मुख्य सचिव ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन निर्माण के प्रगति की समीक्षा की
सब्जी बनाते हुए कैसे जली आग, युवक झुलसा
काशीपुर- लजीज पकवान की चाह में छोंका लगाते समय कढ़ाई में अचानक आग लगने से युवक आग की चपेट में आ गया। जिससे युवक का पूरा शरीर आग ने कब्जे में ले लिया। चीख पुकार सुनकर परिजनों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। युवक को एलडी भट्ट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर चिकित्सकों युवक की हालत गंभीर बताते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।
काशीपुर के बरखेड़ा पांडे निवासी राजेश मजदूरी करता है। पत्नी ने बताया कि वह शराब पीने का आदी है। मंगलवार दोपहर भी राजेश शराब के नशे में घर पहुंचा और परिजनों को गाली-गलौज करने लगा। इस दौरान युवक नशे में गैस पर कढ़ाई रख हरे साग में छोंका लगाने लगा। अचानक कढ़ाई में आग की लपटें उठ गईं। इससे युवक आग की चपेट में आ गया। युवक का पूरा शरीर झुलस गया। चीख पुकार सुन परिजनों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। साथ ही 108 एंबुलेंस सेवा को सूचित कर दिया। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस से परिजनों ने युवक को एलडी भट्ट अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर चिकित्सकों ने युवक की हालत गंभीर बताकर उसे हर सेंटर रेफर कर दिया।
पड़ोसी देश नेपाल की सीमा सील
खटीमा- बुधवार को प्रतिनिधि व प्रदेश सभा के चुनाव के मद्देनजर पड़ोसी देश नेपाल की सीमा सील कर दी गई है। साथ ही सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। चुनाव के मध्येनजर खुफिया व सुरक्षा एजेंसियों को एलर्ट कर दिया गया है।
पड़ोसी देश नेपाल में प्रतिनिधि सभा एवं प्रदेश सभा के दूसरे चरण में बुधवार को नेपाल के कंचनपर, महेंद्रनगर, बाबाथान, चांदनी क्षेत्रों में मतदान होना है। जिसके बाद सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर खासी चौकसी बरती जा रही है। सीमा पर तैनात एसएसबी जवान सीमा पर आने-जाने वाले नागरिकों की सघनता से चेकिंग कर रहे है। सीमा से लगे जंगलों में भी गश्त बढ़ा दी गई है। इतना ही नहीं खुफिया एजेंसियां चप्पे-चप्पे की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखे हुए है।
त्रिवेणी को मैली कर रही उत्तराखण्ड की नदियां
उत्तराखण्ड के उधमसिंहनगर जनपद कि नदियां कर रही है युपी की त्रीवेणी को मेली, जिसके लिए युपी सरकार ने उत्तराखण्ड सरकार को नोटिस जारी कर इसके लिए ठोस रणनीति बनाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को लखनऊ तलब किया है।
कल युपी के सचिवों के साथ बैठ कर आने वाले माघ मेले के मध्येनजर नदियों को स्वच्छ रखने पर रणनीति बनाकर मसोदा तैयार करेंगे, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि इलाहाबाद त्रीवेणी मे होने वाले माघ मेले के मध्येनजर उत्तराखण्ड की नदियों को स्वच्छ रखने के लिए अधिकारियों की बैठक लखनऊ मे रखी गयी है, जिसमें त्रीवेणी को स्वच्छ रखने में उत्तराखण्ड सरकार से सहयोग मांगा गया है, जिसके लिए अधिकारियों ने पहले ही इन नदियों में दूषित पानी छोडने वाले उघोगों को नोटिस जारी कर दिया है, जिससे मेले के दौरान गंगा को शुद्ध रखा जा सके।
नोटबंदी के बाद बढ़ा डिजिटल लेनदेन
