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ऋषि कपूर एक बार फिर हुए ट्रोल

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बॉलीवुड कलाकार ऋषि कपूर एक बार फिर ट्विटर पर जामा मस्जिद में नमाज की फोटो डालने पर ट्रोल किए गए हैं। ऋषि कपूर चांदनी चौक पर अपनी आने वाली फिल्म ‘राजमा चावल’ की शूटिंग से समय निकालकर जामा मस्जिद पहुंचे।

यहां पर उन्होंने ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की नमाज अता करने पहुंचे लोगों को इस पर्व की बधाई दी और खुद भी वहां पर प्राथना की। जिसके बाद उन्होंने नमाज अदा कर रहे लोगों की फोटो को टि्वटर पर शेयर किया, जिसपर ट्रोलर्स ने उन्हें ट्रोल किया। एक ने उन्हें पाकिस्तान आने तक का बुलावा दे दिया। वहीं दूसरी ओर एक ट्रोलर ने उन्हे यह तक कह डाला कि सर कश्मीर पाकिस्तान का है यह आइडिया वहां जरूर सुनाना तालियां बजेंगी।

उल्लेखनीय हो कि फिल्म राजमा चावल का निर्देशन लीना यादव कर रही हैं। लीना यादव ने फिल्म ‘पॉर्च्ड’ का भी निर्देशन किया था।

गृहणी की सूझबूझ और समझ को प्रस्तुत करता नाटक ‘घर के लाज’

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भोपाल, मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में प्रत्येक शुक्रवार शाम को आयोजित नवीन रंग प्रयोगों की श्रृंखला ‘अभिनयन’ के अंतर्गत नाटक ‘घर के लाज’ का मंचन हुआ। छत्तीसगढ़ी पृष्ठभूमि के इस नाटक का मंचन मनहरण गंधर्व के निर्देशन में ‘संगम नाट्य समिति बिलासपुर (छ.ग.) के कलाकारों द्वारा किया गया।

नाटक में बड़ी खूबसूरती से परिवार के विभिन्न पहलुओं को दिखाया गया है। नाटक के केंद्र में लक्ष्मी है। शादी के कुछ समय के बाद लक्ष्मीं को बच्चा न होने की वजह से, उसकी सास उसे तंग करती है, रोज ताने भी मारती है। एक दिन लक्ष्मी की सास अपने बेटे से कह कर लक्ष्मी को जंगल में छुड़वा देती है। जंगल में भटकते हुए उसकी मुलाकात गाँव के कोतवाल से होती है, जो उसे वापस गाँव में लाता है। कोतवाल गाँव में पंचायत बुलाता है और लक्ष्मी के साथ हो रहे अन्याय को पंचों के सामने रखता है। लेकिन अपने घर की लाज(इज्ज़त) बचाने के लिए लक्ष्मी पंचों के सामने झूठ बोलती है, अपनी सास और पति की गलती छुपा लेती है। यह देख घरवालों को अपने किये पर पछतावा होता है। वह लक्ष्मी से माफ़ी मांगते हैं और उसे वापस घर ले आते हैं।
नाटक में छत्तीसगढ़ी लोकनाट्य नाचा की परम्परा के अनुसार महिलाओं का किरदार भी लडक़ों ने ही निभाया। छत्तीसगढ़ी गानों का प्रयोग करते हुए नाटक को विस्तार दिया गया। यह नाटक अपनी बात रखने और दर्शकों को बांधे रखने में सार्थक रूप से सफल भी रहा। नाटक की कहानी यूँ तो पुरुष प्रधान समाज की शोषणकारी प्रवृतियों, स्त्रियों के साथ हो रहे अत्याचार, उन पर होने वाली शारीरिक और मानसिक प्रताड़ऩा आदि को दर्शाता है।

मनहरण गन्धर्व हिंदुस्तान के लगभग सभी बड़े महोत्सवों में नया थिएटर के माध्यम से प्रस्तुतियाँ दे चुके हैं और इन्होंने कई छत्तीसगढ़ी लोक नाट्यों का निर्देशन भी किया है। इनकी संस्था ‘संगम नाट्य समिति’ की शुरुआत 2012 में हुई। हाल ही में संगम नाट्य समिति का उत्कृष्ट कार्य देखते हुए ‘बिलासा सम्मान’ से सम्मानित किया गया है।

