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सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन योजना क्यों रही असफल?

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पिछले साल देहरादून नगर निगम की योजना के तहत शहर के भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में सैनिटरी नैपकीन के लिए वेंडिंग मशीन लगाए जाने थे, लेकिन अब तक इसपर कोई काम शुरु नहीं हुआ है। इस योजना में दून के मुख्य स्पाट पर यह मशीन लगनी थी जिसमें गांधी पार्क के पास भी एक वेंडिंग मशीन लगाई जानी थी।यह योजना स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाई गई थी।

यह मशीन से 10 रुपये में 3 सैनिटरी नैपकिन देने वाली थी जिससे आर्थिक रुप से कमजोर महिलाओं में नैपकिन के इस्तेमाल व इसके फायदे के बारे में जागरुक किया जा सकता था। इस एक मशीन को इंस्टाल करने की कीमत लगभग 60 हजार बताई गई थी। यह मशीन निगम द्वारा लगाए जानी थी जिसमें उनकी मदद सेमी गवरमेंट कंपनी हिंदुस्तान लाईफकेयर लिमिटेड करने वाली थी।

हालांकि नगर निगम का कहना है कि इस प्लान पर काम ना करने की वजह इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है। इस बारे में नगर निगम का कहना है कि इस योजना को धरातल पर लाना इतना आसान नहीं है, क्योंकि इसको चेक करने के लिए हमने पहला वेंडिंग मशीन महिला शौचालय में लगाया था। लेकिन इस मशीन को शहर के दूसरे हिस्सों में लगाना थोड़ा मुश्किल होगा क्योंकि एक तो सुलभ शौचालयों की हालत बहुत खराब होती है, दूसरा यह योजना उन क्षेत्रों में काम करेगी जहां बहुत सफाई हो और उस स्थान पर बिजली पानी की सुविधा हो क्योंकि यह मशीन बिना बिजली के नहीं चलती।

वहीं शहर के मेयर विनोद चमोली का कहना है कि हमने इस एक मशीन को एक्सपेरिमेंट के आधार पर लगाया था और इसका रिस्पांस देखना अभी बाकी है, इसके अलावा उन्होंने कहा कि मैं खुद इस योजना को देखूंगा कि इसपर काम क्यों नहीं हो रहा है।

गौरतलब है कि कुछ समय पहले रेखा आर्य उत्तराखंड की महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से सैनिटरी नैपकिन को टैक्स के दायरे से बाहर रखने की मांग की है। रेखा ने अपने खत में केंद्रीय वित्त मंत्री से कहा था कि राज्य में ज्यादातर महिलाएं धनाभाव में जीती हैं और उन्हें सैनिटरी नैपकिन के लिये पैसे अासानी से प्राप्त नहीं होते, इस के ऊपर सैनिटरी नैपकिन पर टैक्स इन्हें अाम महिलाअों की पहुँच से दूर कर देता है।

मन को भायेंगे यह ”रंग-बिरंगे कारपेट”

देहरादून से मसूरी तक घुमावदार सड़क पर सफर करते हुए शायद ही कोई ऐसा होगा जो सड़क के किनारे लगाए हुए रंग-बिरंगे कारपेट पर ध्यान ना दें। स्टेशन जाने के लिए घुमावदार रास्तों के लगभग 15 किलोमीटर के अंदर, आधा दर्जन कालीन विक्रेता रंग-बिरंगे, चमकीले ऊनी और सिंथेटिक कालीनों के साथ रनर; झूमर और फूट मैट दो पेड़ों के बीच रस्सी से लटका कर या नीचे बजरी पर रखे गए अलग–अलग आइटम, भरी गर्मी में मसूरी तक आने वाले पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

इस विषय में बात करने के लिए हमने एक कालीन बेचने वाले इरकान से बात करी। इरकान के परिवार मे 10 लोग है वह बताते हैं, ‘हम सभी माधवसिंह गांव, बंदायूं ,यूपी के रहने वाले हैं।  पिछले 30-32 साल से देहरादून आकर यहीं बस गए हैं और कालीन का बिजनेस करने लगे। गर्मी आते ही मैदानी क्षेत्रों में यह काम नहीं चलता तो हम यहां 2 महीनों के लिए दुकान लगा लेते हैं।’

