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गरीबों के आशियाने पर झूठ का पर्दा

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नगर निगम रुद्रपुर घोटालों के लिए लगातार चर्चाओं में रहा है, जिसको लेकर कई बार कोर्ट की फटकार भी निगम को पडी है, बावजूद इसके निगम अपनी कार्यशैली बदलने का नाम नहीं ले रही है वहीं निगम का एसा सच सामने आया है जिससे निगम की कार्यशैली सवालों में फिर घिर गयी है। कहने को तो राजनीति में झूठ सच बोल कर जनता को गुमराह करने की परंपरा है, लेकिन यहां निगम ने ऐसा झूठ बोला की करोडों की योजना का लाभ जो गरीब जनता को मिलना था वो नहीं मिल पाया, मामला रम्पुरा क्षेत्र का है जहां गरीबों के मकानों के निर्माण के लिए स्वीकृत हुई 16.5 करोड़ की योजना में भी कुछ ऐसा ही हुआ।

इस आवासीय योजना के लिए 6.45 करोड़ की धनराशि अवमुक्त भी हो गई और दो साल तक नगर निगम में पड़ी रही, लेकिन गरीबों की आवासीय योजना शुरू नहीं हो सकी। अंतत: धनराशि को वापस करना पड़ा। इस मामले में मेयर सोनी कोली व पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप प्रत्यारोप की सियासत कर रहे हैं।

रम्पुरा के 378 गरीबों के मकान के लिए आई 6.45 करोड़ की धनराशि 13 फरवरी 2013 को प्राप्त हुई और 11 अगस्त 2015 को यह धनराशि नगर निगम से वापस भेजी गई। दो साल तक मेयर सोनी कोली के कार्यकाल में नगर निगम में पड़ी रही। उस पर 28.50 लाख रुपये बैंक ब्याज भी मिला, लेकिन यह धनराशि समय पर कार्य शुरू न होने के कारण नगर निगम को वापस करनी पड़ी। यानि दो साल तक पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा पर धनराशि पर कुंडली मारे बैठे रहने का मेयर का आरोप झूठा साबित हुआ। गौरतलब है कि मेयर सोनी कोली ने यह आरोप लगाया था कि यह योजना 2011 में स्वीकृत हुई थी, लेकिन तत्कालीन पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा दो साल तक धनराशि पर कुंडली मारे बैठी रहीं। जब वह मेयर बनीं तो उन्होंने इस योजना में टेंडर निकाले, लेकिन कोई ठेकेदार टेंडर डालने को राजी नहीं हुआ। वजह यह थी कि दो वर्षों में लागत मूल्य बढ़ गया था। उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर भी यह तोहमत मढ़ दी कि सरकार ने उन्हें मकान बनाने की अनुमति नहीं दी। इस बात में कितनी सच्चाई है इसका भी खुलासा जरूर होगा। इस बावत पूर्व पालिकाध्यक्ष का कहना था कि योजना जरूर 2011 में स्वीकृत हुई थी, लेकिन धनराशि उन्हें 2013 में मिली। उसके बाद शासन ने पालिका को नगर निगम का दर्जा दे दिया था और उन्हें अपना कार्यकाल पूरा करने से पहले ही हटना पड़ा था।

सूचना के अधिकार से मिली प्रति में यह स्पष्ट हो गया है कि जवाहर लाल नेहरू अरबन मिशन योजना के तहत 13 फरवरी 2013 को 378 आवासों के लिए छह करोड़ पैतालीस लाख बत्तीस हजार रुपये की धनराशि पालिका के खाते में आई थी। नगर निगम के गठन के बाद रम्पुरा की सोनी कोली मेयर बनीं। अभिलेख गवाह हैं कि 11 अगस्त 2015 को यानि पूरे ढाई साल बाद 67387781 रुपये का चैक शासन को लौटाया गया। इस अवधि में 28.50 लाख रुपये तो अवमुक्त हुए 64532000 रुपयों पर ब्याज भी मिल गया। यदि नगर चाहती तो इस योजना के तहत गरीबों के मकानों का निर्माण कर सकती थी।

