Page 754

6 दिनों से त्यूणी क्षेत्र की बिजली गुल

0

पिछले 6 दिनों से त्यूणी क्षेत्र  में बिजली नहीं होने की दशा में गुस्साए लोगों ने अपने विरोध में त्यूणी बाजार बंद रखा एवं सैकड़ों लोगों ने ऊर्जा निगम के खिलाफ सड़क पर जुलूस निकाल बिजलीघर का घेराव किया किया व गुस्साए लोगों ने ऊर्जा निगम अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर क्षेत्र की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।

WhatsApp Image 2017-06-09 at 18.39.08

लोगों ने कहा ऊर्जा निगम अधिकारियों की अनदेखी से क्षेत्र में 6 दिनों से बत्ती गुल है, जिससे हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा तहसील व अन्य संस्थानों में कामकाज प्रभावित है। बिजली न आने की दशा में बाजार में ही सड़क जाम की गई।

थाना त्यूनी पुलिस व तहसील प्रशासन द्वारा सड़क जाम कर रहे लोगों को समझाया गया व ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से बात की गई। जल्दी ही उनकी समस्याओं का समाधान का आस्वासन देकर जाम खुलवाया गया।

चमोली के गोविन्दघाट थाना पर डबल मर्डर का अारोपी गिरफ्तार

0

29 मई को चमोली गढ़वाल के गोविन्दघाट थाना पर डबल मर्डर से सम्बन्धित अभियोग 7 / 17 धारा 302 बनाम जसवीर सिंह पंजीकृत हुआ था जिसमें जसवीर सिंह द्वारा ने अपनी पत्नी जसविन्दर कौर व अपनी पुत्री सिमरन की गंगा होटल, गोविन्दाघाट में चाकू से गोदकर नृशंस हत्या की थी व मौके से फरार हो गया था, जिसकी तलाश पुलिस अधीक्षक चमोली व थाना प्रभारी गोविन्दघाट विभिन्न सोशल मिडिया व वाट्सअप के माध्यम से नामजद अभियुक्त की फोटो , हुलिया का विवरण की गिरप्तारी के लिया भेजा गया था।

WhatsApp Image 2017-06-09 at 16.41.56

नृशंस हत्याकाण्ड की गम्भीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने जनपद के समस्त थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों, चीता मोबाईलो को अपने – अपने क्षेत्र में अभियुक्त का फोटो व हुलिया वाट्सअप के माध्यम से प्रेषित कर उक्त अभियुक्त की तलाश किये जाने के निर्देश दिये जिसके तहत आज थाना पटेलनगर पुलिस द्वारा आईएसबीटी गेट पर तैलाशी के दौरान उक्त हुलिया के व्यक्ति को बस के इन्तजार में खडा पाया गया।

शक होने पर उक्त व्यक्ति को पूछताछ हेतु चौकी आईएसबीटी लाया गया तथा पूछताछ करने पर व्यक्ति द्वारा अपना नाम जसवीर सिंह बताया गया तथा पूछने पर बताया कि मेरे परिवार में आर्थिक तंगी चल रही थी जिस कारण योजना बनाकर अपनी आल्टो कार  में अपनी पत्नी व पुत्री को अम्बाला से हेमकुण्ड साहिब ले आया था जहा हमारे द्वारा गंगा होटल में कमरा लिया गया था तथा समय पाकर मैने चाकू से अपनी पत्नी व पुत्री का गला रेतकर हत्या कर दी व घटना में प्रयुक्त चाकू मैने गोविन्द घाट व जोशीमठ के बीच में सडक से नीचे फेक दिया था। मैं मौके से भाग गया तथा उक्त आल्टो कार मैने कर्णप्रयाग में खडी कर अपने मोबाईल को तोडकर गंगा नदी में फेक दिया । पहले मैं हरिद्वार चला गया, उसके बाद में लक्सर, दिल्ली गया, नासिक गया तथा पुन: दिल्ली वापस आया। दिल्ली से मैं कल देहरादून में रूका था तथा आज मैं आईएसबीटी देहरादून से अम्बाला भागने की फिराक में था।

