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जन सुनवाई दिवस पर 35 ​शिकायतें दर्ज

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जिला मुख्यालय में जन सुनवाई दिवस पर सोमवार को 35 शिकायतें दर्ज की गई, जिसमें कुछ शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया।

जिलाधिकारी डॉ. नीरज खैरवाल की अध्यक्षता में प्रत्येक सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय में जनसुनवाई दिवस मनाया जाता है। ताकि अधिक से अधिक लोगों की शिकायतों का निस्तारण किया जा सके। इसी क्रम में सोमवार को जिलाधिकारी ने 35 शिकायतों की सुनवाई की। जिन मामलों का निपटारा नहीं हुआ, उनके लिए अधिकारियों को निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि वे लोगों की जनसमस्याओं को गम्भीरता से सुनें और उनका समाधान करें।

अधिकतर मामले आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, जाति प्रमाण पत्र बनाने, विवादित भूमि के मामलों को सुलझाने, ग्रामसभा छतरपुर की मीनाक्षी भट् द्वारा प्रा. वि. में अध्यापकों की कमी दूर करने, एचडी अरोरा द्वारा थापर कॉलोनी में विद्युत व्यवस्था को सुचारु करने, प्रेम लाल वार्ड नं.-13, आदर्श कॉलोनी खतौनी में नाम दर्ज कराने, बल्देव सिंह बिचुआ द्वारा सार्वजनिक रास्ते को खोलने सम्बन्धित थे।

इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय, एडीएम जगदीश चन्द्र काण्डपाल, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी डॉ. अनिल शर्मा उपस्थित रहे।

पुरसाड़ी में जंगली सूअर कर रहे खेत बर्बाद

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गोपेश्वर, चमोली जिले के पुरसाड़ी गांव के काश्तकार जंगली सुअरों से परेशान हैं। सुअरों के झुंड ने लोगों के खेतों को बर्बाद कर दिया है। काश्तकारों ने जिला प्रशासन गांव की सीमा पर सूअर रोधी दीवार निर्माण करने की मांग उठाई है।

काश्तकार आशा राम, गणेश प्रसाद, दानसिंह और हरेंद्र सिंह का कहना है कि सूअरों द्वारा यहां खेतों को खोद दिय गया है। जिससे अब खेतों को जोत पाना संभव नहीं है। काश्तकारों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यदि शीघ्र जिला प्रशासन की ओर से सूअरों के आतंक को खत्म करने के लिये कार्य नहीं किया जाता तो वे ग्रामीणों को साथ लेकर आंदोलन शुरू कर देंगे।

सीएम एक दिवसीय दौरे पर 28 को आएंगे रुद्रपुर

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रुद्रपुर,  प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम पर 28 नवम्बर को रामनगर (नैनीताल) से हवाई मार्ग द्वारा प्रस्थान कर 12 बजे पुलिस लाइन हेलीपैड रुद्रपुर पहुंचेगे। इसके बाद 12.15 बजे रोडवेज बस अण्डे के निकट पं. रामसुमेर शुक्ल की प्रतिमा का अनावरण एवं स्मृति समारोह में प्रतिभाग करेगें।

इसके बाद मुख्यमंत्री 1.05 बजे खेड़ा कॉलोनी में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष चतुर्वेदी के अवास पर पहुंचकर उनके पुत्र के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करेंगें। मुख्यमंत्री 01.25 बजे रुद्रपुर मेडिसिटी मल्टी स्पेशलिस्ट हाॅस्पिटल के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेंगे।

इसी दिन अपरांहन 2 बजे रुद्रपुर से हवाई मार्ग द्वारा प्रस्थान कर 2.15 बजे अशोका रिसोर्ट दिनेशपुर पहुंचेगे तथा प्रदेश के विद्यालय शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डे के पुत्र के विवाह समारोह में भाग लेगें। अपरांह्न 3 बजे हवाई मार्ग से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेगें। 

उत्तराखंड हाई कोर्ट के गंगा में प्रदूषण को लेकर दायर जनहित याचिका

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नैनीताल। गंगा में प्रदूषण को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाई कोर्ट नैनीताल की ओर से दिए गए ऐतिहासिक फैसला को फ्रांस के उच्चशिक्षण संस्थाओं के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

