Page 211

कुछ खास और अलग है मुकेश का पेंटिंग स्टाईल

0

तस्वीरों की सबसे खास बात है कि वह आपको समय से पीछे लेकर जाते हैं और अगर तस्वीरें हाथ से बनाई गई हो तो मज़ा दोगुना हो जाता है। ऐसे ही एक युवा कलाकार हैं ऋषिकेश के मुकेश नेगी। उम्र केवल 22 साल लेकिन जब वह अपने पेटिंग ब्रश से कुछ बनादें तो ऐसा लगता है मानो किसी अनुभवी व्यक्ति ने चित्रकारी की हों।जी हां मुकेश एक बहुत ही युवा और उम्दा कलाकार हैं और अपनी पेंटिंग से उन्होंने हर किसी का मन मोह लिया है।

शुरुआती शिक्षा ऋषिकेश से लेने के बाद मुकेश ने देेहरादून से बी.कॉम किया है।परिवार में माता-पिता और भाई हैं।मुकेश की चित्रकारी की खास बात है वह अपने स्टाईल में पेंट करते हैं।

shoe design painting

बचपन से कला के बेहद शौकीन मुकेश ने शुरुआत कार्टून बनाकर की और समय के साथ उन्होंने पोर्ट्रेट में स्केचिंग करना शुरु किया।बदलते वक्त और अपने हुनर से मुकेश हर बार कुछ अच्छा और नया करना चाहते थे और अब वह ना केवल कागज की शीट पर पेंटिंग करते हैं बल्कि जूते और कपड़े पेंट करना भी मुकेश के हुनर का शानदार प्रदर्शन है।मुकेश से हुई टीम न्यूजपोस्ट से बातचीत में उन्होंने बताया कि, “उन्होने अपने दोस्तों के लिए जूते पेंट किए हैं और वह अपने दोस्तों के बीच बहुत लोकप्रिय है। दरअसल लोग पेंट तो करते हैं लेकिन जूतों पर पेंट करना वो भी बिना सीखे यह अविश्वसनीय है।लेकिन मुकेश वाकई में जूते और कपड़े पेंट करना पसंद करते हैं।”

अपने जूनुन को पूरा करने के लिए मुकेश हर रोज़ कुछ ना कुछ बनाते हैं और कहते हैं कि आने वाले समय में चाहे जो भी नौकरी करे पेटिंग करना मैं नहीं छोड़ सकता और हमेशा कुछ ना कुछ नया करता रहूंगा।

painting 3

टीम न्यूजपोस्ट से बातचीत में युवा कलाकार मुकेश कहते हैं कि, “एक शैली में पेंट नही करता बल्कि हर चीज में अपना हाथ आजमाता हूँ। चाहे वह चारकोल,पोस्टर,एक्रेलिक पेंटिंग,पेन,टैटू,इंक और हर तरह की चित्रकारी करना पसंद करता हूँ।” मुकेश को अपने पेंटिंग क्षेत्र में बहुत ज्यादा सहयोग ना मिलने के कारण वह फाईन आर्ट की डिग्री ना ले सके लेकिन फिर भी उनकी चित्रकारी किसी फाईन आर्ट की डिग्री धारकों से कम नही है।मुकेश कहते हैं कि, “जैसे कि ज्यादातर लोग सोचते हैं कि पेंटिंग और चित्रकारी का ज्यादा स्कोप नहीं मुझे भी यह आए दिन सुनने को मिलता है लेकिन फिर भी मैं बिना पेंट किए नहीं रह सकता।”

मुकेश जो अपने ब्रश से करते हैं वह वाकई सराहनीय है और टीम न्यूजपोस्ट मुकेश को उनकी पेंटिंग के लिए बहुत सारी शुभकानाएं देता है।

मसूरी आने वाले युवाओं के माता पिता से पुलिस क्यों करना चाहती है बात?

0

जो युवा अब पहाड़ों की रानी मसूरी का रुख करने वाले हैं उनके लिये शहर में घुसने के लिये अपने परिवार की इजाज़त लेनी ज़रूरी होगी। और बच्चों के पास माता पिता की परमीशन है या नही इसकी तस्दीक खुद मसूरी पुलिस करेगी।

मसूरी थाने की पहली महिला एसएचओ भावना कैंथोला ने इसकी तैयारी कर ली है। न्यूजपोस्ट से बात करते हुए उन्होने बताया कि “ये एक छोटी सी कोशिश है शहर में युवाओं के बीच बढ़ते शराब पीने और हुड़दंग करने के चलन को रोकने की।हम लगातार चैकिंग करेंगे और माता पिता की परमीशन को एक निरोधक की तरह इस्तेमाल किया जायेगा ताकि आने वाले समय में ये युवा भी बेहतर शहरी बन सके।”

