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 ऋषिकेश: मोदी ने सुनी पुकार, दिया मदद का भरोसा

ऋषिकेश।  कहते है समय कब कैसे कैसे रंग दिखा दे इसका पता भविष्य के गर्त में छिपा होता है कुछ ऐसा ही हुआ है ऋषिकेश के सर्वहारा नगर में रहने वाली संतोष रस्तोगी के साथ जो अपने 20 साल बेटे के ईलाज के लिए उत्तराखंड के कई नेताओ से गुहार लगा चुकी थी। हर जगह से निराश होकर संतोष ने प्रधान मंत्री कार्यलय को ऑनलाइन मदद का खत लिखा, जिसको सज्ञान में लेकर नरेंद्र मोदी ने संतोष की मदद के लिए SDM ऋषिकेश को आदेश दिए।

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प्रधानमंत्री कार्यालय में पत्र भेजने वाली संतोष रस्तोगी ऋषिकेश के सर्वहारा नगर की रहने वाली है, उन्होंने अपने बेटे के इलाज के लिए पीएम मोदी से गुहार लगाई थी, उन्होंने कुछ दिन पहले अपने एक रिश्तेदार की मदद से पीएम को ऑनलाइन अपनी फरिवाद भेजी थी। जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से मामले में संज्ञान लेते हुए कार्यवाही के निर्देश दिए है।एसडीएम ऋषीकेश बृजेश कुमार तिवारी के पास पिछले हफ्ते नई दिल्ली पीएमओ के कार्यालय से फ़ोन आया, उन्होंने ऋषिकेश की महिला संतोष रस्तोगी का पता लगाने के लिए एसडीएम को निर्देश दिए।

आपको बता दे की संतोष रस्तोगी का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है, वो ठेल्ली लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण करती है। संतोष के पति ने बताया कि उनका बीस वर्षिय बेटा विशं पिछले 3 सालों से काफी बीमार चल रहा है, उनके बेटे का तीन बार ऑपरेशन हो चूका है लेकिन आर्थिक तंगी के चलते उनके लिए आगे का ईलाज कराना मुश्किल होता जा रहा है ऐसे में पीएमओ के आदेश से परिवार में नई आस जगी है।

नव रात्रों की पूजा का अंतिम दिन,माँ दुर्गा के नवे रूप सिधिदात्री रूप की पूजा

आज नव रात्रों की पूजा का अंतिम दिन है। आज के  दिन ही विष्णु के अवतार भगवान राम का जन्म धरती पर राजा दशरथ के घर हुआ था और आज के ही दिन  माँ दुर्गा के नवे रूप सिधिदात्री रूप की पूजा होती है। उत्तराखंड के ज्यादातर हिस्सों में  घर-घर में कन्याओ को  सिधिदात्री रूप में पूजा कर भोग लगा जिमाया  जाता है। हरियाली काट कर नवरात्रों वर्त की समाप्ति की जाती है। ऋषीकेश में भी हर मंदिर और घरो में कन्याओं को पूजा जा रहा है और जगह जगह भंडारे कर मर्यादा पुर्शोतम  भगवान राम का जन्म दिन बड़े उल्लास के साथ मनाया जा रहा है।

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ऐसे में आपको दर्शन कराते है ऋषिकेश – देहरादून रोड पर घने जंगलों के बीच स्तिथ माँ मन्निच्छा देवी के मंदिर के- उत्तराखंड को माँ गोरी का माएका और ससुराल दोनों कहा जाता है। यहाँ शक्ति के दुर्गा स्वरुप के कई सिद्धपीठ मंदिर है। ऐसा ही एक मंदिर है ऋषिकेश – देहरादून रोड में घने जंगल के बिच माँ मन्निच्छा देवी, जिसमे सिद्धिदात्री माँ गोरी की पूजा की जाती है। मान्यता है की यहाँ के दर्शन मात्र से ही देविमा मन की इच्छा की पूर्ति करती है,इसलिए इसका नाम मन्निच्छा देवी पड़ा। कहते है रात्रि  में मंदिर में शेर और बाग़ भी आते है, और हाथी भी समय समय पे श्रद्धालुओं के द्वारा देखे जाते है। घने जंगलों में प्रकृर्ति के बीच यहाँ की छठा अनूपम है जिसकी दर्शन से मन को नयी ऊर्जा मिलती है। श्रद्धालु कहते है की माँ उनकी हर इच्छा की पूर्ति करती है तभी वो हर साल नवरात्रियों में यहाँ आते है।  

