उत्तराखंड के गौरीकुंड में भूस्खलन से तीन लोगों की मौत, 17 लापता

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केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव गौरीकुंड डाट पुलिया के पास भूस्खलन होने के चलते 20 लोग लापता हो गए। इनमें से तीन लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं जबकि 17 लोग अभी भी लापता चल रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ लोग मंदाकिनी नदी के तेज बहाव में बह गए हैं, जिनकी खोज को लेकर मंदाकिनी से लेकर अलकनंदा नदी में सर्च अभियान जारी है। अंधेरा होने के कारण सर्च अभियान को रोका गया है। सुबह छह बजे प्रारंभ होगा। मौसम विभाग की ओर से प्रदेश में आठ अगस्त के लिए ऑरेंज-येलो अलर्ट जारी किया गया है।

गौरीकुंड में डाटपुलिया के समीप गुरुवार रात्रि लगभग 12 बजे के आस-पास भूस्खलन हो गया था। भूस्खलन के कारण सोनप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग किनारे स्थित तीन दुकानें मंदाकिनी नदी में समा गई। जिस समय यह हादसा हुआ। रात के समय तेज बारिश होने के कारण रेस्क्यू अभियान चलाने में काफी दिक्कतें आई। सुबह के समय रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। इस दौरान नदी से तीन लोगों के शवों को खाई से निकाला गया। उनकी शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है।

बाकी 17 लोगों की खोजबीन जारी है। घटना में लापता 14 लोग नेपाली मूल के हैं जबकि दो लोग उत्तर प्रदेश और तीन लोग स्थानीय निवासी हैं। सर्च अभियान अंधेरा होने के कारण 6.30 बजे रोका गया। वह शनिवार सुबह 6 बजे से सर्च अभियान प्रारंभ होगा।

लापता चल रहे लोगों में कुछ बच्चे और युवा भी शामिल हैं। ये सभी लोग गौरीकुंड में दुकान व ढाबा का संचालन करके रोजगार करते थे। जनपद के प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गौरीकुंड से श्रीनगर तक लापता लोगों की खोजबीन को लेकर मंदाकिनी एवं अलकनंदा नदी में सर्च अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। दोपहर के समय डीएम डॉ. सौरभ गहरवार और एसपी डॉ बिशाखा भदाणे भी घटना स्थल पर पहुंचे।

मौसम खराब होने के कारण यात्रियों को रोका गया

मौसम खराब होने और जगह-जगह हाईवे पर बोल्डर आने के बाद केदारनाथ के दर्शन करने के बाद गौरीकुंड आये यात्रियों को अग्रिम आदेश तक सुरक्षित रोक दिया गया। दोपहर बाद गौरीकुंड में रोके गये यात्रियों को सुरक्षित तरीके से सोनप्रयाग भेजा गया। अब मौसम पूरी तरह से सही होने पर ही यात्रियों को केदारनाथ भेजा जाएगा।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने जताई शोक संवेदनाः गौरीकुंड घटना के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मृत लोगों के प्रति शोक संवेदना जताई। उन्होंने लापता लोगों की खोज को लेकर तेजी से सर्च अभियान चलाने के निर्देश दिए।

डीएम और एसपी भी मौके पर पहुंचे: गौरीकुंड में डाटपुलिया के समीप भारी भू-स्खलन की घटना की सूचना पर जिलाधिकारी डॉ सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक डॉ. विशाखा अशोक भदाणे घटनास्थल पर पहुंचे और मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में लगी रेस्क्यू टीम से घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने भूस्खलन के कारण लापता हुए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ है। उन्होंने रेस्क्यू कार्य में लगी डीडीआरएफ, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वाईएमएफ, पुलिस एवं प्रशासनिक टीमों कई निर्देश दिए। उन्होंने घटना स्थल पर हो रहे भूस्खलन से आवाजाही को सावधानी से कराने के निर्देश दिए तथा टीमों को सतर्कता से कार्य करने के निर्देश दिए।

सर्च अभियान रेस्क्यू टीम: एनडीआरएफ 12, एसडीआरएफ 15, डीडीआरएफ 10, वाईएमएस 6, पुलिस/ होमगार्ड 20 जवानों के अलावा जिला प्रशासन एवं तहसील प्रशासन एवं ड्रोन ने सर्च अभियान चलाया। हाइड्रोलिक मशीन/क्रेन भी घटनास्थल पर मौजूद रही और ड्रोन/एसडीआरएफ टीम की संयुक्त टीम ने सर्च अभियान गौरीकुंड से अगस्त्यमुनि तक चलाया।

