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मानसरोवर यात्रा में इस बार रिकार्ड-तोड़ रजिस्ट्रेशन

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नैनीताल। कुमाऊं मंडल विकास निगम से संचालित कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए इस बार रिकार्ड शिवभक्तों ने आवेदन किया है, यात्रा के लिए आवेदनों की संख्या 4500 पार कर गई है, केएमवीएन प्रबंधन ने माह अंत तक यात्रा मार्ग की रेकी के लिए दल का भी गठन कर दिया है।

मानसरोवर यात्रा इस बार आठ जून से आरंभ होगी और पहला दल 12 जून को काठगोदाम पहुंचेगा। इस बार कुमाऊं के रास्ते 18 दल यात्रा पर जाएंगे। प्रत्येक दल में अधिकतम 60 यात्री शामिल होंगे।

पिछले साल से सिक्किम के नाथुला दर्रे से भी मानसरोवर के लिए चीन द्वारा मार्ग खोला गया है। वहां से करीब चार सौ यात्री शिव के धाम जाएंगे। पिछली बार 2604 शिवभक्तों ने यात्रा के लिए आवेदन किया था, जो इस बार साढ़े चार हजार से अधिक की संख्या पर हो चुकी है। आदि कैलास जाएंगे 20 दल

केएमवीएन संचालित आदि कैलास यात्रा पर इस बार 20 दल भेजे जाएंगे। इस बार ट्रायल व अतिरिक्त दल भी रूट का जायजा लेने जाएगा। पहला दल नौ जून को रवाना होगा। जीएम त्रिलोक मर्तोलिया ने बताया कि अब तक 284 भक्तों ने बुकिंग करा ली है। पिछली बार 222 शिवभक्त आदि कैलाश की यात्रा पर गए थे। यह संख्या इस बार बढ़ने  की पूरी उम्मीद है।

हल्द्वानीः तपती गर्मी से लोगों को मिली राहत 

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हल्द्वानी। पहाड़ में बूंदाबांदी से मंगलवार को तराई-भागों में अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट आई। मंगलवार को हल्द्वानी, पंतनगर में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जिससे लोगों ने तपती गर्मी से राहत महसूस की। जबकि नैनीताल में 26.0 व मुक्तेश्वर में तापमान 25.2 डिग्री के आसपास ठहरने से मौसम सुहावना रहा।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार की शाम को तराई-भाबर में मौसम का मिजाज बदल गया। दिनभर आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहे। दोपहर बाद तेज हवा चलने लगी और देर शाम कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हुई। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि अगले 48 घंटों में पिथौरागढ़, बागेश्वर सहित अन्य पर्वतीय जिलों में भारी बारिश के आसार है, जबकि तराई-भाबर में भी अनेक स्थानों पर बुधवार को बारिश की संभावना है।

विभागीय समीक्षा की बैठक में डीएम ने राज्य मंत्री को दिया करारा जवाबःडीएम पसंद नहीं तो बदलवा दें

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अल्मोड़ा। विभागीय समीक्षा की बैठक में डीएम ने राज्य मंत्री को दिया गया करारा जवाब मंत्री के ईगो को हर्ट कर गया। अल्मोडा में बैठक के दौरान महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्या व डीएम सवित बसंल की बातचीत में तल्खी चर्चा में रही।

सर्किट हाउस में राज्यमंत्री रेखा आर्या विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेने पहुंची। इससे पहले ही उन्होंने डीएम सविन बंसल से कुछ मामलों में आपत्ति जताई। वहीं डीएम पर जनशिकायतों के प्रति रिस्पांस ना देने की बात कह कर सवाल जड दिया। इस पर डीएम बोले – ‘इसका जवाब जनता ही देगी। जनसमस्याओं का निदान उनकी प्राथमिकता में शामिल है, आम ग्रामीण भी उनसे सीधे आकर मिलते हैं और संतुष्ट होकर लौटते है।’

फिर राज्यमंत्री ने अल्मोड़ा शहर की वन-वे ट्रैफिक को जनसुविधा के लिए बदलने की बात कही। डीएम ने उच्चतम न्यायालय की गाइड लाइन का हवाला दिया। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सड़क सुरक्षा एक्ट के तहत यह व्यवस्था बनाई गई है। लिहाजा इसमें जल्दी में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। इस पर असहज राज्यमंत्री ने डीएम को यह कह कर घेरने का प्रयास किया कि ‘डीएम साहब! आप फोन भी रिसीव नहीं करते, ऐसा क्यों?’