उत्तराखंड के पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

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गर्मी से परेशान शहर वासियों के लिए इस वक्त मौसम विभाग किसी भगवान से कम नही है। जी हां,मौसम विभाग के अनुसार आज देर रात से राहत मिल सकती है। इसके साथ ही उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागड़ के कुछ स्थानों में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विज्ञान केंद्र ने जारी की है इसे लेकर मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने भी समन्धित जिला अधिकारियो को एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। बढ़ते पारे पर अब कुछ दिन ब्रेक लग जाएगा।
इससे न केवल राजधानी बल्कि पर्वतीय जिलों के कस्बो कक भी राहत मिलेगी। सोमवार को देहरादून का तापमान अन्य दिनों की तरह गर्म रहा। हलाकि अभी उमस ने परेशान करना शुरू नहीं किया है।इस गर्मी से कुछ हद तक मंगलवार रात से राहत मिल जाएगी। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि उत्तरी दिशा से अपना असर पंजाब से पश्चिम बंगाल तक दिखा रहा है। लिहाजा, उत्तराखंड में भी बारिश होगी। इस दौरान तापमान में एक से डेढ़ डिग्री तक की गिरावट होगी। बारिश चार अप्रैल की रात से सात अप्रैल तक होगी।
गौरतलब है कि कुछ दिनों से देहरादून का तापमान 35 डिग्री से ऊपर चल रहा है

हल्द्वानी जेल में कैदियों के लिये नहीं है पीने का पानी

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हल्द्वानी जेल प्रशासन कर्जदार तो बना ही, प्यासा भी रह गया। जेल में पेयजल की भारी किल्लत बनी हुई है। जेल प्रशासन के लिये तब हालात बगले झांकने जैसे हो गये जब जिला जज, डीएम व एसएसपी के निरीक्षण में कैदियों ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग की है। अफसरों ने भोजन गुणवत्ता, आवासीय आदि व्यवस्थाओं के बारे में भी कैदियों से मालुमात की।

जिला जज कुमकुम रानी, जिलाधिकारी दीपक रावत व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खंडूरी ने शनिवार को उप कारागार का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कारागार के बैरकों में जाकर कैदियों से भोजन गुणवत्ता, आवासीय व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा के सम्बन्ध में कैदियों से मालूमात की। इस दौरान कैदियों ने पेयजल किल्लत, मेडिकल संबंधी समस्या उठाई। डीएम ने मौजूद जेलर मनोज आर्या को कैदियों को दिये जाने वाले पेयजल, भोजन की गुणवत्ता एवं पौष्टिकता का ध्यान रखने के निर्देश देते हुए मेडिकल चेकअप भी करायें।

निरीक्षण के दौरान सिविल जज सीनियर डिवीजन राजीव धवन भी मौजूद थे। गौरतलब है कि उप कारागार में 811 कैदी है। जेल में टयूबेवल के बावजूद पेयजल किल्लत की समस्या से कैदी परेशान हैं। दरअसल जेल प्रशासन ने जल संस्थान का लंबा चौड़ा बिल जमा नहीं कराया है। ऐसे में जेल प्रशासन कर्जदार तो बन गया लेकिन प्यासा रह गया। इधर जल संस्थान के अफसरों के अनुसार जेल पर करीब आठ लाख रुपये बकाया था अब संयोजन काट दिये गये हैं कुछ उनका बिल कम होना है लेकिन अभी तक बिल जमा नहीं कराया गया है।

वहीं उधमसिंह नगर में जेल निर्माण के लिए 40 एकड़ जमीन चिन्हित कर ली गई है। वहां जेल का निर्माण हो जाने से इस जेल पर कैदियों का दबाव कम हो जायेगा। चूंकि यहां 811 कैदियों में अधिकांश उसी जिले के रहने वाले हैं। यह जानकारी अफसरों के जेल निरीक्षण के दौरान प्राप्त हुई।

 

