उत्तराखंड: वित्त मंत्री प्रेमचंद ने 65,571.49 हजार करोड़ का बजट किया पेश

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उत्तराखंड में धामी सरकार ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए सदन में 65,571.49 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसमें 63774.55 करोड़ का राजस्व अनुमान लगाया गया है।

उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा का दूसरे सत्र के पहले दिन मंगलवार को वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने पारंपरिक वेशभूषा पहाड़ी टोपी, धोती और कुर्ता पहनकर बजट पेश करने के लिए सदन में 4 बजे पहुंचे। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।

भोजनावकाश के बाद अपराह्न 4 बजे वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने मंगलवार को चालू वित्तीय वर्ष का बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में 51474.27 करोड़ की राजस्व आय तथा 24500.72 करोड़ की कर राजस्व के रुप में आय अनुमानित है। इसके अलावा स्वयं का कर राजस्व 15370.56 करोड़, करेत्तर राजस्व के अन्तर्गत 5520.79 करोड़ होने का अनुमान लगाया गया है। इस प्रकार वित्तीय वर्ष में कुल प्राप्तियां 63774.55 करोड़ अनुमानित है।

वित्त मंत्री अग्रवाल ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में कुल 65571.49 करोड़ के व्यय का अनुमान है। इसमें 49013.31 करोड़ का राजस्व लेखे का और 16558.18 करोड़ पूंजी लेखे का व्यय अनुमानित है। राज्य कर्मचारियों के वेतन-भत्ते पर लगभग 17350.21 करोड़, पेंशन मद में 6703.10 करोड़ और ब्याज भुगतान के लिए 6017.85 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

वित्त मंत्री के अनुसार बजट में नंदा गौरा योजना के लिए 500 करोड़, अटल आयुष्मान योजना के लिए 310 करोड़, मनरेगा में 297.84 करोड़, पीएम ग्रामीण आवास योजना के लिए 311.76 करोड़, स्मार्ट सिटी योजना के अन्तर्गत 205 करोड़ का प्रावधान है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना में 105.41 करोड़, ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत 112.38 करोड़, पात्र वृद्धजनों, निराश्रित विधवाओं, दिव्यांगों, आर्थिक रूप से कमजोर किसानों और परित्यक्त महिलाओं को पेंशन के लिए 1500 करोड़ की व्यवस्था की गई है। अन्त्योदय कार्डधारकों एक वर्ष में तीन नि:शुल्क गैस सिलेंडर के लिए 55.50 करोड़ तथा पलायन रोकथाम योजना के लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि मेरा गांव मेरी सड़क योजना के अन्तर्गत प्रत्येक विकासखंड में दो सड़क निर्माण के लिए 13.48 करोड़ के अलावा चंपावत में शोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के परिसर की स्थापना के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।