मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने गिनाईं 3.5 साल की उपलब्धियां, कहा- सरकार ने 85% वायदे पूरे किये

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को यहां वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी अगुवाई वाली राज्य सरकार ने सत्ता में 3.5 साल पूरे कर लिए हैं। सरकार ने अपने चुनावी वायदों में से 80-85 प्रतिशत पूरे कर दिए हैं। भ्रष्टाचार के प्रति पूरी तरह से जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान अपनी सरकार की साढ़े तीन साल की उपलब्धियां गिनाईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 6 माह से पूरी दुनिया कोरोना के कारण विपरीत हालात के दौर से गुजर रही है। उत्तराखंड में भी कोरोना की परिस्थितियां विस्फोटक हैं लेकिन राज्य सरकार ने उससे बहुत ही सुनियोजित तरीके से निपट रही है। उन्होंने कहा कि जब मैंने सत्ता संभाली थी, तब राज्य में 1084 डॉक्टर थे। इसकी तुलना में अब 2500 सरकारी डॉक्टर हो गए हैं। डॉक्टरों और नर्सों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है। उस समय राज्य के नौ जिलों में आईसीयू नहीं थे। आज सभी जिलों में आईसीयू हैं। कोरोना से निपटने के लिए वेंटिलेटर और आइसोलेसन बेड भी पर्याप्त संख्या में हैं। पिथौरागढ़, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में नए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत हो गए हैं, जिनका काम जल्द शुरू हो जाएगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि वेंटिलेटर की संख्या बढ़ाई जा रही है। केंद्र सरकार से 200 वेंटिलेटर हाल ही में मिले हैं। सरकारी अस्पतालों के अलावा जो प्राइवेट हॉस्पिटल इसे ऑपरेट करने में सक्षम हैं और उन्हें जरूरत है, हम उन्हें भी इनमें से देंगे।

एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि फिलहाल अब किसी दूसरे राज्य से आने वालों के लिए बॉर्डर सील नहीं है लेकिन राज्य सरकार के पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है। अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने बताया कि राज्य में गन्ना किसानों का शत प्रतिशत बकाया भुगतान कर दिया गया है। किसानों को तीन लाख रुपये तक और किसान समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सरकार 800 करोड़ का एकमुश्त निवेश कर रही है। किसान अपनी जमीन पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाएंगे और सरकार उनसे बिजली खरीदेगी।  राज्य में सेब उत्पादन का अच्छा माहौल है और इसमें 18 हजार स्वयं सहायता समूह काम कर रहे हैं। राज्य में 100 से अधिक रूरल ग्रोथ सेंटर काम कर रहे हैं। पोल्ट्री और फिशरीज के सेक्टर में अच्छा काम हो रहा है।

उन्होंने बताया कि साढ़े तीन साल में 7.12 लाख लोगों को रोजगार प्रदान किए गए। 16,679 लोगों को सरकारी क्षेत्र में, 1.15 लाख को आउटसोर्सिंग में और 5.80 लाख लोगों को उद्यमिता सेक्टर में रोजगार प्रदान किए गए। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 8 परीक्षाएं कराईं, जिनमें 801 पदों पर चयन भी हुआ। साढ़े तीन साल में कुल 59 परीक्षाएं कराई गईं, जिनमें 6000 पदों के लिए चयन किया गया। फिलहाल 1200 पदों के लिए अधियाचन प्रक्रिया जारी है। राज्य में मनरेगा में कोरोना के मद्देनजर पिछले साल के मुकाबले 2 लाख अतिरिक्त लोगों को रोजगार दिया गया, जिस पर 170 करोड़ रुपये अतिरिक्त व्यय हुए। अगले तीन माह में वन विभाग के माध्यम से 40 हजार लोगों को रोजगार दिए जाएंगे।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू करने वाला उत्तराखंड अपनी तरह का पहला राज्य है। इसमें 150 तरह के कार्यों के लिए ऋण देना शामिल है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने देवस्थानम् बोर्ड के गठन का जिक्र करते हुए कहा कि तीर्थ पुरोहितों के हक-हकूक का सरकार ने पूरा ध्यान रखा है। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों शुरू होने के बाद अब श्री बदरीनाथ धाम का भी नया मास्टर प्लान बन गया है। वहां भी जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। डबल इंजन की सरकार के लाभ का हवाला देते हुए उन्होंने ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, टिहरी लेक डेवलपमेंट, समेकित सहकारी विकास परियोजना, स्मार्ट सिटी, जमरानी बांध परियोजना, सुमाड़ी में एनआइटी परिसर, डोईवाला में सीपैट, उड़ान योजना समेत अन्य केंद्र पोषित योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने आलवेदर रोड परियोजना पर दोटूक कहा कि 5.5 मीटर चौड़ी सड़कों से काम नहीं चलेगा। सेना की जरूरत के हिसाब से सड़क चौड़ी होनी चाहिए। इसके लिए राज्य सरकार ने केंद्र से आग्रह किया है।
उन्होंने बताया कि  राज्य में वैश्विक स्तर का एक सांइस कॉलेज खुलेगा, जिसमें केवल विज्ञान विषय की ही विशेषज्ञता वाली पढ़ाई होगी। फसलों को जंगली जानवरों से बचाने को प्रदेश में चार वानर रेस्क्यू सेंटर बनेंगे। 25 हजार बंदरों को रेस्क्यू सेंटर में रखा जाएगा। नौ नवम्बर को इसका शिलान्यास होगा। जंगली सूअरों से फसलों को बचाने के लिए 125 किमी सूअर रोधी दीवार बनेगी। 50 किमी सोलर फेंसिंग का निर्माण होगा। 13 किलोमीटर हाथी रोधी दीवार बनाई जाएगी। 250 किलोमीटर हाथी रोधी खाइयों का खुदान किया जाएगा। कैंपा के तहत आठ हजार वन रक्षक वन्य जीवों से फसलों का बचाव करेंगे। मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों की पेंशन, ग्राम प्रहरियों तथा आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय तथा होमगार्डों का ड्यूटी भत्ता बढ़ाने का जिक्र भी किया। उन्होंने बताया कि नवाचार, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कृषि कर्मण, मनरेगा तथा मातृत्व मृत्यु दर में कमी आदि ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें उत्तराखंड ने उनके मुख्यमंत्रित्वकाल में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है, जिसके लिए पुरस्कार तथा सम्मान भी मिला है।