ऋषिकेश। भाजपा के मंडल अध्यक्ष चेतन शर्मा ने तीर्थनगरी ऋषिकेश में चंद्रेश्वर नगर के उद्गम स्थल से निकलने वाली पवित्र रम्भा नदी का अस्तित्व बचाने के लिए राज्य सरकार से मांग की है। उन्होंने मंगलवार को केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा रिस्पना और बिंदाल नदियों को ‘नमामि गंगे’ योजना का हिस्सा बनाने के ऐलान को स्वागत योग्य बताते हुए कहा कि पवित्र रम्भा नदी का मूल स्वरुप नष्ट हो चुका है। लोगों द्वारा गिराए जा रहे सीवरेज के पानी और काले की ढाल स्थित गैर-कानूनी धोबीघाट से न केवल नदी के अस्तित्व को खतरा पैदा हो गया है बल्कि निर्मल गंगा का सपना भी धराशायी हो गया है। वीरभद्र मन्दिर के समीप रम्भा का दूषित जल सीधे गंगा में मिल रहा है। इस ओर शीघ्र ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा कि दुर्भाग्य यह है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि केवल अपने होर्डिंग्स पोस्टरबाजी और शिलान्यास तक सीमित हैं। कभी मजबूती के साथ ऐसे मुद्दों के लिए आगे नहीं आते। यह अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को इस ओर अत्यधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
डीएम ने की चारधाम ऑल वेदर रोड व रेलवे कार्यों की समीक्षा
गोपेश्वर। जिलाधिकारी आशीष जोशी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार गोपेश्वर में चारधाम आॅल वेदर रोड, रेलवे और देवसारी जल विद्युत परियोजना की प्रगति से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चारधाम आॅल वेदर रोड को सर्वोच्च प्राथमिकता में से एक बताते हुए इससे जुड़े कार्यों को निर्धारित अवधि में पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि आॅल वेदर रोड के तहत कमेडा से नंदप्रयाग तक थ्रीजी तैयार कर भारत सरकार को भेजा गया है। नन्द प्रयाग से चमोली, चमोली से पीपलकोटी तथा पीपलकोटी से हेलंग तक थ्रीजी की कार्रवाई पूरी हो चुकी है, जिसके लिए एनएच को मुआवजा धनराशि अवमुक्त करने के निर्देश दिए। एनएचआईडीसीएल के अधिकारी ने बताया कि कार्यों के सापेक्ष मुआवजा धनराशि अवमुक्त कर दी जाएगी। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों को खातौनी अपडेट करने के भी निर्देश दिए हैं ताकि एनएच से मुआवजा धनराशि अवमुक्त होने पर प्रभावित परिवारों में धनराशि आवंटित हो सके। साथ ही जिलाधिकारी ने हेलंग-मारवाड़ी बाईपास पर भी शीघ्र थ्रीए की कार्रवाई करने के निर्देश उपजिलाधिकारी जोशीमठ को दिए हैं।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने रेल परियोजना से प्रभावित ऐसे परिवारों को नोटिस भेजने के निर्देश दिए हैं, जिनकी भूमि इस परियोजना से प्रभावित हो रही है तथा वे जनपद से बाहर बस गए हैं। जिस पर उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग ने बताया कि ऐसे परिवारों का सर्वे का कार्य प्रगति पर है तथा 10 दिनों के भीतर संबंधित परिवारों को नोटिस भेजने की कार्रवाई पूरी हो जाएगी। डीएम ने पिडंर नदी पर सतलुज जल विद्युत निगम की देवसारी जलविद्युत परियोजना से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए 24 जनवरी तक सर्वे कार्य पूरा करने के निर्देश तहसीलदार थराली को दिए हैं। बैठक में अपर जिलाधिकारी ईला गिरि, एसडीएम योगेंद्र सिंह, एसडीएम केएन गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
भागीरथी इको सेंसिटिव जोन मास्टर प्लान पर वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के साथ विचार विमर्श
