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आई.एम.ए परिसर में मॉक ड्रिल

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आगामी 9 दिसंबर 2017 को आई.एम.ए में होने वाली पासिंग आउट परेड के दृष्टिगत आई.एम.ए परिसर में एक मॉक ड्रिल की गयी। मॉक ड्रिल में आतंकवादियों द्वारा आई.एम.ए परिसर में घुसपैठ कर गोलाबारी की घटना को अंजाम दिया गया।

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इस दौरान आर्मी, एंटी टेरेरिस्ट दल, बम निरोधक दस्ता द्वारा उक्त घुसपैठ  की घटना को नाकाम करते हुए आतंकवादियों को मौके पर ही ढेर किया गया।

उक्त मॉक ड्रिल में आर्मी, आतंकवाद निरोधक दस्ते, बम निरोधक दस्ते के अतिरिक्त डॉग स्कॉड, स्थानीय पुलिस के द्वारा प्रतिभाग किया गया।

वित्त मंत्री शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर आएंगे काशीपुर

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रुद्रपुर,  जिले के प्रभारी एवं प्रदेश के वित्त व संसदीय मंत्री प्रकाश पंत के कार्यक्रमों में बदलाव किया गया। अब मंत्री अपने संशोधित कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को नैनीताल से कार द्वारा प्रस्थान कर काशीपुर पहुंचेंगे।

वित्त मंत्री प्रकाश पंत को मोहित उपाध्याय के आवास पर पारिवारिक सदस्यों से भेट करेंगे और एक बजे काशीपुर में नवनिर्मित चैम्बर का उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके पश्चात् साढ़े तीन बजे रुद्रपुर में मीरी पीरी खालसा एकेडमी के तत्वाधान में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेगें। इसके बाद लोनिवि अतिथिगृृह रुद्रपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं से भेट करेंगे तथा सायं नौ बजे रुद्रपुर से रेल द्वारा देहरादून को प्रस्थान करेंगे।

वहीं, उत्तर प्रदेश के सिंचाई, अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख शनिवार को 10.30 बजे रुद्रपुर आयेंगे तथा गुरबाज के पुत्र की शादी समारोह मेंं रुद्रपुर में शामिल होगें। इसके पश्चात् औलख रुद्रपुर से 11 बजे विलासपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। 

टुल्ली के बाद अब कई अन्य होंगे पुलिस गिरफ्त में

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हरिद्वार, कुख्यात बदमाश सुनील राठी से संबंधों के चलते आशीष शर्मा उर्फ टुल्ली की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का अगला निशाना किस पर है, इस बात को लेकर शहर में कयासों का दौर जारी है।

क्षेत्र के लोग अपने-अपने अंदाजे से शक जता रहे हैं। हालांकि खुलकर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। जबकि पुलिस गिरफ्तारी से पूर्व आरोपी के खिलाफ सबूतों को पुख्ता करने में जुटी है। पुलिस के रडार पर कई लोग हैं, जिनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पुलिस ने एकत्रित किए हैं। शीघ्र ही पुलिस कनखल के प्राॅपर्टी डीलर प्रद्युम्न अग्रवाल के खिलाफ दर्ज मुकदमों में सुनील राठी का नाम आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार वीके ने पूरी निष्पक्षता से केस की जांच कराई। केस की तफ्तीश कर रही पुलिस के शक की पहली सुई महंत सुधीर गिरी हत्याकांड के आरोपी आशीष शर्मा उर्फ टुल्ली पर गई।

पुलिस ने आशीष शर्मा और सुनील राठी से संबंधों की पूरी पड़ताल की। इसके बाद सबूत पुख्ता हुए तो आशीष को गिरफ्तार कर 14 दिन के लिए न्यायायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पूछताछ में आशीष ने कई राज से परदा उठाया, जिसमें अपने कारोबार से जुड़े लोगों और साझेदारों की जानकारी पुलिस को दी। इस मसले से जुड़े कई पत्रकारों, पुलिस और नेताओं के नाम उगले। पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेने की तैयारी शुरू कर दी। साथ ही क्षेत्र में पुलिस की अगली कार्रवाई पर क्षेत्रवासियों की नजर टिक गई। पुलिस इस केस में दूसरी गिरफ्तारी किसकी करेंगी। इस पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया और सभी लोग अपने-अपने कयास लगा रहे हैं, जबकि पुलिस बड़ी सावधानी के साथ इस केस में कदम बढ़ा रही है।

