भारत के बाहर होने वाला उत्तराखंड का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन, गल्फ कौथिग 2017 का नौवा अध्याय उत्तराखंड के चर्चित एवं उदयीमान दोनों तरह के कलाकारों को आमंत्रित करके कुछ लोकल कलाकारों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुति देने को तैयार है, जिसमे लगभग 2500 लोग उपस्थित होगें| इस बार कौथिग में उत्तराखंडी संगीत की शान किशन महिपाल, स्टेज की रानी संगीता ढौंडियाल, सुप्रसिद्द लोक गायिका ख़ुशी जोशी एवं हास्य सम्राठ घन्नानन्द एवं संगीत में साथ देने के लिए विनोद चौहान, सुभाष पांडेय, अनुराग नेगी व विजय बिष्ट को आमंत्रित किया गया हैं| उनके साथ दुबई में रहने वाले गायक अनिल गैरोला, गरिमा सुंदरियाल, अरुण ममगाईं और बहरीन मे रहने वाले रमेश थपलियाल भी अपनी प्रस्तुति देगें|
इस बार का कौथिग और खास इस लिए भी हैं क्योकि ये उत्तराखंड संगीत और संस्कृति का “सबसे बड़ा बहुराष्ट्रीय टूर” हैं जो की 14 दिसम्बर को दुबई, 16 दिसम्बर को बहरीन, 17 दिसम्बर को कुवैत, 20 दिसम्बर को दोहा और 22 दिसम्बर को मस्कट में अपनी प्रसतुति देते हुए 24 दिसम्बर को भारत वापस आएगा|
इस कौथिग के माध्यम से खाड़ी देशो में रहने वाले 50 हज़ार उत्तराखंडी प्रवासी अपनी संस्कृति की झलक देखेगें और उत्तराखंड को महसूस करेगें, ये उत्तराखंड एसोसिएशन ऑफ़ यू ए ई, उत्तराखंड सोसाइटी ऑफ़ बहरीन , उत्तराखंड एसोसिएशन ऑफ़ क़तर, उत्तराखंड कल्चरल एसोसिएशन ऑफ़ कुवैत और उत्तराँचल विंग मस्कट का एक सम्मिलित प्रयास हैं| सभी संस्थाएं उत्तराखंड के पलायन के प्रति सजग एवं कार्यरत हैं तथा अपने लोगो की मदद की लिए तत्पर हैं।

















































हौसले अगर बुलंद हों और लक्ष्य निर्धारित हो तो सफलता कदम चूमती है। ऐसा ही लक्ष्य लेकर चले रामनगर के रहने वाले शिवांश जोशी ने प्रारम्भिक शिक्षा काशीपुर के लिटिल स्कालर्स से प्राप्त की।शिवांश की इस सफलता पर पुरे स्कूल ने शिवांश को सम्मान दिया और स्कूल के वार्षिकोत्सव पर सम्मानित किया गया। शिवांश ने कहा कि बचपन से ही देश सेवा करने का सपना था। लेकिन माता पिता सिर्फ इससे सन्तुष्ठ नहीं थे जिसके लिए शिवांश ने माता पिता का सम्मान रखने के लिए और अपनी शैक्षिणिक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए पहले आई.आई.टी क्वालिफाई किया, जिसमें सफलता हासिल तो की मगर देश सेवा करने की जो अलख शिवांश के दिल में थी उसको पुरी करने के लिए शिवांश ने एनडीए की परीक्षा दी, जिसमें सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर ना सिर्फ माता पिता का मान बढाया बल्कि प्रदेश का नाम भी रोशन किया। शिवांश बताते है कि उनकी इस सफलता में उनके शिक्षकों का अहम योगदान रहा है, खास तौर पर इन्गिश के लिए रीतु भल्ला मैडम ने उनको तैयार किया।











