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टंकी में चढ़े छात्र,कॉलेज परिसर में मची अफरा-तफरी

ऋषिकेश के पी.जी ऑटोनोमस कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष अमित पंवार व पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संदीप शर्मा पानी की डिगी में चढ़ गये, जिससे पूरे कॉलेज में अफरा तफरी का माहौल बन गया। दोनों का कहना हैं कि कॉलेज का कल होने वाले वार्षिक छात्रसंघ समारोह नही होना चाहिए। छात्र नेताओं का कहना हैं कि एक ओर सीमा पर जवान शहीद हो रहे हैं दूसरी और कॉलेज उत्सव की तैयारी कर रहा हैं। जिसके विरोध में वो टंकी पर चढ़ गए।

फिलहाल पुलिस मौके पर पहुँच गयी हैं और छात्र नेताओं को मानाने की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है की सुखमा में मारे गए जवानों को आधार बनाकर ये छात्र मांग कर रहे है की कॉलेज का वार्षिक छात्रसंघ समारोह पर रोक लगाई जाये और जो पैसा नाच-गाने में खर्च होना है उस पैसे को कॉलेज के विकास कार्यों और पुस्तकालय में किताबों पर खर्च किया जाये जिससे देश के शहीदों को सच्ची श्रंद्धाली दी जा सके।

आंचल पांधी की मौत से जल्द उठेगा पर्दा

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हाई कोर्ट, नैनीताल ने देहरादून के हाईप्रोफाइल आंचल पांधी मौत मामले की सीबीआइ जांच की मांग करती याचिका पर सुनवाई करते हुए 11 मई तक जांच की प्रगति की रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने जांच अधिकारी की निष्पक्षता की सराहना की है।

उल्लेखनीय है वैलेंटाइन डे (14 फरवरी) को देहरादून में विवाहिता आंचल पांधी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतका के पिता अनिल कोहली, निवासी रेसकोर्स रोड, देहरादून ने मौत को हत्या बताते हुए सीबीआइ जांच की मांग करते हुए याचिका दायर की। इधर हाल ही में इस मामले की जांच एसपी देहात श्वेता चौबे को हस्तांतरित की गई।

मृतका के पति, राहुल पांधी के मोबाइल की कॉल डिटेल में पता चला कि उनकी प्रेमिका से बात होती थी। इसके बाद जांच अधिकारी ने पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया। 22 अप्रैल को मृतका के पति को दिल्ली से गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेशी के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

इधर बुधवार को वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी.के. बिष्ट की एकलपीठ के समक्ष विवेचक व एसपी देहात श्वेता चौबे द्वारा हलफनामा दाखिल किया गया। एकलपीठ ने जांच अधिकारी की निष्पक्षता की सराहना करते हुए जांच रिपोर्ट अगली सुनवाई 11 मई तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

हाईकोर्ट ने गंगा नदी से साथ राज्य से मांगा जवाब

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नैनीताल हाई कोर्ट ने गंगा पर एक और ऐतिहासिक फैसला देते हुए गंगा उसे जीवित मानकर नदी को जीवित आदमी के बराबर अधिकार देने के बाद आज पहली बार लीगल नोटिस जारी किया है । हाई कोर्ट ने गंगा नदी के साथ राज्य सरकार, पर्यावरण बोर्ड, नगर पालिका ऋषिकेश और केन्द्रीय पयार्वरण बोर्ड को भी नोटिस जारी कर जवाब माँगा है । ऋषिकेश के खादा खड़क माफ़ नामक गॉव में बन रहे ट्रेन्चिंग ग्राउंड का था मामला । मामले की अगली सुनवाई 8 मई को होगी ।