उत्तराखंड हाई कोर्ट के गंगा में प्रदूषण को लेकर दायर जनहित याचिका पर दिए गया ऐतिहासिक फैसला वैश्विक फलक पर छा रहा है। भले ही उत्तराखंड सरकार इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देकर स्थगनादेश ले आई है पर दुनिया के ताकतवर देशों में शुमार फ्रांस के उच्चशिक्षण संस्थाओं के पाठ्यक्रम में फैसले को शामिल किया गया है। यही नहीं फ्रांस में गंगा की मान्यता व मौजूदा स्थिति पर भी शोधार्थियों की रुचि तेजी से बढ़ रही है।

दरअसल, अधिवक्ता ललित मिगलानी की जनहित याचिका पर वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गंगा के साथ ही ग्लेशियर, पेड़ व पौधों को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया था। पिछले साल दो दिसंबर को खंडपीठ ने 26 बिंदुओं को लेकर फैसला दिया था। गंगा को जीवित व्यक्ति का दर्जा देने संबंधी फैसले को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर चुनौती दी थी। इस सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी, जबकि ग्लेशियर व पेड़-पौधों को जीवित व्यक्ति का दर्जा देने वाला आदेश प्रभावी है। अब तक इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं मिली है।

रविवार को फ्रांस की शोधार्थी डेनियल बेरती ने याचिकाकर्ता व अधिवक्ता ललित मिगलानी से मुलाकात कर फैसले के अहम बिंदुओं बारे में जानकारी ली। उन्होंने इसकी पुष्टि किया कि इस विषय को फ्रांस के नेशनल सेंटर फॉर साइंस रिसर्च व सेंट्रल फॉर हिमालयन स्टडीज फ्रांस में अध्ययन के लिए शामिल कर लिया गया है। डेनियल ने गंगा की धार्मिक व सामाजिक मान्यता को लेकर भी तथ्यात्मक जानकारी जुटाई। अधिवक्ता मिगलानी ने इसको उत्तराखंड हाई कोर्ट के साथ ही देश के लिए बड़ी उपलब्धि करार दिया है। साथ ही कहा कि गंगा की स्वच्छता व निर्मलता को लेकर उनकी मुहिम जारी रहेगी।

