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शाहरुख खान वाराणसी में ‘हैरी मेट सेजल’ का करेंगे प्रमोशन

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बालीबुड के अभिनेता शाहरुख खान 31 जुलाई को धर्म नगरी काशी में मौजूद रहेंगे। इस दौरान रोमांस के बादशाह कहे जाने वाले शाहरुख अपनी फिल्म जब हैरी मेट सेजल का प्रमोशन करेंगे। फिल्म के प्रचार (प्रमोशन) में उनका साथ फिल्म के निर्देशक इम्तियाज़ अली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा देंगी। पहली बार बनारस आ रहे शाहरुख युवाओं से खास मुलाकात करेंगे और उनसे ढेर सारी बातें करेंगे।

शनिवार को यह जानकारी फिल्म के प्रचार से जुड़ी गुरुमीत कौर ने दी। बताया कि बनारस में होने वाले इस फ़िल्म के इवेंट की मेजबानी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी करेंगे। बताया गया है कि इम्तियाज अली द्वारा निर्देशित, जब हैरी मेट सेजल में शाहरुख खान उर्फ हैरी एक पर्यटक गाइड के रूप में नज़र आएंगे, और अनुष्का शर्मा उर्फ सेजल एक वकील है और वो यूरोप की सैर पर निकली हैं। फिल्म 4 अगस्त, 2017 को देशभर में रिलीज होगी। बताया गया है कि फिल्म के प्रचार के लिए शाहरूख ने लुधियाना में ट्रैक्टर चलाया। जोधपुर में जा कर गाइड एसोसिएशन से मुलाकात की। 

मुख्यमंत्री ने ‘‘अपना घर’’ आश्रम में रहने वालों के साथ सुनी ‘‘मन की बात’’

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मुख्यमंत्री रावत ने रविवार को बद्रीपुर स्थित ‘‘अपना घर’’ आश्रम में रहने वाली महिलाओं तथा बच्चों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘‘मन की बात’’ को सुना। वर्तमान में अपना घर संस्था द्वारा 42 बच्चों एवं महिलाओं को आश्रय दिया गया है तथा इनके भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा एवं पुर्नवास के लिए संस्था कार्य कर रही है। आश्रम में रहने वाले बच्चो तथा महिलाओं के साथ ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम सुनने के पश्चात मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने उपस्थित महिलाओं तथा बच्चों के साथ बातचीत भी की और उन्हें अल्पाहार के पैकेट भी वितरित किए।
CM Photo 04, dt.30 July, 2017
विशेष रूप से आज जिस प्रकार प्रधानमंत्री ने मन की बात में गरीबी हटाने और गरीबों के बारे में सोचने की अपील की , ऐसे में मुख्यमंत्री को अपने बीच जमीन पर बैठ कर उनके साथ रेडियो सुनते देख आश्रम के बच्चों को बहुत हर्ष हुआ। मुख्यमंत्री ने आश्रम की बालिकाओं का मनोबल बढ़ाया और बाद में सबके साथ तस्वीर भी खिंचवाई।
इस समय देश बाढ़ से प्रभावित है, प्रधानमंत्री ने इस पर चिन्ता व्यक्त की है। उन्होंने इस बार अगस्त क्रान्ति के नाम से प्रसिद्ध भारत छोड़ो आन्दोलन पर बात की जिसके 75 वर्ष इस वर्ष 9 अगस्त को पूरे हो रहे है । प्रधानमंत्री ने कहा है कि 15 अगस्त 2022 को जब आजादी के 75 वर्ष पूरे होंगे क्रान्ति को स्मरण रखने के लिए हमको गरीबी, बेरोजगारी, छूआछूत, जातिवाद, आतंकवाद के खिलाफ हमें खड़ा होना है। इन सभी से राष्ट्र को मुक्त करना है। प्रधानमंत्री ने युवाओं का आह्वान किया हैं आज प्रधानमंत्री के ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम सुनकर लोगो तथा विशेषकर युवाओं ने अपने जीवन की दिशा बदली है। आज मन की बात एक जनक्रान्ति का रूप ले चुकी है। शुरू में ऐसा लगता था कि अब रेडियो को कितने लोग सुनना पसन्द करेंगे। रेडियो सुनने का प्रचलन समाप्त सा हो गया था। परन्तु आज लाखो लोगों ने ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम सुनने के लिए रेडियो का पुनः उपयोग आरम्भ कर दिया है।
आज ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को अपने सम्बोधन में कहा कि मनुष्य का मन ही ऐसा है कि वर्षाकाल मन के लिये बड़ा लुभावना काल होता है। लेकिन कभी-कभी वर्षा विकराल रूप लेती है। कुछ दिनों से भारत के कुछ हिस्सों  में विशेषकर असम, नार्थ-ईस्ट, गुजरात, राजस्थान, बंगाल, अतिवर्षा के कारण प्राकृतिक आपदा झेलनी पड़ी है। जहां कहीं भी संभव होता है हमारे मंत्री व्यक्तिगत रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाते है। भारत सरकार, सेना, वायु सेना, एनडीआरएफ, पेरामिलटरी फोर्सस बाढ़ प्रभावित लोगों को हर प्रकार की सहायता पहुंचाने के प्रयास करते है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए हेल्प लाइन नम्बर 1078 के साथ चैबीस घण्टे चलने वाला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। फसल बीमा कम्पनियो के लिए हमने योजना बनाई है ताकि किसानों के बीमा सम्बन्धित मुवावजों को तत्काल निपटाया जा सके। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू हुए करीब एक महीना हुआ है और उसके फायदे दिखने लगे है। जीएसटी एप पर आप भलीभांति जान सकते है कि जीएसटी के पहले जिस चीज का जितना दाम था, तो नई परिस्थिति में कितना होगा।