नौ परिवारों के लिए लाया अंधेरा, सुबह का सुरज

0

गुरुवार की सुबह निकला सूरज सितारगंज के नौ परिवारों के लिए अंधेरा लेकर आया। आग ने इन परिवारों के भविष्य के सपनों को जला दिया। जहां रोजी-रोटी चली गई, वहीं अशियाना भी छिन गया। सिर छुपाने की जगह तक नहीं बची। एक झटके में ये सारे परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए। अब इन्हें पेट पालने के लिए दूसरों की मेहरबानियों का इंतजार है।

सिडकुल स्थापना के साथ ही नौ परिवार रोजी-रोटी के लिए आसपास के क्षेत्रों से आकर बारह साल पहले उकरौली में कैलाश नदी के पास सिडकुल फैक्ट्रियों के पीछे आकर बस गए थे। शिव मंदिर के पास इन परिवारों ने टीन शेड डालकर नौ दुकानों की कच्ची मार्केट बना ली थी। इससे परिवार का भरण-पोषण करते थे। इन परिवारों के पुरूष खनन क्षेत्रों में मजदूरी भी करते है इस दौरान दुकानों को परिवार की महिलाएं संभालती थीं। गुरुवार तड़के जब अमल राय के घर के गैस सिलेंडर में आग लगी तो अधिकांश लोग सो रहे थे। आग को देख कर अमल और उसकी पत्नी सविता के चीखने-चिल्लाने पर सबकी आंखे खुली। किसी तरह दुकानों से बच्चों को लेकर बाहर निकलकर जान बचाई।

अमल की पत्नी घर के बाहर पानी न लाने जाती तो उकरौली में बड़ा हादसा हो सकता था। अमल की पत्नी सविता खनन में मजदूरी पर जाने को पति के लिए खाना बना रही थी। सब्जी गैस पर चढ़ाने के बाद वह पानी लेने के लिए घर के बाहर गई थी। जब वापस लौटी तो सिलेंडर में आग लग चुकी थी। उसकी चीख सुनकर अमल सो रहे दो बच्चों को लेकर बाहर भागा। उसके बाहर निकलते ही सिलेंडर धमाके के साथ फट गया। इसके लिए उसने कहा कि भगवान ने उसे बचा लिया।

पांच सौ मीटर दूर पहुंचने में फायर बिग्रेड कर्मियों को आधा घंटे लग गए। जब पहुंचे भी तो टैंक का पानी भी बहुत कम था। दुकानदार उत्तम ने जब आग बुझाने की गाड़ी पहुंची तो उसके टैंक मे पानी ही कम था। जिसकी वजह से उन्हें पानी लाने के लिए वहां से फिर जाना पड़ा इसी वजह से आग को जल्दी से नही बुझाया जा सका। वही अग्नि शमन अधिकारी सुरेश चंद ने बताया कि सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंच गए थे।

गंगा को साफ और निर्मल बनाने में लगेंगे अभी और 10 साल- उमा भारती

मोदी सरकार के चुनावी वादों का सबसे बड़ा दावा गंगा को प्रदूषण मुक्त करना है जिससे करोड़ों लोगों की आस्था जुडी हुई है। नमामि गंगे प्रोजेक्ट से उम्मीद बनी है लेकिन अभी स्थिति में सुधार के लिए 10 साल का और इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि गंगा के रास्ते में आबादी का बोझ, शहरों का सीवर सपनों में गंगा की ओर को बदनुमा बना रही है।
गंगा नदि में प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह सीवर का गंगा-जमुना मिलना है, जिससे गंगा जल में ऑक्सीजन की मात्रा काफी कम हो गई है। गंगा में प्रदूषण का मुख्य कारण बड़ी आबादी वाले क्षेत्र से गुजरने वाले नाले हैं जो शहर की तमाम गंदगी को सीधे गंगा में मिला देते हैं। हद तो यह है कि ऋषिकेश से लेकर उत्तरकाशी, गंगोत्री, देवप्रयाग और तमाम उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में बसे नगरों की गंदगी सीधे गंगा में मिल रही है, जिससे गंगा अपने ही घर में लगातार मैली होती जा रही है।
vlcsnap-2017-06-09-14h08m03s252
ऋषिकेश पहुंची केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने बताया कि गंगा की स्थिति को सुधारने में अभी 10 साल का और समय लगेगा सरकार गंगा की शुद्धता और निर्मलता के लिए तमाम प्रयास करती आ रही है जिसका असर जल्दी देखने को मिलेगा। गंगा अपने ही घर में मिली है मिली है तो दूसरे राज्यों की स्थिति तो और भी भयानक है उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में गंगा के मुहाने से लेकर हरिद्वार तक कई शहरी और ग्रामीण आबादी वाले नगर पंचायत और पालिका क्षेत्र हैं जिनकी आबादी और टूरिस्ट डेस्टिनेशन का सारा मल मूत्र सीधे गंगा में मिल रहा है। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती का कहना है कि ऋषिकेश और हरिद्वार के तमाम ऐसे नालों को जल्द से जल्द बंद किया जाएगा ताकि शहर की गंदगी गंगा नदी पर ना जा सके.
धरती की सबसे पावन नदी गंगा आज बेहद मेली हो चुकी है इस पर सरकार को जल्द से जल्द कुछ ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ और निर्मल गंगा का जल मिल सके। बहरहाल गंगा को स्वच्छ और साफ बनाने के सपने को सच होने में अभी 10 साल का समय और लगेगा, अब देखने वाली बात होगी कि लगातार मैली होती गंगा को किस तरह एक बार फिर साफ बनाया जा सकेगा।

