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1 मई को कुछ ऐसा होगा रुट प्लान

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उत्तराखंड विधानसभा सत्र दिनांक 01 मई 2017 से शुरु किया जा रहा है। इस सत्र के दौरान धरने प्रदर्शन आदि से उत्पन्न कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु देहरादून के कुछ रास्तों पर निम्न बैरियर स्थापित किए गए हैं।

  • प्रगति विहार बैरियर
  • शास्त्री नगर बैरियर
  • बाईपास बैरियर
  • डिफेंस कॉलोनी बेरियर                                                                                                       इसके अलावा ट्रैफिक से बचने के लिए यह रुट प्लान जरुर देखेंः
  • देहरादून की ओर से हरिद्वार की ओर जाने वाले वाहन नेहरू कॉलोनी स्थित फव्वारा चौक से पुलिया नंबर 06 से किद्दूवाला से रायपुर रोड से महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज से बालावाला से होकर मियां वाला होते हुए हरिद्वार की ओर जाएंगे।
  • मसूरी से हरिद्वार/ऋषिकेश/ टिहरी /चमोली जाने वाले वाहन ई0सी0 रोड से नेहरु कॉलोनी, फव्वारा चौक से 6 नंबर पुलिया से नेहरू ग्राम से किददुवाला से तुनवाला से बालावाला होते हुए मियांवाला/ हर्रावाला कि ओर से अपने गंतव्य की ओर जाएंगे।
  • मसूरी/राजपूर की ओर से आईएसबीटी की ओर जाने वाले वाहन राजपुर रोड से घंटाघर से सहारनपुर रोड होते हुए आईएसबीटी की ओर जाएंगे।
  • धर्मपुर चौक से आईएसबीटी  की ओर जाने वाला यातायात, धरमपुर चौक से माता मंदिर रोड होते हुए पुरानी बाईपास चौकी से आईएसबीटी की ओर जाएगा।
  • मोहकमपुर की ओर से मसूरी की ओर आने वाले वाहन जोगीवाला से रिंग रोड से लाडपुर से सहस्त्रधारा क्रॉसिंग से आईटी पार्क से मसूरी मार्ग की ओर जाएंगे।
  • मोहकमपुर की ओर से देहरादून शहर की ओर आने वाले वाहन जोगीवाला से 06 नंबर पुलिया से नेहरू कॉलोनी, आराघर, ई0सी0 रोड होते हुए देहरादून आएंगे।
  • डायवर्जन के समय रिस्पना से देहरादून शहर की ओर आने वाले वाहन हरिद्वार बाईपास से कारगी चौक की ओर आएंगे। कृपया चौपहिया वाहनों को मीनाक्षी वेडिंग पॉइंट तथा थाना नेहरुकोलोनी गेट के सामने वाली गलियों में ना ले जाए, इससे गलियों में जाम की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  • मोथरोवाला तिराहा से बाईपास रोड की ओर केवल दो पहिया वाहन अनुमन्य होंगे।
  • संपूर्ण सत्र के दौरान सभी भारी वाहन दूधली मार्ग से जाएंगे।आईएसबीटी की तरफ से डोईवाला जाने वाले भारी वाहन कारगी चौक से तथा डोईवाला से देहरादून की ओर आने वाले वाहन डोईवाला से दूधली की ओर डायवर्ट किये जाएंगे।
  • प्रत्येक संभावित जुलुस (अनुमति प्राप्त) केवल बन्नू स्कूल से चलेगा तथा उनके वाहन भी बन्नू स्कूल में पार्क किए जाएंगे।
  • डोईवाला से देहरादून की ओर आने वाली सिटी बसें, जोगीवाला से डाइवर्ट की जाएगी जो कैलाश अस्पताल से यू टर्न लेंगी।
  • डिफेंस कॉलोनी जाने वाले व्यवसायिक वाहनों को नेहरू कॉलोनी थाना कट से पुरानी चौकी बाईपास की ओर डायवर्ट किया जाएगा। स्थानीय निवासियों के व्यक्तिगत वाहनों को विशेष परिस्थितियों में ही डाइवर्ट किया जाएगा, सामान्य स्थिति में व्यक्तिगत वाहनों को डाइवर्ट नहीं किया जाएगा, परंतु व्यवसायिक वाहनों को लगातार डाइवर्ट किया जाएगा, वे किसी भी दशा में विधानसभा की ओर नहीं जाएंगे।

उत्तराखंड के लिए ब्लैक डे रहा शनिवार

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शनिवार दिन उत्तराखंड के लिए दुर्घटना के लिए ब्लैक डे कि तरह रहा। शनिवार को दुर्घटन में कुल 13 जानें गईं। शनिवार पूरे दिन दुर्घटना की खबरे आती रहीं। सुब की शुरुआत एक जवान सब इंस्पेक्टर की दुर्घटना में मृत्यु से हुई, उसके बाद सफेद बोलेरो कालसी क्षेत्र में खाई में समा गई जिसमें 5 लोगों की मृत्यु और 17 लोग घायल हुए। उसके बाद देर रात 10 बजे के करीब विधायक मनोज रावत ने  केदारनाथ से एक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से बताया कि एक एक्सीडेंट में 7 लोगों की मौत हो गई।

unnamed (5)रुद्रप्रयाग पुलिस कप्तान प्रह्लाद मीणा ने हादसे कि पुष्टि करते हुए बताया कि 15 में से 7 लोगों की मौत हो गई है, इनमें से 3 महिला और 3 बच्चे और 1 ड्राइवर हैं।देर रात रुद्रप्रयाग के तल्लानागपुर स्थित तड़ाग उर्खोली के बीच मैक्स खाई में गिरी, घटना में घायलों की संख्या केदारनाथ विधायक और वरिष्ठ पत्रकार मनोज रावत ने अपने एफबी के माध्यम से साझा की। रेवन्यु एरिया में हुई दुर्घटना में विधायक, प्रशासन देर रात तक बचाव कार्य में जुटा रहा।