डेंगू रोकथाम के लिए डीएम ने स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम को दिए निर्देश

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जिलाधिकारी ने डेंगू की रोकथाम के लिए सबकी भागीदारी, सबकी जिम्मेदारी पर जोर देेते हुए स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, शिक्षा, बाल विकास तथा पंचायतीराज विभाग को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिये।


जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन शनिवार को विकासभवन सभागार में डेंगू नियंत्रण एवं रोकथाम अन्तरविभागीय समन्वय, खसरा-रुबेला टीकाकरण अभियान की तैयारियों तथा 10 अगस्त को होने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस समन्वय समिति की बैठक को संबोंधित कर रहे थे।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को जमा पानी में लार्वा नष्ट करने के लिए लगातार फिल्ड विजिट करने तथा अपने अधीनस्थ सीएचपी, पीएचपी, एनएम/आशा को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिये। उन्होंने नगर निगम को सभी क्षेत्रों में पानी की निकासी दुरुस्त करने हेतु नाली की नियमित सफाई, फाॅगिंग, चूना डालने तथा कूड़े का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिये है।

जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी को सभी सरकारी तथा गैर सरकारी स्कूलों में बच्चों को फुल बाजू की ड्रेस पहनने तथा जुराब पहनने के निर्देश जारी करने, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस को आंगनबाड़ी स्तर पर जागरुकता कार्यक्रम चलाने तथा जिला पंचायतीराज अधिकारी को ग्राम सभा/पंचायतों में भी डेंगू रोकथाम हेतु जन-जागरुकता अभियान चलाने के निर्देश दिये। उन्होने स्वास्थ्य विभाग तथा नगर निगम को उन क्षेत्रों मेें अधिक फोकस करने के निर्देश दिये, जहां पिछली बार अधिक मामलें संज्ञान में आये तथा जहां जलभराव अधिक होता है।

इस दौरान खसरा-रुबेला वैक्सीन अभियान की तैयारियों की बैठक लेते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यह एक व्यापक स्वास्थ्य कार्यक्रम है जिसमें सबकी भागीदारी अनिवार्य है, क्योंकि टीकारण से लगभग शत्-प्रतिशत् लक्ष्य हासिल करना अनिवार्य है। उन्होने कहा कि 11 सितम्बर 2017 से प्रारम्भ होने वाले एम वैक्सीनेशन जिसमें नौ माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को आच्छादित किया जाना है।

जिलाधिकारी ने 10 अगस्त 2017 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के सफल क्रियान्वयन हेतु स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग तथा बाल विकास विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने राष्ट्रीय कृमि दिवस के अवसर पर खिलाई जाने वाली एलबेंडाजोल दवाइयों की पर्याप्त आपूर्ति करने तथा जनपद के सभी एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को अनिवार्य रूप से कवर करने के निर्देश दिये। 