अधिकारियों के रवैये से विधानसभा अध्यक्ष खफा
कडी सुरक्षा में हुआ अंतिम संस्कार
सितारंगज, में हुए खूनी नरसंहार के बाद माहौल तनाव पूर्म बना है, दो लोगों की मौत से दहला सितारगंज अब भी कराह रहा है, वहीं जमीनी विवाद में तलवार और गोलियां चलने से मारे गए दो लोगों का अंतिम संस्कार संगीनों के साए में किया गया। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए थे।
सितारगंज में रविवार को नगर कीर्तन निकलने के बाद दो पक्षों में तलवार और गोलियां चल गई थी। जिसमें जनता फार्म के दलजीत सिंह उर्फ सोनू और वृष्टि के हरबंस सिंह की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से तनाव फैल गया, जिसे देखते हुए एसएसपी ने दोनों व्यक्तियों के अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा के लिहाज से दोनो गांव में भारी सुरक्षा बल तैनात किया। अंतिम संस्कार से पहले एसएसपी ने दोनों मृतकों के घर जाकर परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया साथ ही आश्वस्त किया कि हमलावर बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
उत्तराखण्ड राज्य की झांकी ‘ग्रामीण पर्यटन’ दिखेगी गणतंत्र दिवस परेड में
यातायात व्यवस्था सुधारने के लिये यातायात समीक्षा बैठक आयोजित
मंगलवार को डीजीपी उत्तराखण्ड अनिल के0 रतूड़ी, की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्ड में राज्य की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए यातायात समीक्षा बैठक आयोजित की गयी जिसमें उन्होंने कहा कि ”फिलहाल यातायात व्यवस्था बेहतर बनाना पुलिस का मुख्य कार्य हो गया है क्योंकि जनता इससे ज्यादा प्रभावित है।जेसे कि उत्तराखण्ड राज्य पर्यटन प्रधान राज्य है और अधिक से अधिक संख्या में लोगों का आगमन यहाँ हो रहा है जिससे सड़कों पर भी यातायात का दबाव बढ़ रहा है । हमें अपने सीमित संसाधनों का प्रयोग करके जनता के हित में कार्य करना है।”
बैठक में अशोक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखण्ड, राम सिंह मीणा, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन,दीपम सेठ, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, पुष्पक ज्योति, पुलिस उपमहानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र, केवल खुराना पुलिस उपमहानिरीक्षक/निदेशक- यातायात, लोकेश्वर सिंह, पुलिस अधीक्षक यातायात देहरादून, मंजूनाथ टी0सी0, पुलिस अधीक्षक,यातायात हरिद्वार, और प्रभारी सीपीयू सहित अन्य अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
अशोक कुमार ने कहा कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण ओवर स्पीड,नशे में वाहन चलाना, रेश ड्राइविंग,ओवरलोडिंग, वाहनों एवं सड़कों की खराब स्थिति तथा अप्रशिक्षित चालक होना है जिनकी रोकथाम करना पुलिस की प्राथमिकता है।
इस बैठक में कुछ खास बिन्दुओं पर विचार-विमर्श किया गयाः-
- दुर्घटना सम्भावित/बोटल नेक/ब्लैक स्पॉट स्थानों का चिन्हीकरण कर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु चेतावनी बोर्ड लगाये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
- जनपद हरिद्वार एवं ऊधमसिंहनगर में 100-100 तथा जनपद पौड़ी एवं टिहरी में 30-30 यातायात कर्मियों की नियुक्ति किये जाने का निर्णय लिया गया।
- समस्त जनपदों में यातायात जागरुकता के सम्बन्ध में अभियान चलाकर आमजन को यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरुक करने हेतु निर्देशित किया गया।