एसएसपी कृष्ण कुमार वीके केस की खुद मॉनीटरिंग कर रहे हैं। एसपी सिटी ममता वोहरा और एसपी क्राइम प्रकाश चंद्र आर्य सबूतों को पुख्ता कर रहे हैं। केस के विवेचनाधिकारी तमाम सबूतों को जुटाने में लगे है। एसएसपी ने बताया कि राठी नेटवर्क को खत्म करने के लिए आपराधिक तत्वों को गिरफ्तार किया जाएगा। कनखल के कई लोगों के नाम प्रकाश में आये हैं। जल्द ही इन तत्वों की भी गिरफ्तारी होगी।

कृषि मेले को दिया जाएगा भव्य रूप

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गोपेश्वर, चमोली जिले के मैठाणा में 5 दिसम्बर से आयोजित होने वाले अलकनंदा पर्यटन सांस्कृतिक ग्रामीण कृषि विकास मेले के आयोजन किया गयी है। इसके लिए बद्रीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट ने मेले के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर मेले को भव्य रूप से आयोजित करने के लिए भरपूर सहयोग देने का आश्वासन दिया।

शुक्रवार को विधायक ने मेला कमेटी के सदस्यों के साथ जिला मुख्यालय गोपेश्वर में एक बैठक ली, जिसमें उन्होंने बताया कि मेले के उद्घाटन के लिए मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को आंमत्रित किया गया है। साथ ही मेले को भव्य रूप देने तथा विकास प्रदर्शनियों के आयोजन के लिए सभी विभागों को स्टाॅल लगाने के लिए कहा गया है। इसके अलावा मेले में विशिष्ठ अतिथि के रूप में कर्णप्रयाग के विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी व थराली के विधायक मगन लाल को आमंत्रित किया गया है। 

झारखण्ड की राज्यपाल ने रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण से की भेंट

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हरिद्वार, विगत कुछ दिनों से पतंजलि योगग्राम में अपनी साधना एवं स्वास्थ्य संवर्धन के लिए प्रवास कर रहीं झारखण्ड की राज्यपाल डाॅ द्रौपदी मुर्मू पतंजलि योगपीठ में स्वामी रामदेव एवं पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण से भेंटकर आशीर्वाद लिया।

राज्यपाल ने पतंजलि के बहुआयामी प्रकल्प योग, आयुर्वेद, गौ-अनुसंधान परम्परा, भारतीय बनौषधि, आयुर्वेदिक व स्वदेशी सहित राष्ट्र उत्थान से जुड़े विविध विधाओं एवं प्रकल्पों को पतंजलि अभियान से मिल रही वैश्विक प्रामाणिकता के लिए सराहना की तथा झारखण्ड को भी हरियाणा व उत्तराखण्ड की तर्ज पर हर्बल व ऑर्गेनिक कृषि एवं पर्यटन के क्षेत्रा में विश्व पटल पर लाने के लिए पतंजलि अभियान की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने कहा योगऋषि स्वामी रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण के नेतृत्व व मार्गदर्शन में पतंजलि अपने प्रामाणिक एवं गुणवत्तापरक स्वदेशी उत्पादों द्वारा भारत को विदेशी कम्पनियों की दासता से मुक्त कराने हेतु संलग्न है।
राज्यपाल ने कहा पतंजलि का स्वदेशी आंदोलन एवं फूड प्रोसेंसिंग देश की आशा एवं आर्थिक समृद्धि का केंद्र बनकर उभरा है। डाॅ मुर्मू ने कहा देश में प्रतिवर्ष लाखों टन फल, सब्जियां, दुर्लभ औषधीय उत्पाद व वनस्पतियां प्रॉसेसिंग के अभाव में यूं हीं बर्बाद हो जाती थीं, पतंजलि ने देशभर में इनके प्रोसेसिंग का आंदोलन चलाकर उन्हें आरोग्यवर्धिनी एवं दीर्घजीवी बनाया। उन्होंने झारखण्ड के प्राकृतिक उत्पादों, फलों, वनौषधियों को भी पतंजलि फूड प्रॉसेंसिंग अभियान से जोड़कर वहां के किसानों, गरीबों एवं युवाओं को समुचित आर्थिक समृद्धि एवं सम्मान दिलाने पर भी योगऋषि व आचार्य श्री के साथ चर्चा की।