शिकारी बढ़े तो बाघों का कुनबा भी बढ़ा

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बाघों के लिए उत्तराखंड घाटे और फायदे दोनों का क्षेत्र बन रहा है। इस बात का संकेत है कि उत्तराखंड में ऊंचे स्तर तक शिकारियों की पैठ है। लगभग 12 से अधिक बाघ पिछले दिनों मार गए थे। वहीं, उत्तराखंड में कार्बेट रिजर्व व राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बाघों की संख्या में अच्छी खासी बढ़ोत्तरी हुई है।

पिछले दिनों अखिल भारतीय स्तर पर बाघों की गणना की गई थी। जिसमें देशभर के 50 बाघ आरक्षी क्षेत्रों में उत्तराखंड सबसे आगे बढ़ा है, हालांकि यहां भी शिकार हुआ है पर अन्य बाघ आरक्षित क्षेत्रों की तुलना में यहां बाघ ज्यादा पाए गए हैं। इस गणना में उत्तराखंड में 433 बाघ मिले हैं, जो अपने आप में बाघों के लिए ही नहीं वन्य पशु प्रेमियों के लिए भी खुशी की खबर है।

वन्य जीव संस्थान के सूत्र बताते हैं कि 14 हजार फीट की ऊंचाई वाले अस्कोट, केदारनाथ और खतलिंग में स्नोलेपर्ड के लिए लगाए गए कैमरों में तीन टाइगर ट्रेप हुए हैं। इसके अलावा हरिद्वार चिड़ियापुर में चार टाइगर, तराई पश्चिमी एवं पूर्वी बफर जोन में भी इसकी मौजूदगी मिली है।

वन्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उत्तराखंड में टाइगर रिजर्व क्षेत्र के बाहर 119 बाघ मिले हैं। वहीं देशभर के 50 टाइगर रिजर्व क्षेत्रों के बाहर 433 बाघ मिले हैं। विभाग की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि इनकी सुरक्षा के लिए केंद्र एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर से सहयोग किया जाए। 

भक्तों ने खेली मां गंगा से दूध की होली

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हरिद्वार का दिल कही जाने वाली हर की पैड़ी पर रविवार को भक्तों ने मां गंगा के साथ पिचकारी भरकर दूध की होली खेली और जमकर गुलाल उड़ाया।

श्रावन में होली पर्व जैसा अनुपम नजारा हर की पैड़ी पर देखने को मिला। अवसर था मुल्तान जोत महोत्सव का, जहां कई प्रदेशों के आए हजारों श्रद्धालुओं ने मां गंगा संग होली खेली। मां गंगा से दूध की होली खेलने से पूर्व खड़खड़ी स्थित चावला भवन से जोत यात्रा निकाली। जिसमें सभी भक्त मां गंगा की जय-जयकार करते हुए हरकी पैड़ी की ओर बढ़े। हाथों में मां गंगा की स्वचछता को बनाए रखने व पौधे लगाने जैसे स्लोगन उनके हाथों में थे। गुलाल उड़ाते हुए भक्त आतिशबाजी के साथ हर की पैड़ी पहुंचे और मां गंगा की पूजा अर्चना करने के साथ दूध की होली खेली।

मुल्तान जोत महोत्सव विगर्षों से लगातार प्रतिवर्ष मनाया जाता है। भक्त रूपचन्द्र ने वर्ष 1911 में इसकी शुरुआत की थी। पाकिस्तान के मुलतान से वे जोत लेकर देश में एकता व आपसी भाईचारे की कामना के साथ पैदल हरिद्वार आए थे तथा मां गंगा में जोत प्रवाहित की थी। तब से लेकर आज तक प्रतिवर्ष जोत महोत्सव उत्साह के साथ मनाया जाता है।

इस अवसर पर यज्ञ, भण्डारे व कीर्तन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जगह-जगह तोरण द्वार बनाकर श्रद्धालुओं का तीर्थनगरी में स्वागत किया गया। एक साथ मां गंगा में हजारों जोत प्रवाहित की गई। जिस प्रकार दिन में होली का माहौल हरकी पैड़ी पर नजर आया। वहीं शाम को गंगा आरती के पश्चात गंगा में दीपदान किया जाएगा।

इस अवसर पर अखिल भारतीय मुल्तान युवा संगठन के प्रधान डॉ. महेन्द्र नागपाल ने सभी श्रद्धालुओं से मां गंगा की स्वच्छता का संकल्प करवाया। उन्होंने कहा कि मां गंगा हमारी आस्था का केन्द्र है। गंगा की रक्षा करना हम सबका कर्तव्य है। इसलिए मां गंगा को स्वच्छ बनाने में हम सबको अपना योदान देना चाहिए। 

