कैबिनेट बैठक में स्टार्टअप नीति 2023 को मिली मंजूरी

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    उत्तराखंड

    उत्तराखंड सरकार ने कैबिनेट की बैठक में बुधवार को स्टार्टअप नीति 2023 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही निजी क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए नीति को मंजूरी दी गई है। इसके तहत प्राइवेट डेवलपर निजी इंडस्ट्रियल एस्टेट बना सकेंगे। इन्वेस्टमेंट का 2 प्रतिशत सरकार खर्च करेगी।

    सिडकुल के साथ एस्क्रो एकाउंट खुलेगा। निवेशक पहाड़ में 2 एकड़ और मैदान में 30 एकड़ में इंडस्ट्रियल एस्टेट बना सकेगा। एमएसएमई के तहत उत्तराखंड में पैकेज की नीति में 200 करोड़ से ऊपर और 500 से ज्यादा रोजगार वालों को सरकार विशेष राहत देगी। देहरादून में नियो मेट्रो के आने का रास्ता भी साफ हो गया है। विभाग 1 रुपये में 99 साल के लिए जमीन मेट्रो के लिए उपलब्ध कराएगा। हर की पौड़ी का कॉरिडोर महाकाल उज्जैन की तरह विकसित होगा। यात्रियों की सुविधा के लिए परिवहन निगम 100 बसें खरीदेगा। इसके लिए 30 करोड़ लोन लिया जाएगा। जिसका ब्याज राज्य सरकार देगी।

    जमीनों के सर्किल में बढ़ोतरी-

    जमीनों के सर्कल रेट को तीन साल बाद रिवीजन हुआ है। कुछ क्षेत्रों में सर्कल रेट कम हुए लेकिन कई जगह पर बढ़ाई गई। कोई आपत्ति आई तो मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति सुनेगी और मुख्यमंत्री को निर्णय लेने को अधिकृत किया गया है।

    मिलेट मिशन को मिली स्वीकृति-

    कैबिनेट ने कृषि-स्टेट मिलेट मिशन को भी अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके तहत मंडुआ को 73.16 करोड़ की कार्ययोजना से खरीदा जाएगा। अब मंडुवा को सरकार 35.16 रुपये प्रति किलो पर खरीद करेगी। राशन के साथ 1 किलो मंडुवा को चार ज़िलों उधमसिंह नगर, हरिद्वार, नैनीताल और देहरादून में दिया जाएगा। मिड डे मील में भी 40 सप्ताह तक बच्चों को दिया जाएगा। राज्य में पीएम पोषण योजना के तहत स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक सप्ताह में दो दिन मीठा दूध दिया जाएगा।

    खेल विकास निधि के लिए समिति गठित-

    मुख्यमंत्री खेल विकास निधि को देखने के लिए समिति के गठन का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री सीएम की अध्यक्षता में छह सदस्यीय इस समिति में मुख्य सचिव और सचिव खेल भी सदस्य होंगे।

    फारेस्ट में पर्यटन को बढ़ावा देने को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इको टूरिज्म समिति बनाई गई। इसमें पर्यटन सचिव भी होंगे। पर्यटन संबंधी समस्याओं का भी समाधान करेगी। जीएमवीएन और केएमवीएन का विलय होगा। तीन माह का समय दिया गया। निगम की परिसंपत्तियों को चिन्हित करके उनसे राजस्व को नीति बनेगी। फारेस्ट विभाग से रोजगारपरक योजनाएं बनाई जाएंगी।

    सितारगंज में एक एक्वा पार्क बनेगा। इसमें मछली से जुड़ी हर गतिविधि होगी। राजस्व विभाग ने इसके लिए 41 एकड़ जमीन मत्स्य विभाग को दी। आईटीआई में लेटेस्ट ट्रेंड के टीचर नहीं हैं। इसलिए डोमेन एक्सपर्ट को हायर किया जाएगा। बाजार की जरूरत के हिसाब से। प्रांतीय रक्षक दल सेवा नियमावली में संशोधन किया गया है। अब तक यूपी की सेवा नियमावली चल रही थी। अब उत्तराखंड की बनाई गई है। 55 व्यायाम प्रक्षिक्षक, 28 अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। उनकी फिटनेस भी देखी जाएगी।