गौरक्षा के हंगामे के बीच सीएम आवास में खुली गौशाला

0

शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में नवनिर्मित गौशाला का शुभारम्भ किया गया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व उनकी धर्मपत्नी ने गौशाला में लाई गई गाय की पूजा कर गौशाला का औपचारिक शुभारम्भ किया। फिलहाल एक गाय व उसका बछड़ा मुख्यमंत्री आवास स्थित गौशाला में लाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने गाय व उसके बछड़े को सहलाया और गुड़ व चना खिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय हमारी संस्कृति का प्रतीक है। घर में गाय को रखने से आध्यात्मिक शांति व आनंद की अनुभूति होती है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से गाय अौर गाय रक्षा को लेकर देशभर में माहौल गर्माया हुअा है। देश के कई इलाक़ों से खास तौर पर उत्तर प्रदेश, राजस्थान अादि राज्यों से गौ रक्षा के नाम पर हिंसा की घटनायें सामने अा रही है। देश में यह बहस भी छिङी हुई है कि गौ मांस को प्रतिबन्धित करना क्या लोगों कि अाजादी पर अंकुश लगाने जैसा है? इस सबके बीच केंद्र सरकार पर इन तथाकथित गौ रक्षकों पर नरम बरताव करने का भी अारोप है।

फेसबुक, शिक्षकों के बीच शिकायत व सुझाव देने के लिए हो रहा मशहूर

0

सरकारी स्कूल के शिक्षक उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के पास शिकायत दर्ज कराने के लिए फेसबुक पर तेजी से लाॅग इन कर रहे हैं।।

राज्य में लगभग 17,000 सरकारी स्कूल हैं जिसमें तकरीबन 1 लाख शिक्षक काम कर रहे हैं। आपको बता दें कि 2 जून से शुरु की गई सेवा जो सरकारी शिक्षकों के लिए अपने काम में आने वाली बाधाओं की रिपोर्ट करने के लिए शुरू की गई थी उसमें अबतक लगभग 100 शिकायत ‘शिकायत और सुझाव सेल’ के तहत प्राप्त हुई हैं। फेसबुक के माध्यम से शिकायतों के साथ उत्तराखंड में स्कूल शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए शिक्षकों के सुझाव व सिफारिशें के लिए भी आमंत्रित किया गया था ।

अधिकारियों के अनुसार अब, लगभग 70% शिकायतें फेसबुक के माध्यम से आई है। इसके अलावा 15% शिकायतें ईमेल के माध्यम से आई हैं, 13% व्हाट्सएप और 2% ट्विटर से आई हैं। लोगों के रिस्पांस से खुश अरविंद पांडे  का कहना है कि आज के समय में फेसबुक बहुत जरुरी सोशल मीडियम बन चुका है और हमारे शिक्षक वास्तव में इसका पूरी तरह से उपयोग कर रहे हैं। हम ई-मेल, व्हाट्सएप, ट्विटर और पोस्ट के माध्यम से भी शिकायतें और सुझाव प्राप्त कर रहे हैं।