देहरादून, कैशलेश अर्थ व्यवस्था लोगों के लिए लगातार मददगार साबित हो रही है। धीरे-धीरे समाज कैशलेश इकोनॉमी की ओर बढ़ रहा है। यह कहना है भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का। मंगलवार को उन्होंने प्रदेश भाजपा कार्यालय में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की योजनाओं का सुपरिणाम दिखने लगे हैं।
भट्ट के अनुसार, अगस्त 2016 में 87 करोड़ का डिजिटल लेनदेन हुआ था। अगस्त 2017 में यह संख्या बढक़र 138 करोड़ हो गई।यानि 58 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पीओएस मशीनों की संख्या अक्तूबर 2016 में 15.11 लाख की तुलना में अगस्त 2017 में 28.82 लाख हो गई। ये आंकड़े चौंकने वाले हैं। पीओएस मशीनों पर डेबिट कार्ड ट्रांजेक्शन की संख्या अगस्त 2016 में 13.054 करोड़ से बढ़कर अगस्त में 26.55 करोड़ हो गई। इन मशीनों पर डेबिट कार्ड के द्वारा अगस्त 2016 में 18.370 करोड़ के ट्रांजेक्शन हुए थे, जबकि अगस्त 2017 में 35.413 करोड़ हो गए।
प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का मानना है कि कैशलेश अर्थव्यवस्था की ओर हम लगातार बढ़ रहे हैं। अगस्त 2016 में मोबाइल वॉलेट के द्वारा 7.07 करोड़ का लेनदेन हुआ, अगस्त 2017 में यह बढ़कर 22.58 करोड़ हो गया। इस व्यवस्था से जनसामान्य को अच्छा लाभ मिला है। इसका प्रमाण यह भी है कि रियल स्टेट की कीमतों में भारी कमी आई है।
छाया कोहरा, बढ़ी ठंड और लोग परेशान
ऋषिकेश, धार्मिक एवं पर्यटन नगरी में मंगलवार को दिनभर कोहरा छाया रहा। इससे ठंड का असर भी देखने को मिला। पारा करीब तीन डिग्री लुढ़क गया।
कोहरे के चलते शहरवासियों की सुबह सामान्य दिनों के मुताबिक कुछ देर से हुई। कोहरा छाने से ठंड ज्यादा लगी। मौसम का मिजाज भी एकदम से बदल गया। सुबह से चल रही ठंडी हवाओं ने कंपकपी बढ़ा दी। तापमान में गिरावट व ठंडी हवाओं के चलते लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित होने लगी है। वहीं सुबह-शाम घिरा रहने वाला कोहरा अब दिन भर छाया रहता है। सड़कों पर धुंध के कारण वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है।
डीपीएस में मीजल्स रूबेला टीकाकरण शिविर शुरू
हरिद्वार, मिजल्स रूबेला के खिलाफ जंग को गति देते हुए जिला प्रशासन के सहयोग से दिल्ली पब्लिक स्कूल में दो दिवसीय शिविर के पहले दिन को कक्षा प्रेप जूनियर से कक्षा 10 तक के लगभग 2200 छात्र-छात्राओं को मीजल्स रूबेला के टीके लगाए गए।
दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर प्रशासन द्वारा टीकाकरण अभियान के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई थी। छोटे बच्चों के अभिभावकों ने भी इस अभियान की सफलता के लिए बढ़-चढ कर अपना सहयोग दिया तथा बच्चों को लेकर नियत समय पर विद्यालय पहुंचे।
प्रधानाचार्य केसी पाण्डेय ने हरिद्वार प्रशासन कहा कि मीजल्स रूबेला के संक्रमण की गंभीरता को समझते हुए प्रशासन द्वारा उठाया यह कदम प्रशंसनीय एवं सराहनीय है। विद्यालय स्तर पर यह प्रयास निश्चित ही इस वायरस को जड़ से खत्म करने में महती भूमिका निभाएगा।
ऋषिकेश में सिद्धार्थ की शूटिंग में शशि ने निभाया था बुद्ध का किरदार
अमेरिकी उपन्यासकार एवं फिल्म निर्माता कोनार्ड रूक्स ने आधारित अंग्रेजी फिल्म ‘सिद्धार्थ’ की शूटिंग ऋषिकेश में भी की। इसमें शशि कपूर ने यहां बुद्ध के किरदार को निभाया था।