अब सवाल यह उठता है कि अपनी नाकामी छिपाने को मेयर ने झूठ क्यों बोला? यदि लागत मूल्य बढ़ा था तो ब्याज की धनराशि भी तो बढ़ी थी। बहरहाल, वजह कुछ भी हो, लेकिन गरीबों के पक्के मकान में रहने का सपना तो ध्वस्त हो गया।

मोहन भागवत पहुंचे हरिद्वार, मुख्यमंत्री ने की मुलाकात

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत सोमवार को अपने एक दिवसीय प्रवास पर हरिद्वार पहुंचे। यहां वो सूरत गिरी बंगला में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।

mohan bhagwat

आज भागवत का जन्म दिवस है, जो सादगी पूर्वक धार्मिक विधि-विधान से मनाया जाएगा। इस अवसर पर वह कारगिल के शहीद परिवारों को सम्मानित भी करेंगे। जिसके लगभग दो घंटे के बाद पतंजलि योगपीठ के लिए प्रस्थान करेंगे।

हरिद्वार में दोपहर 12 बजे के बाद, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संघ प्रमुख से मुलाकत कर सरकार के कामकाज के बारे में जानकारी दी। संघ के एजेंडे पर चर्चा हुई व इस दौरान भाजपा सहित संघ के तमाम वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। 

पेट्रोल व घरेलू गैस के बढ़ते दामों पर भड़के कांग्रेसी

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ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तरुण नैयर के नेतृत्व में हरकी पौड़ी चौक अपर रोड पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई को लेकर जोरदार नारेबाजी की। इस अवसर पर ब्लाॅक अध्यक्ष तरूण नैयर ने कहा कि केन्द्र सरकार महंगाई पर नियंत्रण खो चुकी है। लगातार पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं। घरेलू गैस पर बेहिसाब पैसा बढ़ाया जा रहा है।

जनता को राहत देने में केन्द्र सरकार की विफलतायें साफ तौर पर नजर आ रही है। खाद्य पदार्थो में बेतहाशा मूल्य वृद्धि होने से आमजनमानस की मुश्किलें बढ़ रही है। घरेलू गैस की सब्सिडी समाप्त करने की राह पर केन्द्र सरकार साजिश के तहत जुटी हुई है। घरेलू गैस के दाम बढ़ने से आमजनमानस हताशा निराशा के दौर से गुजर रहा है। अच्छे दिन की बात करने वाली सरकार महंगाई पर कोई नियंत्रण नहीं कर पा रही है।
प्रदीप आहूजा व कैलाश भट्ट ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनाव के दौरान जो वादे देश की जनता से किये थे उन वादों पर प्रधानमंत्री खरे नहीं उतर रहे है। जमाखोरों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। राज्य सरकार भी प्रदेश की जनता को राहत देने में नाकायाब हो चुकी है। कई तरह के टैक्सों के बोझ के नीचे जनता को दबाया जा रहा है। मोनू उपाध्याय व सुमित भाटिया ने कहा कि केन्द्र सरकार के निर्णय पूरी तरह से गलत साबित हो रहे हैं। नोटबंदी के बाद जीएसटी लागू करना जनता पर भारी पड़ रहा है। व्यापारी जीएसटी को अब तक नहीं समझ पाये। केन्द्र सरकार द्वारा जल्दबाजी में निर्णय लेकर देश की जीडीपी दर को बुरी तरह से प्रभावित किया। महंगाई गरीबों पर मुंह का निवाला छीन रही है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में डाॅ0 समीर सिंह, बलबीर सिंह (बल्ली) महेन्द्र अरोड़ा, राजीव अरोड़ा, शिव कुमार कश्यप, सुरेश ठाकुर आदि शामिल रहे।

बसपा के पूर्व विधायक से आईएसआई के नाम पर दो करोड़ की रंगदारी मांगी

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हरिद्वार जिले में आईएसआई के नाम से पत्र भेजकर बसपा के पूर्व विधायक मोहमद शहजाद से दो करोड़ की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने अज्ञात बादमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पूर्व विधायक शहजाद के लाहबोली स्थित आवास पर स्पीड पोस्ट से एक पत्र मिला, देर शाम पूर्व विधायक शहजाद घर पहुंचे तो उन्होंने पत्र खोला, उसमें उनसे दो करोड़ की रंगदारी की मांग की गई थी। पत्र भेजने वाले खुद को आईएसआई से जुड़ा हुआ बताया है। साथ ही अपना पता देवबंद के पास जट जड़ौदा व नाम गुलबहार बता रखा है।

