मंत्रिमंडल में उत्तराखंड फ़िल्म नीति-2024 सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर लगी मुहर

    0
    113
    उत्तराखंड

    धामी मंत्रिमंडल में उत्तराखंड फ़िल्म नीति-2024, जनपद चंपावत के तहसील पाटी को नगर पंचायत बनाने, नगरपालिका खटीमा का विस्तार सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शनिवार सायं सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक हुई। विधानसभा का सत्र आहूत होने के चलते मंत्रिमंडल की ब्रीफिंग की गई। फिल्म नीति के तहत फिल्म विकास परिषद द्वारा फिल्म उद्योग से संबंधित फ़िल्म डायरेक्ट्री का निर्माण और राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त/पुरस्कृत फिल्मों को प्रोत्साहन किया जाएगा। उत्तराखंड की क्षेत्रीय बोली की फिल्मों के प्रसारण में सहयोग किया जायेगा।

    मंत्रिमंडल में स्थानीय फसल प्रोत्साहन कार्यक्रम के अन्तर्गत कलस्टर में समूहों के मा फसलों के सत्यापित बीज का उत्पादन एवं वितरण के संबंध में निर्णय हुआ। उत्तराखंड घुड़सवार पुलिस सेवा संशोधन नियमावली- 2024 को मजूरी,उत्तराखंड अधीनस्थ सिविल न्यायालय लिपिक वर्गीय सेवा नियमावली-2007 में संसोधन,जनपद चंपावत के तहसील पाटी को नगर पंचायत बनाने का निर्णय लिया गया। नगर पालिका खटीमा से सीमा विस्तार का निर्णय और ग्रामीण पेयजल योजना संचालन व रख रखाव नियमावली-2024 व उत्तराखंड ऑन डिमांड तेको गाड़ी की ओर परिवहन संशोधन नियमावली- 2004 को मंजूरी मिली।

    कैबिनेट के लिये गये अहम निर्णय-

    -स्थानीय फसल प्रोत्साहन कार्यक्रम के अन्तर्गत कलस्टर में समूहों के माध्यम से परंपरागत फसलों के सत्यापित बीज का उत्पादन एवं वितरण के संबंध में।

    -उत्तराखण्ड घुड़सवार पुलिस सेवा संशोधन नियमावली 2024 को मंजूरी।

    -उत्तराखण्ड अधीनस्थ सिविल न्यायालय लिपिक वर्गीय सेवा नियमावली 2007 में संसोधन।

    -जनपद चंपावत के तहसील पाटी को नगर पंचायत बनाये जाने का निर्णय।

    -नगर पालिका खटीमा के सीमा विस्तार का निर्णय।

    -ग्रामीण पेयजल योजना संचालन एवं रख रखाव नियमावली 2024 को मंजूरी।

    -उत्तराखण्ड ऑन डिमांड ठेका गाड़ी द्वारा परिवहन संशोधन नियमावली 2024।

    -उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग का 22वां प्रतिवेदन विधान सभा के पटल पर रखे जाने को मंजूरी।

    -उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के संयुक्त वार्षिक प्रतिवेदन 2018-19 से 2022-23 तक को विधान सभा पटल पर रखे जाने की मंजूरी।

    -मंडी परिषद की निर्धारित लागत सीमा को बढ़ाये जाने के संबंध में निर्णय।

    -सहसपुर स्किल हब में विभिन्न 05 सेक्टरों की ट्रेनिंग एरिया एवं आई.टी.आई. बाजपुर में सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का निर्णय।

    -उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2024 को मंजूरी।

    ”फ़िल्म नीति 2024” –

    राज्य में फिल्म उद्योग और फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से राज्य रोज़गार रोज़गार सृजन को प्रमुखता देते हुए नयी ”फ़िल्म नीति 2024” का निर्माण किया गया है। फ़िल्म नीति में टैलेंट, टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग इन तीनों पक्षों को ध्यान रखा गया है। स्थानीय कलाकारों/ टेक्नीशियन्स को फ़िल्म निर्माण को लेकर प्रोत्साहित किया जाएगा। इसमें बाहरी फ़िल्म निर्माताओं के साथ साथ स्थानीय फिल्म निर्माताओं और टेक्नीशियन्स को भी विशेष मौका मिलेंगे।

