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उपचार को तरस रहे 3 दिव्यांग भाई बहन

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विकासनगर। तहसील क्षेत्र के लक्खनवाला पंचायत में एक ही परिवार के तीन युवा दिव्यांग सदस्य उपचार नहीं मिलने से बिस्तर पर पड़े हुए हैं। इन युवाओं को समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रति माह दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि भी पिछले दो साल से नहीं मिल रही है। जबकि बुजुर्ग माता पिता की वृद्धावस्था पेंशन भी आठ माह से ठप पड़ी हुई है। इतना ही नहीं युवाओं के पिता भी पिछले एक सप्ताह से गंभीर बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती हैं। ऐसे में बुजुर्ग मां पर ही तीनों दिव्यांग बच्चों के पालन पोषण का भार है।

जो बच्चे बड़े होने पर अपने माता पिता की सेवा करते है, उन्हें संस्कारी व आज्ञाकारी पुत्र-पुत्री माना जाता है। लेकिन बुढ़ापे में माता-पिता को जवान बच्चों की सेवा करनी पड़े तो इसे नियति की बिडंबना ही कहेंगे। ऐसी बिडंबना व कष्टकारी पलों से इन दिनों लक्खनवाला निवासी बुजुर्ग महिला कमला देवी गुजर रही हैं। महिला के दो बेटे आशु (24), विनीत (22) व एक बेटी कांता (30) जन्म से ही शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। जो दैनिक क्रिया कलापों के लिए माता-पिता पर निर्भर हैं। परिवार का भरण पोषण समाज कल्याण द्वारा दी जाने वाली वृद्धावस्था पेंशन व दिव्यांग भाई बहनों को मिलने वाली पेंशन के साथ ही पिता द्वारा की जाने वाली मजदूरी से होता था। इसे बिडंबना कहें या सरकारी तंत्र की लापरवाही, पिछले दो साल से तीनों भाई बहनों की पेंशन बंद हो चुकी है। जबकि माता पिता की वृद्धावस्था पेंशन भी आठ माह से ठप पड़ी है। इतना ही नहीं पिछले सप्ताह पिता अनुसुया प्रसाद बुड़ाकोटी को गंभीर बीमारी के चलते मिशनरी के अस्पताल में भर्ती हैं। ऐसे में माता कमला देवी दिव्यांग बेटे, बेटी की सेवा में ही लगी रहती हैं जिसके चलते उनके सामने तीनों बहन भाइयों के भरण पोषण व उपचार की समस्या पैदा हो गई है। उधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर एडीओ समाज कल्याण को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।

स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्थाओं का शिकार हुए थे विधायक शाह!

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देहरादून। स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग भले सक्रियता के लाख दावे करे, मगर लचर व्यवस्था के चलते मरीजों की जान सांसत में है। एक तरफ मरीज इस बीमारी से लड़ रहे हैं तो दूसरी तरफ व्यवस्था से। स्वाइन फ्लू के प्रारंभिक लक्षण के बाद जिन मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे जाते हैं, उनपर कई दिन बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाती। ऐसे में लक्षण के अनुसार ही मरीज का उपचार चलता रहता है।

प्रदेश में स्वाइन फ्लू की दस्तक हो चुकी है। दिवंगत थराली विधायक मगनलाल शाह की जांच रिपोर्ट में स्वाइन की पुष्टि हुई है। सवाल यह उठ रहा है कि जांच रिपोर्ट आने में इतनी देर क्यों हुई। दरअसल, स्वाइन फ्लू की जांच के लिए सैंपल राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) को भेजे जाते हैं। यहां से रिपोर्ट आने में कई-कई दिन लग जाते हैं। इस दौरान मरीज का इलाज संदेह के आधार पर ही होता है। विगत वर्षों में कई मामले ऐसे सामने आए हैं, जिनमें रिपोर्ट व्यक्ति की मृत्यु के बाद आई। यह हाल तब है, जब श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में अत्याधुनिक लैब बनकर तैयार है। इस लैब को राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र से मंजूरी भी मिली हुई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग व अस्पताल के बीच अनुबंध न होने के कारण सैंपल दिल्ली भेजे जा रहे हैं। बताया गया कि राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र में सैंपलों की निश्शुल्क जांच की व्यवस्था है, जबकि श्री महंत इंदिरेश अस्पताल को एक निश्चित राशि विभाग को देनी होगी। सरकारी सुस्ती का आलम देखिए कि गत वर्ष दून मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू की जांच की कवायद शुरू की गई, लेकिन इस पर अब तक कुछ नहीं हुआ है। दून में स्वाइन फ्लू की जांच शुरू करने का सरकार व विभाग ने ढोल खूब पीटा,पर जाने मामला कहां गुम हो गया। सरकार की इस निष्क्रियता ने अपने ही विधायक की जान ले ली है। उम्मीद की जानी चाहिए कि आम आदमी की सेहत को लेकर लापरवाह सरकार, कम से कम इसके बाद जरूर चेतेगी।
बयान
जांच के लिए नमूने दिल्ली भेजे जाते हैं। जिसकी रिपोर्ट आने में वक्त लग जाता है। हालांकि, इस बीच मरीज का उपचार शुरू कर दिया जाता है। बायोलॉजिकल लैब के लिए काफी संसाधनों की आवश्यकता होती है। जिसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
– डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, स्वास्थ्य महानिदेशक 

