चमोली जिले में तीन साल में 68 स्कूल बंद

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File/Representative image

चमोली जिले में बड़ी संख्या में लोग ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं। इन ग्रामीण क्षेत्रों में निजी विद्यालय न के बराबर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से सरकारी विद्यालयों पर निर्भर है। सरकार के 15 नवम्बर 2018 को जारी शासनादेश के बाद जिले में 63 प्राथमिक, जूनियर और 5 इंटर स्तर के विद्यालयों को कम छात्र संख्या के चलते बंद कर दिया गया है।

इससे पूर्व वर्ष 2014 से 2016 के मध्य जिले में 20 हाईस्कूल और 29 इंटरमीडिएट विद्यालयों का उच्चीकरण किया गया था। वर्ष 2017 के बाद जिले में न तो कोई नया प्राथमिक या जूनियर विद्यालय खोला गया है और न ही हाईस्कूल और इंटरस्तर पर विद्यालयों का उच्चीकरण किया गया है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकता की पूर्ति के बिना सरकार के पलायन रोकने के दावों का भी सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

बदरीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट का कहना है कि राज्य की भौगोलिक स्थितियों को देखते विद्यलायों के बंद करने को लेकर 30 की छात्र संख्या वाले नियम में शिथिलता की गई है। ऐसे में जिन विद्यालयों की छात्र संख्या 10 से अधिक होगी उनका पुनः संचालन शुरू किया जाएगा। जिले में दो विद्यालयों को लेकर प्रस्ताव तैयार किया गया है। अन्य विद्यालयों को लेकर विभाग से योजना मांगी गई है।