सीएम ने किया कार्बेट पार्क के गेट का शुभारंभ

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पौड़ी। अब पर्यटक गढ़वाल के द्वार कोटद्वार से भी कॉर्बेट नेशनल पार्क व टाइगर रिजर्व का भ्रमण कर सकेंगे। कोटद्वार के सिटी मोंटेसरी स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और प्रदेश के वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने सोम नदी स्वागत द्वार से कोटद्वार ईको टूरिज्म सर्किट विकास एवं पर्यटकों के आवागमन के लिए सफारी वाहनों के संचालन का शुभारंभ किया।
इस मौके पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि इससे न सिर्फ पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी प्राप्त होगा। इस अवसर पर उन्होंने लालढांग-चिल्लरखाल रोड के सुधारीकरण कार्य (11.55 किमी), भीमसिंह पुर से उदय रामपुर मार्ग (2.3 किमी), राज्य योजनान्तर्गत विकासखंड दुगड्डा की विभिन्न योजनाओं और पीसी एवं सीसी योजनाओ में (4.1 किमी) के सुधारीकरण कार्यों का शिलान्यास किया। साथ ही सीएम ने कर्मकार कल्याण बोर्ड के कार्यालय भवन और सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन भी किया। इस दौरान उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान योजना के तहत 200 किसानों को एक-एक लाख रुपये का ऋण दो प्रतिशत ब्याज की दर से आवंटित किया। इसके चेक किसानों को वितरित किए गए। कॉर्बेट नेशनल पार्क के प्रवेश द्वारों के उदघाटन कार्यक्रम का विधिवत सुभारम्भ मुख्यमंत्री रावत ने किया।
इससे पूर्व सीएम ने कार्बेट राष्ट्रीय पार्क के गेट का रिबन काटकर इसे पर्यटकों के लिए शुरू किया। कोटद्वार ईको टूरिज्म सर्किट विकास के अलावा उन्होंने छह सफारी वाहनो को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि कॉर्बेट व राजाजी राष्ट्रीय पार्कों में पर्यटकों की आवाजाही मजबूत की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाघों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि के लिए ये दोनों ही पार्क सराहना के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि पार्क के आरक्षित वन क्षेत्र में वनकर्मियों के अलावा अन्य किसी को भी जाने की अनुमति नहीं थी, पर सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पार्क क्षेत्र में पर्यटकों को सफारी संचालन के माध्यम से भ्रमण करने को कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों व युवाओं को रोजगार तो प्राप्त होगा ही, साथ ही पर्यटकों को जंगल सफारी का रोमांच प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि पार्क को पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षित बनाए जाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण कार्य किएजा रहे है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि लालढांग-चिल्लर खाल सुधारीकरण होने से लोगो को आवागमन में सुविधा होगी, जिसके लिए सरकार तेजी से कार्य कर रही है। कार्यक्रम में प्रदेश के वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने भी जनता को संबोधित किया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा सहकारिता दुग्ध विकास राज्यमंत्री डॉ धन सिंह रावत विधायक लैंसडाउन दिलीप महंत, जिला पंचायत अध्यक्ष दीप्ति रावत, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र अंथवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह बिष्ट, नगर पालिका अध्यक्ष रश्मि राणा, ईको टूरिज्म कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक अनूप मालिक, पीसीसीएफ दिग्विजय खाती, प्रमुख वनसंरक्षक आर के महाजन, निदेशक कॉर्बेट टाइगर सुरेंद्र मेहरा विनोद रावत जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला, एसएसपी जगतराम जोशी, सीडीओ रवनीत चीमा, अपर जिलाधिकारी रामजी शरण शर्मा, उप जिलाधिकारी लैंसडाउन शोहन सिंह, उपजिलाधिकारी कोटद्वार राकेश तिवारी, अपर पुलिस अधीक्षक हरीश वर्मा, क्षेत्राधिकारी जोधराम जोशी आदि मौजूद रहे।

डिस्कशन मोड से एक्शन मोड में आना होगा: राज्यपाल

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देहरादून। नैनी झील के संरक्षण में नैनीताल शहर के नागरिकों की सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका है। नैनी झील के संरक्षण के लिए अब एक्शन मोड में आना होगा। नैनीताल में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सुनिश्चित करते हुए पानी के दुरूपयोग पर पूरी तरह से रोक लगानी होगी। सोमवार को राजभवन में आयोजित हुई यूएनडीपी ‘नैनी झील के संरक्षण के लिए वैज्ञानिक व तकनीकी उपाय’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में राज्यपाल डा. कृष्ण पॉल ने यह बात कही। उन्होंने वैज्ञानिकों व विशेषज्ञों के सुझावों पर शीघ्र क्रियान्वयन करने की जरूरत बताई।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए राज्यपाल डा. पॉल ने कहा कि नैनीताल झील के संरक्षण के लिए समय-समय पर अनेक सेमीनार किए गए हैं जिनमें विशेषज्ञों ने अपने सुझाव दिए हैं। विभिन्न संस्थाओं व समितियों द्वारा भी व्यापक अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की गई हैं। अब समय आ गया है कि नैनीताल झील को बचाने के लिए इन सुझावों का ठोस क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसके लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। माननीय उच्च न्यायालय ने भी दिशा निर्देश दिए हैं। इसलिए स्थानीय प्रशासन को गम्भीरता के साथ इस पर काम करना होगा।
राज्यपाल ने कहा कि सर्वाधिक महत्वपूर्ण जिम्मेवारी नैनाताल के नागरिकों को उठानी होगी। नैनीताल शहर पीने के पानी की आपूर्ति के लिए नैनी झील पर निर्भर है। प्रति वर्ष यहां की आबादी से कई गुना अधिक पर्यटक आते हैं। इनके लिए भी पानी की व्यवस्था करनी होती है। हमें समुचित जल प्रबंधन व सस्टेनेबल टूरिज्म की अवधारणा को अपनाना होगा। पीने के पानी के दुरूपयोग को रोका जाए। रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्रोत्साहित करने के साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इससे प्राप्त पानी सीवरेज में न जाए। नैनीताल के लिए पानी के वैकल्पिक स्त्रोत को विकसित करना होगा। साथ ही यह भी देखा जाए कि क्या नैनीताल आने वाले पर्यटकों के एक भाग को निकटवर्ती दूसरे पर्यटन स्थल जाने के लिए पे्ररित किया जा सकता है।
राज्यपाल ने ढांसा, बड़कल व सुरजकुंड आदि झीलों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये सभी कभी दिल्ली के पास स्थित महत्वपूर्ण झीलें थीं, परंतु अब ये सभी सूख चुकी हैं। ये हम सभी की जिम्मेवारी है कि नैनी झील की हालत इन झीलों जैसी न हो। इसके लिए दृढ़ इच्छा शक्ति से काम करना होगा। सामान्य बुद्धिमत्ता का प्रयोग करते हुए सामान्य नागरिक भी नैनी झील के संरक्षण में अपनी भूमिका निभा सकता है।