आचार्य बालकृष्ण इंडियन ऑफ द इयर अवॉर्ड से सम्मानित

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हरिद्वार, दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में इंडियन ऑफ द इयर अवॉर्ड कार्यक्रम में पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण को बिजनेस की श्रेणी में इंडियन ऑफ द इयर-2017 अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

‘इंडियन ऑफ द इयर’ समारोह में यह पुरस्कार वित्तमंत्री अरुण जेटली ने प्रदान किया। इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने  बताया कि, “पूरे देश के भरोसे और विश्वास की बदौलत बिजनेस की श्रेणी में यह अवॉर्ड मुझे मिला है, पतंजलि को प्रभावशाली ब्रांड वेल्यू बनाने में पूरे देश का भरोसा एवं विश्वास ही हमारी ताकत है। इसी ताकत के बल पर हमने कम्पनी को इस मुकाम तक पहुंचाया है और इसी भरोसे के बलबूते हम इसको और आगे ले जाने का स्वप्न देखते हैं।”

आचार्य ने कहा मुझे जो सम्मान दिया गया है वह केवल मेरा नहीं, बल्कि पूरे देशवासियों का सम्मान है।

उत्तराखंड हिमालय की शान भरल पर खतरा

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 गंगोत्री। उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्रों की शान माने जाने वाले जीव भरल जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं। कारण क्या है यह किसी को पता नहीं।आपको बतादें कि ये एक बहुत ही दुर्लभ जीव हैं जिसे स्थानीय भाषा मे भरल (Blue sheep ) भी कहते हैं।लेकिन पिछले दिनों बीएसएफ के ट्रेकिंग दल जो की गंगोत्री वाइल्ड लाइफ सेन्च्युरि से केदार ताल की ओर जा रहे थे को उन्होंने इन जीवों मे एक अजीब सा संक्रमण देखा।इस बीमारी के कारण इनकी आँखो की पुतलियों से खून निकल कर पुतलियां झड़ रही है और यह अंधे होकर धीरे धीरे मर रहे है।

गंभीर यह कि पार्क प्रशासन को इसकी जानकारी ही नहीं थी।बीएसएफ से मिली जानकारी के बाद ही वनाधिकारी हरकत में आए। आनन-फानन में रोग से पीड़ित एक भेड़ का नमूना इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आइवीआरआइ) बरेली को भेजा गया।साथ ही मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डीबीएस खाती ने आइवीआरआइ बरेली के निदेशक को पत्र भेजकर भरल को चपेट में लेने वाले रोग की गहन जांच का आग्रह किया। पत्र में आइवीआरआइ के एक विशेषज्ञ दल को गंगोत्री नेशनल पार्क भेजने की गुजारिश भी की गई है।

मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डीबीएस खाती के मुताबिक जो नमूना जांच के लिए आइवीआरआइ बरेली को भेजा गया था, उसमें आतों में इन्फेक्शन की बात सामने आई है। हालांकि आइवीआरआइ के पैथोलॉजी विभाग के प्रमुख राजेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने उस नमूने की जांच की जो वन विभाग से प्राप्त हुआ। स्पष्ट तौर पर तब ही कुछ कहा जा सकता है, जब पूरी भेड़ सामने हो और वह अपने मुताबिक नमूने ले सकें। क्योंकि यह मामला आंतों में इन्फेक्शन के साथ ही कुछ और भी हो सकता है।