    फ़िल्म नीति 2024 के मुख्य आकर्षण –

    – हिन्दी और संविधान की 8 वीं अनुसूची में शामिल भाषाओं की फ़िल्मों की सब्सिडी को डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ तक (राज्य में व्यय राशि का अधिकतम 30 फीसद)।

    – क्षेत्रीय (गढ़वाली/कुमाऊंनी) फिल्मों को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी की अधिकतम सीमा में 8 गुना बढ़ोतरी। 25 लाख से बढ़ा कर 2 करोड़ ।

    -राज्य में शूट होने वाली बाल फ़िल्मों को अतिरिक्त 10 फीसद तक की अनुदान।

    – विदेशी फिल्मों और 50 करोड़ से अधिक बजट की फिल्मों पर राज्य में व्यय राशि का अधिकतम 30 फीसद या 3 करोड़ तक की सब्सिडी।

    – ओटीटी प्टेलफ़ॉर्म्स को भी मान्यता अब राज्य में शूट होने वाली वेब सीरीज (न्यूनतम 5 एपिसोड – 30 मिनट प्रत्येक एपिसोड), टीवी सीरियल्स (-न्यूनतम 20 एपिसोड 22 मिनट प्रत्येक एपिसोड) को भी फिल्मों की भांति सब्सिडी मिलेगी।

    -डाक्यूमेंट्री, लघु (शॉर्ट) फ़िल्म, ट्रैवलॉग, ब्लॉग, म्यूजिक वीडियोज़ को भी सब्सिडी प्रोत्साहन की व्यवस्था कि गई है।

    -पर्वतीय क्षेत्रों में नयी शूटिंग लोकशंस को बढ़ावा देने पर अतिरिक्त अनुदान 05 फीसद। पर्यटन विभाग की सलाह पर लोकेशंस को चयनित किया जाएगा।

    -फ़िल्म विकास परिषद का गठन में 15 सरकारी-गैर सरकारी सदस्य होंगे। अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे।

    -फिल्मों के मुख्य रूप से राज्य के स्थानीय कलाकार, टेक्नीशियन्स को शामिल किए जाने पर अनुदान के रूप अधिकतम 10 लाख तक की प्रोत्साहन राशि।

    – राज्य के प्रतिभावान छात्रों को फ़िल्म संस्थान पुणे, एसआरएफटीआई कोलकाता या अन्य फिल्म मन्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों छात्रवृत्ति दी जाएगी। पाठ्यक्रम पर हुए व्यय का एसटी/एससी ओबीसी को 75 फीसद सामान्य अभ्यर्थियों को 50 फीसद तक की छात्रवृत्ति।

    – फिल्म निर्माण में रूचि दिखाने वाले निर्माता निर्देशकों को और उत्तराखंड की बोलियों में बनने वाली फिल्मों और कलाकारों को प्रोत्साहन/सम्मान/पुरस्कार।

    – निवेश की दृष्टि और राज्य में नयी फिल्म सिटी का निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

    – राज्य में फिल्म पाठ्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए र नये फिल्म एवं कंटेंट प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना और अधिकतम 25 फीसद तक या 50 लाख तक के अधिकतम अनुदान की व्यवस्था।

    – नए पोस्ट प्रोडक्शन स्टूडियोज़, नये मोबाइल थिएटर, नये मल्टीप्लेक्स एवं नये सिनेमाघरों की अवस्थापना में अधिकतम 25 फीसद तक या 25 लाख तक के अधिकतम अनुदान।

    – राज्य में फिल्म कल्चर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फ़िल्म सोसाइटीज़ को प्रोत्साहन/अनुदान (अधिकतम 5 लाख)।

    – राज्य में फिल्म संस्कृति और फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ब्रांड एंबेसडर का चयन।

    -लाइन प्रोड्यूसर्स का पंजीकरण। पंजीकृत लाइन प्रोड्यूसर्स की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को 2 लाख की सहयोग राशि।