देहरादून में फर्जी 13 निगेटिव रिपोर्ट के साथ चार पर्यटक गिरफ्तार

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उत्तराखंड
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देहरादून-मसूरी घूमने आए बाहरी राज्यों के चार पर्यटकों को कोरोना की फर्जी निगेटिव रिपोर्ट के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चारों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

दरअसल, राज्य सरकार के निर्देश पर पर्यटकों को कोरोना निगेटिव रिपोर्ट होने पर ही राज्य में प्रवेश दिए जा रहे हैं। इसके अभाव में पर्यटकों वापस भेजा जा रहा है। पर्यटकों की रिपोर्ट को चेक करने के लिए उत्तराखंड की पुलिस मुस्तैदी से जुटी है। इसी क्रम में बुधवार को क्लेमेंट टाउन के आशारोड़ी चेक पोस्ट पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने दो अलग-अलग वाहनों में आए चार लोगों के पास 13 फर्जी कोरोना रिपोर्ट होने पर गिरफ्तार कर लिया। चारों पर फर्जी दस्तावेज बनाने, महामारी एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इनमें तीन पर्यटक गाज़ियाबाद निवासी हैं और एक बिहार का रहने वाला है। ये सभी मसूरी घूमने आ रहे थे।

क्लेमेंट टाउन थानाध्यक्ष धर्मेंद्र रौतेला ने बताया कुछ पर्यटक कोरोना की फर्जी निगेटिव रिपोर्ट की जानकारी पर पुलिस चौकस हुई। आशारोड़ी चेक पोस्ट स्थित आरटीओ बैरियर के पास चेकिंग के दौरान दो गाड़ियों को संदेह के आधार पर रोककर उसमें बैठे पर्यटकों से पूछताछ की गई। इस दौरान एक व्यक्ति के पास से दस फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट पकड़ी गईं, जबकि दूसरे वाहन से तीन व्यक्तियों को फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट के साथ गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि इनकी पहचान तरुण मित्तल पुत्र ऋषभ स्वरूप मित्तल निवासी चिरंजीव विहार जिला गाजियाबाद, अमित गुप्ता पुत्र जय प्रकाश गुप्ता निवासी केएम कवि नगर थाना कवि नगर गाजियाबाद, अमित कौशिक पुत्र सतीशचंद निवासी एफ ब्लाक नेहरूनगर थाना नेहरू नगर गाजियाबाद और सुजीत कामत पुत्र महेन्द्र कामत निवासी झिड़की पोस्ट बनगावा थाना लोकही जिला मधुबनी बिहार के रूप में हुई।

इस संबंध में जिलाधिकारी डॉ.आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि वीकेंड पर आए पर्यटकों की सुरक्षा और कोरोना बचाव को लेकर प्रशासन सख्त है। इसी को ध्यान में रखते हुए कोरोना गाइडलान को पूरा करने पर ही उन्हें प्रवेश की इजाजत है। मसूरी केवल उन्हीं पर्यटकों को आने की अनुमति होगी, जिनके पास स्मार्ट सिटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, 72 घंटे पहले की कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट और मसूरी में होटल की बुकिंग का प्रमाण होगा। सहस्रधारा, गुच्चूपानी और मसूरी में किसी भी व्यक्ति को तालाब-नदी और झरने में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।