सत्यापन के तहत पुलिस ने 151 लोगों का काटा चालान

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देहरादून जिले के नेहरू कॉलोनी और सहसपुर थाना क्षेत्रों की पुलिस ने रविवार को किरायेदारों के सत्यापन जांचने के लिए अभियान चलाया। जिन मकान मालिकों ने अपने यहां रह रहे किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराया था, उन पर पुलिस ने 10 दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया। पुलिस ने नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में 11 लाख 60 हजार रुपये और सहसपुर में तीन लाख 50 रुपये जुर्माना वसूला।

पुलिस ने अभियान के तहत बाहर से आकर रहने वाले लोगों की आईडी चेक कर बिना सत्यापन के रह रहे लोगों के मकान मालिकों का चालान किया। पुलिस ने चालान में अलग-अलग टीमों द्वारा कुल 414 घरों को चेक किया और नेहरू कालोनी क्षेत्र में 116 घरों के 10 हजार रुपये प्रत्येक माकन मालिक के हिसाब से 11 लाख 60 हजार रुपये के चालान किये गए। तथा लोगों को सतर्क रहने एवं किरायेदारों का सत्यापन कराने की हिदायत दी गई। पुलिस ने लोगों को ऑनलाइन सत्यापन कराने की भी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि इस क्षेत्र में अधिकतर लोग बिहार, उत्तर प्रदेश एवं अन्य राज्यों के रहने वाले हैं। अभियान के तहत एक वाहन स्कॉर्पियो को संदिग्ध मिलने पर सीज़ किया गया।

वहीं, थाना सहसपुर के साथ थाना विकासनगर में सत्यापन अभियान के तहत सेलाकुई क्षेत्र के जमनपुर व चोई बस्ती रामपुर में निवास कर रहे लोगों का सत्यापन किया गया। जिसमें पुलिस ने 380 किरायेदारों को चेक कर 35 घरों के 10 हजार रुपये प्रत्येक माकन मालिक के हिसाब से तीन लाख 50 हजार रुपये के चालान किया तथा 200 व्यक्तियों के सत्यापन मौके पर जाकर किया गया। इस क्षेत्र में अधिकतर लोग बिहार उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश राज्य के पीलीभीत, बिजनौर आदि के रहने वाले हैं व यह लोग औद्योगिक क्षेत्र में लेबर क्लास कार्यरत हैं।

पत्नी ने बेटे के साथ मिलकर की पति की हत्या

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करीब एक साल से लापता चल रहे भाजपा नेता राजेश मान की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक संपत्ति विवाद में खुद उनके ही बेटे ने वारदात को अंजाम दिया था। बाद में शव को खटीमा ले जाकर शारदा नहर में फेंक दिया। पुलिस ने इस सनसनीखेज घटना से पर्दा उठाते हुए राजेश मान की पत्नी और बेटे के दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि मुख्य आरोपी राजेश मान का बेटा फरार है। मान की लाश तो बरामद नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस ने घटना के पुख्ता साक्ष्य हासिल करने का दावा किया है।

29 अगस्त 2016 को भाजपा नेता राजेश मान संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। आखिरी समय उन्हें बेटे मानव चौधरी के साथ देखा गया था। राजेश मान की पत्नी सीमा चौधरी की ओर से रम्पुरा चौकी में पति की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। 11 माह से पुलिस राजेश मान का पता लगाने में जुटी थी, लेकिन परिवार वालों के बार-बार बयान बदलने और कोर्ट का सहारा लेने से खुलासा करने में अड़चन आ रही थीं। पुलिस ने पुख्ता सुबूत जुटाने के बाद मान की हत्या में राजेश मान की पत्नी सीमा चौधरी तथा उसके पुत्र मानव के दोस्त आशू उर्फ अशहर निवासी सितारगंज को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले उनसे कई दौर में पूछताछ की जा चुकी थी।