मैं अपनी बायोग्राफी के खिलाफ हूं: मनोज कुमार

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बॉलीवुड में बायोपिक फिल्मों के चल रहे दौर पर 80 वर्षीय अभिनेता मनोज कुमार ने एक इंटरव्यू में कहा कि वो नहीं चाहते की उनके जीवन पर कोई फिल्म बने या किताब लिखी जाये।

मनोज कुमार ने कहा, ‘मैं अपनी बायोग्राफी के खिलाफ हूं। मैं खुद के बारे में लिख सकता हूं लेकिन इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं जिन्हें मुझे एक्सपोज करना होगा जो मुझे पसंद नहीं है।’ उन्होंने कहा कि क्या दर्शक मेरे मुंबई आने के संघर्ष और मैंने स्क्रिप्ट लिखने के लिए कितनी रातें लगाई हैं के बारे में जानने के इच्छुक हैं? नहीं वो नहीं हैं। साथ ही मनोज कुमार ने कहा कि अभी तक किसी ने मुझे बायोपिक के लिए अप्रोच नहीं किया है क्योंकि वे मेरे स्वभाव के बारे जानते हैं।

हालांकि मनोज कुमार ने प्रेमनाथ के बेटे द्वारा प्रेमनाथ के जीवन पर बनाई गई डाक्यूमेंटरी ‘अमर प्रेमनाथ’ की प्रशंसा की। मनोज कुमार ने प्रेमनाथ को भारत का एंथोनी क्विन बताते हुए कहा कि वे हर तरह की भूमिका निभाने में सक्षम थे।

थोड़ी सी लापरवाही बिगाड़ सकती थी शहर की फिजा

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(उधमसिंह नगर) बारावपात के मौके पर राजनैतिक पारा चढ़ते ही एक बड़ी अनहोनी को किसी तरह से टाल दिया गया, चिंगारी भड़की जरुर मगर पुलिस ने बड़ी ही सूझबूझ के साथ इस चिंगारी को बुझाया। इस चिंगारी की जलने के पीछे पुलिस की अपनी खुफिया एजेन्सी की भी बड़ी लापरवाही देखी गयी। जी हां शनिवार को रुद्रपुर में सियासी चक्रव्यूह का कुछ लोगों ने ऐसा ताना बाना बुनने का प्रयास किया कि अगर पुलिस ने हल्की भी चूक कर दी होती तो शहर की फिजां में एक बार फिर जहर घुल जाता।

रुद्रपुर दंगों की याद अभी सभी के जहन में ताजा है, वहीं फिर से इस फिजा बिगाड़ने वालों ने पुरी कोशिश की थी, लेकिन किसी तरह से इस विवाद को थामा गया। पीस कमेटी की मीटिंग में स्पष्ट आदेशों के बावजूद एक वर्ग विशेष के कुछ लोगों ने पुरानी परंपराओं से हटकर नई परंपरा डालने की कोशिश की। इसकी भनक जब दूसरे वर्ग के लोगों को हुई तो वहां सैकड़ों लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। शहर विधायक से इसकी शिकायत की गई। शहर विधायक ने सभी को मौके से हटाकर कोतवाली में बुलवा लिया। हिंदूवादी संगठन के लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। आक्रोशित लोगों ने बताया कि पिछली बार छह गेट बनवाए गए थे जबकि इस बार सातवां गेट बना दिया गया है। अवैध रूप से बने सातवें गेट को तुरंत हटाने और गेट का निर्माण करने वाले कुछ शरारती तत्वों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की जाने लगी। अगर पुलिस इस बात को मानती तो निश्चित ही बड़ी घटना के आसार प्रबल हो जाते चूंकि वाराबफात पर वहां सैकड़ों की तादात में वर्ग विशेष के लोग एकत्र थे वहां खासा बखेड़ा खड़ा हो सकता था। सांप्रदायिक फिजां बिगड़ सकती थी। लिहाजा पुलिस ने विधायक का गुस्सा और उनकी खरी खरी को हंस कर टाल दिया और मौके पर गेट न हटाकर किसी भी तरह का विवाद होने से बचा लिया।

