श्री बद्रीनाथ और केदारनाथ धामों में तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या ने तोड़े पुराने सारे रिकॉर्ड

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चारधाम

भू वैकुंठ धाम श्री बद्रीनाथ और श्री केदारनाथ में मई-जून महीनों की ही तर्ज पर तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, पिछले वर्षों में विजया दशमी पर्व के बाद जहां सैकड़ों में श्रद्धालु पहुंचते थे, वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा आठ से दस हजार तक पहुंच रहा है।

शीतकाल के लिए श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट बन्द होने में महज दो सप्ताह का समय रह गया है और धाम में प्रतिदिन आठ से दस हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। गत दिवस मौसम के करवट बदलने और हल्की बर्फबारी के बावजूद सायं तक 8 हजार 29 श्रद्धालुओं ने भगवान बद्रीविशाल के दर्शन किए।

शनिवार को धाम का मौसम हुआ और सुबह से ही श्रद्धालुओं का ऐसा हुजूम उमड़ पड़ा कि दोपहर होते होते दर्शनार्थियों का आंकड़ा दस हजार को पार कर गया और रात्रि शयन आरती तक यह आंकड़ा और भी बढ़ जाएगा।

इस वर्ष श्री बद्रीनाथ एवं केदारनाथ धामों में पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या ने पिछले सारे रिकॉर्ड ही तोड़ दिए हैं। श्री बद्रीनाथ में गत दिवस तक 17 लाख 26 हजार 725 दर्शन कर चुके हैं जबकि श्री केदारनाथ में यह आंकड़ा 19 लाख के पार हो गया है।

अन्य वर्षों की बात करें तो विजयादशमी पर्व के बाद इन धामों में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बेहद कम दिखती थी, लेकिन इस बार विजयादशमी पर्व के बाद भी तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ती गई और ऐसा लग रहा है कि दोनों धामों के कपाट बन्द होने तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या मई-जून के पीक सीजन की ही तरह रहेगी।

शनिवार को श्री बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं का ऐसा हुजूम उमड़ा कि ऐसा नजारा पिछले वर्षों में कभी भी नहीं देखा गया।

भगवान बद्रीविशाल के दर्शन व्यवस्था में बदरी-केदार मंदिर समिति के कार्मिक तो जुटे ही रहे, बाहर की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस-प्रशासन को अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करनी पड़ी।

श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप श्री बद्रीनाथ और श्री केदारपुरी को संवारा जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में बेहतर यात्रा का संचालन निरंतर जारी है।

अजेन्द्र ने कहा कि दोनों धामों में मंदिर समिति के कार्मिक विषम परिस्थितियों में भी तीर्थयात्रियों को सुगम व व्यवस्थित दर्शन कराने के लिए पूरी तन्मयता से जुटे हैं।