- सड़कों पर अतिक्रमण के विरुद्घ 133 सीआरपीसी के अन्तर्गत कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
- समस्त जनपदों में नये पार्किंग स्थल विकसित किये जाने का निर्णय लिया गया।
- सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों जैसे ड्रंकन ड्राईविंग, रेड लाईट जम्पिंग, ओवर स्पीड, ओवर लोड़िंग, रैश ड्राईविंग, एवं मालवाहक वाहनों में सवारी बैठाना में शत-प्रतिशत डीएल निरस्तीकरण की कार्यवाही करने हेतु भी निर्देशित किया गया।
- पार्किंग स्थलों, बाईपास, फ्लाईओवर के निर्माण एवं सड़कों के सुधारीकरण हेतु अन्य सम्बन्धित विभागों एम0डी0डी0ए0,पी0डब्लू0डी0,एन0एच0आई0ए0 आदि से समन्वय स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है।
- प्रधानमंत्री भारत सरकार के निर्देशनुसार यातायात जागरुकता हेतु प्रदेश की स्थानीय बोलियों (गढ़वाली,कुमाऊंनी व जौनसारी) में यातायात जागरुकता संदेश सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रचारित-प्रसारित करने हेतु भी निर्देशित किया गया।
जनता दरबार में ज़हर खाने वाले प्रकाश की मैक्स अस्पताल में मौत
देहरादून। बीते शनिवार को हल्द्वानी निवासी प्रकाश पांडे ने जनता दर्शन कार्यक्रम में जहर खाया जिसके बाद उन्हें मैक्स अस्पताल में भर्ती किया गया था जहां उनकी हालत नाज़ुक बनी हुई थी लेकिन मंगलवार दोपहर को प्रकाश का निधन हो गया।ज़हर खाने के बाद प्रकाश की हालत बेहद नाज़ुक थी जिसकी वजह से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। सीएमओ डॉ वाईएस थपलियाल ने बताया कि प्रकाश का पोस्टमार्टम मैक्स हॉस्पिटल में ही होगा।
आपको बतादें कि बीते शनिवार को हल्द्वानी के स्थानीय निवासी प्रकाश पांडे ने बीजेपी कार्यालय में चल रहे जनता दर्शन कार्यक्रम में जहर खाकर था। लेकिन जहर खाने से पहले वह रो-रोकर अपनी शिकायत दर्ज करा रहे थे। ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे बैंक के कर्ज से परेशान थे। उसका कहना था कि जीएसटी और नोटबंदी ने उनका कारोबार ठप कर दिया था। वह कर्ज तले डूब गये है और अब उसके पास और कोई रास्ता नहीं बचा इसलिए वह यह कदम उठा रहे हैं।शनिवार को देहरादून के बलवीर रोड स्थित बीजेपी कार्यालय में सुबोध उनियाल जनता दर्शन कार्यक्रम में लोगों की समस्या सुन रहे थे और ऐसे ही प्रकाश भी वहां अपनी शिकायत लेकर पहुंचा था। जहर खाने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने प्रकाश पांडे को दून अस्पताल पहुंचाया,जहां उसका इलाज किया जा रहा है। जाते-जाते भी कारोबारी सरकार के खिलाफ बोलता रहा। उन्हें गम्भीर हालत में दून हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनके पेट से जहरीला पदार्थ निकाल दिया गया है लेकिन प्रकाश की हालत गंभीर बनी हुई थी।

जहां एक तरफ प्रकाश की मौत ने बीजेपी सरकार पर सवालिया निशान लगा दिए हैं वहीं कांग्रेस सरकार प्रकाश की मौत पर हमलावर हो गई है।प्रकाश के मौत की खबर सुनते ही कांग्रेस के पीसीसी अध्यक्ष प्रीतम सिंह,सूर्यकांत धस्माना समेत कई नेता का मैक्स अस्पताल में तांता लग गया है।पीसीसी अध्यक्ष प्रीतम संह ने कहा कि ”प्रकाश का परिवार उनके मृत्यु से टूट गया है और प्रकाश की मौत का कारण ज़हर नहीं बल्कि नोटबंदी और जीएसटी है।राज्य सरकार और केंद्र सरकार के उठाए कदम से प्रकाश जैसे ना जाने कितने लोगों को दुख पहुंचाया है।सिंह ने कहा कि प्रकाश आज से नहीं बल्कि काफी समय से अपनी परेशानी लेकर सरकार से मिन्नतें कर रहे थे लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई और यह आत्महत्या नहीं बल्कि सरकार के किए गए फैसले का बैकफायर है।”