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सुबह 10 बजे से शाम के 6 बजे तक कारपेट बेचने वाले दिन में 100 से लेकर 2 हजार तक कमा लेते है। अच्छें रंग, खूबसूरत डिजाईन, और अलग-अलग आकार और साइज में उपलब्ध यह कारपेट आने जाने वाले पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।हालांकि इनमे से बहुत से ऐसे हैं जो कवल दाम पूछ कर निकल जाते हैं लेकिन कुछ ऐसे भी है जो इनको खरीदते हैं। बातचीत के दौरान हमें एक खरीदार भी मिली जो हैदराबाद से थी उन्होंने हमे बताया कि इतनी अच्छी वेरायटी, इतने कम दामों में शहरों के बड़े-बड़े माल में नहीं मिलेंगी।यह एक ऐसी डील है जिसको लेने में फायदा ही फायदा है।

इसलिए अगर अगली बार आप मसूरी की रुख करें तो एक कारपेट जरुर खरीदें जो आपके लिए फायदे का सौदा तो होगा ही साथ में आपके खूबसूरत घर में यह चार चांद भी लगा देगा।

सामूहिक आर्थिक सहायता से अनाथ बालिका का विवाह

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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भानियावाला में एक स्थानीय वैडिंग प्वाईंट में क्षेत्र के निवासियों द्वारा आयोजित बालिका दीपा के विवाह समारोह में सम्मिलित हुए। उल्लेखनीय है कि अनाथ बालिका दीपा पुत्री स्वर्गीय रमेश तथा बाॅबी का विवाह ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों द्वारा सामूहिक सहायता से करवाया गया। मुख्यमंत्री निवासियों के निमंत्रण पर उक्त विवाह समारोह में सम्मिलित होने पहुंचे।

मुख्यमंत्री रावत ने वर-वधू को आर्शीवाद दिया तथा उनकें मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना की साथ ही साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि भानियावाला ग्रामीण क्षेत्र के लोगों द्वारा सामूहिक आर्थिक सहायता द्वारा अनाथ बालिका का विवाह करवाने का प्रयास समाज के लिए आदर्श तथा प्रेरणास्रोत है। दीपा का विवाह करवाकर स्थानीय लोगों ने मिसाल कायम की है। इससे यह भी संदेश मिलता है कि माॅं बाप की अनुपस्थिति में समाज मजबूती से अभिभावक की भूमिका निभाता है।

दीपा के अपने माॅ पिता नहीं है तो क्या, समाज ने उसे अकेले नहीं छोड़ा, उसका विवाह करा जन कल्याण और वसुधैव कुटुम्बकम् की धारणा को सिद्ध किया। इस प्रकार के प्रयासों को प्रोत्साहन देना चाहिए।

दून पुलिस ने धरा पुश्तैनी चोरों का गैंग

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24 मई को श्रीमती सरोज चौरसिया, नालापानी चौक, सहस्त्रधारा रोड ने सूचना दी कि दिनांक 20 मई को वह अपनी स्कूटी से पलटन बाजार सामान खरीदने गई थी और अपनी स्कूटी खड़ी कर सब्जी खरीदने लगी। इतने में किसी अज्ञात व्यक्ति ने स्कूटी में रखा पर्स, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड आदि सामान चुरा लिया। साथ ही बताया मोबाइल फ़ोन में पेटीएम से चोर ने उनके खाते से 74,980/- रुपए निकाल लिए। इस पर कोतवाली पुलिस द्वारा गंभीरता दिखाते हुए तत्काल मुकदमा अपराध संख्या 258/17 धारा 379/420 आईपीसी पंजीकृत किया गया। उल्लेखनीय है कि इस प्रकार की अन्य घटनाएं भी कोतवाली क्षेत्र में अन्य स्थानों में घटित हुई थी। कोतवाली पर टीम का गठन किया गया तथा साइबर सेल/ एस.ओ.जी. की मदद से वादिनी के खाते से हुई निकासी के संबंध में डिटेल प्राप्त की गई, जिससे पुलिस टीम को अभियुक्त के खाते का अलर्ट मोबाइल नंबर मिल गया।