 कार्ययोजना बनाने की बताई जरूरत 
मुख्यमंत्री त्रिवेद्र सिंह रावत ने कहा कि पूरे प्रदेश में जलस्त्रोतों व नदियों के पानी में कमी आई है। हम सभी इसके लिए चिंतित हैं। नैनी झील के लिए रणनीति बनाते हुए समयबद्ध तरीके से कार्ययोजना बनानी होगी। शहर के पीने के पानी के लिए विकल्प विकसित करने होंगे। स्थानीय सहभागिता सुनिश्चित करनी होगी। राज्य सरकार ने नैनी झील के साथ ही पूरे प्रदेश में जल संरक्षण के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम शुरू किया है। 25 मई को जल संचय-जीवन संचय अभियान संचालित किया गया था। बिंदाल व रिस्पना के पुनर्जीवीकरण के लिए अभियान प्रारम्भ किया गया है। वहां एक दिन निश्चित करके व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण व सफाई का काम एक ही दिन में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूएनडीपी की कार्यशाला में जो भी सुझाव आएंगें, उन्हें राज्य सरकार कार्यरूप में परिणत करेगी। इस दौरान कार्यशाला में तीन सत्र भी आयोजित किए गए। दूसरे सत्र में ‘झील के जलस्तर में गिरावट के कारण, शोध आवश्यकताएं व सम्भावित समाधान‘, तीसरे सत्र में ‘नैनीताल का बदलता भूदृश्यः पारिस्थितिक दृष्टिकोण व मानवीय दबाव‘ जबकि चैथे सत्र में ‘संगठनों की भूमिका, क्रियान्वयन रणनीति व कार्य बिंदु’ विषय पर व्यापक विचार विमर्श किया गया। इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, प्रमुख सचिव आनंदबर्धन, यूएनडीपी के एडिशनल कंट्री डायरेक्टर डाॅ. राकेश कुमार, सचिव रविनाथ रमन, प्रोफेसर एसपी सिंह, विभिन्न संस्थाओं से प्रतिभाग करने आए वैज्ञानिक व विशेषज्ञ उपस्थित थे।

डीएम ने लगाई मेडिकल संचालकों की क्लास

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हरिद्वार। जिलाधिकारी दीपक रावत द्वारा रुड़की में मेडिकल स्टोर पर की गई सील की कार्रवाई के बाद नाराज मेडिकल एसोसिएशन ने जिले की सभी केमिस्ट दुकानों कोे अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का फैसला लिया था। जिसके बाद आज एसोसिएशन के पदाधिकारी डीएम रावत से मुलाकात करने पहुंचे। मेडिकल एसोसिएशन द्वारा जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स को बंद करने की घोषणा और अनिश्चितकालीन हड़ताल के फैसले पर जिलाधिकारी सख्त नजर आए। मेडिकल एसोसिएशन के जब आज डीएम दीपक रावत से मुलाकात की तो उन्हें जिलाधिकारी के सख्त तेवरों का सामना करना पड़ा। इस दौरान डीएम रावत ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों की जमकर क्लास लगाई।