डीएम ने जवाब दिया जिलाधिकारी का फोन रिसीव होता है या नहीं इसका फीडबैक जनता से ले लीजिए। पास ही खड़े एसएसपी डीएस कुंवर की ओर देखने के बाद राज्यमंत्री ने लगे हाथ पूछ ही लिया कि उनके पति के खिलाफ दर्ज मुकदमे का क्या हुआ। इस पर डीएम शालीनता से बोले- ‘मैडम, आप अपने विभाग की समीक्षा बैठक लें। सार्वजनिक रूप से इस पर बात नहीं की जा सकती। वह मुख्यमंत्री, गृहमंत्री या गृहसचिव से ही बात करेंगे’ वहीं डीएम राज्य मंत्री की भावना समझ गये और खुद ही जवाब दे दिया, आपको अगर डीएम पसंद नहीं तो बदलवा दें।

बहरहाल, इस तल्खी के बाद विभागीय समीक्षा बैठक शुरू हुई। इसमें डीएम व एसएसपी भी शामिल रहे। गौरतलब है कि कि राज्यमंत्री के पति बरेली निवासी गिरधारी लाल पप्पू के खिलाफ चुनाव के समय मुकदमा दर्ज किया गया था।

एसएसपी ने खरीदी शराब फिर मारा छापा

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उधमसिंह नगर, अवैध शराब बेचने वालों को हौंसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने छापा मारने गए एसएसपी को ही शराब परोस दी। इस पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। साथ ही एसएसपी ने चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया। मोहल्लों में परोसी जा रही शिकायत की सच्चाई जानने के लिए एसएसपी डॉ. सदानंद दाते खुद भदईपुरा पहुंच गए। यहां वह सादे पकड़ों में गए। वहां का माहौल देखकर वह खुद हैरत में पड़ गए। खुलेआम घरों में लोगो को शराब परोसी जा रही थी। जब वह वह बैठे तो उन्हें भी शराब परोस दी गई।

हालात देख एस एस पी का पारा चढ़ गया। उन्होंने चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया। साथ ही चौकी में तैनात कर्मियों की जाँच बैठा दी। एसएसपी  की कार्यवाही से हड़कंप मच गया। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने फोर्स के वहा पहुंचने पर तुरंत ही सभी पुलिस कर्मियों के मोबाइल कब्जे में ले लिए। उन्होंने मोबाइल पर आई काल के नंबरों पर खुद फोन कर जांच की कि कहीं किसी पुलिस कर्मी ने शराब माफियाओ को तो पुलिस के पहुंचने से पहले जानकारी दो नहीं दी।

कार्यभार संभालने के बाद एस एसपी डॉ दाते ने अवैध शराब व खनन के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिए थे। उसके बाद भी लगातार शराब की गली मोहल्ले में  बिक्री की शिकायत मिल रही थी। रविवार रात पंतनगर में भी शराब माफियाओ ने एक परिवार के चार लोगो पर हमला कर घायल कर दिया था।

इस पर एसएसपी कड़ा रुख अपनाते हुए गत रात प्राइवेट आल्टो कार से सादे कपड़ो में रम्पुरा चौकी अंतर्गत भदईपुरा पहुंच गए। एसएसपी भी जब शराब पी रहे लोगों के बीच बैठे तो उनको भी शराब परोस दी गई। इस पर उन्होंने तुरंत फोन कर फोर्स बुला लिया। इसी दौरान किसी ने उनको पहचान लिया। इस पर वहां शराब पी रहे लोगं में भगदड़ मच गई। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। एसएसपी ने तुरंत चौकी इंचार्ज भीम भास्कर आर्य को सस्पेंड कर दिया।