    सिंगल यूज प्लास्टिक पर पाबंदी पर बंद होने वाले उद्योगों को एमएसएमई पॉलिसी के साथ ही 10 प्रतिशत अलग से टॉपअप दिया जाएगा। सभी को विकल्प देना होगा उत्पाद का। इसके साथ ही नैनी सैणी एयरपोर्ट को वायुसेना को दिया जाएगा। हमारी फ्लाइट भी चलेंगे। जैसे चंडीगढ़, प्रयागराज एयरपोर्ट है।

    एसडीएम के 26 पद बढे़-

    उत्तराखंड में एसडीएम के पद बढ़े। 26 नए पद सृजित। नियमावली के हिसाब से आएंगे। अब 199 एसडीएम का कैडर हो जाएगा।

    मंत्रिमंडल निर्णयएक नजर में-

    – जोशीमठ क्षेत्र के आपदा प्रभावितों के मुआवजे विस्थापन प्रस्तावित नीति अनुमोदित।

    -रेरा के ढांचे में कुल 31 पद सृजित किए गए हैं।

    -नकल रोधी कानून को कैबिनेट ने प्रदान किया अनुमोदन।

    -13 से 18 मार्च 2023 तक गैरसैंण भराड़ीसैंण में होगा विधानसभा सत्र।

    -दिव्यांगजन बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूल खोले जाने को लेकर देहरादून जनपद के पुरकुल क्षेत्र में कुल 3000 वर्ग मीटर सरकारी भूमि दिए जाने को मंजूरी।

    -मसूरी में लोनिवि गेस्ट हाउस में मल्टी स्टोरी पार्किंग को 15 मीटर ऊंचाई तक कि शिथिलता प्रदान की गयी, 400 वाहनों की पार्किंग का होगा निर्माण।

    -ऋषिकेश एम्स की एक ब्रांच किच्छा में खोली जानी है। इसके दृष्टिगत एम्स की एक किमी की परिधि में मास्टर प्लान बनेगा। अगले 3 महीने में मास्टर प्लान होगा तैयार। तब तक इस क्षेत्र में नए निर्माण पर रोक।

    -राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सहसपुर को स्किल हब बनाया जाएगा।

    -राज्य की खेल नीति में विद्यमान सीएम खेल विकास निधि से खिलाड़ियों को धन आवंटित के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 6 सदस्य समिति गठित की गई।

    -वर्ष 2023 के लिए राज्य की स्टार्ट अप नीति तय की गई है।

    -एमएसमी के तहत निजी क्षेत्र में औद्योगिक संस्थानों की स्थापना और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को प्रमोट करने के लिए नीति लाई जाएगी।

    -सिविल कोर्ट परिसर खटीमा में अधिवक्ताओं को 90 साल के लिए लीज बेस्ड चैम्बर के लिए स्थान दिया जाएगा।

    -सिंगल यूज प्लास्टिक बैन के मद्देनजर भारत सरकार की नीति को अपनाई जाएगी।

    -आयुर्वेदिक महाविद्यालयों के प्राचार्य की सेवानिवृत्त आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष की गई।

    -समेकित सहकारी विकास परियोजना और गंगा डेरी योजना में अब 2 दुधारू पशु भी लिए जा सकेंगे। पहले कम से कम 5 पशु क्रय करने का था प्रावधान।

    -स्कूल एजुकेशन के तहत दिव्यांग बच्चों को घरों में पढ़ाने के लिए 285 स्पेशल टीचर रखे जाएंगे।

    -अर्थ एवं संख्या विभाग में अपर निदेशक के पद के सृजन को मंजूरी।

    -देहरादून में मेट्रो नियो के लिए सरकारी विभाग की जमीन की आवश्यकता पड़ने पर विभाग 1 रुपये में 99 साल की लीज प्रदान करेगा।

    -उत्तराखंड परिवहन निगम कुल 30 करोड़ की लागत से 100 बस खरीदेगा। इस ऋण पर ब्याज का वहन राज्य सरकार करेगी।

    -रवाई-जौनपुर संस्कृति जनकल्याण समिति को राज्य सरकार भवन निर्माण के लिए निःशुल्क देगी जमीन।

    -कृषि एवं कृषि कल्याण विभाग के स्टेट मिलेट मिशन को मंजूरी। पीडीएस के माध्यम से अंत्योदय परिवारों को दिया जाएगा एक किलो मंडुआ एवं मध्यान्ह भोजन योजना में अब झंगोरा और मंडुवा भी दिया जाएगा।

    -उत्तराखंड परिवहन विभाग के अंतर्गत अगर 20 दिन में किसी वाहन का पंजीकरण नहीं होता है तो इसे स्वतः पंजीयन माना जाएगा।