नहीं हटा अतिक्रमण तो सोमवार को गरजेगी जेसीबी

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रुद्रपुर- एनएच 74 के निर्माण में बाधक बन रहे दूधिया बाबा मंदिर से तीनपानी शुक्ला फार्म तक सौ से अधिक भवन व व्यावसायिक प्रतिष्ठान यदि दो दिन के भीतर स्वयं न हटाए गए तो सोमवार को एनएचएआइ पुलिस प्रशासन की मदद से इन भवनों को ध्वस्त कर हाईवे का निर्माण शुरू करा देगा। इसके लिए शुक्रवार को एनएचएआइ ने भवनों पर नोटिस चस्पा कर दिए हैं।

दूधिया बाबा मंदिर से तीनपानी शुक्ला फार्म तक एनएच 74 का लगभग दो किमी हिस्से में भवनों के न हटने से निर्माण कार्य रुका हुआ है। हालांकि भवन स्वामी मुआवजा ले चुके हैं लेकिन कब्जा नहीं छोड़ रहे हैं। कई बार ऐसे भवन स्वामियों को नोटिस जारी हुए पर वह जगह खाली करने को तैयार नहीं हुए। इस पर मामले को एनएचएआइ ने शासन के सामने रखा। इस पर गुरुवार को इस मामले में अपर सचिव ओमकार सिंह ने सुनवाई कर जिला प्रशासन को अविलंब कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शासन से मिले निर्देश पर जिला प्रशासन व एनएचएआइ ने शुक्रवार को मार्ग निर्माण में बाधक बन रहे सौ से अधिक निर्माणों पर दो दिन के भीतर इसे हटाने के नोटिस चस्पा कर दिए हैं।

काश्तकारों के हो रहे बयान दर्ज, नोटिस जारी

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(रुद्रपुर) एनएच 74 घोटाले में एसआइटी ने अब बाजपुर के 10 काश्तकारों को नोटिस भेजे हैं। साथ ही काशीपुर के एक काश्तकार से पूछताछ कर बयान दर्ज किए है। एनएच मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी काश्तकारों से पुछताछ के बाद अधिकारियों के गिरेबां तक पहुंच रही है, जिसके लिए काश्तकारों के बैंक खातों से लेकर जमीनी दस्तावेजों को पुरी तरह से खंगाला जा रहा है।

काशीपुर के एक काश्तकार से एसआइटी ने पूछताछ की। करीब एक घंटे तक एसआइटी ने काशीपुर के काश्तकार से 143 व मुआवजा संबंधी पूछताछ की। साथ ही उनके बयान दर्ज किए। एसआइटी अधिकारियों के मुताबिक शनिवार को बाजपुर के कुछ काश्तकारों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। एनएच-74 मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआइटी अब तक काशीपुर और जसपुर तहसील की जांच कर 10 से अधिक अधिकारी, कर्मचारी और काश्तकारों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब एसआइटी बाजपुर और रुद्रपुर तहसील की जांच कर रही है। इसके तहत बीते दिनों रुद्रपुर और बाजपुर तहसील के दस्तावेज कब्जे में लेकर उनका अध्ययन शुरू कर दिया था। दस्तावेजों के अध्ययन के बाद शुक्रवार को एसआइटी ने बाजपुर तहसील के 10 काश्तकारों को नोटिस भेजे हैं। साथ ही उनसे निर्धारित तिथि पर एसआईटी के समक्ष पेश होकर बयान दर्ज करने को कहा है।

 

आर पार की लड़ाई लडे़ंगे मिनिस्ट्रियल कर्मचारी

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(अल्मोड़ा) भेदभाव का आरोप लगाते हुए मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों ने अब आर पार की लडाई लडने का मन बना लिया है। उत्तरांचल लोनिवि मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन ने कार्मिकों के आवासों के सामान्य मरम्मत कार्य में विभाग पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है। जिसके चलते अब कर्मचारियों ने विरोध की ठान ली है। कर्मचारियों ने आगामी 4 दिसंबर को अधीक्षण अभियंता प्रथम वृत्त तथा रानीखेत निर्माण खंड परिसर में धरना देंने की बात कहीं है। मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के जिला सचिव टीका सिंह खोलिया ने कहा कि अधीक्षण अभियंता के निर्देश के बाद भी अब तक संबंधित अधिशासी अभियंताओं की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिससेे एसोसिएशन के सदस्यों में रोष बना हुआ है। कहा है कि यदि हित में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन उग्र किया जाएगा।

