उत्तराखंड के मुख्‍यमंत्री ने दिया इस्तीफा

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उत्तराखंड

उत्तराखंड में जारी राजनीतिक उथल पुथल के बीच शुक्रवार देर रात मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने इस्तीफा दे दिया। रात करीब ग्याराह बजे राजभवन पहुंच कर रावत ने अपना इस्तीफा सौंपा।

देहरादून में शनिवार दोपहर तीन बजे विधायक दलकी बैठक बुलाई गई है। केंद्रीय  मंत्री नरेंद्र तोमर इस बैठक में पर्यवेक्षक के तौर पर मौजूद रहेंगे। इस बैठक में राज्य के अगले मुख्यमंत्री का चुनाव होगा। इससे पहले शुक्रवार रात देहरादून में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम तीरथ सिंह रावत ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाई। लेकिन न इस्तीफे की घोषणा की और न ही इस्तीफे के सवाल पर कोई जवाब दिया।

बता दें कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात को उनके आवास पर पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने बुधवार रात को भी पार्टी अध्यक्ष से मुलाकात की थी। शुक्रवार देर शाम मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत दिल्ली से देहरादून अपने विशेष विमान से पहुंचे।

गुजरे मार्च में जिस तरह नाटकीय और अप्रत्याशित तरीके से मुख्यमंत्री पद से त्रिवेंद्र सिंह रावत रुखसत हुए थे, कुछ वैसी ही तीरथ सिंह रावत की विदाई की पटकथा भी रही। 17 जून को ही अपने कार्यकाल के सौ दिन पूरे करने वाले तीरथ को बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उप चुनाव लड़ने का मौका न मिल पाने के कारण उन्हें इतनी जल्दी मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ेगी। अगर उन्हें ऐसा आभास होता तो शायद वह अपने छोटे से कार्यकाल में हुए सल्ट (अल्मोड़ा) विधानसभा सीट के उप चुनाव में ही स्वयं मैदान में उतर जाते।

संवैधानिक अड़चन के कारण छोड़ना होगा पद

रामनगर में तीन दिन के चिंतन शिविर के तत्काल बाद भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें दिल्ली तलब कर लिया था। इस तरह अचानक आए बुलावे से राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया। बुधवार दोपहर दिल्ली पहुंचे तीरथ की मध्य रात्रि के आसपास गृह मंत्री अमित शाह व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात हुई। इसके बाद तीरथ अपने दिल्ली स्थित आवास चले गए। उन्हें गुरुवार को लौटना था, लेकिन पार्टी ने उन्हें दिल्ली में ही रुकने को कहा। शुक्रवार दोपहर लगभग एक बजे तीरथ सिंह रावत फिर अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। यहां लगभग आधा घंटे चली मुलाकात के दौरान उन्हें जानकारी दी गई कि उप चुनाव पर निर्वाचन आयोग की रोक के कारण उन्हें पद छोड़ना होगा। इस पर तीरथ ने पार्टी अध्यक्ष को अपने इस्तीफे की पेशकश संबंधी पत्र सौंप दिया।