शिक्षा मंत्री ने वादा किया है कि पंजीकरण के 15 दिनों के भीतर शिकायतों को हल किया जाएगा, जिनके बारे में सारी सूचना सेल के माध्यम से इकट्ठा की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, पांडेय ने स्कूल शिक्षकों को और सहायता देने के लिए एक टोल फ्री नंबर भी लॉन्च करने की योजना बनाई है। अलग-अलग तरह की शिकायत, जैसे कि पेंशन प्रावधान में अंतर, सर्व शिक्षा अभियान, पदोन्नति और स्थानान्तरण के तहत वेतन के वितरण में देरी आदि भेजी जा रही हैं। मिडिल स्कूल में सरकारी शिक्षक सोहन सिंह ने कहा “इसमें कोई संदेह नहीं है कि फेसबुक का व्यापक रूप से प्रयोग किया जाता है और यह सबसे लोकप्रिय भी है। यही कारण है कि शिक्षकों ने भी अपनी शिकायत दर्ज करने के लिए इस मंच को चुना है और इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि इस सेल के गठन के पीछे का उद्देश्य पक्षपातपूर्ण पोस्टिंग और प्रोन्नति के संबंध में अनियमितताओं की रिपोर्ट करना है। कुछ पोस्टिंग प्रकाश में आई है, जिसमें हरीश रावत की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार के शासन में कथित तौर पर अवैध फैसले किए गए थे।अरविंद पांडे ने पहले ही ऐसे मामलों में जांच का आदेश दिये है।

सेल के साथ काम करने वाले प्रणय बहुगुणा ने बताया कि सरकारी शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड का समर्थन करना, फेसबुक पेज पर उनके सुझाव मांगना दो प्रमुख काम हैं। “ड्रेस कोड की बात पर शिक्षकों से वाहवाही प्राप्त हुई है लेकिन, ड्रेसकोड किस प्रकार का होगा उसपर काफी सुझाव दिए गए हैं, जिन्हें अनुसरण किया जाना चाहिए।

त्रिवेंद्र सरकार ने पेश किया 39957.20 करोड़ का अपना पहला बजट

0

प्रचंड बहुमत से जीत कर प्रदेश की सत्ता पर काबिज नई भाजपा सरकार का पहला सालाना बजट उत्साह से लबरेज है। वर्ष 2017-18 के इस बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ध्येय वाक्य ‘सबका साथ, सबका विकास’ को बतौर संकल्प के रूप में लेकर भाजपा के दृष्टिपत्र को जमीन पर उतारने के लिए पांच साल का खाका भी खींचा गया है।

दृष्टिपत्र के मुताबिक भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस और सुशासन की प्रतिबद्धता को बजट में टॉप पर रखा गया। त्रिवेंद्र रावत सरकार ने जनता को राहत देते हुए 39957.79 करोड़ का करमुक्त बजट पेश किया। खास बात ये है कि नई सरकार नई लोकलुभावन घोषणाओं से गुरेज कर बीते वित्तीय वर्ष 2016-17 की तुलना में बजट आकार को 464.41 करोड़ कम रखा। सभी वर्गों, खास तौर पर किसानों, ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं, अनुसूचित जातियों-जनजातियों,सरकारी कार्मिकों को बजट में खास तरजीह मिली है। वहीं ढांचागत विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य में बजट में नई पहल की गई। केंद्र सरकार के राज्य में महत्वाकांक्षी चार धाम ऑलवेदर रोड और रेलवे नेटवर्क के साथ ही केंद्रपोषित योजनाओं से बजट में उम्मीदें बांधी गई हैं।

गुरुवार को विधानसभा सत्र के पहले दिन शाम को वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने नई सरकार का पहला बजट पेश किया। बजट में भाजपा के दृष्टिपत्र की छाप है। सत्तारूढ़ दल ने विधानसभा चुनाव में अपने घोषणा पत्र को दृष्टिपत्र के रूप में पेश किया था। बजट में नई योजनाओं के साथ ही पहले से चल रही योजनाओं को पूरा करने पर जोर है। बजट के कुछ रंग अलहदा नजर आए। सॉफ्ट कॉपी में पहली बार इको फ्रेंडली बजट में अब प्लान और नॉन प्लान की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। इसका स्थान अब पूंजीगत और राजस्व मदों ने ले लिया है।