बेजुबानों को गर्मी से राहत के लिए दि जा रही मल्टीविटामिन

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गर्मी और उमस से मनुष्य ही नहीं, बेजुबान भी त्रस्त हैं। देहरादून जू (मालसी डीयर पार्क) भी इससे अछूता नहीं हैं। भरी दुपहरी में बेजुबान गर्मी से हांफते नजर आते हैं। गर्मी व उमस जानवरों के लिए परेशानी का सबब न बने, इसके लिए जू प्रशासन उन्हें मल्टी विटामिन दे रहा है। साथ ही इनके आहार में भी बदलाव किया गया है। गुलदारों को चिकन दिया जा रहा तो शाकाहारी जीवों को हरी घास और परिंदों को हरी सब्जियां परोसी जा रही हैं। यही नहीं, उनके लिए पानी का भी पर्याप्त इंतजाम किया गया है।1देहरादून वन प्रभाग की मालसी रेंज में मसूरी मार्ग पर स्थित देहरादून जू में रह रहे जानवरों व परिंदों को गर्मी सता रही है। इसे देखते हुए जू प्रशासन ने इनके खान- पान में बदलाव किया है। जू के निदेशक एवं डीएफओ देहरादून पीके पात्रों के मुताबिक यहां मौजूद दो गुलदारों को इन दिनों मुर्गाें का मांस दिया जा रहा है, ताकि उसे पचाने में दिक्कत न हो। अन्य जानवरों के भोजन में भी बदलाव किया गया है। परिंदों को सूरजमुखी का बीज देना बंद कर दिया गया है और उन्हें पत्तागोभी, पालक, मूली व राई की पत्तियां समेत अन्य हरी सब्जियां दी जा रही हैं। शाकाहारी जीवों की डाइट में हरी घास की मात्र बढ़ाई गई है। भोजन के साथ जू के सभी जीवों को मल्टी विटामिन भी दिए जा रहे हैं, ताकि इन्हें गर्मी व उमस से कोई दिक्कत न हो।

देहरादून जू के वन क्षेत्रधिकारी एमएम बैजवाण बताते हैं कि जू में रह रहे गुलदार राजा व रानी को इन दिनों तीन-तीन किलो चिकन दिया जा रहा है। सामान्य दिनों में इन्हें तीन किलो बीफ दिया जाता था। गर्मी शुरू होने पर आधा बीफ और आधा चिकन दिया गया। वर्तमान में इन्हें केवल मुर्गा का मांस ही दिया जा रहा है।

ये दिए जा रहे विटामिन बी-6, बी-12, ई, कोबाल्ट, कॉपर, मैग्नीज, आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम, सोडियम आदि।

अक्षय तृतीया पर सजे बाजार

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अक्षय तृतीया पर स्वर्ण व चांदी की खरीदारी को लेकर रुद्रपुर का सर्राफा बाजार गुलजार हो गया। ग्राहकों को लुभाने के लिए सर्राफा व्यापारियों ने अपनी पूरी तैयारियां कर ली है। उनको अक्षय तृतीया पर भारी कारोबार की उम्मीदें जगी हुई है।

अक्षय तृतीया से ठीक पहले पीली धातु में गिरावट के साथ ही सर्राफा व्यापारियों के चेहरे की चमक को बढ़ा दिया है। अक्षय तृतीया के दिन स्वर्ण व चांदी के आभूषणों के साथ ही भगवान की मूर्ति आदि की खरीद को शुभ माना जाता है। जिसके चलते लोग खरीदारी के लिए अक्षय तृतीया का इंतजार करते है। जिससे उनके घर में खुशहाली सदा बनी रही। इसके लिए लोग शुभ मुहूर्त में ही खरीदारी करना पंसद करते है।

सर्राफा व्यापारी भी इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते है। ग्राहकों को लुभाने के लिए व्यापारियों ने न केवल नए आधुनिक डिजाइन की ज्वेलरी तैयार करवाई है। अपितु उनको भारी छूट का लाभ देने की भी तैयारी कर ली गई है। ब्रांडेड ज्वेलरी पर 5 से 25 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही हैं। इसमें सर्वाधिक छूट हीरे के गहनों पर दी जा रही है। जिससे आकर्षित होकर ग्राहक एक बार दुकान की दहलीज पर जरुर खींचा आए। लुभावनी छूट के बीच ग्राहक भी अक्षय तृतीया पर अपने शुभ मुहूर्त पर स्वर्ण, चांदी व हीरे के आभूषण खरीदने की तैयारी में जुटा है। जिससे शुक्रवार को अक्षय तृतीया के दिन सर्राफा बाजार के गुलजार रहने की प्रबल संभावनाएं बनी हुई है।