शादी मे जाने से किया इन्कार, पत्नी ने खाय़ा जहर

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(काशीपुर) शादी मे जाने से किया इन्कार तो गर्भवती पत्नी ने जहर खाकर खुदखुशी कर ली, पति को पत्नी की जिद्द अखरने लगी और पत्नी से कहासुनी हुई, जिसपर पत्नी ने खेत मे छिड़काव करने वाली दवा को घटक लिया और अपनी और अपने होने वाले बच्चे की जीवन लीला को ही समाप्त कर दिया।
काशीपुर में गर्भवती महिला ने पति से कहासुनी पर जहर खाकर खुदखुशी कर ली, महिला को सरकारी अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, काशीपुर के गढीनेगी किलावली में रहने वाले नरेश की एक साल पूर्व ही पूनम नेगी से शादी हुई थी उसकी पत्नी गर्भ से थी, पत्नी की एक विवाह समारोह में जाने की जिद जब पुरी नहीं हुई तो दोनों में काफी कहासुनी हो गयी, खेत में काम करने के दौरान नरेश ने अपनी पत्नी को घर जाने को कहा तो गुस्से में आकर उसकी पत्नी ने खेत में छिडकाव करने वाली दवा घटक ली, जिससे वो खेत मे ही बेहोश हो गयी, जिसे सरकारी अस्पताल लाया गया मगर उससे पूर्व ही नरेश की पत्नी पूनम की मृत्यु हो गयी थी, वहीं पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

विन्टरलाईन महोत्सव में स्थानीय कालाकारों की हो सहभागिता : गणेश जोशी

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देहरादून। विधायक गणेश जोशी व जिलाधिकारी ने मसूरी में आयोजित होने वाले विन्टरलाईन महोत्सव में स्थानीय कलाकारों की सहभागिता पर जोर देते हुए कहा कि इससे राज्य की संस्कृति का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार होगा।

जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेशन की अध्यक्षता में जिलाधिकारी कैम्प कार्यालय में विन्टरलाईन महोत्सव के रूपरेखा के सम्बन्ध में शुक्रवार को आयोजित बैठक में चर्चा की गई। बैठक में मौजूद क्षेत्रीय विधायक गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड के कलाकारों को इस इवेन्ट में प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही कार्यक्रम में फैशन शो का भी भव्य आयोजन हो। इस दौरा उन्होंने दूरभाष से कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा से कार्यक्रम को भव्य बनाने एवं कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए निमंत्रण भी दिया।
बैठक जिलाधिकारी नेे मसूरी विन्टरलाईन कार्निवाल समिति के पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कार्निवाल में आयोजित होने वाले दैनिक कार्यक्रमों, सांयकालीन सांस्कृतिक खेलकूद एवं स्टार नाईट्स के आयोजन के सम्बन्ध में समय एवं स्थान चयनित कर लिये जायें।
जिलाधिकारी ने समिति के सदस्यों को कार्निवाल में अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु वीडियों क्लिप बनाकर प्रदेश के समस्त सिनेमाघरों में प्रदर्शित करने तथा प्रिन्ट एवं इलैक्ट्रानिक मीडिया, रेडियो एफ.एम, सोशल मीडिया यथा फेसबुक, गूगल प्लस, यूट्यूब आदि के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने पर चोर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि मसूरी विन्टर कार्यक्रम के उद्घाटन के मौके पर अवसर पर वीर भड़ माधौ सिंह भण्डारी पर सांस्कृतिक नाटक कार्यक्रम के मंचन से कार्निवाल का शुभारम्भ किया जायेगा। कार्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए बड़े गु्रप्स से भी स्पोंस्र्ड (प्रायोजन) कराया जाये, जिससे धन की प्रचुर उपलब्धता हो सके।
उन्होंने कहा कि इस कार्निवाल को गत वर्षो में हुए कार्निवाल को लीक से हटकर मनाने को कहा। उन्होने कहा कि कार्निवाल के अवसर पर विभिन्न प्रदेशों की शोभायात्रा एवं बैंड का प्रदर्शन भी कराया जाये। इसमें मसूरी होटलियर्स व्यवसायियों से उन्होंने अपेक्षा की, कि जो कलाकार बाहर से बुलाये जायेंगे उनके खाने एवं ठहरने की व्यवस्था की जिम्मेदारी उनके द्वारा वहन की जाये। इसके लिए कलाकारों को एयरपोर्ट से लाने एवं उन्हे छोड़ने की जिम्मेदारी गढवाल मण्डल विकास निगम द्वारा की जाये।
उन्होंने कहा कि कार्निवाल में स्थानीय कलाकारों स्थानीय कल्चर व स्थानीय पहचान जैसे स्थानीय फूड, ड्रेस, हैण्डीक्राफ्ट, कला आदि का अधिक उपयोग किया जाय। उन्होने कार्निवाल की अगली बैठक के लिए पूरा कार्य विवरण तैयार करने के निर्देश दिये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जी.एस. रावत, सचिव एम.डी.डी.ए पी.सी दुम्का, अपर जिलाधिकारी अरविन्द पाण्डेय, उप जिलाधिकारी मसूरी मीनाक्षी पटवाल, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी के.एस रावत, व सीमा नौटियाल, एवं मसूरी विण्टर कार्निवाल समिति के सदस्य एवं होटल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप साहनी, अध्यक्ष होटल यूनियन मसूरी आर.एम माथुर, सचिव संजय अग्रवाल एवं महामंत्री भी मौजूद थे। 