कुल बजट में राजस्व लेखा व्यय 31550.83 करोड़ और पूंजीगत लेखा व्यय 8406.96 करोड़ अनुमानित है। चालू वित्तीय वर्ष के इस बजट में कोई राजस्व घाटे का अनुमान नहीं है। यानी सरकार का कुल राजस्व खर्च राजस्व प्राप्तियों से कम रहने का अनुमान लगाया गया है। अलबत्ता राजकोषीय घाटा 5412.42 करोड़ है, लेकिन यह राज्य सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 2.37 फीसद है। राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) एक्ट की तय सीमा के अधीन ही राजकोषीय घाटा होने से सरकार राहत में है।

बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा का एजेंडा बखूबी झलका है। मोदी लहर के बूते प्रदेश में भारी बहुमत से सत्ता में पहुंची भाजपा सरकार ने मोदी के ध्येय वाक्य और स्थिरता के संकल्प के साथ ही अपने पहले बजट की शुरुआत की। इसमें केंद्र सरकार की योजनाओं के लक्ष्य के अनुसार प्रत्येक गांव को सड़क समेत ढांचागत सुविधाओं से जोडऩे, पेयजल व 24 घंटे बिजली मुहैया कराने, गरीबों को आवास मुहैया कराने, किसानों को आपदा से नष्ट फसल की क्षतिपूर्ति का भरोसा बंधाया गया है।

बजट के प्रमुख बिंदु:

  • भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की प्रतिबद्धता
  • समस्त सरकारी कार्यालयों में बायोमेट्रिक प्रणाली होगी लागू
  • सीएम कार्यालय में डैश बोर्ड की स्थापना, दैनिक आधार पर प्रत्येक विभाग का अनुश्रवण
  • पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने को आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावास की स्थापना
  • प्रत्येक स्कूल में बुक बैंक बनेगा, एनसीइआरटी की पुस्तकें अनिवार्य होंगी
  • गरीब मेधावी छात्र-छात्राओं को मुफ्त लैपटॉप व स्मार्ट फोन वितरण को बजट प्रावधान
  • सभी विश्वविद्यालयों में मुफ्त वाई-फाई
  • बीपीएल एव आयकर के दायरे में न आने वाले परिवारों को स्वास्थ्य कल्याण कार्ड योजना के जरिये सहायता
  • पर्वतीय क्षेत्रों में गंभीर रूप से बीमार, घायलों के लिए एयर एंबुलेंस
  • मध्य हिमालयी क्षेत्रों में योग अभ्यास केंद्रों की स्थापना
  • धार्मिक पर्यटन बढ़ाने को शाक्त, शैव, वैष्णव, गोलू, नागराजा व अन्य स्थलों का सर्किट के रूप में विकास
  • चार धाम ऑल वेदर रोड योजना 2020 तक पूरा करेंगे
  • 2019 तक हर गांव को बिजली, सभी को 24 घंटे बिजली आपूर्ति को युद्ध स्तर पर प्रयास
  • 2019 तक सड़क सुविधा से जुड़ेंगे सभी गांव
  • सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड
  • तहसील व ब्लॉक स्तर तक इंटरनेट कनेक्टिविटी की स्पीड 10 एमबीपीएस और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5000 मकानों का निर्माण
  • नगर निकायों के लिए वार्षिक अनुदान राशि बढ़ाकर की गई 578.03 करोड़
  • जखोली में सैनिक स्कूल की स्थापना
  • रुद्रपुर व हल्द्वानी में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास
  • सामान्य वर्ग के निर्धन छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति
  • अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए छात्रवृत्ति में लगातार अनियमितता की जांच और पारदर्शी वितरण व्यवस्था
  • आपदा का बेहतर ढंग से सामना करने को प्रत्येक गांव के निवासियों को एसडीआरएफ से प्रशिक्षण
  • स्टार्ट अप नीति के अनुरूप निवेशकों को लाभ, इसी वित्तीय वर्ष में इन्वेस्टर मीट
  • राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना को धन की व्यवस्था, एमबीबीएस की 50 सीटें बढ़ाने को धन
  • राज्य के युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार दक्षता को उत्तराखंड वर्कफोर्स डेवलपमेंट फॉर मॉडर्न इकोनॉमी की स्थापना
  • अति निर्धन परिवारों को रसोई धुआंमुक्त करने को मुफ्त रसोई गैस
  • नदियों में कटाव से निपटने के लिए उठाएंगे प्रभावी कदम
  • राज्य के कई स्थानों पर धनोल्टी की तर्ज पर इको पार्क की स्थापना
  • पांच वर्ष में ऊर्जा की कुल मांग का 10 फीसद वैकल्पिक ऊर्जा से पूर्ति