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हल्द्वानी निवासी ट्रासंपोर्टर प्रकाश पाण्डे के निधन पर शोक व्यक्त किया है, उन्होंने दिवंगत की आत्मा की शांति एवं दुःख की इस घड़ी में उनके परिजनो को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।मुख्यमंत्री ने कहा कि, “स्व. प्रकाश पांडे की जीवन रक्षा के लिए सभी आवश्यक एवं बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई र्गइं। उनको इलाज के लिए शीघ्र मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डाॅक्टरों को उनको बेहतर ट्रीटमेंट देने को कहा गया था।मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार की दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुनरावृत्ति न हो।”
फिल्म अभिनेत्री नहीं बनना चाहती थी नंदा
नई दिल्ली, बॉलीवुड अभिनेत्री नंदा के बारे में बहुत ही कम लोगों को पता होगा कि अभिनय नहीं बल्कि सेना में भर्ती होना चाहती थी। 8 जनवरी 1939 को जन्मी नंदा के घर का महौल शुरू से फिल्मी था क्योंकि नंदा के पिता मास्टर विनायक मराठी रंगमंच के हास्य कलाकार के साथ-साथ फिल्म निर्माता भी थे। पिता नंदा को फिल्म अभिनेत्री ही बनाना चाहता थे लेकिन नंदा का मन कहीं और ही लगता था। नंदा सुभाष चन्द्र बोस के व्यक्तित्व से काफी प्रभावित थीं। एक बार नंदा की मां ने उन्हें बाल कटवाने के लिए कहा क्योंकि उनके पिता चाहते थे कि वो उनकी फिल्म में लड़के का रोल करें। जिसको सुनकर नंदा अपनी मां पर बहुत गुस्सा हुई लेकिन मां के बहुत समझाने पर वह बाल कटवाने के लिए मान गई। हालांकि फिल्म के निर्माण के दौरान ही मास्टर विनायक का निधन हो गया।
नंदा के सिर से पिता का साया उठ गया। पिता के निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर पड़ने लगी। घर की माली हालत को देखते हुए नंदा ने फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में काम करना शुरू कर दिया। बतौर बाल कलाकार नंदा ने वर्ष 1948 में मंदिर, वर्ष 1952 में जग्गु, वर्ष 1954 में शंकराचार्य और अंगारे जैसी फिल्मों में काम किया। वर्ष 1956 में अपने चाचा वी. शांताराम की फिल्म “तूफान और दीया” से नंदा ने बतौर अभिनेत्री अपने सिने करियर की शुरुआत की। हालांकि फिल्म की असफलता से वह कुछ खास पहचान नहीं बना पायी।
फिल्म तूफान और दीया की असफलता के बाद नंदा ने राम लक्ष्मण, लक्ष्मी, दुल्हन, जरा बचके, साक्षी गोपाल, चांद मेरे आजा, पहली रात जैसी बी और सी ग्रेड वाली फिल्मों में बतौर अभिनेत्री काम किया लेकिन इन फिल्मों से उन्हें कोई खास फायदा नहीं पहुंचा। नंदा की किस्मत का सितारा निर्माता एल.वी. प्रसाद की वर्ष 1959 में प्रदर्शित फिल्म “छोटी बहन” से चकमा। इस फिल्म में भाई-बहन के प्यार भरे अटूट रिश्ते को रूपहले परदे पर दिखाया गया था। इस फिल्म में बलराज साहनी ने बड़े भाई और नन्दा ने छोटी बहन की भूमिका निभायी थी। शैलेन्द्र का लिखा और लता मंगेशकर द्वारा गाया फिल्म का एक गीत “भइया मेरे राखी के बंधन को निभाना” बेहद लोकप्रिय हुआ था। रक्षा बंधन के गीतों में इस गीत का विशिष्ट स्थान आज भी बरकरार है। फिल्म की सफलता के बाद नंदा कुछ हद तक फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गयी।