अल्मोडा मे पानी की कमी से हाहाकार

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गर्मी की तपन बढ़ने के साथ ही स्रोतों पर जलस्तर घटने लगा है। इससे कई स्रोत आधारित पेयजल योजनाएं प्रभावित हो चली हैं। विकास खंड अंतर्गत ऐसा ही कुछ हाल छाम-भगोती-पटलगांव पेयजल योजना का है। पानी की कमी के चलते सप्ताहभर से जौंलचौरा व खज्यूरां में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। ऐसे में गांवों में पीने के पानी का भारी संकट उत्पन्न हो चला है।

जौलचौरा व खज्यूरां समेत आसपास के गांवों के लिए छाम-भगोती-पटलगांव योजना से पानी की आपूर्ति होती है, लेकिन स्रोत पर पानी की भारी कमी व समुचित देखरेख के अभाव में इन गांवों में बीते एक सप्ताह से पानी नहीं पहुंच रहा है। जौलचौरा गांव में तो पानी का और भी संकट उत्पन्न हो चला है। गांव के करीब 35 परिवार नौले पर निर्भर हैं, लेकिन वह भी सूखने के कगार पर है। घंटों बाद पानी भरने का नंबर आता है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार जल संस्थान के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। पानी की समस्या को लेकर गांव का शिष्ट मंडल क्षेत्रीय विधायक को भी मिल चुका है। प्रधान जगदीश लाल, कुबेर सिंह व नारायण सिंह राणा आदि ने गांव के लिए अलग योजना बनाने की मांग की है।

जौलचौरा व खज्यूरां में सड़क किनारे एक-एक हैंडपंप लगे हैं, लेकिन इनमें एकदम पीला रंग लिए गंदा पानी निकलता है, जो पीने योग्य नहीं है। हैंडपंप से निकलने वाला पानी बर्तनों को भी पीला कर देता है। ग्रामीणों की मांग है कि इनमें फील्टर लगाए जाएं। ताकि आसपास के लोगों को कुछ राहत मिल सके।

बांग्लादेशी राजदूत पहुंचे सरोवर नगरी

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बांग्लादेश के भारत में राजदूत सय्यद मुझेयम अली आज निजी दौरे में नैनीताल पहुंचे हैं । सय्यद मुझेयम ने कहा की तृतीय युद्ध कोई नहीं चाहता है ।उन्होंने उम्मीद कि है की उत्तर कोरिया भी इस मामले में तृतीय युद्ध नहीं चाहेगा ।सय्यद मुझेयम, ने कहा  संयुक्त राष्ट्र संघ इस मसले में वार्ता कर रहा है और आशा है कि जल्द इस समस्या का निस्तारण कर लिया जाएगा।
भारत में आतंकवाद और घुसपैठ पर बोलते हुए सय्यद मुझेयम ने कहा कि हमारे देश ने सार्क समिट में पहले ही साफ कर दिया है कि वो आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों से वार्ता नहीं करेंगे जबतक वो शांति कायम नहीं करते । इस मौके पर बोट हॉउस क्लब में जिलाधिकारी दीपक रावत और एस.एस.पी.जनमेजय खंडूरी ने उनका स्वागत किया । मुझेयम अपनी पत्नी के साथ दो दिवसीय यात्रा में नैनीताल व आसपास घूमने आए हैं ।

देहरादून में अाज से संस्कृति के रंगों का पिटारा ”विरासत”

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एक बार फिर, विरासत 28 अप्रैल से 12 मई तक देहरादून में लगने वाला है। देश के विभिन्न राज्यों की सभ्यता और संस्कृति से रूबरू होने का अवसर हर साल दूनवासियों को मिलता रहा है। पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी राष्ट्रीय स्तर पर मशहूर कलाकार अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अापका मनोरंजन करेंगे।