ऋषिकेश तीर्थनगरी हमेशा ही शूटिंग के लिए फिल्म निर्माताओं की विशेष पसंद रही है। बड़ी बात यह कि अमेरिकी उपन्यासकार एवं फिल्म निर्माता कोनार्ड रूक्स ने गौतम बुद्ध के जीवन पर आधारित अंग्रेजी फिल्म ‘सिद्धार्थ’ की शूटिंग के लिए ऋषिकेश और राजस्थान में भरतपुर के महाराजा के महल को चुना था। भले ही आज महान अभिनेता शशि कपूर हमारे बीच नहीं रहे, मगर फिल्म ‘सिद्धार्थ’ के माध्यम से वे हमेशा के लिए तीर्थनगरी से नाता जोड़ गए।
सिने जगत के अन्य प्रसिद्ध सितारों की तरह शशि कपूर का भी नाता ऋषिकेश से रहा है। प्रसिद्ध अंग्रेजी उपन्यासकार कोनार्ड रूक्स ने जब बुद्ध के जीवन पर आधारित फिल्म ‘सिद्धार्थ’ बनाने का निर्णय लिया तो इस किरदार के लिए शशि कपूर को ही चुना। 1972 में रिलीज हुई इस फिल्म की शूटिंग के लिए ऋषिकेश और राजस्थान में भरतपुर के महाराज के किले व महल को चुना गया।
फिल्म में नायिका कमला की भूमिका सिमी ग्रेवाल ने निभाई थी। 70 के दशक में स्वर्गाश्रम, चौरासी कुटी व आसपास के क्षेत्र को ही शूटिंग के लिए बेहतर समझा जाता था। यहां सिमी ग्रेवाल व शशि कपूर पर कई सीन फिल्माए गए। उस दौर की फिल्मों में चुंबन के दृश्य फिल्माने की अनुमति नहीं थी।
मगर, निर्माता कोनार्ड रूक्स ने इस फिल्म में सिद्धार्थ और कमला के अंतरंग दृश्य भी फिल्माए थे। जिस कारण फिल्म विवादों में भी घिरी रही। साहित्य प्रेमी एवं दार्शनिक गिरीश डोभाल बताते हैं कि किसी हिंदी फिल्म के अभिनेता पर अंग्रेजी फिल्म का यह पहला फिल्मांकन था।
देहरादून नहीं महिलाओं के लिये सुरक्षित, “निर्भया” जैसा हादसा होते होते बचा
(देहरादून) हाल ही में एनसीआरबी की रिपोर्ट में उत्तराखंड को देश के महफूज राज्यों की सूची में जगह मिली। लेकिन राजधानी देहरादून में एक ऐसा वाक्या हुा कि जिसने इस उपलब्धि पर सवालिया निशान लगा दिया है। 2012 में दिल्ली में हुए निर्भया गैंग रेप की याद दिलाता ये हादसा दून कि एक लड़की ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बयां किया।
दरअसल घटना 2 दिसंबर की है जिसके बारे में बताते हुए लड़की ने कहा कि – “हर रोज की तरह मैं अपने समय जो कि 7 बजे के आसपास हो रहा था मैं बल्लूपुर बस स्टाप पर अपनी बस का इंतजार कर रही थी,थोड़ी देर हो गई थी तो मैने एक ऑटो वाले को हाथ जब वह रुका तो माने अंदर झांक कर देखा ऑटो में पहले से 3 लड़के मौजूद थे तो मैने ऑटो को जाने का कहा।तब तक मेरी बस आ गई थी तो मैने अपनी बस ली और कंडक्टर को पैसे देकर अपना स्टॉप बता दिया।लेकिन मेरा स्टाप आने पर जब मैने बस कंडक्टर को बस रोकने को बोला तो ड्राइवर और कंडक्टर बिना जबाव दिए बस चलाते रहे।स्पीड डायल पर अपने पिता को फोन लगाने की धमकी देने पर भी बस कंडक्टर और ड्राइवर ने बस नहीं रोकी।फिर मैने पुलिस को फोन लगाया जो नंबर लगा नहीं,लेकिन उसके बाद मैंने कंडक्टर को डराने के लिए तेज आवाज में अपना पता बताना शुरु किया जिससे कंडक्टर को यकीन हो गया कि मैं पुलिस से बात रही तो उसने चिल्ला कर बस ड्राइवर को बस रोकने को कहा जिसपर ड्राइवर ने बस रोकी।बस से उतरने के बाद ने बस का नंबर नोट करने की कोशिश की लेकिन अंधेरा होने के कारण और बस ड्राइवर के स्पीड में होने के कारण वह कुछ नोट नहीं कर पाई।लड़की ने टिविट में यह भी लिखा है कि बस में उसके अलावा और भी लोग थे जिनमें से कोई भी लड़की की मदद के लिए आगे नहीं आया।”