यही वजह है कि बरेली सैंपल भेजने के बाद भी राज्य के वन विभाग ने भरल को चपेट में लेने वाले रोग की गहन जांच कराने का निर्णय लिया है। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डीबीएस खाती ने बताया कि भरल की आंखें बाहर निकलने के मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट को रोग का पता लगाने के लिए पत्र भेजा गया है। संबंध में अन्य किसी भी जांच के लिए राज्य की तरफ से बजट भी मुहैया कराया जाएगा।

बीएसएफ ने भरल मे जो बीमारी देखी उसका संक्रमण अन्य जीवों मे भी फैल सकता है। लेकिन भरल पर खतरे के बादल मंडरा रहे हे जिसके कारण इसकी प्रजाति खतरे के निशान पर आ गई है ।

यहां देखें भरल का विडियोः

ईदमीलादुन्न नबी जुलूस से होगा देहरादून में ट्रैफिक रुट डाइवर्ट

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ईदमीलादुन्न नबी के अवसर पर डायवर्ट प्लान :-

देहरादून में ईदमीलादुन्न नबी के अवसर पर जुलूस का कार्यक्रम प्रस्तावित है, एक जुलूस हरिमस्जिद छप्पर वाली(रजा जामा मस्जिद) निरंजनपुर से तथा दूसरा जुलूस गांधीग्राम से प्रातः 1000 बजे प्रारम्भ होगा तथा काॅन्वेन्ट स्कूल के निकट मस्जिद पर समाप्त होगा, जुलूस का रूट निम्नवत् रहेगा:-

जुलूस का रुटः-

गाँधी ग्राम स्थित गौसिया जामा मस्जिद से सहारनपुर चौक – प्रिन्स चौक – द्रोण होटल तिराहा-दून चौक – रैन्जर्स काँलेज जमाल शाह की दरगाह तक।

आयोजित जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था बनाये रखने हेतु परिस्थितियों के अनुसार यातायात निम्न प्रकार डायवर्ट किया जा सकता है –

1- जब जुलूस रजा जामा मस्जिद से प्रारम्भ होगा तब आई0एस0बी0टी0 से आने वाले विक्रमों/मैजिक को शिमला बाईपास से वापस किया जायेगा तथा सिटी बसों को शिमला बाईपास से कमला पैलेस की ओर डायवर्ट किया जायेगा।
2- जब जुलूस भण्डारी बाग कट को पार करेगा तब विक्रमों/मैजिक को मातावाला बाग से शमशान घाट होते हुए गउघाट कट से सहारनपुर चौक की ओर भेजा जायेगा। इस स्थिति में गउघाट की ओर से कोई भी वाहन शमशान घाट की ओर नही जायेगा।
3- जब जुलूस, सहारनपुर चौक पहुंचेगी तब बल्लीवाला से सहारनपुर चौक की ओर वाले समस्त वाहनों को बल्लूपुर चौक की ओर डायवर्ट किया जायेगा तथा 8 न0 विक्रमों को बल्लीवाला से पटेलनगर मण्डी की ओर भेजा जायेगा ।
4- जब जुलूस, सहारनपुर चौक पार करेगा तब आई0एस0बी0टी0 व बल्लीवाला से आने वाले विक्रम/मैजिक को सहारनपुर चौक से वापस किया जायेगा।
5- जब जुलूस, रेलवे आउट गेट को पार करेगा तब 8 न0 विक्रम/मैजिकों को रेलवे गेट से वापस भेजा जायेगा व 5 न0 विक्रम को सहारनपुर चौक से वापस भेजा जायेगा ।
6- जब जुलूस प्रिन्स चौक पर पहुंचेगा तब हरिद्वार रोड तथा त्यागी रोड से आने वाला यातायात चन्दरनगर कट से दून चैक की ओर भेजा जायेगा। विक्रमों को दून चौक से बुद्धा चौक की ओर डायवर्ट किया जायेगा।
7- जब जुलूस प्रिन्स चौक पार करेगा तब 8 नम्बर विक्रम प्रिन्स चौक तक आ सकेगें, यहा से वापस भेजे जायेगों। 05 नम्बर विक्रम रेलवे स्टेशन से ही वापस घुमाए जायेगें एवं अन्य वाहनों को चन्दरनगर कट की ओर भेजा जायेगा। हरिद्वार रोड की ओर से आने वाले यातायात को रेसकोर्स चौक से एम.के.पी से बुद्धा चौक की ओर भेजा जायेगा।
8- जब जुलूस द्रोणा होटल तिराहे पर पहुंचेगा तब प्रिन्स चौक से तहसील चौक की ओर तथा चन्दरनगर कट से दून चौक की ओर जाने वाले वाहनों को हरिद्वार रोड से रेसकोर्स चौक से भेजा जायेगा तथा 3 नम्बर विक्रमों व सिटी बसों को रेसकोर्स से एम.के.पी चौक होते हुए भेजा जायेगा।
9- जब जुलूस दून चौक पर पहुंचेगा तो प्रिन्स चौक से तहसील चौक की ओर जाने वाले यातायात को सामान्य कर दिया जायेगा तथा 3 नम्बर विक्रम व सिटी बसों को भी सामान्य कर दिया जायेगा। तहसील चौक, बुद्धा चौक, एम.के.पी., चन्दरनगर कट, कबाडी मार्केट से आई.ज कट तथा दून चौक की ओर कोई वाहन नही भेजा जायेगा।
10- जब जुलूस बुद्धा चौक पर पहुंचेगा तब लैन्सडाउन चौक से बुद्धा चौक की ओर जाने वाले यातायात को दर्शनलाल चौक से तहसील चौक, दून चौक होते हुए भेजा जायेगा।
11- जब जुलूस बुद्धा चौक से मनोज क्लीनिक की ओर चलेगा तब एम.के.पी से यातायात दून चौक की ओर डायवर्ट किया जायेगा तथा क्रास रोड, एसबीआई मेन ब्रांच तथा कान्वेन्ट तिराहे से मनोज क्लीनिक की ओर कोई वाहन नही भेजा जायेगा। अन्य सभी यातायात को सामान्य कर दिया जायेगा।