आखिर कैसे निपटेगा फायर सीजन से वन महकमा

उत्तराखंड में सूरज का सितम बढ़ता जा रहा है अप्रैल की शुरुआत में पारा सालों का रिकार्ड तोड़ रहा है। आने वाले दिनों में स्थति और भी खराब हो सकती है। ऐसे में उत्तराखंड के वनों में फायर सीजन की शुरुआत हो चुकी है विभाग फायर लाइन दुरुस्त करने में जुटा है लेकिन वन विभाग की आग से निपटने की शैली आज भी सदियो पुरानी है जो विभाग की पोल खोल रही है।
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उत्तराखंड अपने भौगोलिक स्थिति में वनों के बीच बसा प्रदेश है जंहा नजर दौड़ाओं वही पहाड़ और वनों का सुन्दर नजारा दिखता है। बीते कुछ सालो में उत्तराखंड में तेज़ी से वनों का दोहन और हनन हुआ है जिस के पीछे वन माफिया और आग मुख्य कारण रहे है। गर्मियां शुरू होते ही जंगलो में फायर सीजन की शुरुवात हो जाती है जिसमे बेशकीमती लकड़ी के साथ साथ कई वनस्पतियां और जीव  जंतु जल कर ख़ाक हो जाते है। ऐसे में वन विभाग के आग से निपटने के तैयारियों पर सवाल उठने लाजमी है विभाग आज भी सदियो पुराने पारम्परिक,साधन विहीन तरीको से आग से लड़ने की तैयारी करता है। 
ऐसा नहीं है कि वन विभाग के पास उपकरण नहीं है उपकरण है लेकिन साहब ने रेंज कार्यालय में इन उपकरणों को शोपीस बना कर रखा हुआ है। देखिये ये है ऋषिकेश बड़कोट रेंज ऑफिस का नजारा जंहा आग से निपटने के लिए सब कुछ उपकरण है।सिर्फ डेमो के लिए ,वन कर्मी पेड़ो से डंडिया तोड़ कर फायर सीजन से लड़ने की तैयारी करते है। 

मुझ पर लगे आरोप बेबुनियाद: एसडीएम

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काशीपुर। कटोराताल पुलिस चौकी में पुलिस हिरासत में हुई जियाउद्दिन की मौत के मामले में परिजनों ने आरोप लगाया कि उन पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है जिसमें बिना वर्दी वाले कुछ पुलिस कर्मी उनके घर आकर दबाव बना रहे हैं और उनको धमकी दे रहे हैं।वहीं उन्होने कहा कि एसडीएम द्वारा मजिस्ट्रीयल जांच के दौरान उन पर कोई दबाव नहीं बनाया गया है।

सोमवार को एसडीएम ने अपने कार्यालय में एक प्रेस वार्ता कर बताया कि उनपर दबाव बनाने के आरोप निराधार व बेबुनियाद है। और परिजनों को विशवास में लेकर उनके भी बयान मीडिया के सामने करवाये। दूसरी तरफ अधिवक्ता नें कहाँ कि हाईकोर्ट में आगामी तारीख पर वो इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करेंगे और जांच को प्रभावित करने वालों के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर करेंगे।

मदिरा के विरोध में उतरी मर्दानी

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कालाढूंगी। शराब की दुकान स्थानांतरित करने को लेकर कालाढूंगी में विरोध शुरू हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कालाढूंगी स्थित देसी व अंग्रेजी शराब की दुकानें गली नंबर सात में धोबी घाट के समीप प्राथमिक विद्यालय के समीप खोले जानी की तैयारी है। इसकी सुगबुगाहट मिलते ही लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। साथ ही शराब की दुकानें न हटाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रस्तावित शराब की दुकानों के समीप राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय कालाढूंगी, मुस्लिम समुदाय का धार्मिक स्थल व शहीद ऊधमसिंह पार्क स्थित है। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

खनन कारोबारियों ने की बैठक

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काशीपुर, खनन कारोबारियों ने बैठक कर खनन बचाओ समिति का गठन किया । अमरवीर शर्मा को सर्वसम्मति से समिति का अध्यक्ष बनाया गया । अमरवीर शर्मा ने कहा कि क्षेत्र की 80 प्रतिशत जनता प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से खनन के कार्य से जुड़ी हुई है। शासन की ओर से कोसी नदी में ढाई दर्जन खनन पट्टे स्वीकृत किए हैंजिसमें फरवरी से जुलाई तक खनन चुगान का कार्य होता है।

उच्च न्यायालय ने चार माह के लिए खनन निकासी पर प्रतिबंध लगाए जाने से पट्टाधारकों के सामने किश्त चुकाने की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं वाहन स्वामियों से  किश्तों पर लिए गए वाहनों के पैसों की भरपाई नहीं हो पाएगी। खनन कार्य से ही हजारों श्रमिकों की रोजी-रोटी चलती है। इसके पश्चात उन्होंने कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य को ज्ञापन भी सौंपा।

इस मामले में कोई बीच का रास्ता निकालने का अनुरोध किया। इस पर कैबिनेट मंत्री ने खनन कारोबारियों को बताया कि प्रदेश सरकार उच्चतम न्यायालय की शरण ले रही है तथा जल्द ही वैध खनन की अनुमति मिल जाएगी ऐसी उम्मीद है। क्योंकि प्रदेश में विकास के लिये एक भाग राजस्व के रूप में खनन से भी मिलता है ! जिसके लिये सरकार प्रयासरत है।