    -राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन क्षेत्र में भी ईको टूरिज्म को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई।

    -ग्राम विकास विभाग के अंतर्गत सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से बन रहे उत्पादों की मार्केटिंग को बढ़ाने के लिए एक राज्य स्तरीय संस्थान बनाने का निर्णय।

    -हरिद्वार में पीआरटी सिस्टम को कैबिनेट ने दी मंजूरी। डीपीआर बनकर हो चुकी है तैयार।

    -राजस्व विभाग का कंप्यूटरीकरण होने के बाद अब नियमावली को भी उसी हिसाब से संशोधित किया जाएगा।

    -उद्योगों को आकर्षित करने के लिए लघु एवं सूक्ष्म उद्योग विभाग ने तैयार की कस्टमाइज पैकेज की नीति। 200 करोड़ से ज्यादा के निवेश और 500 लोगों को रोजगार देने पर मिलेगा लाभ।

    -सितारगंज चीनी मिल को अगले 30 साल के लिए लीज पर दिया जाएगा।

    -उद्योग विभाग के अंतर्गत जिला खनिज न्यास राशि अब भारत सरकार के नियमों के अनुसार 25 प्रतिशत के स्थान पर 15 प्रतिशत की गई।

    -पीएम पोषण योजना में कक्षा एक से आठ तक के छात्रों को पहले केवल एक दिन फोर्टीफाइड दूध दिया जाता था। अब यह 2 दिन दिया जाएगा।

    -सिंगल यूज़ प्लास्टिक की जो यूनिटें हाल में बंद हुई अगर वैकल्पिक उत्पाद बनाते हैं तो उन्हें बेनिफिट दिया जाएगा।

    -वित्त विभाग के अंतर्गत तीन वर्ष बाद सर्किल रेट का किया गया रिविजन। कुछ क्षेत्रों में सर्किल रेट कम किये गए हैं तो कई जगह वृद्धि की गई है। जल्द नए सर्किल रेट लागू किये जायेंगे।

    -परिवहन विभाग के अंतर्गत मंत्रियों-अधिकारियों के नए वाहन क्रय करने को लेकर मार्केट रेट देखते हुए दरों में वृद्धि की गई ।

    -राजस्व विभाग के अंतर्गत तहसील सितारगंज में 41 एकड़ में इंटीग्रेटेड एकुवा पार्क बनाया जाएगा। यह भूमि राजस्व विभाग, मत्स्य को देगा।

    -कौशल विकास विभाग, आधुनिक लेटेस्ट ट्रेड के हिसाब से नए एक्सपर्ट हायर करेगा

    -यूजीएनवीएल का वार्षिक प्रतिवेदन को विधान सभा में रखा जाएगा

    -युवा कल्याण विभाग की नीति में संशोधन को मंजूरी।

    -राज्य में एसडीएम के 26 नए पद सृजित किए जाने को मंजूरी।

    -नागरिक उड्डयन विभाग के अंतर्गत नैनी सेनी एयरपोर्ट का संचालन वायु सेना करेगी।

    -भारत सरकार के उपक्रम बेसिल को इमपैनल करने को मंजूरी।

    -हाई अल्टीट्यूट खेलों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित होंगे।

    -पर्वतारोहण के लिए इनर लाइन परमिट को ऑनलाइन किया जाएगा।

    -पर्यटन विभाग के माध्यम से जीएमवीएन और केएमवीएन का होगा विलय।

    -कम्युनिटी रेडियो को हर जगह विकसित किया जाएगा।

    -नैनीताल की मॉल रोड की तर्ज पर अल्मोड़ा के पटाल बाजार को विकसित किया जाएगा।

    -शहरी क्षेत्र में पार्क, सड़क, दुकान को स्थानीय या पहाड़ी शैली में विकसित किया जाएगा

    -देहरादून की तर्ज पर दूसरे शहरों में गो-डाउन आदि शहर से बाहर किए जाएंगे शिफ्ट।

    -जिला योजना में अब 3 लाख से कम के काम नहीं लिए जाएंगे

    -एक्सीडेंटल डेथ को रोकने के लिए सड़कों पर क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे।

    -वन विभाग रोजगार सृजन की योजना बनाएगा।

    -4 व्हीलर के साथ 2 व्हीलर एम्बुलेंस भी प्रोत्साहित की जाएगी।

    -नेपाल से लगे सीमांत क्षेत्र गूंजी में उपतहसील बनेगी।