देहरादून मसूरी के बीच के 33 किमी के रास्ते पर शराब पीकर गाड़ी चलाने की बढ़ती घटनाओं के कारण पुलिस ने कोल्हू खेत में चैकिंग अभियान शुरू कर दिया है। शराब पीकर गाड़ी चलाने को रोकने के लिये एसएचओ भावना अब पुरूष पुलिस बल के साथ साथ महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की तैयारी कर रही है।

पुलिस के इस कदम का मसूरी के लोग भी स्वागत कर रहे हैं। सुधांशु रावत की गाड़ी को पिछले महीने ही शराब के नशे में घुत छात्रों ने अपनी गाड़ी से टक्कर मार दी थी। वो कहते हैं कि “ज्यादातर माता पिता को इस बात के बारे मे जानकारी नही होती है कि उनके बच्चे देहरादून से मसूरी जा रहे हैं। ऐसे में न केवल छात्रों के लिये बल्कि सड़क पर चल रहे और लोगों के लिये भी ये छात्र खतरा बन जाते हैं। इस कदम से कम से कम छात्रों में डर रहेगा।”

मसूरी के व्यापारी रजत अग्रवाल कहते हैं कि “पुलिस इस कदम को किस तरह लागू करती है बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा। अगर जगह जगह इस तरह की चैकिंग होती रही तो शहर में यहां आने वाले रास्तों पर जाम लग सकता है जो कि व्यापार के लिये ठीक नही होगा।”

वहीं मसूरी निवसी गणेश सैली कहते हैं कि “ये सही तरीका है। मसूरी और आस पास के छात्रों में शराब पीकर हादसों का शिकार होना का चलन पिछले कुछ समय में काफी बड़ गया है।मसूरी देहरादून के रास्ते में हादसों को रोकने के लिये ये एक सार्थक कदम है।”

बहरहाल मसूरी में पुलिस के इस कदम को लेकर मिली जुली प्रतिक्रिया आ रही है पर इतना तो तय है कि लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को रोकने के लिये कुछ सख्त कदम उठाने की ज़रूरत है और ये उन्ही में से एक है।

मानकों की धज्जियां उडा रहे होटल

0

ऊधमसिंहनगर, बीते दिसंबर माह में मुंबई के कमला मिल कम्पाउंड स्थित मोजोस ब्रिस्टो पब में हुए अग्निकांड में 15 लोगों की जलकर मौत हो गई थी। पब में आपातकालीन रास्ता नहीं होने की वजह से लोग जान नहीं बचा सके थे। आग की घटना से सिख लेते हुए ऊधमसिंहनगर के एसएसपी सदानंद दाते ने अग्निशमन विभाग को होटल, बैंकट हॉल और स्कूलो में आग से सुरक्षा को लेकर इंतजाम जांचने के निर्देश दिए थे।

अग्निशमन द्वारा जाँच के बाद चौकाने वाला खुलासा हुआ है, जाँच में जिला मुख्यालय रुद्रपुर में होटल कृष्णा, अम्बर, कौशल्या रेजीडेंसी, कार्बेट इन, के के, सोनिया, कंचन तारा, गगन ज्योति, संगम मैरिज, मानसरोवर, राजमहल सहित 29 प्रतिष्ठानों और बैंक्वेट हॉलो के पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र ही नहीं है। और न ही अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम है। ऐसे में अगर आग की कोई घटना घटित हो जाए तो उस पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग पर ही निर्भरता है।

इतना ही नहीं कई प्रतिष्ठानों में आपातकालीन रास्ता भी नहीं है। रुद्रपुर के अग्निशमन अधिकारी हरीश गिरी ने बताया कि होटलों में आपातकालीन रास्ता होना बेहद जरुरी है। मानकों के अनुसार अग्निशमन उपकरण भी जरुरी है। शहर के 29 प्रतिष्ठानों अग्निशमन विभाग द्वारा खामिया पाई गई है जिसकी रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी जायेगी।

गाडी में लगाया बम्पर तो होगी सजा

0

रुद्रपुर, भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दो पहिया और चार पहिया वाहनों पर सुरक्षा के लिए लगाए जाने वाले बम्पर गार्ड और लेगगार्ड पर पावंदी लगा दी है। बंपर गार्ड लगे वाहनों को असुरक्षित मानते हुए मंत्रालय ने सभी प्रदेश के मुख्य सचिव परिवहन को पत्र भेजकर कार्यवाही के आदेश दिये है।

जिसको लेकर रुद्रपुर में जल्द ही अभियान शुरू कर गाड़ियों पर लगे बम्पर और लेगगार्ड़ को हटाने की कार्यवाही की जायेगी। रुद्रपुर एआरटीओ नन्द किशोर ने बताया की परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी आदेश प्राप्त हुआ है। जिसमे बम्पर गार्ड और लेग गार्ड लगे वाहनों के खिलाफ मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 190 और 191 के तहत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी साथ ही नन्द किशोर ने बताया की जल्द ही इसको लेकर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया इसका उल्हंघन करने पर धारा 190 के तहत एक हजार रूपए जुर्माना या तीन महीने की सजा और दोनो हो सकते है।