एसएसपी डॉ. दाते ने बताया अपर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा रम्पुरा पुलिस चौकी में तैनात कर्मियों की शराब के कारोबार में संलिप्तता की जांच कर रिपोर्ट देंगे। जांच में संलिप्तता मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

डीएम दीपक रावत का एक और कदम,पानी के दुरुपयोग पर की कार्रवाई

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हल्द्वानी, भाबर में पानी की किल्लत के मद्देनजर प्रशासन ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान काठगोदाम में एक सर्विस सेंटर सील करने के साथ ही आधा दर्जन गैराज आदि के पानी के संयोजन ठप कर दिये गये हैं। इसके अलावा दो भवन निर्माणाधीन भवनों के भी पानी कनेक्शन बंद करवा दिये गये। डीएम की औचक छापेमारी से व्यवसायियों में हड़कंप मचा रहा।

जिलाधिकारी दीपक रावत ने सोमवार को जल संस्थान की टीम के साथ शीशमहल काठगोदाम से सर्विस सेंटरों के खिलाफ अभियान चलाया। वहां एक सर्विस सेंटर को सील कर दिया गया। इसके अलावा नैनीताल रोड के खत्री गैराज, कपीस गैराज, अजय मोटर्स, बालाजी ट्रेडर्स, देवी सर्विस सेन्टर में औचक छापेमारी कर जल संयोजन बंद करवा दिये। साथ ही हजार रुपये का जुर्माना मौके पर ही वसूला गया।

रामपुर रोड में हीरो के बाइक शोरूम में भी अभियान चलाया गया। इस बीच नैनीताल रोड व रामपुर रोड में दो भवनों के निर्माण पर भी संयोजन बंद करवा दिये गये। इस बीच डीएम रावत ने स्पष्टï किया कि जो भी पेयजल का दुरूपयोग करते हुये पाया जायेगा। जनहित में उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जायेगी। वहीं गर्मी बढऩे के साथ ही गौला नदी का जल स्तर गिरता जा रहा है। बारिश न होने से इसमें और गिरावट आयेगी। गौला का जल स्तर वर्तमान में 80 क्यूसेक है।

इधर पिछले दिनों डीएम ने निरंतर गिरते जल स्तर के कारण शहर में पेयजल की समस्या को देखते हुये निर्माण कार्य एवं सर्विस सेंटरों में वाहन आदि धोने पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसी के मद्देनजर प्रशासन ने सोमवार को कार्रवाई की। पेयजल लाइनों में टूल्लू पम्प लगाने पर पूर्ण प्रतिबन्ध है। टूल्लू पम्प लगाने वाले के खिलाफ भी निरंतर छापेमारी अभियान चलाकर कड़ी कार्यवाही की जायेगी इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट केके मिश्र, अधिशासी अभियता जल संस्थान संतोष उपाध्याय, जेई कृष्ण चंद्र बुधानी, उपनगर आयुक्त नगर निगम नीरज जोशी, एसएनए दिलीप कपूर, कर अधीक्षक विजेंद्र चौहान आदि मौजूद थे।

लालकुआं, स्टोन क्रेशरों पर ताबड़तोड़ छापामारी, तीन करोड़ का लगाया जुर्माना

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राज्य में खनन बंद करने के कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने अवैध खनन को लेकर भी मोर्चा खोल दिया है। खान विभाग व प्रशासन की संयुक्त टीम ने बरेली रोड़ पर पांच क्रशरों के भंडारण स्थल समेत छह क्रशरों पर ताबड़तोड़ छापामारी की। इस दौरान सभी क्रशरों से भारी मात्रा में अवैध उपखनिज पाया गया, जिस पर टीम ने क्रशरों पर तीन करोड़ 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

खनन बंद होने के बाद प्रशासन को गौला से अवैध खनन की लगातार शिकायतें मिल रहीं थी। अवैध खनन से निकाले गए उपखनिज को क्रशरों व भंडारण स्थलों में खपाने की आशंका को देखते हुए सोमवार को एसडीएम उप जिलाधिकारी एपी बाजपेयी व खनन विभाग के उपनिदेशक कुमाऊं राजपाल लेघा के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने छापामारी अभियान चलाया। इस दौरान टीम सबसे पहले पाल भवान सिंह नवाड़ स्थित पाल स्टोन क्रशर के भंडारण स्थल पहुंची।