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इसी क्रम में सर्विलांस /मुखबिर की सूचना पर दिनांक 7 जून को चेकिंग के दौरान सहारनपुर रोड पर भूसा स्टोर के पास दो वाहनो, आल्टो कार डीएल 2सीएएच 0591 व वैगन आर कार एचआर 51एक्स 5024 को रोककर अभियुक्तो को गिरफ्तार किया गया। जिसमें अभियुक्तगणों द्वारा बताया गया कि यह उनका पुश्तेनी काम है और यह लोग भीड़ भाड़ वाले इलाके में इस काम को अंजाम देते हैं। चोरी का काम महिला द्वारा किया जाता है तथा साथ ही पुरुष घटना के समय साथ-साथ रहते हैं।

गैंग की मुखिया अनीशा है, जिसके निर्देशन में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता था, साथ ही यह भी बताया कि यह अपराध इस प्रकार का है कि बहुत कम लोग पुलिस को सूचना देते हैं। जिस कारण हमें कोई परेशानी नहीं होती। हमारे द्वारा देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, मसूरी आदि स्थानों पर घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है।  अपराधियों की गिरफ्तारी से कई मुकदमों का माल बरामद हुआ है, जिसकी जनता तथा पुलिस अधिकारियों द्वारा भूरी भूरी प्रशंसा की गई। जिसमे एसएसपी ने टीम का मनोबल बढ़ाने हेतु ₹2500/- की धनराशि ईनाम में देने की घोषणा की।

उत्तराखंड विधान सभा का नया बोर्ड संस्कृत में

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देश में कुछ बदला हो या नहीं लेकिन रोज़ रोज़ सांकेतिक बदलाव ज़रूर देखने को मिल रहा है। इसकी ताज़ा मिसाल देखने को मिलि है उत्तराखंड में जंहा राज्य विधानसभा का बोर्ड अब संस्कृत भाषा में बदल दिया बया है।

8 तारीख से शुरु हुए राज्य विधान सभा सत्र के पहले दिन देहरादून स्थित विधान भवन पहुंचे विधायकों और अन्य लोगों को उस समय झटका लगा जब विधानसभा के ऊपर लगा हुआ बोर्ड नया मिला। इस नए बोर्ड पर हिंदी के साथ साथ संस्कृत भाषा में उत्तराखंड विधानसभा लिखा था। इस सत्र में राज्य विधानसभा के लिए और भी चीजें नई हुई हैं। राज्य में पहली बार ई-बजट यानि की पेपरलेस बजट पेश किया गया।

इस बदलाव का समर्थन करते हुए बीजेपी के मीडिया प्रवक्ता डां.देवेंद्र भसीन ने कहा कि ”संस्कृत तो हमारी पहचान है, और हमारे उत्तराखंड सरकार ने संस्कृत को दूसरी भाषा के रुप में स्वीकार किया है। मेरे हिसाब से इसमें कुछ गलत नही हैं अप अपनी सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हैं”।

वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र अग्रवाल ने विधानभवन में लगे संस्कृत के बोर्ड पर कहा कि “जो शुरु से हो रहा वहीं एक बार फिर हुआ, संस्कृत भाषा को बढ़ावा देना ठीक है लेकिन हम उम्मीद करते हैं सरकार जुमलेबाजी से काम ना चलाए इससे बाहर आने की जरुरत हैं”।

इससे पहले बीजेपी सरकार के कार्यकाल संभालने के बाद राज्य के देहरादून जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर 100 फीट का तिरंगा फहराया गया। इसके बाद विश्वविद्धालयों में तिरंगा फहराने का कल्चर जिसमें ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में 111 फीट तिरंगा फहराया गया था। 