किसानों, उद्यमियों व शोधकर्ताओं से ली बजट पर राय

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देहरादून। ’’आपकी राय आपका बजट के तहत मंगलवार को सीएम ने पंतनगर विश्वविद्यालय में किसानों, उद्यमियों व शोधकर्ताओं के संवाद कर राज्य के आम बजट को लेकर रायशुमारी की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य का आम बजय इस वर्ष लोगों की आम राय के आधार पर तैयार किया जाएगा।

मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पन्तनगर विश्वविद्यालय के एनेक्सी भवन प्रांगण में ’’आपकी राय आपका बजट’’ कार्यक्रम के तहत कृषकों, उद्योगपतियों व शोधकर्ताओं आदि से संवाद स्थापित कर प्रदेश के वर्ष 2018 के वार्षिक बजट को लेकर सुझाव व विचार प्राप्त किए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर वर्ग/क्षेत्र का चहुमुंखी विकास हो। इसके लिए राज्य के विकास के लिए जनता की भावनाओं के अनुरूप बजट तैयार करने के लिए संवाद स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बजट राज्य के विकास की प्रथम सीढ़ी है, इसके निर्धारण में समाज के प्रत्येक व्यक्ति वर्ग की भागीदारी होनी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का आगामी बजट राज्य के विकास के साथ ही समाज की विभिन्न समस्याओं व परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों को आगामी बजट में समावेश किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने सुझाव होली पर्व तक फोन अथवा ई-मेल आईडी द्वारा भेज सकता है। उन्होंने कहा कि अब तक 2000 से अधिक सुझाव प्राप्त हो चुके हैं, जिन पर गहनता से मंथन किया जा रहा है।
’आपकी राय-आपका बजट’ कार्यक्रम में आपसी संवाद के दौरान कृषक सरदार गुरपाल सिंह ने स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट लागू करने, विनोद कुमार गुम्बर ने चीनी मिलो को बन्द न करने तथा सिंचाई कर पर 80 प्रतिशत की छूट का प्रावधान करने, राघवेन्द्र सिंह ने गन्ना किसानों को ड्रिप इरिगेशन पर सब्सिडी देने, खेतो से होकर गुजरने वाली बिजली की लाइनो में सुधार करने, श्री राजीव बगड्वाल का मण्डियो मे रेट का निर्धारण राष्ट्रीय बाजार भाव के अनुसार निर्धारित करने तथा गन्ना तौल सेंटरो मे इलैक्ट्रानिक कांटो का प्रावधान करने, जयप्रकाश सिंह द्वारा टीडीसी मे सुधार के लिए आवश्यक व्यवस्था करने, तारा सिंह कोरंगा ने वैज्ञानिक विधि से खेती करने के लिए न्याय पंचायत/चिह्नित स्थानों पर वैज्ञानिको को भेजने, ठा. जगजीत सिंह द्वारा हर न्याय पंचायत मे धान को सुखाने के लिए ड्रायर मशीन लगाने व ट्यूबवेलो की बिजली पर 80 प्रतिशत छूट देने, फसलो का स्वैच्छिक बीमा कराने, टीका सिंह ने सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य सभी कृषकों को दिलाने, सरकारी क्रय केन्द्रों पर क्रय फसलों का समय से भुगतान करने, कृषि ऋण में 5 लाख से ज्यादा के ऋण पर भी उचित ब्याज दर की व्यवस्था बजट में कराने का सुझाव दिया।
कार्यक्रम में उद्योगपतियों से संवाद के दौरान उद्योगपति सुरेश कुमार ने बिजली दर पर प्रति यूनिट 50 पैसे राज्य सरकार द्वारा स्टेट ड्यूटी हटाने, अजय तिवारी ने वृक्षारोपण के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए बजट में व्यवस्था करने, रमेश मिण्डा ने मण्डी टेक्स को खत्म करने व पन्तनगर एयरपोर्ट का विस्तारीकरण करने, इएसआई हॉस्पिटल की पन्तनगर में शीघ्र व्यवस्था करने, शोधकर्ता रूपा व मनीष पन्त द्वारा एमएससी करने वाले व शोधार्थियों के लिए स्कॉलरशिप बढ़ाये जाने, कृषि के क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार सृजित करने की व्यवस्था बजट में करने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री केदारनाथ मन्दिर के कपाट खुलने की प्रथम व द्वितीय शाम को लेजर शो के माध्यम से श्री केदारनाथ का लाईव इतिहास प्रसारित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक व्यक्तियों को श्री केदारनाथ के इतिहास व भव्यता की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य के 625 प्रमुख धार्मिक स्थलों में महिला समूहों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों पर आधारित गुणवत्ता युक्त प्रसाद की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि चमोली के तीन गांव की महिला समूहों द्वारा इस वर्ष श्री बद्रीनाथ में 19 लाख रुपये का प्रसाद बेचा गया, जिससे उन्हें 09 लाख का शुद्ध लाभ हुआ। उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार प्रत्येक वर्ष 500 करोड़ रूपये उपलब्ध करायेगी। किसानों को उपयुक्त पौधे उपलब्ध हों इसलिए प्रदेश में नर्सरी एक्ट बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पशु आहार में प्रति कुन्तल 130 रुपये की कमी की गयी है, वहीं दूध के दामों में 04 रूपये प्रति लीटर दूध की वृद्धि की गई है। इससे अधिक लोग दुग्ध व्यवसाय से जुडेंगे।
कार्यक्रम में विधायक राजेश शुक्ला, श्री प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी डॉ.नीरज खैरवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ.सदानन्द दाते, सहित कृषक, उद्योगपति व शोधकर्ता आदि उपस्थित थे।