यहां पर पैमाइश करने पर 4256 घनमीटर अवैध उपखनिज पाया गया। इस पर टीम ने क्रशर पर 41.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसके बाद हिमालय स्टोन क्रशर के भंडारण स्थल, हल्दूचौड़ परमा स्थित कृष्णा स्टोन क्रशर के भंडारण स्थल, जगदंबा स्टोन क्रशर के भंडारण स्थल में अवैध उपखनिज मिला। वहीं परमा स्थित एलएससी इंफ्राट्रैक में 12305 घनमीटर अवैध उपखनिज पाया गया। इसके अलावा हल्दूचौड़ के देवरामपुर स्थित सागर स्टोन क्रशर में 5335 घन मीटर उपखनिज कम पाया गया। इसे अवैध परिवहन की श्रेणी में मानते हुए 51.88 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कुल मिलाकर सभी भंडारण स्थलों व स्टोन क्रशरों पर तीन करोड़ 11 लाख 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।

जंगल की आग बुझाते एक कर्मचारी खाई में गिरा

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नैनीताल, उत्तराखण्ड में आजकल जंगलों में आग लगने का मौसम शुरू हो गया है, लेकिन आग बुझाते वन कर्मियों को आग से निबंटने में अपनी जान पर बन आ रही है। नैनीताल की मल्लीताल पहाड़ी में ऐसा ही एक वाकया कैमरे में कैद हो गया जहाँ आज बुझाते हुए वनकर्मी फिसलकर पहाड़ी से नीचे जा गिरा। वनकर्मी की जान तो बच गई लेकिन इस जोखिम भरे काम में विभाग के कर्मचारियों को रोज खतरों से दो चार होना पड़ता है।

नैनीताल समेत अन्य पहाड़ों में पतझड़( सूखे पत्तों के झड़ने) का समय आने के बाद हलकी सी चिंगारी भी बड़ी आग का रूप ले लेती है। उच्च न्यायालय के हाल के आदेशों के बाद वन महकमा भी खास चुस्त नजर आ रहा है। न्यायालय ने आग पर 24 घंटे तक काबू नहीं करने पर डी.एफ.ओ.को सस्पेंड, 36 घंटे में आग पर काबू नहीं करने पर कंजरवेटर और 48 घंटे आग पर काबू नहीं करने पर चीफ कंजरवेटर को सस्पेंड करने के आदेश दिए थे।

यही कारण है कि आजकल आग लगने के साथ ही अधिकारी सक्रीय होकर क्षेत्रीय कर्मचारियों को लगाकर आग में काबू करने में तत्पर रहते हैं। ऐसे ही आज सवेरे मल्लीताल के राजपुरा कम्पाउंड स्थित जंगल में आग लग गई जिससे वन सम्पदा को भारी नुकसान पंहुचाना शुरू हो गया। जंगल की आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग के पसीने छूट गए। आग पर काबू पा रही वन विभाग टीम की टीम के एक सदस्य का पैर आग बुझाते हुए फिसल गया जिससे वो रगड़ता हुआ पहाड़ी से सड़क तक नीचे जा गिरा। हालांकि घटना में वनकर्मी को मामूली सी चोटें आई है लेकिन अगर ये कर्मचारी आग में जाकर गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था । आग पर फिलहाल काबू पा लिया गया है।

जल्द ही टेलीमेडिसिन सेवा से जुड़ेगा केदारनाथ धाम

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उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के तहत टेलीमेडिसिन की सुविधा शुरु करने की योजना है।प्रदेश में इससे पहले भी यह योजना कई बार बनाई जा चुकी है लेकिन कभी भी यह योजना पूरी नहीं हो पाई है।यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं में नई जान फूंकने के लिए केदारनाथ में इस साल से इसकी शुरुआत की जा सकती है।इस कवायद को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।अगर यह योजना परवान चढ़ी तो इसका फायदा केवल यात्रियों को ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय लोगों को भी इससे बहुत लाभ मिलेगा।

