति कलाओं में हर जगह अपनी आवाज का जादू बिखेर देते हैं पूरे विश्व भर में इनके अलग-अलग कार्यक्रम होते हैं. अपनी आवाज से सबको मंत्रमुग्ध कर देते हैं, इन्हें युवा रत्न अवार्ड 1999 और भविष्य ज्योति अवार्ड 2007 संगीत नाटक अकादमी उस्ताद बिस्मिल्लाह खान अवार्ड 2008 और संगीत समृद्धि सम्मान 2010 में प्राप्त है. उनहोने साथी यंग जनरेशन को मैसेज देते हुए कहा कि स्कूल और कॉलेज में इस तरह के कार्यक्रमों की जरूरत है जिससे हम अपने भारत की संस्कृति और परंपरा को नई जनरेशन के साथ बैठ सकें और भारतीय संगीत की पहचान करा सके ऋषिकेश पहुंच कर उन्हें बहुत अच्छा लगा और कहा कि ऋषिकेश में एक अलग सा आभामंडल है जो उंहें आकर्षित करता है.

 ऋषिकेश पहुंचे मिश्रा ब्रदर्स का कहना है की आज कल  के नौजवान क्लासिकल संगीत से दूर भाग रहे है ऐसे में जरुरत है तो युवाओं को देश की असल संस्कृति से रूबरू कराना।

‘पद्मावती’ के समर्थन में 26 को होगा ‘ब्लैकआउट’

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संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी फिल्म ‘पद्मावती’ के समर्थन में इंडियन फिल्म एवं डायरेक्टर्स एसोसिएशन (आईएफटीडीए) के अध्यक्ष अशोक पंडित ने फिल्म एवं टेलीविजन उद्योग के 20 अन्य निकायों के साथ मिलकर 15 मिनट के ब्लैकआउट करने का ऐलान किया है।

अशोक पंडित ने एक निजि चैनल से हुई बातचीत में बताया कि हम पद्मावती और फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली को समर्थन देना जारी रखेंगे क्योंकि अपने तरीके से कहानी कहना एक रचनात्मक शख्स का बुनियादी अधिकार है। उन्होंने कहा कि संजय लीला एक जिम्मेदार फिल्म निर्माता हैं और एक इतिहास से संबंध रखने वाली फिल्म बनाना आसान काम नहीं है। अशोक पंडित ने कहा कि फिल्म के प्रति अपना समर्थन दर्शाने के लिए 26 नवम्बर को मुम्बई की सभी शूटिंग इकाईयों की रोशनी 15 मिनट के लिए बुझा दी जाएगी और कोई शूटिंग नहीं होगी। उऩ्होंने कहा कि हम ऐसी ताकतों का विरोध करते हैं जो फिल्म निर्माताओं और कलाकारों को धमकाते हैं।

उल्लेखनीय हो कि फिल्म ‘पद्मावती’ का राजस्थान की करणी सेना शूटिंग के शुरुआत से ही विरोध कर रही है इस विरोध में फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली के साथ हाथापाई भी हुई थी। विरोध कर रहे लोगों का मानना है कि फिल्म में अलाउद्दीन और रानी पद्मावती के बीच ड्रीम सिक्वेंस दर्शाये गए हैं, जो कि राजपूतों की मर्यादा का अपमान है।

बाइक चलाते मुंह पर कपड़ा बांधने पर होगी कार्रवाई

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हरिद्वार जनपद, के रुड़की कोर्ट परिसर में हुए देवपाल राणा शूटआउट मामले में पुलिस अब सुरक्षा की जगह समीक्षा करने में जुट गई है। साथ ही अब नए आदेश भी जारी हो गए हैं, जिसके मुताबिक अब रुड़की में बाइक पर मुंह ढककर सफर करने वालों को कानून के पचड़े में फंसना पड़ सकता है।

हरिद्वार जिला लगातार अपराधियों के निशाने पर हैं। डबल मर्डर की गुत्थी अभी तक सुलझी भी नहीं थी कि रुड़की में शूटआउट ने पुलिस प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। जिले में बदमाशों के बुलंद हौसलों से लगता है जैसे अपराधियों के मन में अब पुलिस का बिल्कुल भी खौफ नहीं बचा है। वहीं सवाल ये भी उठ रहा है कि क्या सच में हरिद्वार अपराधियों के लिए हत्या, लूट और डकैती जैसी वारदात को अंजाम देने का सॉफ्ट प्वाइंट बन गया है।

