हिमालयन अस्पताल में अत्याधुनिक निशुल्क ‘मुस्कान वॉर्ड’ का उद्घाटन

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डोईवाला- हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट में कटे होंठ व तालू के बच्चों के लिए विशेष ‘मुस्कान वॉर्ड’ बनाया गया है। प्लास्टिक सर्जरी की विभाग की ओर से आयोजित भव्य समारोह में स्माइल ट्रेन फाउंडेशन की मुख्य कार्याधिकारी सुसाना शेफर, डॉ.विजेंद्र चौहान व डॉ.संजय द्विवेदी ने संयुक्त रुप से उद्घाटन किया।

स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्याय सभागार में समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि स्माइल ट्रेन फाउंडेशन की सीईओ सुसाना शेफर ने कहा कि, “हिमालयन हॉस्पिटल जैसी संस्थाओं की मदद से स्माइल ट्रेन को वृहद रुप मिल सका है। विश्वभर में अब तक साढ़े पांच लाख से ज्यादा रोगियों की सर्जरी की जा चुकी है।” विडियो संदेश के माध्यम से कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने कहा कि, “हिमालयन हॉस्पिटल के माध्यम से हम रोगियों को अंतर्राष्ट्रीय सतर की स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करा रहे हैं। मरीजों को हॉस्पिटल में कुछ तरह साहुलियत हो इसके लिए सुविधाओं को बढ़ा रहे हैं। इसी कड़ी में प्लास्टिक सर्जरी विभाग की ओर से मुस्कान वॉर्ड व मुस्कान रथ का संचालन किया गया है।”

प्लास्टिक सर्जन डॉ.संजय द्विवेदी ने बताया की, “हिमालयन हॉस्पिटल में अब तक 8500 से कटे होंठ व तालू की सर्जरी की जा चुकी हैं। इसमें उत्तराखंड सहित उत्तरप्रदेश, जम्मूकश्मीर, पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल ही नहीं नेपाल, दुबई, इंग्लैंड आदि से भी लोगों ने इलाज करावाया है।”

समारोह का संचालन डॉ.ज्योति द्विवेदी व डॉ.वैभवी धस्माना ने किया। इस दौरान प्रति कुलपति डॉ.विजेंद्र चौहान, डॉ.सुनील सैनी, डॉ. प्रकाश केशवया, डॉ. मुश्ताक अहमद, डॉ.रेनू धस्माना, डॉ.वाईएस बिष्ट सहित स्माइल ट्रेन से ममता कैरोल, शीला कोयाना आदि उपस्थित रहे।

मुस्कान वॉर्ड में विशेष-
मुस्कान वॉर्ड में रोगियों के साथ-साथ उनके परिजनों के लिए भी विश्राम की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वार्ड में नन्हे-मुन्ने बच्चों उपचार के के साथ खेलने के लिए विशेष कमरा, उन परिवारो की शिक्षा, मनोरंजन के लिए टेलीविज़न कार्यक्रम प्रसारण की भी व्यवस्था की गई है।

निशुल्क मुस्कान रथ को दिखाई हरी झंडी-
रोगियों की आवाजाही के लिए निशुल्क सेवा ‘मुस्कान रथ’ को हरी झंडी दिखाई। ये सेवा स्माइल ट्रेन माध्यम से की गई सर्जरी से पहले व बाद में रोगियों के लिए निशुल्क शुरू की गई है। इसी वजह से इसका नाम मुस्कान रथ रखा गया है।