विवि को किसानों के लिए मॉडल के रूप में पेश करेः राधामोहन

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पंतनगर/देहरादून। पंतनगर विश्वविद्यालय को एक आर्थिक रूप से लाभकारी संस्था के रूप में विकसित कर किसानों के समक्ष एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत करें। केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने पंतनगर विवि में आयोजित बैठक में कहा कि विवि के पास सैकड़ों एकड़ भूमि है, उसका सदुपयोग किया जाए।
मंगलवार को केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह एवं उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं उत्तराखण्ड के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने आज प्रशासनिक भवन स्थित कुलपति के सभागार में विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, निदेषक, वैज्ञानिक व अधिकारियों के साथ बैठक की। विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रो. एके मिश्रा ने बैठक में तीनों मंत्रियों एवं उपस्थित अधिकारियों का स्वागत किया। इस मौके पर राधा मोहन सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के पास हजारों एकड़ जमीन उपलब्ध है, जिससे इसकी आय में कई गुना वृद्धि की जा सकती है। इसे दिखाकर किसानों को अपनी छोटी जोतों से आय को दोगुना करने के लिए आश्वस्त किया जा सकता है तभी वे कृषि की ओर आकर्षित हो पाएंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय में समन्वित खेती के भिन्न-भिन्न मॉडल विकसित कर उनके खर्च व आमदनी को दर्शाते हुए किसानों को दिखाए जाने की आवश्यकता बताई। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने विश्वविद्यालय के सभी कार्मिकों को विश्वविद्यालय के कार्य को सरकारी कार्य की भावना से न कर पारिवारिक भावना से कार्य करने के लिए कहा। साथ ही उन्होंने चार वैज्ञानिकों के समूह द्वारा चार गांवों को गोद लिए जाने का भी सुझाव दिया ताकि उत्तराखण्ड की न्याय पंचायतों के अधिकतर गांवों को वैज्ञानिकों द्वारा गोद लिया जा सके। राधा मोहन सिंह ने वर्ष 2018 को मोटे अनाजों के वर्ष के रूप में मनाये जाने के बारे में भी बताया तथा विश्वविद्यालय द्वारा भी इस ओर कार्य किये जाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि देश बदल रहा है तथा इस बदलाव के पीछे अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अतः कृषि में बदलाव भी कृषि विश्वविद्यालयों, संस्थानों व कृषि से संबंधित सभी अधिकारियों द्वारा ही लाया जायेगा। उन्होंने आशा प्रकट की कि पंतनगर विश्वविद्यालय संतुलित उर्वरक व समन्वित खेती के तरीकों से दूसरी हरित क्रांति के जनक के रूप में उभरेगा।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बैठक में कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिन्ता पहाड़ों के तेजी से खेती विहीन होने की है। उन्होंने कहा कि इसके मुख्य कारण पानी का अभाव, बिखरी खेती एवं वन्य जीवों का गांवों तक पहुंचना है। वैज्ञानिकों को इन सब कारणों के समाधान हेतु शोध किये जाने की आवश्यकता है साथ ही खेती को लाभप्रद बनाने की तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने की आवश्यकता है, ताकि खेतों को आबाद किया जा सके, पशुओं को चारा मिल सके तथा वन्य जीवों को गांवों से दूर भोजन उपलब्ध हो सके। उन्होंने उत्तराखण्ड की 670 न्याय पंचायतों में वृद्धि केन्द्र (ग्रोथ सेंटर) विकसित किए जाने की योजना के बारे में भी बताया। बैठक के अन्त में कुलपति प्रो. मिश्रा ने केन्द्रीय कृषि मंत्री, मुख्यमंत्री एवं प्रदेश के कृषि मंत्री तथा बैठक में उपस्थित सभी वैज्ञानिक एवं अधिकारियों का धन्यवाद किया।
