सरकार ने उपनल कर्मचारियों, आशा कार्यकर्ताओं, ग्राम प्रधानों का बढ़ाया मानदेय

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    मंत्रिमंडल

    उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने मंगलवार को उपनल कर्मचारियों के वेतन बढ़ोत्तरी,आशा कार्यकर्ताओं, ग्राम प्रधानों के मानदेय बढ़ाने के साथ छात्रों को टेबलेट देने सहित 29 से अधिक प्रस्ताव पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अब आशा कार्यकर्ताओं को 6500 सौ प्रति माह मिलेगा।

    मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। समाप्ति के बाद शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कैबिनेट की बीफ्रिंग में यह जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने बताया कि लंबे समय से उपनल कर्मचारियों वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इसके दो स्लैब बनाए गए हैं। पहला स्लैब जिन्होंने 10 साल की है उनके दो हजार रुपये और 10 साल से अधिक नौकरी वाले कर्मचारियों के वेतन में तीन हजार रुपये की बढ़ोत्तरी की जाएगी। हर साल एक निश्चित मानदेय बढ़ाने के लिए वित्त विभाग को मैकेनिज्म तैयार करने को कहा गया है।

    शासकीय प्रवक्ता ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं को अब 6500 रुपये मनादेय दिया जायेगा। मानदेय के अन्तर्गत 1000 रुपये और प्रोत्साहन राशि के रूप में 500 रुपये बढ़ाया गया है। पहले पांच हजार मिलता था। मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत ग्राम प्रधानों से सम्बन्धित मानदेय 1500 से बढ़ाकर 3000 किया गया। मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत ग्राम प्रधानों से सम्बन्धित मानदेय 1500 सौ से बढ़ाकर 3500 सौ किया है।

    उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मामले में मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया। वे ही उनके मानदेय बढ़ोत्तरी पर निर्णय लेंगे।

    इसके अलावा सरकारी गल्ला विक्रेता से संबंधित भुगतान के लिए वित्त विभाग 14 करोड़ रुपये खाद्य विभाग को देगा। इसकी प्रतिपूर्ति भारत सरकार से मिलने वाले बजट से की जाएगी। वहीं सोमेश्वर में मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत अस्पताल का उच्चीकरण करके 100 बेड करने पर निर्णय लिया गया।

    विधायक निधि से सम्बन्धित प्रशासनिक मद में 2 प्रतिशत कंटिजेंसी चार्ज को घटाकर 1 प्रतिशत करने पर मुहर लगी है। खरीफ 2021-22 धान क्रय मूल्य समर्थन मूल्य को कॉमन श्रेणी में 1940 और ग्रेड में 1960 रुपये करने का निर्णय किया गया। चमोली आईटीबीपी के लिए ली गयी 1978 वर्ष में 757 नाली के लिए जमा किया गया शुल्क के सापेक्ष अमल दरामद, म्यूटेशन किया जायेगा। राज्य के 500 पंचायत भवनों के निर्माण के लिए 20 करोड़ की धनराशि दी जाएगी, जिसमें 10 लाख मनरेगा मद से 25 प्रतिशत पंचायत अनुदान मद से और 25 प्रतिशत राज्य सेक्टर से दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत राजकीय स्कूलों में 10वीं, 12वीं के लिये 3 लाख टेबलेट पर माध्यमिक शिक्षा विभाग के एक लाख उनसठ हजार पन्द्रह (1,59,015) विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। उच्च शिक्षा के अन्तर्गत एक लाख पांच हजार विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।

    उच्च न्यायालय के अधीनस्थ न्यायालय में 65 पद स्टेनोग्राफर और 65 पद डाटा एन्ट्री ऑपरेटर के लिए आउटसोर्सिंग मद से स्वीकृत किये गये।उच्च न्यायालय के अधीनस्थ न्यायालय के न्यायाधीशों के लिए कुल 246 पद स्वीकृत किए गए।

    चिकित्सा परिवार कल्याण स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्वास्थ्य परिवेक्षक पद से सम्बन्धित सेवा नियमावली में संशोधन किया गया। दून मेडिकल कॉलेज में बर्न यूनिट के लिये 35 पदों का सृजन किया गया।चिकित्सा शिक्षा के अन्तर्गत राजकीय मेडिकल कॉलेज विविध संवर्ग सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई है।

    पंचायती राज विभाग के विभागीय ढांचे में एक सहायक निदेशक पद को समाप्त करके एक उपनिदेशक का पद स्वीकृत किया गया। इसके साथ ही राज्य आपदा पुनर्वास विभाग में पदों की संख्या घटाकर 333 से 331 की गई, दो अनुपयोगी पदों को समाप्त किया गया। यूजीसी के अन्तर्गत राजकीय एवं अशासकीय डिग्री कॉलेजों में कैरियर एडवांसमेंट योजना के अन्तर्गत प्रोन्नति के लिए छानबीन सह-मूल्यांकन समिति में संशोधन किया जाएगा। उत्तराखण्ड कराधान नियमावली में उत्तर प्रदेश के अनुरूप समरूपता स्थापित करने के लिए संशोधन किया जाएगा।

    खनन विभाग की संरचनात्मक ढांचे में एक पद आईएएस स्तर का महानिदेशक के लिये स्वीकृत किया गया। पलायन रोकने एवं स्वरोजगार वृद्धि के लिये लघु एवं सूक्ष्म उद्योग के अन्तर्गत वन डिस्ट्रिक्ट टू प्रोडक्ट (एक जनपद दो उत्पाद) की स्वीकृति दी गयी। इसका उद्देश्य उत्पाद क्लस्टर बनाना और जनपद को पहचान दिलाना है।

    सिडकुल काशीपुर मेगा फूड पार्क के अन्तर्गत गलवरिया इस्पात उद्योग लिमिटेड को विद्युत विभाग के विलंब शुल्क के रूप में 1 करोड़ 13 लाख को माफ करने का निर्णय लिया गया है। सचिवालय, विधानसभा इत्यादि में कार्य करने वाले गढ़वाल मण्डल निगम लिमिटेड (जीएमवीएन) के 9 कार्मिकों का संविलियन किया जाएगा।