गौरतलब है कि विरासत का 22वां समारोह अाज आयोजित होने वाला है। विरासत का आयोजन अंबेडकर स्टेडियम कौलागढ़, देहरादून में किया जा रहा है। इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों के लोकनृत्य, लोकसंगीत, चित्रकला, नाटक, शिल्प आदि का मेलजोल देखने को मिलेगा। इस साल मुख्य-मंच जावा इंडोनेशिया के नौंवे दशक के महायान बौद्ध-मन्दिर का प्रतिरूप हैै। जो भारत की संस्कृति की विविधता दर्शाता है। यह गौतम-बुद्ध द्वारा दिये गये सार्वभौमिक प्रेम का संदेश देता है। यह विश्व भर में संस्कृति के प्रसार का बेहतरीन नमूना है। इस वर्ष भी उत्तराखंड, असम, छत्तीसगढ, गोवा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश एंव गुजरात के लोक कलाकार अपने संगीत और नृत्य की छटा बिखेरेंगे। विन्टेज-कार और बाइक रैली एंव हैरिटेज-वाक से दून के नागरिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते है।

विरासत साधना एक ऐसा मंच है जो दून के उभरते कलाकारों को प्रतिभा दिखाने का अवसर देता है। राष्ट्रीय स्तर पर ख्याती प्राप्त कलाकारों की फेहरिश्त में डोना गांगुली, संजीव अभ्यंकर, संजीव खान, डाॅ. ममता जोशी जैसे नामों के साथ ही साथ वारसी बंधु, वडाली बंधु, पीनाज मसानी एंव शुभेंद्र और सिस्किया जैसे कलाकार भी शामिल हैं। विश्व प्रसिद्ध शायर डाॅ. राहत इंदौरी, अकबार कौशिक, रश्मि सबा, नदीमसाद और मदनमोहन दानिश मुशायरे में हिस्सा लेंगे। वहीं दोपहर के कार्यक्रमों में नामांकित शिल्पकारों एवं चित्रकारों द्वारा कार्यशाला आयोजित की जाएगी। साथ ही साथ उत्तराखंड प्रदेश में निर्मत स्थानीय फिल्म का भी प्रदर्शन किया जाएगा। कई प्रदेशों से आए विभिन्न प्रकार के पकवानों एंव खाद्य पदार्थों का दूनवासी मेले में लुत्फ उठा सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के केदारनाथ दौरे को लेकर तैयारियां हुई शुरू

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तीन मई को भगवान केदारनाथ के कपाट खुलने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के केदारनाथ आगमन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिला एवं पुलिस प्रशासन यात्रा तैयारियों में जुट गया है। केदारनाथ धाम के साथ ही विभिन्न यात्रा पड़ावों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं। केदारनाथ में बिजली-पानी की आपूर्ति सुचारू की जा रही है। प्रधानमंत्री आगमन को लेकर शासन से भी प्रशासन को आवष्यक दिशा निर्देश मिल चुके हैं।

द्वादा ज्योतिर्लिंगों में अग्रणी विष्व विख्यात भगवान केदारनाथ के कपाट ग्रीश्मकाल के छह माह के लिये तीन मई को खुल रहे हैं। तीन मई को प्रात: आठ बजकर तीस मिनट पर बाबा केदार के कपाट खुलने जा रहे हैं। कपाट खुलने के अवसर देश-विदेश के लाखों यात्री केदारनाथ धाम में मौजूद रहेंगे और इन यात्रियों के बीच इस बार केदारनाथ के खास मेहमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी होंगे। जो कपाट खुलने के बाद बाबा केदार के स्वयं-भू लिंग के साथ ही अखण्ड ज्योति के दर्शन करेंगे।

गंगा पहुची गंगोत्री

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चार धाम यात्रा का गुरुवार को आगाज शुरू हो गया। गंगा की डोली अपने शीतकालीन निवास मुखवा जिसे गंगा का मायका भी कहा जाता है। मुखबा से गंगोत्री के लिए धार्मिक विधि विधान से रवाना हुई अौर शुक्रवार को वह गंगोत्री पँहुची। गंगा की डोली का रात्रि विश्राम भैरोघाटी स्थित भैरव मंदिर में था।

गंगोत्री मंदिर के पंडा पुरोहित, भारी संख्या में स्थानीय जन समूह व तीर्थ यात्रियों की मौजूदगी में स्थानीय वाद्य यंत्रों व आर्मी बैंड की थाप पर गंगा की डोली मुखबा से रवाना हुई। भले ही देश और दुनिया में गंगा को मां के रूप में पूजा जाता हो किंतु मुखबा गांव में गंगा को एक बेटी की तरह विदा किया जाता है। अौर साथ में होता है बेटी के साथ मायके का कलेऊ।