इस योजना की शुरुआत से ना सिर्फ आसपास के विशेषज्ञता वाले अस्पतालों के डाक्टर मरीज देखेंगें, बल्कि अखिल भारती आयुर्विज्ञान संस्थान व पीजीआइ चंडीगढ़ तक के विशेषज्ञ इससे जुड़ सकेंगे।

टेलीमेडिसिन योजना भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो) की मदद से अमल में लाई जाएगी। उत्तराखंड के चार धाम गंगोत्री,यमुनोत्री,केदारनाथ, और बद्रीनाथ को इससे जोड़ा जाएगा।इस योजना की शुरुआत केदारनाथ धाम से कि जाएगी।टेलीमेडिसिन केंद्र में वी-सैट, वीडियो कांफ्रेंसिंग उपकरण, टेलीमेडिसिन साफ्टवेयर के साथ डायग्नोस उपकरण जैसे ईसीजी मशीन और एक्स-रे स्कैनर आदि की सुविधा होगी।

स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक इस योजना के संबंध में राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।प्रस्ताव में टेलीमेडिसिन के साथ ही एयर एंबुलेंस जैसी सुविधाओं को शामिल किया गया है।स्वास्थ्य महानिदेशक डा.डीएस रावत ने बताया कि इस प्रस्ताव में आधुनिक तरीके से लोगों की समस्या का समाधान करने के लिए पूरा प्लान तैयार किया गया है।टेलीमेडिसिन पर आने वाला खर्चा सालाना लगभग 30 करोड़ का है।यह सुविधा केवल केदारनाथ तक ही सीमित नहीं रहेगी बल्कि यह विभाग अन्य जिलों में भी अपना विस्तार करेगा।उत्तराखंड के दूर दराज़ गांवों में भी अच्छे और विशेषज्ञता वाले डाकटरों द्वारा इलाज किया जाएगा।

इसके साथ ही पीपीपी मोड पर एयर एम्बुलेंस सुविधा शुरु करने की भी योजना है जिसपर साल का 15 करोड़ का खर्चा आने की उम्मीद है।एयर एंबुलेंस से मरीजों को इमरजेंसी में तुरंत इलाज मिलेगा और चारधाम मार्ग में आने वाले श्रद्धालुओं को काफी आराम मिलेगा।पिछले कई वर्षों में चाराधाम यात्रा के दौरान यात्रियों के हार्ट अटैक से मरने के कई मामलें आए हैं जिसने सरकारी इंतजाम पर कई सवाल खड़े किए हैं।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यात्रा मार्ग पर सुपर स्पेशियालिटी एंबुलेंस का सुविधा ना होने की वजह से यह अनहोनी हुई है।

इस योजना पर जल्दी से जल्दी काम शुरु होने की एक वजह यह भी हो सकती है कि स्वास्थ्य विभाग खुद मुख्यमंत्री का विभाग हैं।नई सरकार के एक्शन मोड में आने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं कि यात्रा मार्ग पर सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए।पैरामेडिकल स्टाफ, डाक्टर व बाकी सभी संसाधन यात्रियों में सेवा में तैयार रहना चाहिए।

 

पुरानी सरकार के साथ गुम हुआ ”वाटर एटीएम”

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नई सरकार के आने से लगभग साढे चार महीने पहले देहरादून के साथ राज्य के तीन शहरों के सार्वजनिक स्थानों पर मिलने वाला साफ और सस्ता पानी मिलने की उम्मीद भी अब ठंडे बस्तें में हैं।नई सरकार बनने के साथ ही पानी की दरकार करने वालों को यह बड़ा झटका लगा है।कांग्रेस की सरकार में बनाई गई इस योजना को बीजेपी सरकार बनते ही बंद कर दिया गया है।पानी की इस बंदी के बाद अब राहगीरों को सार्वजनिक स्थानों पर खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है।