फिल्म “छोटी बहन” की सफलता के बाद नंदा को कई अच्छी फिल्मों के प्रस्ताव मिलने शुरू हो गये देवानंद की फिल्म “काला बाजार और हमदोनों” बी.आर. चोपड़ा की फिल्म “कानून” खास तौर पर उल्लेखनीय है। फिल्म काला बाजार में नंदा ने एक छोटी सी लेकिन महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। वही सुपरहिट फिल्म हमदोनों में उन्होंने देवानंद के साथ बतौर अभिनेत्री काम किया।
वर्ष 1965 नंदा के सिने करियर का अहम वर्ष साबित हुआ। इस वर्ष उनकी “जब जब फूल खिले” प्रदर्शित हुई। बेहतरीन गीत-संगीत और अभिनय से सजी इस फिल्म की जबरदस्त कामयाबी ने न सिर्फ अभिनेता शशि कपूर और गीतकार आनंद बख्शी और संगीतकार कल्याण जी-आनंद जी को शोहरत की बुंलदियां पर पहुंचा दिया। बल्कि नंदा को भी ‘स्टार’ के रूप में स्थापित कर दिया। वर्ष 1965 में ही नंदा की एक और सुपरहिट फिल्म ‘गुमनाम’ भी प्रदर्शित हुई।
मनोज कुमार और नंदा की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म में रहस्य और रोमांस के ताने-बाने से बुनी, मधुर गीत-संगीत और ध्वनि के कल्पनामय इस्तेमाल किया गया था। वर्ष 1969 में नंदा के सिने करियर की एक और सुपरहिट फिल्म “इत्तेफाक” प्रदर्शित हुई। दिलचस्प बात है कि राजेश खन्ना और नंदा की जोड़ी वाली सस्पेंस थ्रिलर इस फिल्म में कोई गीत नहीं था, बावजूद इस फिल्म को दर्शकों ने काफी पसंद किया और उसे सुपरहिट बना दिया।
वर्ष 1982 में नंदा ने फिल्म “आहिस्ता आहिस्ता” से बतौर चरित्र अभिनेत्री फिल्म इंडस्ट्री में एक बार फिर से वापसी की। इसके बाद उन्होंने राजकपूर की फिल्म “प्रेमरोग” और मजदूर जैसी फिल्मों में अभिनय किया। दिलचस्प बात है इन तीनों फिल्मों मे नंदा ने फिल्म अभिनेत्री पदमिनी कोल्हापुरे की मां का किरदार निभाया था।
वर्ष 1992 में नंदा ने निर्माता-निर्देशक मनमोहन देसाई के साथ परिणय सूत्र में बंध गयी लेकिन वर्ष 1994 में मनमोहन देसाई की असमय मृत्यु से नंदा को गहरा सदमा पहुंचा। अपनी दिलकश अदाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाली नंदा 25 मार्च 2014 को इस दुनिया को अलविदा कह गयीं।
25 जनवरी को रिलीज होगी भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत ’
नई दिल्ली, पद्मावती से बदलकर पद्मावत बनी संजय लीला भंसाली की फिल्म को केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा यूए सर्टिफिकेट मिल गया है और यह अब 25 जनवरी को रिलीज होगी।
अक्षय कुमार की फिल्म पेडमैन भी इसी दौरान रिलीज हो रही है| गणतंत्र दिवस के दौरान दो बड़ी फिल्मों की बॉक्स ऑफिस में टक्कर होगी। खबरों के मुताबिक फिल्म को सेंसर बोर्ड से सशर्त सर्टीफिकेट मिल गया है और फिल्म निर्माताओं ने इसे इस महीने की 25 तारीख को रिलीज करने का फैसला लिया है।
फिल्म प्रदर्शित करने वालों को वायकॉम-18 की ओर से अनुमति मिल गई है। करीब 200 करोड़ में बनी फिल्म पद्मावत को 26 जनवरी को रिलीज करने से छुट्टियों को लाभ मिलेगा। पहले यह फिल्म ‘पद्मावती’ के नाम से 1 दिसंबर को रिलीज होने वाली थी, लेकिन करणी सेना समेत कई राजनीतिक हलकों से उठे विरोध के बाद इस फिल्म की रिलीज टल गई थी।
यह भी खबर है कि पद्मावत की रिलीज के चलते कुछ फिल्म निर्माता अपनी फिल्मों की रिलीज डेट में बदलाव कर रहे हैं। ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श के मुताबिक नीरज पांडे की फिल्म अय्यारी की रिलीज तारीख बदलकर 9 फरवरी 2018 कर दी गई है।





























