वाहन चालकों से अनुरोध है कि कृपया अपने गन्तब्य स्थान तक पहुंचने तथा किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिये वैकल्पिक मार्गो का प्रयोग करें तथा यथासम्भव चौपहिया वाहनों के प्रयोग से बचते हुए दोपहिया वाहनों का प्रयोग करे।

सबसे बड़ा बहुराष्ट्रीय टूर: गल्फ कौथिग 2017

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भारत के बाहर होने वाला उत्तराखंड का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन, गल्फ कौथिग 2017 का नौवा अध्याय उत्तराखंड के चर्चित एवं उदयीमान दोनों तरह के कलाकारों को आमंत्रित करके कुछ लोकल कलाकारों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुति देने को तैयार है, जिसमे लगभग 2500 लोग उपस्थित होगें| इस बार कौथिग में उत्तराखंडी संगीत की शान किशन महिपाल, स्टेज की रानी संगीता ढौंडियाल, सुप्रसिद्द लोक गायिका ख़ुशी जोशी एवं हास्य सम्राठ घन्नानन्द एवं संगीत में साथ देने के लिए विनोद चौहान, सुभाष पांडेय, अनुराग नेगी व विजय बिष्ट को आमंत्रित किया गया हैं| उनके साथ दुबई में रहने वाले गायक अनिल गैरोला, गरिमा सुंदरियाल, अरुण ममगाईं और बहरीन मे रहने वाले रमेश थपलियाल भी अपनी प्रस्तुति देगें|

इस बार का कौथिग और खास इस लिए भी हैं क्योकि ये उत्तराखंड संगीत और संस्कृति का “सबसे बड़ा बहुराष्ट्रीय टूर” हैं जो की 14 दिसम्बर को दुबई, 16 दिसम्बर को बहरीन, 17 दिसम्बर को कुवैत, 20 दिसम्बर को दोहा और 22 दिसम्बर को मस्कट में अपनी प्रसतुति देते हुए 24 दिसम्बर को भारत वापस आएगा|