पूरे प्रदेश की बात तो बहुत बड़ी है, अब लोगों को देहरादून में किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पीने लायक पानी नहीं मिल पा रहा है।अब जब गर्मीयों का मौसम दस्तक दे चुका है ऐसे में लोगों को पीने का पानी ना मिलने से कापी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।पिछले साल राज्य स्थापना दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश में वाटर एटीएम लगाने की योजना का उद्घाटन किया था।साथ ही दून में एक वाटर एटीएम भी लगाया गया था।इस योजना के अंर्तगत फिलहाल दून,ऋषिकेश व हरिद्वार में दस-दस वाटर एटीएम लगने थे।इन एटीएम से लोगों को एक रुपये में एक लीटर साफ पानी उपलब्ध होता।उत्तराखंड पेयजल निगम को एक प्राइवेट केंपनी के साथ मिलकर यह एटीएम लगाने थे जबकि पानी की व्यव्स्था करने की जिम्मेदारी जल संस्थान की दी गई थी।पिछली सरकार ने यह बात की थी अगर तीन शहरों में वाटर एटीम सफल रहे तो प्रदेश में हर जगह वाटर एटीएम लगाए जाऐंगे।लेकिन प्रदेश में नई सरकार आते ही यह योजना डंप कर दी गई है।

सियासी उतार चढ़ाव और तख्ता पलट होने की वजह से बहुत सी ऐसी योजनाएं है जो यू तो पब्लिक के लिए फायदेमंद है लेकिन सरकार बदलते ही उनको डंप कर दिया जाता है।ऐसी योजनाओं की श्रेणी में है यह वाटर एटीएम जो राहगीरों के साथ उन लोगों को लिए भी लाभकारी थी जिनके पास ना रहने के लिए घर है ना खाने के लिए खाना।

मलेशिया करेगा उत्तराखंड का विकास

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मंगलवार को नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड सदन में आयोजित बैठक में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत एवं मलेशिया सरकार के सीआईडीबी, मंत्री फादिला बिन योसफ, पीडब्लूडी एवं मलेशिया से आये अन्य सरकारी एवं निजी संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
बैठक में मुख्यतः आधारभूत संरचना एवं अन्य शहरी विकास संबन्धित मुददों (मैट्रो, रोड़वेज आदि) पर मलेशिया सरकार एवं उत्तराखण्ड शासन के बीच पीपीपी माॅडल आधारित संरचना की बात की गई। मलेशिया सरकार द्वारा एक विशेष सरकारी परामर्श संस्था पेमान्डू(परर्फामेंस मैनेजमेंट एंड डिलीवरी यूनिट) द्वारा उत्तराखण्ड में आधारभूत संरचना के विकास संबन्धी योजनाओं में सहयोग का प्रस्ताव दिया गया।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने उत्तराखण्ड सरकार एवं पेमान्डू एवं मलेशिया के निजी संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर उत्तराखण्ड राज्य में आधारभूत संरचना के विकास की बात कही। मुख्यमंत्री द्वारा इस आपसी साझे को सत्त, क्रियाशील एवं सृजनात्मक रखने की बात की गई। मुख्यमंत्री श्री रावत ने मलेशिया के मंत्री एवं प्रतिनिधिमण्डल को देवभूमि उत्तराखण्ड भ्रमण हेतु आमंत्रित किया।
उक्त बैठक में दोनों पक्षों के बीच एक संयुक्त कार्याकारणी समिति जेडब्लूसी(जेडब्लूसी)के गठन की सहमति बनी। उत्तराखण्ड शासन की ओर से इस समिति में मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव एवं अन्य विभागीय अधिकारी नामित किये जायेगें। मलेशिया सरकार की ओर से सचिव, सामान्य कार्य श्री जोहरी हाजी अकोब एवं अन्य अधिकारियों को नामित किया गया। जेडब्लूसी(जेडब्लूसी) की प्रथम बैठक मलेशिया में आयोजित करने पर सहमति बनी। मलेशिया के प्रतिनिधि मण्डल द्वारा मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह् भेंट किया गया। मुख्यमंत्री एवं सहकारिता मंत्री श्री धन सिंह रावत द्वारा सभी प्रतिनिधियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.रामास्वामी, अपर मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश, स्थानिक आयुक्त श्री एस.डी.शर्मा आदि उपस्थित थे।