देहरादून से अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़

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देहरादून
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय की स्पेशल टास्क फोर्स ने देहरादून में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था, एसटीएफ) ने शनिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस फर्जी कॉल सेंटर से अमेरिकी नागरिकों के साथ कंप्यूटर और लैपटाप सिस्टम की सर्विस के नाम पर ठगी की जा रही थी। इसकी सूचना मिलने पर पटेल नगर थाना पुलिस ने श्री गुरु राम राय पीजी कालेज के पास एक फ्लैट में धावा बोला। इस फ्लैट से ही यह फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। यहां से वैभव गुप्ता निवासी थाना पटेलनगर क्षेत्र  और सूद खान पुत्र मोहम्मद इकबाल निवासी थाना पटेलनगर को दबोचा गया।
उन्होंने बताया कि यह लोग डेस्कटाप और लेपटाप के माध्यम से अमेरिकी नागरिकों को विभिन्न साफ्टवेयर के माध्यम से ठगते थे।  इन लोगों द्वारा दो टोल फ्री नंबर भी तैयार किए गए थे। यह नंबर अमेरिकी कंपनियों के विज्ञापनों पर दिखाई देते थे। यह लोग फर्जी कंपनी का कस्टमर केयर अधिकारी बनकर सिस्टम की खराबी को दूर करने और डिवाइस को ठीक करने के नाम पर 100 डॉलर से 200 डॉलर प्राप्त करते थे। कुछ ग्राहक चेक के माध्यम से भी भुगतान करते थे। यह चेक आरोपित अमेरिका में रहने वाली अपनी सहयोगी मेलिसा के खाते में जमा कराते थे।  वह अपना अंश रोककर शेष राशि इनके खाते में जमा करा देती थी। गिरफ्तार आरोपितों से पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ इंडिया के खातों में एक करोड़ 10 लाख रुपये की राशि मिली है। इन खातों पर स्टाप पेमेंट लगवा दिया गया है।
एसटीएफ अब अमेरिका की रॉयल क्रेडिट यूनियन एवं कोविकल टेक्निकल सर्विसेस की संलिप्ता के संबंध में इंटरपोल के माध्यम से जानकारी प्राप्त करेगी। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ धारा 420, 120 बी, भारतीय दंड विधान और 66 बी, 75आईटी एक्ट के माध्यम से पंजीकृत किया गया है। आरोपितों के कब्जे से एक लैपटाप, कंप्यूटर, तीन हेडफोन, एक वायरलेस राउटर,  तीन पेन ड्राइव और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।  एसटीएफ की टीम में सीओ जवाहर लाल, एसआई विपिन बहुगुणा, नरोतम भट्ट, गजेंद्र भारती, देवेंद्र ममगांई समेत आधा दर्जन अन्य वरिष्ठ लोग शामिल रहे।
उल्लेखनीय है कि पुलिस उपाधीक्षक अंकुश मिश्र के नेतृत्व में बसंत बिहार में भी एक अंतरराष्ट्रीय नकली कॉल सेंटर पकड़ा गया था। प्रभारी स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार एसटीएफ ने इसी वर्ष जनवरी और अप्रैल में भी फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा था।