इससे पूर्व प्रातः 10.30 बजे केन्द्रीय कृषि मंत्री, मुख्यमंत्री एवं उत्तराखण्ड के कृषि मंत्री ने पंतनगर विश्वविद्यालय के उद्यान अनुसांधान केन्द्र एवं प्रजनक बीज उत्पादन केन्द्र का भ्रमण किया और वहां चल रहे विभिन्न प्रयोगों व विभिन्न फसलों की उन्नत प्रजातियों के बीजों के उत्पादन संबंधी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यहां चल रहे कार्यों की सराहना की।

जीबी पंत विवि को मिला गवर्नर्स बेस्ट यूनिवर्सिटी अवार्ड-2017

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देहरादून। राज्य विश्वविद्यालयों में गुणात्मक सुधार के लिए आपसी प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के मकसद से प्रदेश के राज्यपाल डाॅ. कृष्ण कांत पाल की पहल पर गवर्नर्स अवार्ड का की शुरुआत की गई। साल 2015 में शुरू हुए इस सम्मान कार्यक्रम के तहत इस साल गवर्नर्स बेस्ट यूनिवर्सिटी अवार्ड जीबी पंत विवि को को प्रदान किया गया।
राजभवन में आयोजित हुए कार्यक्रम में इस साल ‘गवर्नर्स बेस्ट यूनिवर्सिटी अवार्ड-2017’ गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर को दिया गया है। राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल ने पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एके मिश्रा को यह अवार्ड प्रदान किया। इसके तहत प्रशस्ति पत्र, रनिंग ट्राफी व पुस्तकालय के लिए 2 लाख रुपये की धनराशि प्रदान की गई।
दूसरे स्थान पर रहे उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय को प्रशस्ति पत्र व पुस्तकालय के लिए एक लाख रुपये की धनराशि, तीसरे स्थान पर रहे हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय, देहरादून को प्रशस्ति पत्र व पुस्तकालय के लिए 75 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की गई। चतुर्थ स्थान पर रहे कुमायूं विश्वविद्यालय, नैनीताल को प्रशस्ति पत्र व पुस्तकालय के लिए 50 हजार रूपए की धनराशि प्रदान की गई है।
गवर्नर्स बेस्ट यूनिवर्सिटी अवार्ड 2017 के मूल्यांकन के लिए सचिव रविनाथ रमन की अध्यक्षता में समिति गठित की गई थी। यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. राजेंद्र डोभाल समिति के सदस्य थे।
गौरतलब है कि उत्तराखंड के राज्य विश्वविद्यालयों को उच्च शिक्षा का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के उद्देश्य से राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल द्वारा अनेक महत्वपूर्ण पहलें की गई हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत राज्य विश्वविद्यालयों में आपसी प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने व गुणात्मक सुधार हेतु प्रेरित करने के लिए अप्रैल 2016 में पहली बार सत्र 2015 के लिए ‘गवर्नर्स बेस्ट यूनिवर्सिटी अवार्ड’ प्रारम्भ किए गए थे।