संस्कृत और हिंदी भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार की यह कोशिश कितनी कारगर साबित होती है यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन एक बात तो तय है कि अगर सरकार सच में संस्कृत को बचाने के लिए कोशिश करना चाहती है तो उसे बोर्ड पर संस्कृत में लिखने से और बहुत ज्यादा करने की जरुरत है।

वीआईपी नंबर की दौड़ में आगे रहने के लिए जल्द करें आवेदन

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अगर आपको अपनी पसंदीदी गाड़ी के लिए वीआईपी नंबर चाहिये तो 15 जून तक संभागीय परिवहन कार्यालय में दस हजार रुपये का ड्राफ्ट जमा कर दें। ड्राफ्ट सहायक परिवहन आयुक्त के नाम से होगा। 15 जून के बाद कभी भी वाहन नंबरों की नीलामी होगी। इसकी जानकारी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर दी जाएगी।
राज्य में वाहनों के वीआईपी नंबरों की ऑनलाइन बोली 15 जून से लगेगी। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि अभी तक किसी भी ने भी ड्राफ्ट जमा नहीं किया है। लेकिन परिवहन विभाग के अधिकारियों को उम्मीद है कि 15 जून तक कई ड्राफ्ट आ जाएंगे, जिसके चलते बोली का रेट काफी बढ़ेगा।

हालांकि अभी तक लोगों में फिक्स रकम वाले नंबरों को लेकर आकर्षण ज्यादा है। संभागीय परिवहन अधिकारी सुधांशु गर्ग ने बताया कि हाल ही में ड्राफ्ट लेने शुरू किए हैं। इसलिए अभी लोगों को कम जानकारी होगी। लेकिन जैसे-जैसे लोगों को सूचना मिल रही है कार्यालय में जानकारी लेने आ रहे हैं।

नीलामी के बजाय फिक्स रकम वाले नंबरों पर रुचि दिखा रहे लोग।नीलामी के अलावा भी कई ऐसे नंबर हैं, जिनके रेट फिक्स हैं। ऐसे नंबर काफी बिक चुके हैं।

इन नंबरों की ऑनलाइन बोलीः
0001, 0002, 0003, 0004, 0005, 0006, 0007, 0008, 0009, 0011, 0022, 0033, 0044, 0055, 0066, 0077, 0088, 0099, 0100, 0101, 0777, 0786, 0999, 1111, 2222, 3333, 4444, 5555, 6666, 7000, 7070, 7272, 7777, 7979, 8888, 9000, 9191, 9999

इन नंबर के लिए देने होगे पांच हज़ार रुपयेः

0111, 0222, 0444, 0555, 0666, 0888, 1122, 1133, 1144, 1155, 1166, 1177, 1188, 1199, 1786, 1881, 2211, 2233, 2244, 2255, 2266, 2277, 2288, 2299, 2772, 2786, 3311, 3322, 3344, 3355, 3366, 3377, 3388, 3399, 3663, 3786, 4411, 4422, 4433, 4455, 4466, 4477, 4488, 4499 जैसे महत्वपूर्ण नंबरों को पांच हजार रुपये चुकाने होंगे।

इन नंबर से लिए देने होगे दस हज़ार रुपयेः

आरटीओ संधाशु गर्ग ने बताया कि इन नंबरों में 8000, 8008, 8100, 9009 9100 9200 9300 9400 9500 9600 9700 9800 9900 जैसे आकर्षक नंबर हासिल करने के लिए दस हजार रुपये चुकाने होंगे।

माता पिता की स्माईल लौटाता दून पुलिस का ”आॅपरेशन स्माईल”

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पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड द्वारा प्रदेश ने गुमशुदा बच्चों की तलाश और उनके पुनर्वास के लिए ऑपरेशन स्माइल अभियान को 1जून से दिनांक 30जून तक चलाये जाने के निर्देश दिये थे। इस अभियान में जनपद देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर में 4-4 टीम व दूसरे जनपदों में 1-1 तलाशी टीम (हर टीम में उपनिरीक्षक-1, आरक्षी-4), व तलाशी टीम की मदद के लिए 1-1 विधिक व टेक्निकल टीम का गठन किया गया है।