कार खाई में गिरी, चार घायल

0

मसूरी पर सूचना प्राप्त हुई कि हाथीपांव के पास एक गाडी सडक से 150 मीटर नीचे गहरी खाई में गिर गई है। उपरोक्त सूचना पर थाना मसूरी से पुलिस बल मौके पर गया तो जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि डस्टर गाडी वाहन संख्यां A/F में 4 लोग सवार थे।जो कि हाथीपांव से देहरादून की तरफ जा रहे थे।

हाथीपांव के पास अचानक संतुलन बिगडने पर डस्टर गाडी 150 मीटर खाई में नीचे जा गिरी । जिसमें पुलिस व स्थानीय लोगों द्वारा मौके पर पहुँचकर घायलों को खाई से निकालकर सी.एच.सी मसूरी मे भर्ती कराया गया। उक्त घटना के सम्बन्ध में घायल के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

जिले के विभिन्न विकास खंडों से होकर गुजरेगा बालिका रथ

0

गोपेश्वर। चमोली जिले में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बालिका सप्ताह मनाया जा रहा है। इस अवसर पर जिला मुख्यालय गोपेश्वर से बुधवार को एक बालिका रथ रवाना हुआ किया गया। यह रथ जिले के विभिन्न विकास खंडों से होता हुआ 24 जनवरी को जिला मुख्यालय पहुंचेगा। जहां पर बालिका सप्ताह पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
जिला मुख्यालय से रवाना हुआ बालिका रथ के बारे में जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम एवं बाल विकास अधिकारी संजय गौरव ने बताया कि 17 जनवरी को बालिका रथ घिंघराण, नन्दप्रयाग, मासों, देवखाल, त्रिशूला, चांदनीखाल व पोखरी में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को जागरूक किया जायेगा। 18 को खाल सरमोला, सेमी ग्वाड, कर्णप्रयाग, 19 को गौचर, आदिबद्री, दिवालीखाल, गैरसैंण, 20 को बगोली, नारायणबगड, मींगगधेरा, कुलसारी, थराली, देवाल, 21 को लंगासू व विकास खंड घाट, 22 जनवरी को चमोली, पीपलकोटी, 23 को पाखी, हेलंग-पैनी व विकास खंड जोशीमठ में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। बालिका रथ 24 जनवरी को जिला पंचायत गोपेश्वर में पहुंचेगा, जहां बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं पर भव्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। उन्होंने बताया कि नुक्कड नाटकों के माध्यम से भी गांव, बाजारों में लोगों को बेटी बचाओं बेटी पढाओं के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

26 जनवरी की तैयारियों में जुटा प्रशासन, मंच-दर्शक दीर्घा होगी वाटरप्रूफ

0

देहरादून। राजधानी देहरादून में 26 जनवरी की तैयारियां तेजी से चल रही है। बुधवार को जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने संयुक्त नेतृत्व में परेड ग्राउण्ड में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह के कार्यक्रमों के मद्देनजर परेड ग्राउण्ड में की जाने वाली विभिन्न तैयारियों का भौतिक निरीक्षण किया। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये।

जिलाधिकारी ने नगर निगम को परेड ग्राउण्ड में पूर्व में किये गये किसी भी अस्थायी निर्माण कार्य को हटाते हुए मैदान की साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा। गणतंत्र दिवस के लिए किये जाने वाले विभिन्न तैयारियों को समय से पूरा करने तथा मंच, दर्शक तथा सामान्य दीर्घा को वाटरप्रूफ तरीके से निर्मित करने के निर्देश दिए।
उन्होने उरेडा, ग्राम्य विकास, वन स्वजल, टूरिज्म एस.डी.आर.एफ, उद्योग, उद्यान, व बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदर्शित की जाने वाली झांकियों के आकार में एकरूपता रखने तथा अपर जिलाधिकारी वि/रा वीर सिंह बुदियाल को झांकी प्रदर्शित करने वाले सम्बन्धित विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए शीघ्रता से तैयारी करवाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने पुलिस, नगर निगम, लो.नि.वि और अन्य सम्बन्धित विभागों के साथ समन्वित भौतिक निरीक्षण में सभी विभागों द्वारा की जाने वाली सम्पूर्ण तैयारियों को हरहाल में 22 जनवरी तक पूर्ण करने के भी निर्देश दिये है।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदण्डे, नगर मजिस्टेªट मनुज गोयल, अपर जिलाधिकारी वि/रा वीर सिंह बुदियाल, पुलिस अधीक्षक नगर प्रदीप राय, परियोजना निदेशक डीआरडीए आर एस रावत, अधिशासी अभियन्ता लो.नि.वि ए.एस भण्डारी, जिला क्रीड़ा अधिकारी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