चमोली हादसे के बाद गौरीकुंड घटनाः कुछ दिन पहले चमोली जिले में नमामि गंगे योजना के तहत बने सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में करंट लगने से 17 लोगों की मौत हो गई थी। अब रुद्रप्रयाग जिले के गौरीकुंड में भूस्खलन की एक बड़ी घटना घट गई। इसमें 19 लोगों के लापता होने के बाद तीन लोगों के ही शव बरामद हो पाए हैं। देररात करीब 12 बजे घटना घटने के बाद शुक्रवार सुबह चार बजे रेस्क्यू अभियान चलाया गया जबकि रेस्क्यू अभियान की टीम रात दो बजे करीब घटनास्थल पर पहुंच गई थी। टीम ने शुक्रवार दोपहर दो बजे तक तीन शव बरामद किए हैं। जबकि अभी भी 17 लोग लापता हैं।

मौसम विभाग की ओर से प्रदेश में 08 अगस्त के लिए आरेंज और येलो अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है। पांच अगस्त को बागेश्वर, चंपावत और 06 अगस्त को टिहरी गढ़वाल, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल, उधमसिंह नगर, हरिद्वार के लिए ऑरेंज अलर्ट और शेष जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 07 और 08 अगस्त को राज्य के सभी जनपदों में येलो अलर्ट की चेतावनी है। इस दौरान कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ भारी से भारी वर्षा की संभावना है।

प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा से पिथौरागढ़ जिले में 02 बॉर्डर और 12 क करीब राजमार्ग सहित कुल 173 अन्य सड़कें बाधित हैं। बंद मार्गों को बीआरओ टीम की ओर से खुलने का कार्य जारी है।

ये हुए लापता:

1- उम्र 23 साल निवासी जलई।

2- प्रियांशु चमोला कमलेश चमोला 18 साल निवासी तिलवाड़ा।

3- रणबीर सिंह 28 साल निवासी बस्टी।

4- अमर बोहरा मान बहादुर बोहरा निवासी नेपाल।

5- अनिता बोहरा अमर बोहरा 26 साल निवासी नेपाल।

6- राधिका बोहरा अमर बोहरा 14 साल निवासी नेपाल।

7- पिंकी बोहरा अमर बोहरा 8 साल निवासी नेपाल।

8- पृथ्वी बोहरा अमर बोहरा 7 साल निवासी नेपाल।

9- जटिल अमर बोहरा 6 साल निवासी नेपाल।

10- वकील अमर बोहरा 3 साल निवासी नेपाल।

11- विनोद बदन सिंह 26 साल निवासी खानवा भरतपुर।

12 मुलायम जसवंत सिंह 25 साल निवासी नगला बंजारा सहनपुर।

13-सुगाराम जोरा सिंह 45 वर्ष निवासी नेपाल

14- बम बोहरा सतर सिंह बोहरा 31 वर्ष निवासी नेपाल

15- चंद्र कामी लोउडे कामी 26 वर्ष निवासी पेरिया नेपाल

16- धर्मराज मुन बहादुर 56 वर्ष निवासी जुमला नेपाल

17- नीर बहादुर हरि बहादुर रावल 58 वर्ष निवासी नेपाल

18- सुमित्रा देवी नीर बहादुर 52 वर्ष निवासी नेपाल

19- कुमारी निशा नीर बहादुर 20 वर्ष निवासी नेपाल

20- रोहित बिष्ट लक्ष्मण सिंह निवासी उतस्यू चोपड़ा

 

उत्तराखंड के केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मुख्य पड़ाव गौरीकुंड डाट पुलिया के समीप भारी भू-स्खलन से लापता हुए लोगों की तलाश में शनिवार को दूसरे दिन एसडीआरएफ टीमों ने अपना सर्च और रेस्क्यू आपरेशन तेज कर दिया है।

गुरुवार को हुए इस हादसे में एसडीआरएफ टीमों ने सर्चिंग के दौरान अगले दिन यानी शुक्रवार को खाई से 03 लोगों के शव बरामद किए गए थे, जिनकी शिनाख्त की कोशिश की जा रही है। आज प्रातः से दोबारा एसडीआरएफ टीमों ने अन्य बचाव इकाइयों के साथ सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। हालांकि लगातार हो रही बरसात और चट्टान से रह रहकर गिर रहे बोल्डरों के कारण सर्च अभियान बार बार बाधित हो रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभाग युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं।

गौरतलब है कि गुरुवार आधी रात को मुख्य पड़ाव गौरीकुंड डाट पुलिया के पास हुए भू-स्खलन में लापता लोग 20 लोग लापता हो गए थे। सर्चिंग के दौरान 03 लोगों के शव बरामद किए गए थे, जिनकी शिनाख्त की जा रही है। अभी 17 लोगों की खोजबीन जारी है। इस घटना में लापता 14 लोग नेपाली मूल के हैं जबकि दो लोग उत्तर प्रदेश और चार लोग स्थानीय निवासी बताए जा रहे हैं।