रुड़की परिसर में हुए कुख्यात देवपाल राणा हत्याकांड मामले के बाद पुलिस ने इलाके में दोपहिया वाहन पर सफर करते हुए मुंह ढकने वालों पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने सभी थाना प्रभारियों को आदेश दिए हैं कि कोई भी व्यक्ति अगर बाइक या स्कूटर मुंह ढक कर चलाएगा, तो उसके ऊपर कार्रवाई की जाए। मामले को लेकर हरिद्वार एसएसपी कृष्ण कुमार वीके का कहना है कि ये आदेश फिलहाल रुड़की में लागू किया गया है। दरअसल, देवपाल राणा हत्याकांड मामले में आरोपी बाइक पर जब आये थे, तो मुंह ढक कर ही आये थे। लिहाजा ऐसे में पुलिस चाहती है कि इस ट्रेंड को रोका जाए। 

अब नाबालिग को वाहन चलाना पड़ेगा महंगा

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नाबालिग बच्चों के दोपहिया वाहन चलाने को लेकर हरिद्वार पुलिस अब सख्त हो गई है। जिसके चलते पुलिस ने स्कूलों के बाहर पहुंचकर कई स्कूटी और बाइकों के चालान किए। साथ ही मां-बाप से भी नाबालिग बच्चों को गाड़ी न देने की अपील की गई। पुलिस द्वारा बीते बुधवार से शुरू हुआ ये अभियान फिलहाल एक हफ्ते तक चलेगा।

आज कल स्कूलों में बड़ी संख्या में नाबालिग बच्चे स्कूटी और बाइकों से स्कूल आते हैं, जिसके चलते न केवल आए दिन हादसे हो रहे हैं बल्कि पुलिस को इसे रोकना भी चुनौती है। हालात ये हैं कि स्कूली बच्चों के पास लाइसेंस नहीं होता और कई तो नाबालिग होते हैं, ऐसे में स्कूल आने वाले छात्रों का चालान कर गाड़ियां सीज कर दी गई, साथ ही इनके परिजनों को सूचना भी दे दी है। लोगों की माने तो स्कूलों के बाहर बड़ी संख्या में वाहन खड़े रहते हैं, इससे न केवल आने-जाने में बड़े वाहनों को दिक्कत होती है, बल्कि सड़क पर इनकी तेज स्पीड भी चिंता का विषय बनी रहती है।

कॉर्बेट लैंडस्केप में सुधारे जाएंगे वन्य जीवों के रहने की जगह

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(नैनीताल) कॉर्बेट लैंडस्केप के जंगलों में वन्यजीवों के वास स्थल अधिक अनुकूल बनाए जाएंगे। विशेषज्ञों की मदद से रामनगर वन प्रभाग में आठ स्थानों पर सघन ग्रासलैंड विकसित करने का काम शुरू कर दिया गया है।
जंगल में ग्रासलैंड ही हिंसक वन्य जीवों के छिपने, सोने व शिकार करने के अलावा चीतल सांभर, पाड़ा, हाथियों के चारे व रहने के लिए उपयुक्त जगह होती है। कार्बेट लैंडस्केप के रामनगर वन प्रभाग में जो ग्रासलैंड हैं, उनमें कई तरह की खरपतवार भी है। जो दूसरी प्रजाति के चारे को उगने नहीं देती है। ऐसे में चीतल, सांभर, पाड़ा व हाथियों को चारा नहीं मिल पाता है। यह खरपतवार वन्य जीवों की पंसदीदा प्रजाति के चारे के उगने में बाधक बनी है। ग्रासलैंड से खरपतवार हटाने व वन्य जीवों की निर्भरता वाली घास लगाने के लिए इन दिनों मध्यप्रदेश से वनस्पति विशेषज्ञ मुरातकर पहुंचे हैं। मुरातकार मध्यप्रदेश, उड़ीसा व छत्तीसगढ़ में बेहतर ग्रासलैंड विकसित कर चुके हैं। रामनगर वन प्रभाग यहां भी उनकी मदद ले रहा है। उन्होंने फील्ड कर्मियों को ग्रासलैंड विकसित करने से संबंधित जानकारियां दी।
मामले में डीएफओ रामनगर वन प्रभाग नेहा वर्मा ने बताया कि कर्मचारियों को मध्यप्रदेश के विशेषज्ञ द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कर्मचारियों को बताया जा रहा है कि किस महीने में कौन सी खरपतवार हटानी है। कब उसे लगाना चाहिए। साथ ही घास को पहचानने व कौन सी घास किस जानवर के लिए है, कौन सा क्षेत्र किस घास के लिए बेहतर है, इसकी जानकारी दी जा रही है।

यह है खरपतवार: लैंटाना, गाजर घास, काला बासा, वन तुलसी, पाती अधिकांश क्षेत्रों में फैली है। इस चारे को वन्य जीव नहीं खाते हैं। जबकि ग्रासलैंड में खस, दूब, गोरिया, कुमेरिया, फिरकिरी, बाबड़, पेनीकम, कांस, कुस घास लगाने की तैयारी चल रही है।