बताया जाता है पुलिस के बुलाने पर आशू उर्फ अशहर के गायब होने से पुलिस का शक गहरा गया था। पुलिस इसी दिशा में लगी और मेहनत रंग लाई। शुक्रवार को आशु की पकड़ने के बाद उससे सख्ती से पूछताछ हुई तो वह टूट गया और उसने पूरी घटना पुलिस के सामने बयां कर दी। एसएसपी डा. सदानंद दाते ने घटना का पर्दाफाश करते हुए बताया कि 29 अगस्त को मानव चौधरी अपने पिता राजेश मान के साथ घूमता रहा। इस दौरान उसका दोस्त आशू भी उसके साथ था। किच्छा मार्ग पर एक निजी कालेज से काम निपटाने के बाद वह आरटीओ कार्यालय पहुंचे। इस दौरान मानव पिछली सीट पर बैठा था जबकि उसकी फोर्ड फिगो कार यूके 04 एन 3892 को आशु चला रहा था। आरटीओ कार्यालय से कार्य निपटाने के बाद अचानक मानव ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से ड्राइवर सीट के बगल में बैठे राजेश मान को दो गोली मार दीं। एक गोली राजेश मान के सिर में लगी और दूसरी शीशे में छेद करते हुए बाहर निकल गई। राजेश की लाश को वह कार से खटीमा के पास ले गए और वहां उसे नहर में फेंक दिया। उसके बाद दोनों चोरगलिया होते हुए रात करीब साढे़ ग्यारह बजे हल्द्वानी मानव के घर पहुंचे। मानव ने अपनी मां सीमा चौधरी को राजेश मान की हत्या के बारे में बताया। सीमा ने भी मानव के कदम को सही बताते हुए कहा कि राजेश मान ने उसका जीवन नरक बन दिया था। षडयंत्र में शामिल आशु से घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने राजेश की पत्‍‌नी सीमा चौधरी को भी हिरासत में ले लिया।

एसएसपी सदानन्द दाते ने बताया कि राजेश मान की हत्या करने वाले उनके बेटे मानव की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। वह अधिक दिन तक पुलिस से बच नहीं पाएगा। पुलिस ने हत्या से संबंधित साक्ष्य भी जुटा लिए हैं। पुलिस को राजेश मान के लाइसेंसी रिवाल्वर की भी तलाश है। वह मानव के पास ही है।

बहनों ने की चाईनाीज़ राखियों से तौबा

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भारत-चीन के बीच बढ़ते गतिरोध के चलते क्षेत्र की महिलाओं ने रक्षाबंधन पर्व पर चीन निर्मित राखियों से तौबा करने का संकल्प लिया।

हिंदू महासभा के तत्वावधान में रविवार को श्रीरामलीला परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने चाइनीज राखियों का बहिष्कार करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि बहनें अपने भाई की कलाई पर उस देश में बनी राखियां नहीं बांधेंगी, जो देश हमें बार-बार ललकार रहा हो।

हम अपने देश एवं सीमा पर डटे सैनिकों का सम्मान करते हुए किसी भी कीमत पर चाइनीज राखियां नहीं खरीदेंगे। इस दौरान हिंदू महासभा के कुमाऊं मंडल सह प्रभारी हेम कांडपाल ने कहा कि, ‘बाजार में आने वाले प्रत्येक चाइनीज सामान का हिंदू महासभा बहिष्कार करेगी और देशवासियों को देशहित में चाइनीज सामान न खरीदने के लिए जागरूक किया जाएगा।

चीनी सामान के प्रति हमारी भक्‍ति?

इसे लालच की कौन सी पराकाष्‍ठा माना जाए, कुछ समझ नहीं आता । चीनी सामान के प्रति हमारी भक्‍ति किस स्‍तर तक है, इसका एक बड़ा उदाहरण जबलपुर में बनी बोफोर्स तोप के स्वदेशी संस्‍करण धनुष में सीधे तौर पर देखने को मिला है। इस मामले में देश के साथ सुरक्षा के स्‍तर पर भी कर्तव्‍यनिष्‍ठ स्‍वदेशवासियों ने गंभीरता से विचार नहीं किया। लालच की यह पराकाष्‍ठा निश्‍चित ही अशोभनीय और देशद्रोह जैसा कर्म तो है ही, किंतु इसके साथ यह इस विचार के लिए भी प्रेरित करता है कि आखिर हम भारतीयों को हो क्‍या गया है ?