पत्र में कहा है कि उसके ग्रुप के लोग जमानत पर बाहर निकले हैं। वे बेहद खतरनाक हैं। इसकी तस्दीक वह देवबंद से कर सकते हैं। पत्र में एक बैंक का खाता नंबर भी दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर दो करोड़ रुपये खाते में नहीं डाले तो उनको परिवार सहित मार दिया जाएगा। विधायक शहजाद ने मंगलौर कोतवाली में तहरीर देकर जांच की मांग की है। वहीं पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी जवाहरलाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

कोलकाता की पर्वतारोही महिलाओं ने अननेम्ड पीक पर किया फतह

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कलकत्ता से आए महिलाओं के 10 सदस्य दल ने छह सितंबर को वासुकीताल के समीप 6275 मीटर ऊंचाई वाली नई चोटी (अननेम्ड पीक)पर आरोहण कर तिरंगा लाहराया। जिस चोटी का दल ने आरोहण किया है, उस चोटी का अभी तक कोई नाम नहीं दिया गया है। इसलिए इसे पर्वतारोही अननेम्ड पीक कहते हैं।

27 अगस्त को कलकता से आए दस महिलाओं का दल स्नो स्पाइड ट्रेक एंड टूर के गाइड विष्णु सेमवाल के नेतृत्व में गंगोत्री के लिए रवाना हुआ। उसके बाद दल ने भोजवासा, गोमुख, नंदनवन और वासुकीता के लिए आरोहण किया। छह सितंबर को दल वासुकीताल के समीप 6275 मीटर ऊंचाई वाले शिखर पर तिरंगा लाहराया। दल ने फतह करने वाली चोटी को अभी कोई नाम नहीं दिया। आईएमए दिल्ली द्वारा पत्रचार के बाद सप्ताहभर के अंदर चोटी का नामकरण किया जाएगा। दल में दो गाइड, तीन स्टाफ और पांच पोर्टर शामिल थे। दल का यह करीब दो सप्ताह का आरोहण था। दल में शामिल सदस्य दल की अध्यक्ष महुआ विश्वास कष्टम विभाग, स्वरूपा मोडुल, उन्नति पांडेय, लक्ष्मी घोष, अमृतादास, सुप्रिया देई और मोमिता घोष छात्रा हैं, वंदना कलकता पुलिस विभाग, सुजाता भट्टाचार्य शिक्षिका और साथ सक्षमुख कलकता की एक कंपनी में कार्यरत है। टीम अध्यक्ष महुआ विश्वास ने बताया कि टीम में लड़कियों ने दो तीन बार हिमाचल और सिक्किम में पर्वतारोहण किया है। इसके लिए दल सदस्यों ने कलकत्ता में विशेष परीक्षण भी लिया है। परीक्षण लेने के बाद ही हम लोग पर्वतारोहण के ‌लिए निकलते है। उन्होंने कहा कि समाज में लोगों ने लड़कियों के प्रति गलत सोच पैदा कर दी है। लेकिन लड़कियों के दल करीब छह हजार मीटर ऊंचाई वाले पर्वत पर फतह कर समाज को संदेश दिया है कि हम भी किसी से कम नहीं है।

जाम से निजात को शहर में 93 अस्थायी पार्किंग चिन्हित

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राजधानी में ट्रैफिक सिस्टम को सुधारने और दूनवासियों को जाम से निजात दिलाने के लिए दून पुलिस ने नए प्लान पर काम करना शुरू कर दिया है। शहर में 93 स्थान इसके लिए चिन्हित किए गए हैं।