उत्तराखंड की मशरुम एंबेसेडर दिव्या रावत को मिली प्लांट बंद करने की धमकी

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उत्तराखंड को मशरुम के सहारे ऊंचाईयों के शिखर पर पहुंचाने वाली दिव्या रावत को उनका प्लांट बंद करने की धमकी दी गई है।शुक्रवार रात लगभग 8:30 बजे 200 लोगों की भीड़ ने दिव्या के घर पर धमक गी। केवल इतना ही नहीं भीड़ में मौजूद लोगों ने दिव्या के साथ गाली गलौज भी शुरु कर दी।

दिव्या ने न्यूजपोस्ट से हुई बातचीत में बताया कि “शुक्रवार दिन में ढ़ाई बजे के करीब जब वह लोगों को ट्रेनिंग दे रही थीं तभी कुछ लोग आए और दिव्या से बहस शुरु कर दी लेकिन मैने मामले को ना बढ़ाते हुए बात वहीं खत्म कर दी। लेकिन फिर रात को करीब 8:30 बजे लोगों की भीड़ ने मेरे साथ बहस और गाली-गलौज शुरु कर दी। इसके साथ साथ यहां चल रहे मशरुम प्लांट को बंद करने की धमकी भी दी।”

दिव्या से यह पूछे जाने पर कि आखिर यह लोग कौन थे और उन्होंने किस बात पर कहासुनी की इसपर दिव्या का जवाब था कि शायद लोगों की बहस का कारण मेरा पालतू  कुत्ता है जिसके भौंकने से लोगों को परेशानी थी,हालांकि दिव्या ने यह भी साफ किया है उस भीड़ में उनके पड़ोसी नहीं हैं।

दिव्या ने बताया कि बहस ज्यादा होने पर उन्होंने पुलिस की मदद ली लेकिन पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों को फोन करने के बाद ही पुलिस हरकत में आई और दिव्या की रिर्पोट लिखी गई। दिव्या ने बताया कि भीड़ में पहचाने हुए लोगों के नाम उन्होंने पुलिस के संज्ञान में ला दिए हैं और वह चाहती हैं कि इस केस में पुलिस उनकी मदद करें।

बातचीत में दिव्या ने बताया कि इस भीड़ में से तीन व्यक्तियों ने मुझे धमकी दी की वो मशरूम को उत्तराखण्ड से उखाड़ फेकेंगे और शुरुआत यही मोथरोवाला से करेंगे,और साथ ही यह भी बोला कि वह लोग दिव्या का राष्ट्रपति पुरस्कार भी छीन लेंगे।

देखना यह है कि पुलिस इस मामले में क्या करती हैं क्योंकि जो आज हुआ हैं वह आगे भी हो सकता हैं और जब उत्तराखंड की मशरुम एंबेसेडर को उच्च अधिकारियों को फोन करना पड़ा तो आम जनता का क्या होगा।