‘खामोशी का मतलब लिहाज भी होता है…लोग इसे कमजोरी भी समझ लेते हैं’ संजीव आर्य का ट्वीट हो रहा वायरल

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संजीव आर्य

भाजपा छोड़कर कांग्रेस में घर वापसी करने के साथ नैनीताल के विधायक पद से इस्तीफा देने वाले संजीव आर्य पांच दिन के बाद सोशल मीडिया पर प्रकट हुए हैं। अपनी प्रोफाइल पर विधायक की जगह पूर्व विधायक संशोधित करने के साथ दो लाइनें लिखी हैं, जो वायरल हो रही हैं। इस पर तरह-तरह की टिप्पणियां भी आ रही हैं। संजीव आर्य ने लिखा है, ‘खामोशी का मतलब लिहाज भी होता है….लोग इसे कमजोरी भी समझ लेते हैं’।

इस पर पहली प्रतिक्रिया के रूप में यूजर खुशाल हाल्सी ने कुमार विश्वास की एक वीडियो क्लिपिंग लगाई है, जिसमें कुमार कह रहे हैं, ‘बड़े लक्ष्य प्राप्त करने के लिए शौर्य के साथ धैर्य की भी आवश्यकता होती है’। वहीं अन्य यूजर दीपक पांडे ने लिखा है, कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना…।

यूजर अरुण कुमार ने टिप्पणी की है, ‘नैनीताल और बाजपुर दोनों ही सीट तो आप जीत रहे थे पता नहीं ऐसा कौन सा मंदबुद्धि सलाहकार निकला आपका, जिसके कहने पर आपने पार्टी ही बदल ली भैया। अपने दो कौड़ी के सलाहकारों को बदलिए नहीं तो आप की राजनीति खत्म करवा कर ही मानेंगे यह लोग’। उन्होंने यह भी लिखा है, ’यही व्यक्ति का अहंकार है जब व्यक्ति अपने में दोष ना देख कर और सब में दोष देखता है। आपने क्या अच्छा किया है जनता के साथ दो दो-बार जनता को धोखा दिया है। अपने अंदर भी झांकिये साहब व्यक्तिगत स्वार्थ ही स्वार्थ नजर आएगा’।

इसके अलावा यूजर भास्कर जोशी का कहना है, ‘नेता जी के पार्टी बदलने से सबसे ज्यादा समस्या तो चमचों को होती है। बेचारों को नेताजी के साथ-साथ पार्टी बदलनी पड़ती है।’ इससे इतर भी टिप्पणियां आ रही हैं।