बुजुर्ग के लिए रहमत का फरिश्ता बनी पुलिस

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ऋषिकेश। पोड़ीजनपद के पुलिस कप्तान जगतराम जोशी द्वारा ‘सीनियर सिटीजन से मिलिए’ अभियान के तहत की गई अनूठी पहल आज अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुके वृद्धों के लिए बेहद सुखद एहसास कराने वाली साबित हो रही है। एक ओर जहां समाज में अपना खून ही अपने अभिभावकों को रुसवा और मायूस कर रहा है वहीं उत्तराखंड की पुलिस मित्र छवि के अनुरूप बेहद बेहतर कार्य करते हुए वृद्धों के लिए रहमत का फरिश्ता बनी हुई है।
अभियान के तहत लक्ष्मण झूला थाना पुलिस द्वारा क्षेत्र में डोर टू डोर अभियान चलाकर 110 बुजुर्गों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली गई। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने वृद्वो को विभिन्न आवश्यक सामान भेंट कर उन्हें हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
पुलिसकर्मियों ने उन्हें बताया कि आपकी सुरक्षा पुलिस का दायित्व है। एकाकी जीवन जीने वाले प्रत्येक सीनियर सिटीजन का चिन्हीकरण किया जा चुका है। उनके घरों के आस-पास खासतौर पर पुलिस निगरानी रखती है ताकी उन्हें किसी भी घटना का शिकार होने से बचाया जा सके।

बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए ट्रैफिक पुलिस करेगी कुछ खास

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राजधानी में यातायात निदेशालय द्वारा सीनियर सिटीजन और दिव्यांगों के लिए एक नई पहल की जा रही है।इस महीने के आखिरी दिन यानि की 28 फरवरी को देहरादून ट्रैफिक पुलिस बुजुर्गों और दिव्यांगों को सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक फ्री पिक एंड ड्राप की सुविधा देगा।

ट्रैफिक डायरेक्टरेट उत्तराखंड पुलिस ने अपने फेसबुक पेज के माध्यम से इसकी जानकारी दी।इससे पहले भी ट्रैफिक पुलिस ने महिलाओं को नए साल के दिन फ्री पिक एंड ड्राप की सुविधा उपलब्द कराई थी।अपने बहुत से प्रयोगों में ट्रैफिक पुलिस आए दिन कुछ नया और हटकर कर रही है।चाहें वह शहर के सिटी बसों में आवाज पहल हो,या एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए निरोग पहल हो।देहरादून में यातायात निदेशालय द्वारा प्रत्येक चौराहों पर एक-एक कार और विक्रम की व्यवस्था की जा रही है। इन वाहनों का उपयोग सीनियर सिटीजन और दिव्यांग निःशुल्क कर सकेंगे। जिसका संचालन यातायात पुलिस द्वारा किया जाएगा।

अपनी नई पहल सम्मान के बारे में बात करते हुए यातायात निदेशक केवल खुराना ने बताया कि पिछले तीन दिनों से लगभग सभी अख़बारों में इसकी जानकारी दे रहे हैं.इसके अलावा देहरादून के खास इलाकों में हम ई-रिक्शा के माध्यम से घोषणा भी करवाऐंगे।यह घोषणा डालनवाला,वसंत विहार,जाखन जैसे क्षेत्रों में होगी।इसी जानकारी ऱेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को भी दि गई है।केवल खुराना ने कहा कि सम्मान पहल से हमें पता चलेगा कि लोगों तक हमारी सुविधा पहुंच रही की नहीं और इसका रिस्पांस जैसा भी होगा हम उसके हिसाब से काम करेंगे।

तो अगर आपके आसपास कोई भी दिव्यांग या बुजुर्ग रहता है तो उसे यातायात निदेशालय के सम्मान पहल के बारे में जरुर बताएं।