मुख्यालय स्तर पर इस अभियान की नोडल अधिकारी श्रीमती शाहजहाँ जावेद खान अपर पुलिस अधीक्षक, एण्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल है, जो प्रदेश में चलाये जा रहे इस अभियान का पर्यवेक्षण कर रही हैं। अभियान ऐसे हर सम्भावित स्थान जहां बच्चों के मिलने की सम्भावना अधिक है, जैसे शेल्टर होम्स/ढाबों/कारखानों/बस अड्डा/रेलवे स्टेशन आदि में चलाया जा रहा है। अभियान में अन्य सम्बन्धित विभागों का भी सहयोग लिया जा रहा है। उपरोक्त तलाशी टीमों द्वारा अपने जनपद के साथ-साथ अन्य जनपदों/राज्यों के गुमशुदा बच्चों को भी तलाश किया जा रहा है।

अभियान में 1 जून से 7 जून तक समस्त टीमों के कठिन परिश्रम, लगन व मेहनत से कुल 77 बच्चों को बरामद किये जा चुके है, जिसमें से 15 पंजीकृत तथा 62 अपंजीकृत हैं। बरामद कुल 77 बच्चों में 64 बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया जा चुका है तथा बाकी 13 बच्चों को पुनर्वास हेतु बालगृह दाखिल किया गया है, जिनके परिजनों के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी ली जा रही है। बरामद बच्चों में काफी संख्या में ऐसे बच्चे भी हैं जो काफी समय से अपने परिजनों से बिछुड़े हुए थे। देहरादून ऑपरेशन स्माइल टीम ने पश्चिम बंगाल की एक पंजीकृत बालिका व हरिद्वार ऑपरेशन टीम ने झारखण्ड में पंजीकृत एक गुमशुदा बालक तथा चम्पावत टीम ने नेपाल में पंजीकृत 1 लड़के व 1 लड़की बरामद कि गयीं है।

अभियान में जनपद नैनीताल टीम ने थाना लालकुआं में पंजीकृत मु.अ.सं. 137/17 धारा 365 भादवि की गुमशुदा कु.उर्मिला, पुत्री गोपाल यादव, निवासी राजीव नगर, लालकुआं, नैनीताल को सकुशल बरामद किया गया। इस लड़की को ऑपरेशन टीम के अथक प्रयास द्वारा रूद्रपुर से बरामद किया गया। अपनी गुमशुदा बालिका को पाकर उर्मिला के माता-पिता काफी खुश हुए तथा उनके द्वारा ऑपरेशन स्माइल टीम का धन्यावाद किया गया।

बालक कृष्णा प्रजापति उम्र 16 वर्ष पुत्र फामू प्रजापति, निवासी ग्राम रामनगर, झारखण्ड, 10वीं कक्षा में फेल हो गया था, जिसे उसके परिजनों ने मो.सा. गैराज में काम सिखाने हेतु लगाया था। गैराज मिस़्त्री ने लड़के को 2700 रू0 दिये गये थे, जिसे लेकर वह कुछ दिन पहले वहां से भागकर हरिद्वार आ गया, जिसकी गुमशुदगी झारखण्ड में दर्ज है। बालक को एण्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट हरिद्वार द्वारा रेलवे स्टेशन से बरामद किया गया तथा परिजनों को सूचित किया गया। परिजनों द्वारा हरिद्वार ऑपरेशन स्माइल टीम का आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद किया गया।

प्रदेश में गुमशुदा बच्चों की तलाश हेतु चलाये जा रहे उक्त ऑपरेशन स्माइल की जनता द्वारा काफी प्रशंसा की जा रही है।