भारतीय सीमाओं पर चीन हमें आँखे दिखा रहा है। भारत के 43 हजार 180 वर्ग किलोमीटर भूभाग पर चीन ने अवैध कब्जा कर रखा है। इस भू-भाग में वर्ष 1962 के बाद से हमारी भूमि का 38 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र चीन के कब्जे में है। इसके अतिरिक्त 2 मार्च 1963 को चीन तथा पाकिस्तान के बीच हस्ताक्षरित तथाकथित चीन-पाकिस्तान ‘सीमा करार’ के अंतर्गत पाकिस्तान ने पाक अधिकृत कश्मीर के 5180 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को अवैध रूप से चीन को दे दिया था ।

चीन किस तरह से हमें मूर्ख बनाता है, इसे इस बात से भी समझा जा सकता है कि लोकसभा में प्रस्‍तुत दस्तावेजों में विदेश मंत्रालय ने स्‍वीकारा कि वर्ष 1996 में चीन के तत्कालीन राष्ट्रपति च्यांग चेमिन की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने एलएसी पर सैन्य क्षेत्र में विश्वास बहाली के कदम के बारे में समझौते पर हस्ताक्षर किए थे । जून 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की चीन यात्रा के दौरान दोनों पक्षों में से प्रत्येक ने इस बारे में विशेष प्रतिनिधि नियुक्त करने पर सहमति जताई थी ताकि सीमा मुद्दे के समाधान का ढांचा तैयार करने की संभावना तलाशी जा सके । उसके बाद इस विषय पर अब तक दोनों पक्षों की कई बैठकें हो चुकी है लेकिन चीन सीमा विवाद पर भारत के आगे होकर लाख सकारात्‍मक प्रयत्‍नों के बाद भी कोई प्रगति होने नहीं देना चाहता। वह तो कश्‍मीर से लेकर अरुणाचल तक जहां-जहां चीन के साथ भारतीय सीमाएं लगती हैं, कई किलोमीटर अंदर भारतीय क्षेत्र पर भी अपना कब्‍जा बता रहा है। उल्‍टे हमें ही कहता है कि फलां क्षेत्र पर भारत ने कब्‍जा जमा रखा है, उसे भारत शांति के साथ चीन को सौंप दे। यानी कि उल्‍टा चोर कोतवाल को डांटे कहावत यहां चरितार्थ हो रही है। दूसरी ओर व्‍यापार के नाम पर हम इतने लालची हैं कि थोड़े से मुनाफे के लिए चीन का बहुतायत माल खरीदकर उसकी आय में रात-दिन बढ़ोत्‍तरी करने में लगे हैं।

पिछले वर्ष एक आंकड़ा आया था, उसके अनुसार भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा बढ़कर 46.56 बिलियन डॉलर (3 लाख करोड़ रुपए) तक जा पहुंचा था। चीन का भारत में निर्यात वर्ष 2016 के वित्त वर्ष में 58.33 बिलियन डॉलर था। 2015 के मुकाबले निर्यात में 0.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। दूसरी तरफ भारत का चीन में निर्यात 12 प्रतिशत गिरकर 11.76 बिलियन डॉलर तक जा पहुंचा था। वर्ष 2017 साल के पहले 4 महीने में व्यापार घाटा 14.88 अरब डॉलर रहा। बीते साल कुल व्यापार घाटा लगभग 52 अरब डॉलर का रहा था, जबकि कुल द्विपक्षीय व्यापार 70 अरब डॉलर से कुछ अधिक का रहा।

वस्‍तुत: यहां इससे सीधेतौर पर समझा जा सकता है कि भारत को कितना अधिक व्यापार घाटा हुआ है और निरंतर हो रहा है। कुछ अर्थप्रधान लालची विद्वान यह कहकर इस विषय की गंभीरता को समझना नहीं चाहते कि चीन के कुल निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 2 प्रतिशत है। अगर चीनी माल का भारत में बहिष्कार हो भी जाता है तो उससे चीन की अर्थव्यवस्था पर इतना असर नहीं पड़ेगा जिसे दबाव बनाकर भारत अपनी बात मनवा सके। किंतु क्‍या यह पूरा सच है ? इसके पीछे के सच को भी जानना चाहिए। भारत में जो 2 प्रतिशत निर्यात की बात कही जाती है, वह पूरी तरह सच नहीं, क्‍योंकि जितना माल कानूनी स्‍तर पर 1 नम्‍बर में चीन से भारत आता है, उससे कई गुना अधिक चीनी माल भारत की सीमाओं में अवैध रूप से आता है । इसलिए भले ही चीनी माल के बहिष्कार का वहां की अर्थव्यवस्था पर तुरंत कोई असर न पड़े लेकिन इसका असर बाद में बहुत व्‍यापक स्‍तर पर दिखेगा, यह तय मानिए।