राजधानी दून में अब जाम की समस्या आम बात है। आए दिन जाम की वजह से दून की इमेज पर भी असर पड़ रहा है। हालांकि ट्रैफिक पुलिस द्वारा आए दिन शहर में जाम से निजात दिलाने के लिए नए-नए प्लान पर काम किया जा रहा है। कई जगह पर दूनवासियों को राहत भी मिली है। लेकिन अब भी बड़ी समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है। एडीजी लॉ एंड आर्डर अशोक कुमार ने भी दून पुलिस को ट्रैफिक का नया प्लान बनाकर ट्रैफिक को दुरस्त करने के निर्देश दिए हैं। जिसको लेकर कप्तान और एसपी ट्रैफिक लगातार प्लान पर काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में शहर में 93 स्पॉट चिन्हित कर अस्थायी पार्किंग बनाई गई है।

अलग-अलग क्षेत्रों में चिन्हित किए स्थान
एसपी ट्रैफिक धीरेन्द्र गुंज्याल ने बताया कि राजपुर रोड पर 72, चकराता रोड पर 21 स्थान चिन्हित किए गए हैं। जहां पर डाइगनल तरीके से अस्थायी पार्किंग की जा रही है। इसके अलावा ईसी रोड पर पैरेलल पार्किंग शुरू की गई है। जिससे सड़क किनारे गाडिय़ां भी खड़ी हो सके और जाम भी न लग पाए। इसके अलावा एसपी ट्रैफिक ने बताया कि मॉल के बाहर अब बेवजह गाड़ी पार्क नहीं की जा सकेंगी। पार्किंग भर जाने की स्थिति में सड़क किनारे डाइगनल तरीके से पार्किंग करवाई जा सकेंगी। जिसके लिए नए गाइडलाइन जारी की गई है।

फर्जी बाबाओं के खिलाफ निर्णय पर परिषद को दी बधाई

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फर्जी संतों को लेकर कई दिनों से विवाद चल रहा था। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने जो आज फर्जी संतों की सूची जारी की है, उससे संत समाज में हर्ष का माहौल है।

विश्व सनातन परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत सुरेन्द्रनाथ अवधूत, भारत साधु समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, स्वामी कृष्णानंद, स्वामी रामस्वरूप, मुखिया महंत भगतराम, निर्मल अखाड़े के सचिव महंत बलवंत सिंह, महंत रविन्द्र पुरी, महंत रामानंद पुरी, महंत मोहनदास, स्वामी ऋषिश्वरानंद, स्वामी ऋषिरामकृष्ण, महंत रंजय सिंह, महंत साधनानंद सहित कई संत महंतांे ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा फर्जी संतों पर जो सख्त कार्यवाही का निर्णय लिया है सभी संत महंतों ने इसका स्वागत करते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेन्द्र गिरि, राष्ट्रीय महामंत्री महंत हरि गिरि, राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत मोहनदास महाराज को सभी संत महंतों ने बधाई देते हुए कहा कि पहली बार अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने फर्जी संतो के खिलाफ जो कदम उठाया है।
संतों महंतों ने अध्यक्ष श्री महंत नरेन्द्र गिरि को बधाई देते हुए कहा कि देश में जो इस समय फर्जी संतों महंतो ंने जो देश में घृणित कार्य करके संत समाज को बदनाम किया है। वह अपने आप में एक बहुत ही शर्मशार करने वाली घटना है। चाहे इसमें आशाराम बापू हो या राम रहीम हो या रामपाल हो या भीष्मानंद हो या निर्मल बाबा हो जो भी फर्जी बाबा या अपने आपको संत बताने वाला संत समाज की मर्यादा को भंग करेगा उसे समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं।
महंत सुरेन्द्रनाथ अवधूत ने कहा कि पूरे देश में संतों को भगत भगवान का स्वरूप मानते हैं पर इन फर्जी बाबाओं ने भक्तों के साथ खिलवाड़ करके संत समाज की गरिमा को गिराया है। जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। ऐसे फर्जी बाबाओं और फर्जी संत अपने आपको बताने वालों को समाज कभी माफ नहीं करेगा।
स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने फर्जी बाबाओं पर नकेल डालने पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद को बधाई देते हुए कहा कि अध्यक्ष श्री महंत नरेन्द्र गिरि महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि द्वारा जो अखाड़ा परिषद की बैठक में फर्जी संतो के खिलाफ निर्णय लिया गया है। उसका समस्त संत समाज स्वागत करता है। पहली बार अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने इतना बड़ा अहम फैसला लेकर देश में फर्जी बाबाओं के खिलाफ अभियान चलाकर एक मिसाल कायम की है जिसे संत समाज कभी भुला नहीं सकता।
दक्षिण काली पीठाधीश्वर म.म. स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने भी अखाड़ा परिषद के निर्णय को सर्वोपरि बताते हुए अध्यक्ष श्रीमहंत नरेन्द्र गिरि, महामंत्री श्रीमहंत नरेन्द्र गिरि को बधाई देते हुए कहा कि पहली बार अखाड़ा परिषद ने इतना बड़ा निर्णय फर्जी संतों के खिलाफ जो लिया है, वह स्वागत योग्य हैं।
स्वामी कृष्णानंद स्वामी रामस्वरूप महाराज ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के निर्णय को बहुत ही महत्वपूर्ण बताते हुए अध्यक्ष श्रीमहंत नरेन्द्र गिरि, राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि को बधाई का पात्र बताया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के निर्णय का सभी संत महंतों ने स्वागत किया। स्वागत करने वालों मंे म.म. स्वामी कपिल मुनि, स्वामी श्यामसुन्दरदास शास्त्री, स्वामी गोपाल मुनि, भारत साधु समाज के पंजाब जम्मू प्रान्त के अध्यक्ष स्वामी महादेव महाराज, महंत मोहनदास रामायणी, स्वामी चिद्विलासानंद, श्रीमहंत विनोद गिरि, महंत साधनानंद, स्वामी शिवानंद भारती, महंत भगवानदास, महंत विष्णुदास, महंत रघुवीर दास, महंत श्याम प्रकाश, महंत प्रेमदास सहित सभी संत महंतों ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा फर्जी बाबाओं और फर्जी महंतों पर की गई कार्यवाही का स्वागत करते हुए पूरी अखाड़ा परिषद टीम को बधाई दी। 