इस कौथिग के माध्यम से खाड़ी देशो में रहने वाले 50 हज़ार उत्तराखंडी प्रवासी अपनी संस्कृति की झलक देखेगें और उत्तराखंड को महसूस करेगें, ये उत्तराखंड एसोसिएशन ऑफ़ यू ए ई, उत्तराखंड सोसाइटी ऑफ़ बहरीन , उत्तराखंड एसोसिएशन ऑफ़ क़तर, उत्तराखंड कल्चरल एसोसिएशन ऑफ़ कुवैत और उत्तराँचल विंग मस्कट का एक सम्मिलित प्रयास हैं| सभी संस्थाएं उत्तराखंड के पलायन के प्रति सजग एवं कार्यरत हैं तथा अपने लोगो की मदद की लिए तत्पर हैं।

ये बच्चा था क्लास का शरारती मगर जब निखरा तो सोना

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काशीपुर। क्लास का एसा स्टूडेंड जो शरारती जरुर था मगर शिक्षकों के सवाल पुछने से पहले ही जिससे जवाब मिल जाते थे, वो एक ही छात्र था, शिवांश, जिसने साबित कर दिखाया कि अगर दिल में कुछ कर गुजरने की चाहत हो तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। आई.आई.टी क्वालीफाई करने के बाद भी देश भक्ति का जूनून इस कदर शिवांश के दिलो दिमाग में था, एनडीए की प्रवेश परीक्षा में सर्वोच्च स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।
shivanshहौसले अगर बुलंद हों और लक्ष्य निर्धारित हो तो सफलता कदम चूमती है। ऐसा ही लक्ष्य लेकर चले रामनगर के रहने वाले शिवांश जोशी ने प्रारम्भिक शिक्षा काशीपुर के लिटिल स्कालर्स से प्राप्त की।शिवांश की इस सफलता पर पुरे स्कूल ने शिवांश को सम्मान दिया और स्कूल के वार्षिकोत्सव पर सम्मानित किया गया। शिवांश ने कहा कि बचपन से ही देश सेवा करने का सपना था। लेकिन माता पिता सिर्फ इससे सन्तुष्ठ नहीं थे जिसके लिए शिवांश ने माता पिता का सम्मान रखने के लिए और अपनी शैक्षिणिक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए पहले आई.आई.टी क्वालिफाई किया, जिसमें सफलता हासिल तो की मगर देश सेवा करने की जो अलख शिवांश के दिल में थी उसको पुरी करने के लिए शिवांश ने एनडीए की परीक्षा दी, जिसमें सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर ना सिर्फ माता पिता का मान बढाया बल्कि प्रदेश का नाम भी रोशन किया। शिवांश बताते है कि उनकी इस सफलता में उनके शिक्षकों का अहम योगदान रहा है, खास तौर पर इन्गिश के लिए रीतु भल्ला मैडम ने उनको तैयार किया।

शिवांश के स्कूल के प्रधानाचार्य एस.के सिंह ने बताया कि बचपन से ही अनुशासन में रहना और इमान्दारी का परिचय देना शिवांश की खूबी रही है, शिवांश ने अपनी गलतियों को हमेशा ही स्वीकार किया है, लेकिन अनुशासन कभी नहीं बिगाडा उनके शिक्षकों का कहना है कि शरारतों में शिवांश जरुर आगे रहे और शोर शराबा भी खूब किया, मगर सवालों के जवाब देने में माहिर शिवांश की हर गलती को शिक्षक भी नजर अंजाद करते थे…।

आईआईटी करने के बाद हर किसी का सपना होता है, बेहतर जाॅब, और बेहतर सैलरी। मगर देश सेवा करने का जज्बा रखने वाले एसा नहीं सोचते, उन्ही मे से एक शिवांश है जिन्होने ये शाबित किया शैक्षिणिक क्षमता भले ही उनकी उच्च स्तर की हो, मगर देश सेवा से बडी कोई योग्यता नहीं होती, इसी लिए आईआईटी छोड एनडीए में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले शिवांश आज भावी पीढी के लिए प्रेरणाश्रोत बन गये हैं।