जिलाधिकारी ने हड़ताल पर गए मेडिकल स्टोर संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दुकान पर फार्मासिस्ट नहीं होगा तो कार्रवाई की जाएगी और इसमें कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आप लोगों को दवाइयों के सेल पर्चेज को भी मेंटेन रखना है, यदि कहीं भी कोई अनियमितता पाई गई और भविष्य में कोई हड़ताल की बात की गई तो मेडिकल स्टोर स्वामियों के खिलाफ आइपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। वहीं, जिलाधिकारी से मुलाकात के बाद मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी बैकफुट पर नजर आए।
डीएम से मिलने के बाद उन्होंने कहा कि हमने जिलाधिकारी को आश्वासन दिया है कि जो भी खामियां हैं उन्हे पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट तो मेडिकल स्टोर पर रहते ही हैं, लेकिन कभी-कभी किसी काम से उन्हें इधर-उधर जाना भी पड़ सकता है।
बता दें कि मेडिकल स्टोर्स का संचालन फार्मासिस्ट की डिग्री होने पर ही किया जा सकता है। लेकिन शहर में कई ऐसे मैडिकल स्टोर हैं, जहां फार्मासिस्ट केमिस्ट शॉप से गायब रहकर दूसरी जगह काम कर रहे हैं और दुकान खोल के लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

सात लोगो को जुआ खेलते हुए पुलिस ने पकड़ा

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रुद्रपुर पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए ब्लॉक प्रमुख दलजीत सिंह खुराना को सात लोगो के साथ जुआ खेलते हुए गिरफ्तार किया है पुलिस को मौके पर हरियाणा ब्रांड की 10 पेटी भी मिली है ये सब लोग ब्लॉक प्रमुख के आफिस में जुआ खेल रहे है थे जानकारी देते हुए सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया की तीन पानी किच्छा रोड पर ट्रांसपोर्ट के आफिस में मुखबिर ने जुआ खेलने की सूचना दी थी जिस पर एसओजी टीम ने छापा मारा और मौके पर ब्लॉक प्रमुख दलजीत सिंह खुराना और प्रीतम सिंह पुत्र अर्जुन सिंह निवासी मजरा मिलख ,बूटा सिंह पुत्र जोगेंद्र सिंह ढाकी बिलासपुर ,मंजीत सिंह पुत्र दिलबाग सिंह निवासी धनोरा बिलासपुर नानक सिंह पुत्र अंग्रेज सिंह ढाकी फार्म बिलासपुर ,हरचरण सिंह पुत्र गुरुबख्श सिंह निवासी रुद्रपुर ,दवेंद्र सिंह पुत्र बहादुर सिंह निवासी रुद्रपुर को गिरफ्तार किया पुलिस को मौके पर 64 हजार रुपए नगद ,ताश की गद्दी, और 10 पेटी हरियाणा ब्रांड शराब पकड़ी गई सीओ का कहना है की मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियो को जेल भेजा जाएगा इस दौरान   पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ समर्थको के साथ कोतवाली पहुचे और पुलिस पर राजनैतिक द्वेष के चलते ब्लॉक प्रमुख को फ़साने का आरोप लगाया l

मुंह दिखाई से पहले ही दुल्हन लापता, छोड़ गई एक खत

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हल्द्वानी। नैनीताल जिले के हल्‍द्वानी शहर में ऐन मुंह दिखाई की रस्म से पहले दुल्हन ससुराल से चली गई। जाने से पहले वह एक खत छोड़ गई।

 22 नवंबर को शादी, 24 को प्रीतिभोज और 26 नवंबर को घर पर मुंह दिखाई की रस्म। सब कुछ तय था, लेकिन दुल्हन ऐन मुंह दिखाई की रस्म से पहले ससुराल से चली गई। दुल्हन घर के सभी दरवाजों पर कुंडी लगा गई और एक खत छोड़ गई। खत में उसने धोखे से शादी किए जाने एवं मरने जाने की बात कही है। परिवार की ओर से तहरीर मिलने के बाद पुलिस भी खोजबीन में जुटी है।

