आरटीपीसीआर के लैब संचालक को ओवर रेटिंग करने के आरोप में पुलिस ने किया गिरफ्तार

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ऋषिकेश
देशभर में फैली कोरोना संक्रमण की महामारी के चलते लोगों की मजबूरी का फायदा उठा कर तीर्थ नगरी ऋषिकेश में जीवन रक्षक दवा और उपकरणों की ओवर रेटिंग तथा कालाबाजारी कर आरटी पीसीआर टेस्ट की एवज में ओवर रेटिंग करने वाले लैब के संचालक को पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से पुलिस ने एक रजिस्टर, स्वाइप मशीन ,मोबाइल फोन, गूगल पेय की स्लिप के साथ ₹78400 नगद बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार ऋषिकेश हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित अखंड आश्रम के निकट पुरुषोत्तम डाईग्नोस्टिक सेन्टर तथा रानीपोखरी क्षेत्रान्तर्गत पैथ केयर लैब एण्ड डाईग्नोस्टिक सेन्टर के संचालको द्वारा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा ऐसे लोगों पर निगरानी किये जाने के लिए पुलिस को कड़ा शिकंजा कसने के लिए निर्देशित किया है। पुलिस ने बताया कि कालाबाजारी और ओवर रेटिंग कर रहे, पिछले 10 दिनों से ऋषिकेश के संचालक व चिकित्सक को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी ऋषिकेश कोतवाली पुलिस व एसओजी की पुलिस की संयुक्त टीम ने की है ।जसमें अखंड आश्रम के निकट डायग्नोसिस सेंटर के संचालक डॉक्टर नवीन गोयल द्वारा लोगों से आरटी पीसीआर टेस्ट के एवज में 1200 सौ से लेकर 15 सो रुपए लिए जा रहे थे जबकि शासन द्वारा आरटी पीसीआर टेस्ट का शुल्क 700 निर्धारित किया गया है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने सादे कपड़ों में आरटीपीसीआर टेस्ट कराने हेतु अलग-अलग लैब में भेजा गया था। पुलिस कर्मचारियों से भी पैथोलॉजी लैब के संचालक द्वारा टेस्ट के नाम पर 1200 वसूल किए गए थे। जिसका भुगतान कर्मचारियों द्वारा किया गया था। जिसके बाद पुलिस ने आपदा प्रबंधन अधिनियम धारा तीन के तहत आरोपियों व लैब संचालक के विरुद्ध डॉक्टर नवीन गोयल पुत्र पुरुषोत्तम निवासी अयोध्या गंज दादरी, जिला गौतम बुद्ध नगर ,उत्तर प्रदेश हाल निवासी गली नंबर 6 हनुमंत पुरम ऋषिकेश व दीपक सिंह पुत्र प्रवीण सिंह निवासी झण्डीचौड़, कोटद्वार, पौड़ी गढवाल ( पैथ केयर लैब एण्ड डाईग्नोस्टिक सेन्टर) ऋषिकेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।