बजट सत्र के चौथे दिन सदन में गूंजा शिक्षा और स्वास्थ्य का मुद्दा

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    उत्तराखंड

    प्रदेश के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े विषय उठाए गए। इस दौरान मेडिकल कॉलेज खोलने और गोल्डन कार्ड के अलावा यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों का मामला और राज्य में डिग्री कॉलेज खोलने की मांग उठी।

    गुरुवार सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल ने पीठ से स्वयं सहित कांग्रेस विधायकों के निलंबन वापस नहीं होने का सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मैंने खुद इस मामले पर खेद प्रकट किया और सत्ता पक्ष और संसदीय मंत्री की ओर से विषय लाने के बाद निलंबन को वापस करने की बात कही गई थी। फिर भी निलंबन वापस नहीं होना, संसदीय परम्परा का उल्लंघन है।

    नेता प्रतिपक्ष ने सत्र को कम दिनों में समेटने पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि सदन संचालन वर्ष भर के लिए नियत होना चाहिए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि एजेंडा कार्य समिति के अनुसार तय हुआ है। यह कहना गलत है कि समेटा जा रहा है। पीठ का आदेश जो भी होगा, उसका पालन किया जाएगा। मंत्री ने सत्र में सर्जन चिकित्सकों की कमी पर कहा कि 2027 तक 80 प्रतिशत से अधिक सर्जन की कमी को पूरा कर लिया जाए।

    मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि राज्य में पहले की अपेक्षा अब दोगुना से भी अधिक चिकित्सकों की तैनाती हुई है। राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती की स्थिति क्या है। इस पर मंत्री ने कहा कि अधिक से अधिक चिकित्सक की तैनाती कर रहे हैं।

    कांग्रेस विधायक ममता राकेश के सवाल पर मंत्री ने कहा कि भगवानपुर में मेडिकल कॉलेज खोलने की बात पहले भी आई है लेकिन भारत सरकार के नियम के अनुसार भगवानपुर विधानसभा में मेडिकल कॉलेज खोलना संभव नहीं है। राज्य सरकार हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोल रही है। मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए भारत सरकार की शर्तें हैं। मंत्री ने कहा कि भगवानपुर के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य मिले इसके लिए पीपी मोड में अस्पताल खोला जा सकता है। हरिद्वार में मेडिकल कॉलेज खोलने काम चल रहा है। मंत्री ने बताया के भारत सरकार तीन शर्तों पर मेडिकल कॉलेज खोलती है। इनमें 20 लाख आबादी, 280 बेड अस्पताल 03 साल से संचालित और 10 किलोमीटर क्षेत्र में।

    उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी के गोल्डन कार्ड के संचालन के लिए प्राधिकरण गठन पर बताया कि हां, गठन किया गया है। 28 फरवरी 2023 तक 4 लाख 51 हजार गोल्डन कार्ड बनाये हैं।

    कांग्रेस विधायक विक्रम सिंह नेगी के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चे पढ़ाई के मामले में देश के टॉप तीन राज्यों में उत्तराखंड है। पर्वतीय स्थानों पर 60 से ज्यादा बच्चे आने पर सरकार की जिम्मेदारी उस स्थान पर फैकल्टी देने की। महाविद्यालयों में 70 से 80 से अधिक सीट होने पर द्वितीय पाली सांध्यकालीन कक्षाएं संचालित की जाती हैं।

    लड़कियों के लिए डिग्री कॉलेज में होस्टल खोले गए हैं। डिग्री कॉलेज में नामांकन नहीं होने पर उन्होंने बताया कि सरकार ब्लाक स्तर पर डिग्री कॉलेज खोले गए हैं। डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला ने शहीद दुर्गमल्ल कालेज में एमकॉम और बीएससी की पढ़ाई शुरू करने के सवाल पर मंत्री ने बताया कि इसका परीक्षण कराया जाएगा।

    शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य में 119 महाविद्यालय और 22 निजी विश्वविद्यालय और 300 सौ करीब डिग्री कॉलेज है। विक्रम सिंह नेगी के सवाल पर मंत्री ने बताया कि यूक्रेन संकट में मेडिकल छात्रों पर कहा की 254 बचे यूक्रेन में वापस सुरक्षित हैं। भारत सरकार के नियम अनुसार उनके भविष्य की चिंता की जा रही है। मेडिकल कॉलेज में समायोजित करने का भारत सरकार से कोई दिशा-निर्देश नहीं प्राप्त हुआ है। इन मेडिकल छात्रों से खुद जल्द बातचीत करेंगे।

    कांग्रेस विधायक वीरेन्द्र के सवाल पर मंत्री ने जवाब देते हुए बताया कि राज्य में आईपीएचएस मानकानुसार 577 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित हैं। राज्य में 1896 स्वास्थ्य कल्याण केन्द्र स्थापित है। चिकित्सक (एलोपैथिक) संवेग, फार्मासिस्ट संवेग, एक्स-रे टैक्शियन सनवर्गा, डार्क रम सैयक संवेग और नरिंजिंग संवेग के पदों को प्रोन्नत किया गया है। मंत्री ने कहा कि सरकार राज्य के पार्वतीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है।