8 अप्रैल से शुरु होगा एडवेंचरस साइकलिंग एमटीबी चैलेंज

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एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के मकसद से टूरिज्म डिपार्टमेंट और साइकलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से माउंटेन बाइकिंग प्रतियोगिता 8 अप्रैल 2017 से शुरू होने वाली है, जो 16 अप्रैल तक चलेगी। 8 अप्रैल से शुरू होने जा रही ”द अल्‍टीमेट उत्‍तराखंड हिमालयन एमटीबी चैलेंज” के तीसरा संस्‍क्‍रण की प्रतियोगिता के लिए रजिस्‍ट्रेशन फ्री रखा गया है। गौरतलब है कि माउंटेन साइकिल रेस उत्‍तराखंड हिमालयन माउंटेन ट्रैक बाइकिंग में 10 से 15 देशों से आयें 50 सर्वोच्च और फिट साइक्लिस्ट फाइनल रेस में हिस्सा लेंगे। इस वर्ष माउंटेन ट्रैक बाइकिंग एमटीबी का रूट 884 किलोमीटर का होगा। जो नैनीताल से शुरू होकर पिथौडागढ, बागेश्‍वर, कर्णप्रयाग, गुप्‍ताकाशी, टिहरी, चिन्‍यालिसौर, होते हुृए मसूरी आयेगी।

यूटीडीबी के डायरेक्‍टर इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर आर के जोशी के मुताबिक इस इवेंट को दो बार सफलतापूर्वक आयोजित करने के बाद अब यह तीसरा आयोजन करने जा रहे हैं। उन्‍होंने आगे बताते हुए कहा कि इस प्रतियोगिता के आयोजन से प्रदेश में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। माउंटेन बाइकिंग चैलेंज के लिए भी राइडर्स देश विदेश के विभिन्‍न क्षेत्रों से यहां आयेंगे। इस तरह की प्रतियोगिता के आयोजन से देश एवं विदेश में सुरक्षित उत्‍तराखंड का संदेश पहुंचाने में भी सफलता मिलेगी। स्‍थानीय युवाओं का आकर्षण भी माउंटेन बाइकिंग के प्रति बढेगा।

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उन्‍होंने बताया कि यूं तो एमटीबी बाईक रैली का आगाज 8 अप्रैल होगा लेकिन इससे पहले 7 अप्रेल को नैनीताल में प्री क्‍वालिफाइंग रेस का आयोजन किया जाएगा। प्री क्‍वालिफाइंग रेस के आधार पर ही प्रतिभागी इस रेस में भाग लेंगे।

एनएच घोटाले में बीस और कर्मचारियों पर लटकी तलवार

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मुआवजा घोटाले में निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। 20 से ज्यादा कर्मचारी चिह्नित कर लिए गए हैं, जिन पर कार्रवाई के लिए शासन के इशारे भर का इंतजार है। डीएम ने इन कर्मचारियों की सूची भी शासन को भेज दी है। ये कर्मचारी न सिर्फ कृषि भूमि को अकृषक बताकर रिपोर्ट देने बल्कि रिकॉर्ड की चोरी और नुकसान के भी जिम्मेदार माने गए हैं।

एनएच चौड़ीकरण की आड़ में मुआवजा घोटाले ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। जांच में घोटाले का दायरा बढ़कर ढाई सौ करोड़ पहुंच चुका है। साफ हो चुका है कि अपने अधिकारों से बाहर जाकर भू स्वामियों पर जमकर कृपा बरसाई। यह सब कमीशनखोरी के लिए हुआ। अब जांच में परतें खुल रही हैं और छोटे-बड़े सभी अधिकारी-कर्मचारियों की गर्दन फंसती जा रही है।

कमिश्नर ने भी शासन को पूरे मामले से अवगत कराते हुए स्वतंत्र एजेंसी से जांच की वकालत की है। शासन-प्रशासन के रुख से दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों की सांसें भी तेज हो चली हैं। तहसील, एसडीएम, चकबंदी, एनएचएआइ और एसएलएओ कार्यालय समेत कई विभागों के दो सौ से अधिक कर्मचारी और अधिकारी जांच के दायरे में हैं। फिलहाल 20 कर्मचारी चिह्नित कर लिए गए हैं। इनमें उन तहसीलों के कर्मचारी भी हैं जहां से रिकार्ड गायब हैं।

इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पहले ही भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलेरेन्स पाॅलिसी की वकालत करते रहे हैं। ऐसे में ये देखने लायक होगा कि नई सरकार के आने के बाद रफ्तार पकड़ी ये जांच कितना जल्दी अपने अंजाम तक पहुंचती है।