वस्‍तुत: चीन अपने व्‍यापारिक माल के जरिए ही 21वीं सदी में महाशक्ति के रूप में उभरना चाहता है, इसलिए वह अपने इस स्‍पप्‍न को इन दिनों ‘वन बेल्ट वन रोड’ के जरिए साकार करने में लगा है । इसके जरिए चीन आर्थिक तरीके से दुनिया पर राज करने का प्लान बना रहा है। जिसका कि पिछले दिनों मोदी सरकार ने विरोध किया था। किंतु इस सब के उपरान्‍त भी सरकार को यह समझना ही होगा कि वह अपनी निर्भरता क्‍यों चीन के सामने बनाए रखना चाहती है। क्‍या जरूरत है, सरकार को उसके सामने व्‍यापारिक हितों के नाम पर खड़े होने की ? यह इसीलिए भी कहा जा रहा है, क्‍योंकि आज जिस मोदी सरकार ने चीन की ‘वन बेल्ट वन रोड’ नीति का विरोध किया है, उस मोदी सरकार के लिए बहुत अच्‍छा तब ओर होता जब वह चीन से पेट्रोल, डीजल का आयात करने से भी बचती। पहली बार ही सही किंतु इसी वर्ष मार्च 2017 तत्‍कालीन चालू वित्‍त वर्ष के नौ माह में चीन से 18,000 टन पेट्रोल और 39,000 टन डीजल का आयात किया गया। जिसे कि स्‍वयं पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में स्‍वीकार्य किया । हालांकि उन्‍होंने दुनिया के तीसरे सबसे बड़े उपभोक्ता देश भारत के खपत के बड़े अंतर को देखते हुए यह निर्णय लिए जाने की बात कही थी । किंतु इसी के साथ देश को यह भी जानना चाहिए कि भारत में पेट्रोल और डीजल का कुल उत्पादन घरेलू खपत से ज्यादा है । इसी समय के अंतराल में अप्रैल से दिसंबर 2016 अवधि में देश में 2.71 करोड़ टन पेट्रोल का उत्पादन किया गया, जबकि इस दौरान खपत 1.80 करोड़ टन रही। जहां तक डीजल की बात है इसका घरेलू उत्पादन 7.65 करोड़ टन और खपत 5.72 करोड़ टन रही थी ।

इस सब के बीच सच तो यह भी है कि हमारे पास चीन के अलावा भी तमाम विकल्‍प मौजूद हैं । जब आवश्‍यकता के अनुरूप भारत में पिछले चालू वित्त वर्ष अप्रैल से दिसंबर अवधि में कुल मिलाकर 8,20,000 टन डीजल का और 4,76,000 टन पेट्रोल का आयात किया गया। इन नौ महीनों में सिंगापुर के मुकाबले यूएई से सबसे अधिक 2,43,000 टन पेट्रोल की आपूर्ति की गई थी और डीजल में भी यूएई से सबसे अधिक 3,80,000 टन डीजल आयात किया गया था, जबकि सिंगापुर से 1,69,000 टन पेट्रोल आयात किया गया था। फिर चीन की ओर देखने का औचित्‍य क्‍या है ? यानी कि इतने अधिक विकल्‍प होने के बाद भी हमारा चीन की ओर देखना कहीं न कहीं हमारी राष्‍ट्रभक्‍ति पर भी प्रश्‍नचिह्न खड़े करता है।

वस्‍तुत: इस संदर्भ में राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ और उससे जुड़े कई संगठन जो बार-बार चीनी सामान के बहिष्कार की मांग दोहराते आए हैं, प्रयोग के तौर पर वे अपने स्‍तर पर चीनी माल के इस्‍तेमाल से भी बचने का भरसक प्रयत्‍न करते रहे हैं, और समय-समय पर अपने स्‍वयंसेवकों को चीनी सामान के बहिष्कार करने का संकल्प दिलाते हैं। उसे पूरे देश को समझना होगा। यह केवल स्‍वदेश प्रेम से ही नहीं जुड़ा है, यह इसलिए भी जरूरी है कि 500 अरब डालर के अनुमानित नकली और पायरेटेड वस्तुओं के वैश्विक आयात में 63 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ चीन शीर्ष पर है। हमारे मुल्क को चीन घटिया ही नहीं, कई जहरीले उत्पाद भी निर्यात कर रहा है। आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओइसीडी) की रिपोर्ट से भी यह प्रमाणित हो चुका है। ओइसीडी ने अपने अध्ययन में यह भी माना है कि हैंडबैग व परफ्यूम से लेकर मशीनों के कलपुर्जे तथा रसायनों तक, सब के नकली उत्पाद बन रहे हैं। यानी की जिन कंपनियों के विदेशी लेवल लगे होने पर भारतीय उपभोक्‍ता बड़े ही शान से माल खरीद रहे हैं, अधिकांश में वह उसे खरीदकर ठगे जा रहे हैं। क्‍यों कि उन्‍हें चीन बना रहा है और उनकी खरीदारी का भारत सबसे बड़ा बाजार है। वास्‍तव में चीन हमें दो तरह से ठग रहा है, हम सस्‍ते के चक्‍कर में भी ठगे जा रहे हैं और महंगी चीजों में चीन का बना नकली सामान लेकर भी धोखा खा रहे हैं।