 

किसान ने खूद को मारी गोली

0

मूल रूप से ग्राम छतरपुर, जिला मुरादाबाद निवासी तेजपाल सिंह (54) पुत्र राजाराम यहां ग्राम फसियापुरा में अलीगंज रोड पर करीब 15 साल से परिवार के साथ रहते थे। तेजपाल गुरुवार को स्टोर रूम में करीब 11.30 बजे लाइसेंसी दो नाली बंदूक से अपने गले में गोली मार दी। किसान की मौके पर ही मौत हो गई। गोली चलने की आवाज सुनकर पत्नी रूपरानी और बेटी मौके पर पहुंची तो तेजपाल छटपटा रहे थे और कुछ ही देर में दम तोड़ दिया। सूचना पर तेजपाल के भाई व रिश्तेदार मौके पर पहुंच गए। इस बीच सीओ राजेश भट्ट मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली।

kishan

पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। तेजपाल तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। पुलिस के मुताबिक परिजन बताते थे कि तेजपाल शराब ज्यादा पीते थे। गुस्से में कुछ माह पहले भी बंदूक से गोली चलाई थी, जो छत में निशान है। तेजपाल के ममेरे भाई फाल सिंह ने बताया कि पारिवारिक कलह नहीं थी, मानसिक अवसाद की स्थिति में थे, इसलिए उनका इलाज चल रहा था। उन्हें गुस्सा ज्यादा आता था। जिस तरह से तेजपाल ने आत्महत्या की है। इससे लगता है कि वह इससे पहले कई बार पैर के अंगूठे से ट्रिगर चलाने का अभ्यास किया होगा। तेजपाल ने दो नाली बंदूक में 12 बोर की गोली भरी है। नाल के मुंह को गले से सटाकर पैर के अंगूठे से ट्रिगर दबा दिया। पापा को बंदूक ने ही खा लिया। यदि बंदूक नहीं होती तो यह आज देखने को नहीं मिलता। पापा ऐसा क्यों कदम उठाया, मुझे छोड़कर चले गए यह कहते हुए तेजपाल की बेटी शिवी रोती रही। यह घटना देख हर किसी की आंखों में गम के आंसू दिखे।

तेजपाल गोली मारकर आत्महत्या करने से पहले घर से बाहर गए थे। जब उन्होंने एक दुकान से रजनीगंधा व तुलसी खरीदकर घर पहुंचे तो पास में एक युवक ने टोका कि चाचा आप तो कई बार रजनीगंधा व तुलसी छोड़ने को कह चुके हैं। इस पर तेजपाल ने कहा कि बेटा आज तो खा लेने दो, फिर कभी नहीं खाएंगे। इसके करीब 20 मिनट बाद तेजपाल ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस तेजपाल की आत्महत्या की वजह का सही पता नहीं चल पाया है। बंदूक राजाराम के नाम थी। तेजपाल ने बंदूक का लाइसेंस अपने नाम विरासत में करा लिया था। मामले की जांच की जा रही है।