इन स्थानों परं विकसित होंगे ग्रासलैंड:कोसी रेंज में जमनिया चौड़, कोटा रेंज में चौफला, भंडार पानी, कालीगाड़, कुंआचौड़, देचौरी रेंज में हाथी गलियार, सांदनी चौड़, कालाढूंगी में ढापला।

साइबर अपराध का प्लेटफार्म बन रहा सोशल मीडिया

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(देहरादून) सोशल मीडिया पर अपराध का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है, इससे भी ज्यादा चिंताजनक यह है कि साइबर अपराधी आए दिन नए-नए तरीके अख्तियार कर लोगों को अपना शिकार बना हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो इसी साल नौकरी और लॉटरी जिताने के नाम पर 55 लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं। जबकि एटीएम को आधार कार्ड से जोड़ने के नाम पर 380 लोगों को साइबर ठग अब तक निशाना बना चुके हैं।

सैंकड़ों लोग हो रहे साइबर अपराध का शिकार
मौजूदा समय में सोशल मीडिया आम आदमी के जीवन में दखल दे चुका है और हाल के वर्षों में अभिव्यक्ति का बड़ा माध्यम भी बनकर उभरा है। सोशल मीडिया के इसी बढ़ते दायरे का साइबर अपराधी अब अपने मंसूबों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल करने लगे हैं। 14 नवंबर को क्लेमेनटाउन के बिजनेस पार्क में ऐसे ही साइबर अपराधियों के ठिकाने का पता चला था, जहां कॉल सेंटर की आड़ लेकर ठग देश के विभिन्न प्रांतों के बेरोजगारों को एक साल से ठगी का शिकार बना रहे थे। इसके पहले 24 सितम्बर को नेहरू कॉलोनी में भी ऐसे ही एक कॉल सेंटर का एसटीएफ ने पर्दाफाश किया था। यह तो वह कॉल सेंटर और प्लेसमेंट एजेंसियां हैं, जिनका फर्जीवाड़ा पकड़ में आ चुका है। सूत्रों की मानें तो देहरादून में ऐसी कई संस्थाएं हैं जो बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपनी जेबें भर रहे हैं। साइबर अपराधियों के निशाने पर सिर्फ बेरोजगार हों, ऐसा नहीं है। आम लोगों से लेकर नौकरीपेशा, कारोबारियों को भी साइबर ठग निशाने बना रहे हैं। एसटीएफ की मानें तो इस साल एटीएम क्लोनिंग से लेकर बैंक खातों को आधार से जोडऩे के नाम पर 380 लोगों को साइबर ठग शिकार बना चुके हैं।

फिर भी सबक नहीं ले रहे लोग
एसटीएफ जहां सोशल मीडिया पर संपर्क में आने वाले लोगों की सत्यता जाने बगैर कोई कदम उठाने से बचने की आए दिन सलाह देती रहती है। आरबीआई किसी से भी बैंक खाते से जुड़ी कोई जानकारी साझा न करने की अपील करता आ रहा है। यही नहीं, आए दिन साइबर ठगी के मामले सुर्खियों में आते रहते हैं, इसके बावजूद लोग ठगों के प्रलोभन में आकर अपनी गोपनीय जानकारियां साझा करते जा रहे हैं। साइबर ठगों का अपने मंसूबे में कामयाब होने का यह एक बड़ा कारण है। मामले में एसएसपी एसटीएफ रिधिम अग्रवाल का कहना है कि साइबर ठगों पर शिकंजा कसने के हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन इस तरह की ठगी का शिकार होने से बचने के लिए जागरुकता अहम है। इसके लिए स्कूल-कॉलेजों के साथ जनसामान्य के बीच जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

अपराध पर अंकुश लगाने के लिए शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे

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(पौड़ी) देवभूमि उत्तराखण्ड के गढ़वाल का द्वार कहे जाने वाले कोटद्वार में बिगड़ती यातायात व्यवस्था एवं बढ़ते अपराध को देखते हुए कोतवाली पुलिस कोटद्वार के द्वारा शहर के मुख्य मुख्य स्थानों एवं मार्गो पर बीईएल के सहयोग से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
शहर के मुख्य मार्गो पर बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था और बढ़ते अपराधों को देखते हुए पिछले काफी समय से मुख्य मार्गो पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की मांग की जा रही थी, जिसके बाद भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड कोटद्वार के सौजन्य से शुक्रवार को कोटद्वार के झंडाचौक, कौड़िया चेकपोस्ट व बीईल के आस-पास सीसीटीवी कैमरा लगाए गए, जिसका उदघाटन आज एसएसपी पौड़ी जेआर जोशी के द्वारा कोटद्वार कोतवाली के कंप्यूटर कक्ष में किया गया। एसएसपी जगतराम जोशी ने बताया कि कोतवाली पुलिस सभी मुख्य मार्गों पर 24 घण्टे निगरानी रखेगी, इससे बढ़ते अपराध व बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था पर लगाम लगेगी।