मैड संस्था ने चिकित्सालयों पर स्वच्छता बिगाड़ने का लगाया आरोप

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मेकिंग अडिफरेंस बाय बीइंग द डिफरेंस (मैड) संस्था ने अस्पताल एवं क्लीनिक जैव चिकित्सालय में उपयोग किए जा रहे सुई एवं सिरिंज सहित अन्य हानीकारण वस्तुए मिलने पर शहर के कुछ चिकित्सालयों पर स्वच्छता बिगाड़ने का आरोप लगाया है।

रविवार को मैड संस्था ने यह चौका देने वाली बात खुद के द्वारा संचालित की गयी एक सफाई एवं जागरूकता अभियान के के बाद एक जारी बयान में बताया कि अवशिष्ट अर्थात अस्पतालों में पाए जाने वाले कूड़े का सही तरह से निस्तारण नहीं किया जा रहा है और इस कूड़े को कूड़ेदान में न फेंककर सड़क पर फेका जा रहा है जिससे महामारी फैलने का ख़तरा है।

मैड पदाधिकारियों ने कहा कि संस्था द्वारा शहर में चलाया जा रहा स्वच्छता अभियानर में सड़कों पर इस तरह के अस्पताल में उपयोग की जाने वाली सूई व अन्य हानीकारण पदार्थ कूड़ेदान में पाए जा रह है।  आराघर चौक के समीप पुराने बस अड्डे के समक्ष खून के नमूनों के साथ साथ बैंडेड इत्यादि सामान यूँ ही कूड़े में सुई एवं सिरिंज भी मिलने लगे। जागरूकता अभियान के द्वारा संस्था ने ये भी पाया कि उस क्षेत्र के आस पास कई सारे नामी गिरामी एवं निजी तौर पर चिकित्सा प्रदान कर रहे अस्पताल एवं संस्थान मौजूद हैं।

मैड ने यह देखकर अभियान को जल्दी समाप्त किया और सीधे नगर निगम जाकर वहां बैठे कर्मचारी को कूड़े के ढ़ेर से मिली चीजों का एक सैंपल पेश कर दिया। रविवार होने के कारण नगर निगम अधिकारिक रूप से तो बंद था लेकिन मैड ने यह मन बना लिया है कि इस गंभीर मुद्दे पर वह सरकार के हर स्तर पर जरूर आवाज़ उठायेगी।