लघु उद्योग लगाने के लिये लोगों को किया जागरूक

0

गोपेश्वर,  उद्योग स्थापित करने के लिए युवा बेरोजगारों व स्थानीय काश्तकारों को जागरूक करने के लिए जिले में चल रहे अभियान के अंतर्गत भीमतला में बुनकरों तथा कालेश्वर में स्वयं सहायता समूहों के साथ कार्यशाला आयोजित की गई।

केंद्र व उत्तराखंड सरकार की सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति (एमएसएमई) के तहत कार्यशाला में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक डा. एमएस सजवाण ने उद्यम स्थापना के बारे में जानकारी दी। बताया कि पखवाडे का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक बेरोजगारों को बैंकों के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों, कार्यक्रमों व योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर उद्यम स्थापना के लिये पीएमईजीपी एवं एमएसएमई नीति से सब्सिडी युक्त ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार से जोडना है।

कहा कि इस योजना के तहत 40 लाख तक का ऋण कम ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। कहा कि जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम स्थापना की भरपूर संभावनाऐं है, जिसको तलाशने की आवश्यकता है। 

कोहरा छटने के बाद शुरु हुई नाव से आवा-जाही

0

ऋषिकेश, घने कोहरे के कारण नाव के संचालन पर तीन घंटे का ब्रेक लगा दिया। इससे पर्यटकों और स्थानीयों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कोहरा छटने के बाद नाव का संचालन शुरू होने पर ही लोग गंगा पार गए।  

रात से ही तीर्थनगरी घने कोहरे की चपेट में रही, स्वर्गाश्रम की तरफ से गंगा के दूसरे छोर पर सुबह कुछ नजर नहीं आ रहा था। ऐसे में गंगा नदी में सुबह आठ बजे जिन नाव का संचालन शुरू होता था वह कोहरे में विजिबिलिटी कम होने के कारण नहीं हो पाया। इससे नाव से गंगा पार जाने वाले पर्यटकों को निराश होना पड़ा। उन्हें मजबूरन पैदल ही रामझूला पुल से नदी पार करना पड़ा।

वहीं लोकल लोगों और स्कूल व कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्रों को भी नाव के न चलने से परेशान होना पड़ा। सुबह 11 बजे कोहरा हटने पर नाव का संचालन हो सका। इसके बाद ही पर्यटकों और लोकल लोंगो ने राहत की सांस ली।

नाव संचालक केके कुकरेजा का कहना है कि, “घने कोहरे में नाविक नाव का सही से संचालन नहीं कर पाते हैं। ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा को खतरा रहता है। इसिलए नाव का संचालन तीन घंटे बंद रहा।”

मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा होने के कारण दबी जुबान से कटाक्ष कर रहे अफसर

0

रुद्रपुर, एनएच 74 में हुए घोटाले में पीसीएस अफसरों के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई को लेकर पीसीएस संवर्ग में कहीं न कहीं असंतोष है, लेकिन मामला भ्रष्टाचार का है इसलिए अफसर खुल कर नहीं बोल पा रहे हैं। हालांकि दबी जुबान से पीसीएस अफसर पुलिस कार्रवाई पर कटाक्ष कर रहे हैं।

एनएच 74 में तीन पीसीएस अफसरों की गिरफ्तारी के बाद अब चौथे पीसीएस अधिकारी की गिरफ्तारी के लिए कानून का शिकंजा कसे जाने के बाद पीसीएस संवर्ग के अधिकारी नाराज हैं। मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा होने के कारण कोई अधिकारी खुल कर विरोध नहीं कर रहा है, लेकिन दबी जुबान से वह पुलिस कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। कहीं न कहीं उनकी प्रतिक्रिया नाराजगी भरी है।

जिस वक्त मुकदमा दर्ज हुआ था तो किसी ने यह उम्मीद नहीं की थी कि एसआईटी इतनी बड़ी कार्रवाई करेगी। दरअसल, पीसीएस संवर्ग के अफसरों को यह लग रहा है कि जिस तरह मौका मिलने पर पुलिस पीसीएस अफसरों के साथ व्यवहार कर रही है वह गलत है। अनौपचारिक रूप से पीसीएस अफसर यह बोलने से भी पीछे नहीं है कि जांच के नाम पीसीएस अफसरों को अपमानित किया जा रहा है। हालांकि एसआईटी फूंक फूंक कर कदम रख रही है और साक्ष्य मिलने पर ही आरोपी पीसीएस अफसरों को गिरफ्तार कर रही है। चूंकि मुकदमे में एसआईटी को निष्पक्ष विवेचना करनी है इसलिए वह साक्ष्यों को नजरअंदाज भी नहीं कर सकती।