दहेज के लिए जान के दुश्मन बने ससुराली

0

दहेज के लिए आज भी बेटियों का शोषण होता है और पति की मार से सहमी बेटी आज भी दर्द में जीने को मजबूर हैं। जी हां महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के अधिकार के भले ही कितने बडे बडे दावे किये जाते हों मगर हकीकत तो ये हैं कि आज भी बेटी ससुराल में दहेज के उत्पीडन का दंश झेलने को मजबूर है। बात काशीपुर की है जहां एएसपी कार्यलाय के बाहर हाथ पैरों पर पट्टी बांधे एक युवती न्याय मिलने का इन्तजार कर रही थी।

mahila_dard
एक साल पहले कई सपने संजोकर विवाह की सारी रस्में निभाते हुए अपने पति के घर पहुंची प्रीति को शादी के एक माह तक तो सबका प्यार मिला लेकिन दहेज के लोभियों की भूख इतने में नहीं पुरी हुई और लगातार ही दहेज के लिए प्रीति पर दबाव बनाना शुरु कर दिया गया। मारपीट हुई, खरीखोटी सुनाई लेकिन किसी तरह से घर की लाज बचाती रही प्रीति, लेकिन जब पानी सर से उपर हो गया तो अपनी आप बीती अपने पिता से कह दी, जिसके बाद दहेज उत्पीडन को लेकर मामला काफी समय तक चलता रहा। किसी तरह से पुलिस महिला हेल्प लाईन की मदद से पति-पत्नी एक हुए मगर ये भी ज्यादा दिन नहीं चला और प्रीति ने आरोप लगाया कि उसके गहनों के लालच में उसे तीन मंजिले भवन से नीचे फेंक दिया गया।
एएसपी का कहना है कि उनके संज्ञान में मामला आया है वो इसकी जांच करायेंगे और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
पुलिस के अनुसार फिलहाल प्रीति पर ही अटेम्पट टू सुसाईड का कैस दर्ज है और उनके अनुसार प्रीति के आरोप भी बेबुनियाद है। मगर शरीर पर लगे चोटों के निशान और टूटे हाथ पैर कुछ और ही बयां कर रहे हैं जो शायद पुलिस को नहीं दिखाई देते हैं। महिला का दर्द समझने के बजाय उसके साथ कोतवाली में की गयी बर्बता से अब प्रीति को पुलिस से भी न्याय की कोई उम्मीद नहीं है, वहीं देखना होगा कि आखिर उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद क्या कार्यवाही होती है।

सैक्स रैकेट का भांडाफोड

0

रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप में पुलिस ने सेक्स रैकेट में संलिप्त तीन महिलाओं सहित सात लोगों को दबोच लिया। सीओ यातायात के नेतृत्व में हुई गोपनीय कार्रवाई से हड़कंप मच गया। पकड़े गए युवकों के परिजन भी जानकारी मिलने पर थाने पहुंच गए। पुलिस ने उनके खिलाफ अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

ट्रांजिट कैंप थाने की नारायण कालोनी में सेक्स रैकेट की सूचना पर एसएसपी डा. सदानंद एस दाते के निर्देश पर सीओ बीएस मधवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापामारी की। इस दौरान एक मकान में चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने मकान में दो महिलाओं के साथ चार युवकों और भवन स्वामी महिला को भी दबोच लिया। पकड़े गए युवकों ने अपने नाम राकेश कोली, सद्दाम, सन्नी व अनिल पाल बताया गया। सीओ बताया कि पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है।

नारायण कालोनी निवासी महिला के पास चार कमरे है। वह उन कमरों का प्रयोग देह व्यापार के लिए करती है। उसका काम लोगों को कमरा मुहैय्या कराने का है। उसका कहना है कि युवक अपने साथ महिलाओं को लेकर आते हैं,  इसकी एवज में उसको दो सौ रुपये मिलते थे।

पकड़े गए आरोपियों में सभी नई उम्र के लड़के हैं। युवकों की उम्र 20 से 24 वर्ष के बीच है। युवक दुकान में काम करने वाले हैं। पकड़े गए एक युवक की मां तो पता लगने पर थाने ही पहुंच गई। उसका कहना था कि उसका बेटा घर से बिजली का बिल जमा करने के लिए गया था।भवन स्वामी महिला ने बताया कि उसका पति मानसिक रूप से बीमार है। उसकी हरकतों के चलते उसे घर में जंजीर से बांध कर रखना पड़ता है। उसने बताया कि पिछले दो वर्ष से वह अपने घर में लोगों को अनैतिक कार्य के लिए कमरा किराए पर दे रही है।