अग्निपथ योजना को लेकर युवाओं में आक्रोश, मुख्यमंत्री ने की अपील

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अग्निपथ

देहरादून सहित प्रदेश के कई स्थानों पर केन्द्र सरकार की ओर सेना में युवाओं के लिए लाई गई अग्निपथ योजना के खिलाफ विरोध देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने युवाओं से भ्रामक खबरों से दूर रहने की अपील की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर एक ट्वीट कर युवाओं से योजना को समझने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने लिखा है ,”मैं राज्य के सभी युवाओं को आश्वस्त करता हूं कि प्रदेश के जो भी युवा अग्निवीर के रूप में राष्ट्र की सेवा करेंगे उन सभी को मां भारती के सेवा के उपरांत उत्तराखंड पुलिस, आपदा प्रबंधन, उपनल और अन्य संबंधित सेवाओं में प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने युवाओं से किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों से दूर रहने की अपील की है। कहा है कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है”।

गुरुवार को सेना भर्ती की तैयारी कर रहे मैदान से लेकर पहाड़ तक युवाओं में केन्द्र सरकार के इस फैसले को लेकर गुस्सा देखने को मिला। युवा सड़कों पर उतर कर विरोध किया। युवाओं का कहना है कि सरकार युवाओं के साथ चार साल की भर्ती का लॉलीपॉप देकर भविष्य को अंधकार में झोंक रही है। इसके बाद उन्होंने मोटर स्टेशन में सरकार का पुतला फूंका।

देहरादून में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने घंटाघर और लैंसडाउन चौक पर इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान युवाओं ने कहा कि ये रोजगार नहीं युवाओं को बहला-फुसलाकर बेरोजगार करने की स्कीम है। अगर सरकार रोजगार देना चाहती है तो सेना में तमाम खाली पड़े पदों को स्थाई तौर पर भरे।

उन्होंने सेना का निजीकरण बताया और कहा कि तैयारी कर रहे युवा इसके लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है।

पिथौरागढ़, चम्पावत, बागेश्वर, खटीमा, टनकपुर, काशीपुर और बाजपुर में प्रदर्शन कर योजना को वापस लेने की मांग उठ रही है। सीमांत क्षेत्र पिथौरागढ़ में तो युवाओं ने एनएच को ही जाम कर दिया है। ऐसे में वहां यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई है। साथ ही चम्पावत में जुलूस के बाद भर्ती की तैयारी ने जुटे नौजवान न्याय के देवता ग्वेलज्यू के मंदिर में धरना पर बैठ गए हैं।

वहीं बागेश्वर में जुलूस, बाजपुर में सड़क पर उतरकर नारेबाजी कर विरोध किया। चंपावत में प्रदर्शन कर युवाओं को यहां पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल ने भी समर्थन दिया।

युवाओं ने मोटर स्टेशन से प्रदर्शन करते हुए गोलज्यू दरबार पहुंचे, जहां उन्होंने देवता से न्याय की गुहार लगाई। युवाओं समेत पूर्व विधायक यहां 15 से 20 मिनट तक बैठे रहे।