लड़की ने जिस हिम्मत और सूझबूझ से इस दौरान काम लिया उससे एक बड़ा हादसा होते होते बच गया। आपकों बतादें कि इस घटना के बारे में लोगों को तब पता चला जब लड़की ने खुद ट्वीट कर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को घटना की पूरी जानकारी दी।लड़की के ट्वीट पर सीएम ने उसे जवाब देते हुए पूरे मामले की जांच और उसके साहस की तारीफ की।रावत ने न केवल एक सीएम की तरह बल्कि दो लड़कियों के पिता होने के नाते लड़की को जवाब दिया और कहा कि उसे घबराने की जरुरत नहीं है वह इस मामले को दून एसएसपी निवेदिता कुकरेती को सौंप रहे हैं जिसपर फौरन एक्शन लिया जाएगा।
वहीं, एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने भी मुख्यमंत्री के ट्वीट पर संज्ञान लेते हुए लड़की से फौरन संपर्क साधा। एसएसपी का कहना है कि लड़की की शिकायत पर आरोपी कंडक्टर और ड्राइवर की तलाश की जा रही है। ये भी देखा जा रहा है कि उस वक्त इस रूट पर कौन सी सिटी बस थी।
आमतौर पर कानून व्यवस्था के लिहाज़ से उत्तराखंड को शांत माना जाता रहा है। लेकिन पिछले कुछ समय में जिस तरह से देश के अलग अलग कोने से लोगों ने यहां अपना बसेरा बसाया है उसको देखते हुये पुलिस प्रशासन को शांत प्रदेश की यह छवि बनाये रखने के लिये और कदम उठाने की ज़रूरत है।
(इस वाक्ये की शिकार लड़की का नाम औऱ पहचान गुप्त रखा गई है)
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यलय के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति एम.बैंकया नायडू हुए शामिल
उपराष्ट्रपति एम.बैंकया नायडू, राज्यपाल केके पॉल, सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत व उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत रहे मौजूद।802 छात्रों को करी डिग्री प्रदान,अलग-अलग कॉलेजों के 6 गोल्डमैडलिस्टों को भी किया सम्मानित।
ऋषिकेश। उपराष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार किसी कार्यक्रम के लिये वेंकैया नायडू देहरादून पहुंचे हैं। जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर उनका स्वागत राज्यपाल केके पॉल और सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया। दोनों ने गर्मजोशी से उपराष्ट्रपति के साथ हाथ मिलकर उनका देवभूमि में स्वागत किया।बता दें कि आज उपराष्ट्रपति ने जॉलीग्रांट स्थित स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के दूसरे दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। समारोह में राज्यपाल डॉ. केके पॉल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता संभाली जबकि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।
इस मौके पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि युवाओं को अपनी मातृ भाषा, संस्कृति और सभ्यता को नहीं भूलना चाहिए। अंग्रेजी को चश्मा के रूप में उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदी में पढ़ाई अनिवार्य हो और अंग्रेजी को सेकेंडरी रूप से इस्तेमाल किया जाए।
उपराष्ट्रपति के दीक्षांत समारोह में शिरकत करने से छात्र-छात्राओं सहित एसआरएचयू में काफी उत्साह का माहौल दिखा। साथ ही यूनिवर्सिटी के लिए आज का दिन एतिहासिक रहा।





























