सदर बाजार हल्द्वानी निवासी बिंदेश कुमार उर्फ बीरू का विवाह 22 नवंबर को भगवानपुर रुद्रपुर निवासी सोनी के साथ रुद्रपुर में ही संपन्न हुआ था। बरात अगले दिन लौटी तो सब कुछ ठीक चल रहा था। 24 नवंबर को रामलीला मोहल्ले के पास स्थित बैंक्वेट हॉल में प्रीतिभोज का कार्यक्रम भी निपट गया। रविवार तड़के करीब 4:30 बजे सोनी एक खत छोड़ घर के सभी दरवाजों पर कुंडी लगाकर निकल गई।

सुबह परिवार में खलबली मच गई। पड़ोसियों को आवाज देकर दरवाजे खुलवाए गए। वहीं दोपहर तक आसपास, रिश्तेदारी में और सोनी के मायके व सहेलियों से परिजन जानकारी जुटाने में ही रहे। सोनी का मोबाइल स्विच ऑफ रहने से चिंता और बढ़ गई। दोपहर बाद बीरू के चाचा नवल किशोर कोतवाली पहुंचे और पूरा वाकया बताते हुए गुहार लगाई। नवल के मुताबिक बीरू के पिता हार्ट पेशेंट हैं और बीमार हैं। सोनी अपने साथ लाए शादी के गहनों में ही घर से निकली है। मायके से मां और भाई भी यहां पहुंच गए।

मंगलपड़ाव चौकी प्रभारी अजेंद्र कुमार ने बताया कि ससुराल व मायके पक्ष के लोग अपने स्तर से भी जानकारी ले रहे हैं। देर शाम सोनी की लोकेशन मुरादाबाद में होने की सूचना मिली है। मुरादाबाद पुलिस से भी संपर्क का प्रयास किया जा रहा है। वहीं देर रात फिर कोतवाली पहुंचे नवल ने पुलिस से जानकारी ली। नवल ने बताया कि एसएसपी ने खुद सोनी के भाई से मोबाइल पर बात की। भाई ने सोनी के मुरादाबाद में अपने रिश्तेदारों के घर पर होने की बात कही है।

सोनी ने लिखा झूठ बोलकर हुई शादी

घर में छोड़े गए खत में नवविवाहिता ने लिखा है कि मुझे अपने मां-पापा की परवाह नहीं है। मैं अपने घर नहीं जा रही हूं। मेरी जिंदगी का सवाल है। मुझसे झूठ बोलकर शादी की गई है। मैं मरने जा रही हूं।

आमने-सामने भिड़ी दो कार, अधिवक्ता घायल

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खटीमा: टनकपुर राजमार्ग पर जगबूढ़ा पुल के समीप आमने-सामने दो कारों की भिड़ंत हो गई। जिसमें एक कार में सवार हाई कोर्ट के अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया। इस घटना से राजमार्ग पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। बाद में पुलिस ने दोनों कारों को सड़क से हटाकर चकरपुर चौकी में रखवा दिया है।

लोहाघाट के रहने वाले हाई कोर्ट के अधिवक्ता आरके पांडे अपनी कार संख्या यूके 03 9593 से टनकपुर की ओर जा रहे थे। इसी बीच जगबूढ़ा पुल के पास सामने से आ रही कार संख्या यूपी 26 के 0375 से भिड़ंत हो गई। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बीच राजमार्ग में हुई इस घटना में मार्ग पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। मौके पर पहुंचे चकरपुर चौकी प्रभारी दीपक कौशिक ने पुलिस कर्मी की मदद से अधिवक्ता पांडे को अस्पताल में भर्ती कराया। जबकि दूसरी कार में सवार लोग निजी अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे। चौकी प्रभारी ने बताया कि अभी इस मामले में किसी की ओर से तहरीर नहीं मिली है। जिस वजह से दुर्घटना का कारण पता नहीं चल सका है।