सीएम रावत ने कश्मीर के छात्र-छात्राओं से की मुलाकात

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गुरुवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड में पढ़ने वाले जम्मू कश्मीर के  छात्र-छात्राओं के साथ अनौपचारिक बातचीत की। जनता मिलन हॉल, सीएम आवास में मुख्यमंत्री रावत जम्मू कश्मीर के छात्र-छात्राओं से देहरादून में उनके अनुभवों व समस्याओं के बारे में जानकारी ले रहे हैं। “भारत दर्शन” कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तराखण्ड में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से मुख्यमंत्री रावत समय-समय पर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को राज्य सरकार की ओर से पूरा सहयोग दिए जाने के प्रति आश्वस्त किया।

सत्र के पहले दिन हंगामे के बीच पेश हुआ बजट

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गुरुवार को उत्तराखंड विधानसभा में बजट सत्र शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। इस हंगामें को बीच उत्तराखंड सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया।यह बजट कुल 39957.79 करोड़ का संभावित व्यय का बजट है जिसे आज शाम पेश किया गया।

इस दौरान सदन में विधायक देशपाल कर्णवाल और हरीश धामी आपस में भिड़ गए। इस पर सदन को 15 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। सदन दोबारा शुरू हुआ तो नेता प्रतिपक्ष ने एनएच घोटाले पर चर्चा की मांग की। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही तीन बजे तक स्‍थगित कर दी गई।उत्तराखंड सरकार ने पेश किया अपना बजट।

गुरुवार को देहरादून में विधानसभा सत्र शुरू हो गया। सत्र शुरु होते ही नेता प्रतिपक्ष ने एनएच घाटाले को 310 के तहत सुनने की मांग की।मांग पर स्पीकर ने प्रश्नकाल के बाद सुनने की बात कही। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदेश पहले सुनने की मांग पर अड़ी रहीं। इस मांग पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सीबीआई जांच की संस्तुतिकी जा चुकी है वही संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने कांग्रेश के नोटिस का हवाला देते हुए कहा कि मामला अदालत में लंबित है।

हंगामे के बाद विधान सभा अध्यक्ष राजी हुए अौर 310 के तहत विधान सभा में चर्चा शुरु हुई । नेता विपक्ष इंदिरा ह्रदेश ने बोला कि एक छोटा अधिकारी नही कर सकता इतना बड़ा घोटाला, हमने राज्य सरकार के जीरो टॉलरेंस के साथ पहली बार ये शब्द सुना है लिहाजा इस मामले की जांच हो और दोषी लोगों को सजा मिलनी चाहिए। जांच में जो अधिकारी दोषी आये है उन पर कार्रवाही हो। केंद्र सरकार भी इस मामले में हस्तछेप ना करे, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नितिन गड़करी एनएच के अधिकारियों को बचा रहे है।

सत्र के पहले दिन ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत धरने पर बैठे, विपक्ष ने सत्र गैरसैण में ना कराने से थे नाराज़। हजारों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ बैठे धरने पर पूर्व सीएम  ने कहा बीजोपी ने किया गैरसैण का अपमान, हमने दी है सभी सुविधाये, वो खुद नहीं जाना चाहते गैरसैण।

शराब के विरोध में नहीं थम रहा आंदोलन

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शराब के खिलाफ काशीपुर की महिलाओं का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। अंग्रेजी शराब की दुकान घनी आबादी के बीच खोले जाने का विरोध करते हुए लोगों ने दुकान के बाहर जमकतर विरोध प्रदर्शन किया, जबकि ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर दुकान खोली जा रही है उसके पास ही स्कूल है।
बावजूद इसके विभागिय अधिकारियों की मिलीभगत से दुकान खोलने की अनुमति दे दी गयी, अंग्रेजी शराब के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर हंगामा काटते हुए उन्होंने कहा कि कालोनी में जो शराब की दुकान खोलने की तैयारी चल रही है, वह दुसरे ग्राम में अधिकृत है। ऐसे में यहां पर दुकान नहीं खोलने दी जाएगी।
शराब की बिक्री पर कालोनी का माहौल खराब होगा। दुकान के आसपास स्कूल भी है। बच्चों, महिलाओं व लड़कियों को घर से निकलना मुश्किल हो जाएगा। किसी भी कीमत पर दुकान नहीं खोलने दी जाएगी। यदि दुकान खोली गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।