क्या है पर्यटन व्यवसाय के लिए 28.99 करोड़ रुपये के पैकेज में?

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पर्यटन
महामारी से बुरी तरह प्रभावित प्रदेश के पर्यटन उद्योग की परेशानियों को समझते और पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यवसायियों के विभिन्न एसोसिएशनों से प्राप्त प्रतिवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पर्यटन व्यवसाय के लिए 28.99 करोड़ रुपये के पैकेज  राहत दी है। इसके तहत पर्यटन उद्योग से जुड़े विभिन्न व्यवसायियों को आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी। प्रदेश सरकारी की तरफ से दी जाने वाली यह सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में जमा होगी।
  • उत्तराखण्ड पर्यटन एवं यात्रा व्यवसाय नियमावली व अन्य विभागों में पंजीकृत पर्यटन तथा अन्य इकाइयों में विगत वर्ष 37870 कार्मिकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी।
  • वित्तीय वर्ष 2021-22 में भी उपरोक्त सहायता पंजीकृत अनुमानित कार्मिकों की संख्या लगभग 50 हजार आंकलित की गई है,
  • जिनको तत्कालिक रूप से 2500 प्रति माह की दर से दो माह के लिए 5 हजार प्रति कार्मिक को एक मुश्त आर्थिक सहायता डीबीटी के माध्यम से वितरित किये जाने का प्रस्ताव है। यह धनराशि लगभग 25 करोड़ होगी।
  • पैकेज के तहत वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली योजना के तहत होम स्टे योजना में 01 अप्रैल से 30 सितम्बर तक ऋण लेने पर ब्याज की प्रतिपूर्ति की जायेगी। इसके लिए कुल दो करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
  • वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए सभी पंजीकृत 301 राफ्टिंग, एयरोस्पोर्टस सेवा प्रदाताओं को यूटीडीबी एवं वन विभाग द्वारा ली जाने वाली लाइसेंस नवीनीकरण छूट प्रदान किये जाने का प्रस्ताव है, जिस पर 65 लाख रुपये का व्यय भार होगा।
  • पर्यटन उद्योग को संस्थागत छूट के अन्तर्गत उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद स्तर से छूट प्रदान किया जाना प्रस्तावित है।
  • एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े पंजीकृत 631 राफ्टिंग गाइडों को 10 हजार रुपये प्रति गाइड देने का निर्णय भी इस पैकेज में शामिल किया गया है। इस मद में 63.10 लाख रुपये की धनराशि का बजट रखा गया है।
  • 352 टूर ऑपरेटरों को दस हजार रुपये प्रति फर्म डीबीटी के माध्यम से आर्थिक लाभ पहुंचाने का फैसला लिया गया है। इसके लिए 35.20 लाख रुपये का बजट तैयार किया गया है।
  • जबकि पर्यटन क्षेत्र में पंजीकृत 303 एडवेंचर टूर ऑपरेटरों को 10 हजार रुपये प्रति फर्म देने का फैसला किया गया है।
व्यवसायियों को यह राशि डीबीटी के माध्यम से जारी की जाएगी। ऐसे व्यवसायियों के लिए 30 लाख रुपये का बजट बनाया गया है।  इसके साथ ही उत्तराखण्ड पर्यटन एवं यात्रा व्यवसाय नियमावली के अन्तर्गत पंजीकरण और लाइसेंस नवीकरण शुल्क में छूट प्रदान किये जाने का प्रस्ताव है। (वर्तमान में 1000 रुपये प्रति आवेदन) गत वर्ष पंजीकृत लगभग 600 इकाईयों की गणना के आधार पर चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में छूट पर लगभग 6 लाख का व्ययभार होगा।