नकली और सिंथेटिक रंगों से भरा बाज़ार,संभल कर मनाएं होली

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ऋषिकेश। होली रंगों का त्यौहार है इस त्यौहार को खास बनाने के लिए चीन से खास तरह के रंग और पिचकारी आई है जो अपनी खूबियों के कारण बच्चो और बड़ो दोनों की पहली पसंद बन रही है। बाज़ार पूरी तरह से होली के रंग में रंग गया है अगर आप होली के लिए रंग खरीदने जा रहे है तो सावधानी बरते। बाजारों में नकली और सिंथेटिक  रंग की भरमार है, ऐसे में सुरक्षित होली के लिए हर्बल गुलाल का प्रयोग करें।

holi

मिलावट खोरो ने नकली रंगों की बड़ी खेप बाज़ार में उतारी है। होली के लिए बाज़ार में खास तरह के रंग,गुलाल और पर्यावरण से जुड़े हुए खास  हर्बल रंग काफी वेरायटी में आये हुए है। पिचकारियों की होली में काफी डिमांड होती है खासकर बच्चे पानी से भरी पिचारियों को लेकर काफी खुश होते,इन बच्चो  की ख़ुशी में चार चाँद लगाने के लिए तरह-तरह की आटोमेटिक पिचकारी,पानी के गिले -सूखे  रंग बाज़ार में आये हुए , मुनाफाखोर ने इन रंगों में मिलावटी रंगों की एक बड़ी खेप उतारी हुई है। जिस से होली के रंग बड़ी बीमारी दे सकते है और स्किन पर इसके निशाँ लम्बे समय तक रह सकते है इस डर से लोग रंगों से परहेज कर रहे है। डॉक्टर बताते है की रंग त्वचा और आखों और बालों पर बुरा प्रभाव डालते है जिसपर सावधानी बरतनी बहुत जरूरी है।

नौवें दिन भी धरने पर साधन समिति सचिव परिषद के कर्मचारी

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देहरादून। साधन समिति सचिव परिषद उत्तराखंड एवं आंकिक कर्मचारी संगठन साधन सहकारी समितियों के कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 9वें दिन भी जारी रहा। परेड ग्राउंड धरना स्थल पर परिषद कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं।

साधन समिति सचिव परिषद की हड़ताल से सहकारिता विभाग के कार्य प्रभावित है। परिषद के महामंत्री लक्ष्मण सिंह ने बताया कि इस बीच कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, मदन कौशिक और सचिव सहकारिता से बातचीत हुई लेकिन अभी तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।
समिति कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगे है। जिनमें पैक्स कैडर सचिवों को खाली पदों पर आंकिको की पदोन्नति की करने, समितियों के व्यवसाय अनुसार कर्मचारियों का वर्गीकरण कर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन लागू करने, समिति कर्मचारियों का जिला कैडर बनवाये जाने शामिल है।
धरना स्थल पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए परिषद के प्रदेश महामंत्री लक्ष्मण सिंह रावत ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से कैडर सचिवों को सातवें वेतनमान का लाभ दिए जाने और उनका ग्रेड वेतन 2800 रुपये करने को लेकर आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि जबतक हमारी मांगों पर सचिव सहकारिता द्वरा आदेश जारी नहीं किया जाता तबकत घरना स्थल पर डटे रहेंगे। 

शहीद की मां और पत्नी को दिए चेक

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गोपेश्वर। चमोली जिले के विकास खंड कर्णप्रयाग के परसारी बडागांव के शहीद मुरूली सिंह बिष्ट की पत्नी और मां को मंगलवार को जिलाधिकारी चमोली आशीष जोशी ने उत्तराखंड सरकार से प्राप्त अनुग्रह अनुदान की राशि के चेक सौंपे।
उल्लेखनीय है कि शहीद वारंट अफसर मुरूली सिंह बिष्ट 11 मार्च, 2014 को मणिपुर के कंपांग इलाके में उग्रवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गये थे। मंगलवार को जिलाधिकारी चमोली ने शहीद की पत्नी पार्वती देवी को 6 लाख तथा शहीद की माता भागीरथी देवी को 4 लाख अनुग्रह अनुदान राशि का चेक दिया। इस अवसर पर जिला सैनिक कल्याण एवं पुर्नवास अधिकारी ले. कर्नल एनके डबराल(अप्रा) तथा सहायक सैनिक कल्याण अधिकारी प्रमोद प्रसाद बहुगुणा भी मौजूद थे।