चलो, देश इस धोखे को भी झेल लेगा, किंतु क्‍या इससे भी मुंह मोड़ा जा सकता है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत के बाजार में चीनी उत्पादों की सस्‍ती बाढ़ आने से इसका बुरा असर देसी उत्पादकों पर पड़ा है। कई छोटी इकाइयों पर चीनी उत्‍पादनों के कारण ताले लग चुके हैं। कई बड़ी इकाइयां अपने उत्पाद बनाने के लिए दूसरे विकल्पों को तलाश रही हैं जिससे कि चीनी माल से मुकाबला किया जा सके। इस अंतर्विरोध का जो सबसे दुखद पक्ष है वह यही है कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया पर जोर दे रहे हैं तो दूसरी ओर केंद्र व राज्‍यों के कई विभाग हैं जोकि अपनी पूर्ति चीन के सामान से करने में लगे हुए हैं। वस्‍तुत: आज भी भारतीय परियोजनाओं के लिए अस्सी फीसद ऊर्जा संयंत्रों के उपकरण चीन से मंगाए जा रहे हैं। यह एक अकेला मामला नहीं, ऐसे तमाम विभाग और परियोजनाएं गिनाई जा सकती हैं।
इस पर अंत में इतना ही कहना है कि चीनी सामान के प्रति हमारी भक्‍ति जब तक नहीं टूटेगी और हम यह नहीं देख और समझ पाएंगे कि आखिर हमारे देश के हित में क्‍या है, तब तक भारत भक्‍ति के लाख प्रयत्‍न कर लिए जाएं, प्रधानमंत्री मोदी मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया के अभियान को सफल बनाने के लिए अपना संपूर्ण अस्‍तित्‍व झोंक दे, राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ जैसे तमाम संगठन अपना सर्वस्‍व समर्पण मातृभूमि के लिए कर दें लेकिन उनके यह प्रयत्‍न सफल नहीं होने वाले हैं। देश में बोफोर्स तोप के स्वदेशी संस्‍करण धनुष जैसी सुरक्षा के स्‍तर पर भी लालच की पराकाष्‍ठा देशद्रोह जैसा कर्म होता रहेगा । वस्‍तुत: देश के प्रत्‍येक नागरिक को इस विषय पर गंभीरता से एक बार अवश्‍य विचार करना चाहिए।

स्टूडेंट ओलंपिक गेम्स में ऋषिकेश के लाभांशु को गोल्ड

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श्रीलंका में चल रहे तृतीय स्टूडेंट ओलंपिक इंटरनेशनल गेम्स- 2017 में ऋषिकेश के युवा पहलवान लाभांशु शर्मा ने पाकिस्तान के पहलवान को करारी शिकस्त देकर भारत की झोली में स्वर्ण पदक डाला। उन्होंने 120 किलोग्राम भार वर्ग की फ्री-स्टाइल कुश्ती में यह सफलता हासिल की।

स्टूडेंट ओलंपिक काउंसिल के सहयोग से स्टुडेंट ओलंपिक एसोसिएशन ऑफ श्रीलंका के तत्वावधान में आयोजित कोलंबो शहर में 26 से 30 जुलाई तक तृतीय स्टूडेंट ओलंपिक इंटरनेशनल गेम्स का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें कुश्ती सहित फुटबॉल, एथलेटिक्स व जूड़ो खेलों में दस देशों के खिलाड़ी शिरकत कर रहे हैं।

रविवार को कोलंबो में फ्री-स्टाइल कुश्ती 120 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में भारत के लाभांशु शर्मा की भिड़ंत पाकिस्तान के पहलवान के साथ हुई। रोमांचक मुकाबले में लाभांशु ने पाकिस्तानी खिलाड़ी को (8-6) से हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।