भारी बारिश के बीच हुए इस कार्यक्रम में शामिल होने वालों में से संस्थापक अध्यक्ष अभिजय नेगी, शार्दुल असवाल, विनोद बगियाल, पल्लवी भाटिया, सौरव जोशी शामिल रहे।

गुस्साई भीड़ पर बरसी लाठियां

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उधमसिंहनगर जिले के काशीपुर में एक किशोरी के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना से गुस्साये ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा। किशोरी के गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने क्षेत्र के कुंडेश्वरी चौक पर शव रखकर जाम लगा दिया घटना के बाद से ही किशोरी के परिजनों और ग्रामीणों में रोष है। वहीं मृतक किशोरी के परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। वहीं जाम लगने के बाद पुलिस ने ग्रामीणें की भीज को हटाने के लिए लाठियां भांजी।
काशीपुर के गुलजारपुर गांव निवासी एक किशोरी शनिवार शाम को खेत में घास काटने गर्इ थी। इस दौरान कुछ युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर किशोरी की गला घोंटकर हत्या कर दी। पौस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। घटना के बाद से ही किशोरी के परिजन और ग्रामीण बेहद आक्रोशित हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर उन्होंने कुंडेश्वरी चौक पर किशोरी का शव रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं कि जाती है, तब तक जाम नहीं खोला जाएगा। सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने में जुटी है,लेकिन देर तक जब ग्रामीण जाम लगाये बैठे रहे तो पुलिस ने ग्रामीणों पर लाठियां भांजना शुरु कर दिया जिससे भीड तितर बितर हो गया वहीं युवती के शव को परिजनों के हवाले कर दाह संस्कार करने की बात कहीं।

पति-पत्नी के विवाद में पत्रकार पर हमला

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पारिवारिक विवाद में मध्यस्थता कर रहे एक पत्रकार व उसके दोस्तों पर लड़के पक्ष के लोगों ने प्राणघातक हमला बोल दिया। लाठी-डंडे लैश करीब आधा दर्जन लोगों ने पत्रकार व उसके साथियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। उन्हें घायल अवस्था में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।

प्रेस क्लब से जुड़े पत्रकार डॉ. हिमांशु द्विवेदी का आवास विकास में निवास है। हिमांशु के पारिवारिक मित्र ज्ञान चंद्र कश्यप है। हिमांशु ने बताया कि ज्ञान चंद्र की बेटी संगीता कश्यप की शादी करीब 22 साल पूर्व ऋषिकेश के रायवाला निवासी रामेश्वर कश्यप से हुई थी। रामेश्वर रायवाला में आशु स्वीट के नाम से एक मिठाई की दुकान चलाते हैं। इसी दुकान पर आशु ने कुछ सालों से अपने रिश्तेदारों को बैठाना शुरू कर दिया। इसको लेकर संगीता और रामेश्वर में विवाद होने लगा। दोनों पति पत्नी के बीच आए दिन झगड़े होने लगे। हिमांशु ने बताया कि रामेश्वर संगीता के साथ मारपीट करता है। इसी बात को लेकर संगीता मायके आ गई है।
रविवार की सुबह हिमांशु अपने दोस्त ज्ञान चंद्र व उसके बेटे सुभाष और संगीता को लेकर रायवाला थाने में पुलिस शिकायत करने पहुंचे। वहां पर रामेश्वर के परिवार के लोगों से थाने में ही विवाद हो गया। इसके बाद हिमांशु व सभी लोग करीब एक बजे हरिद्वार आ गए। हिमांशु ने बताया कि लड़के पक्ष से रामेश्वर, अरविंद, सुमन, नीशू, सर्वेश, कन्नू और कई अज्ञात उनका पीछा करते हुए घर पर पहुंच गए। सभी के हाथों में लाठी-डंडे थे और उन्होंने हमला बोल दिया। हिमांशु, सुभाष ने विरोध किया, लेकिन सभी लोग मार-पीटकर फरार हो गए। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने घायल पत्रकार हिमांशु को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया है। घायल के अस्पताल में भर्ती होने के चलते पुलिस को तहरीर अभी नहीं दी गई है।