जेनेटिक डिर्साडर से पीड़ित परिवार को कांग्रेस की मदद

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उत्तराखंड के कांग्रेस कमेटी ने सीएम रावत को पत्र के माध्यम से अल्मोड़ा के खुजरानी गांव के कुछ परिवारों में हुए जेनेटिक डिर्साडर पर ध्यान देने की बात की। यह परिवार लाइमलाईट में तब आया जब परिवार की 17 साल की बेटी सरिता की मृत्यु 15 अप्रैल को हुई। शुरुआत में यह खबर छपी कि लड़की की मौत भूख से हुई, लेकिन बाद में यह पता चला कि लड़की को कोई जेनेटिक बीमीरी है जिसे बताना सभी मीडिया वाले भी भूल गए।

सरिता की मौत से कुछ महीने पहले, उसके पिता भी इसी बीमारी से ग्रसित थे। जल्द ही कांग्रेस के नेताअों ने इस गांव का दौरा किया और इनके परिवार से मिले।पीसीसी चीफ किशोर उपाध्याय ने हमने सीएम को पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी दी।इस परिवार के बाकी बचे लोगो की मदद के लिए गुहार लगाई और यह भी कहा है कि इस परिवार के इलाज के लिए सरकार को ध्यान देना चाहिए।पीसीसी चीफ किशोर उपाध्याय ने बताया कि कांग्रेस की तरफ से इस परिवार को 21 हजार रुपए दिए गए और आगे इनको राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

बनेगी दूसरी डाट काली टनल, मिलेगी जाम से निजात

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देहरादून-दिल्ली सफर करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है।इस रुट पर सफर के दौरान डाट काली टनल रुट पर घंटों लगने वाले ट्रैफिक जाम से हर कोई वाकिफ होगा। एक्जिक्यूटिव इंजीनियर एनएचएआई मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि सफर करने वालों के लिए यह एक अच्छी खबर है, प्लान के हिसाब से मंदिर के पास एक सुरंग बनाया जा सकता है जिससे दिल्ली-देहरादून ट्रैफिक को कम किया जा सके, यह सुरंग लगभग 350 मीटर लंबी होगी और इसका बजट लगभग 2.5 करोड़ की लागत से तैयार होगा।यह सुरंग वन-वे बनाई जाएगी जिससे ट्रैफिक जाम ना हो।

इसके अलावा 4 किमी का लंबा साइकिल ट्रैक आईएसबीटी से डाट काली के लिए भी बनाया जाएगा। मेयर विनोद चमोली ने बताया कि लोकल लोगों के लिये यह ट्रैक जरुरी था, क्योंकि इस क्षेत्र में चल रहे कन्स्ट्रक्शन और भारी जाम की वजह से लोगों को चलने के लिये कोई जगह नहीं थी। यूसुफ बताते हैं कि यह प्रोजेक्ट अभी अपने शुरुआती दौर में, यह सड़क जंगल के बीच सो होकर जाएगी, तो हमें फारेस्ट डिर्पाटमेंट से परमिशन लेनी पड़ेगी  और इसमें हमें सरकार से मंजूरी चाहिए उसके बाद ही यह काम शुरु हो सकता है। 

आधार कार्ड बनवाने में समाज कल्याण विभाग करेगा मदद

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उत्तराखंड के सवा लाख पेंशन बेनिफिशियरीयों के आधार कार्ड डिटेल ना होने की वजह से उनकी पेंशन रोकने के बाद यूके समाज कल्याण विभाग ने सबके लिए स्पेशल पिक एंड ड्राप सुविधा शुरु की है। समाज कल्याण विभाग डायरेक्टर विष्णु धनिक ने बताया कि इन सबको बहुत से महीने की मोहलत देने के बाद भी इन लोगों ने अपनी आधार डिटेल नहीं दी। सबके बैंक अकाउंट आधार से लिंक ना होने की वजह से कई महीने तक बेनिफिशियरीयों को पेंशन नही मिली।

समाज कल्याण विभाग ने इन लोगों के लिए स्पेशल सुविधा में कुछ आफिसर के साथ गाडियों का इंतजाम किया है जिससे विधवा महिलाएं ज्यादा उम्र के लोग को, पेंशनरस को गांव से आधार कार्ड आफिस ले जाया जा सकेगा।  उत्तराखंड में लगभग 6.7 लाख लोग सोशल डिर्पाटमेंट के तहत पेंशन के बेनिफिशियरी हैं। 

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह बात साफ की है सरकार द्वारा दी जाने वाली किसी भी स्कीम में आधार कार्ड का होना जरुरी नहीं है। इसके अलावा वेलफयर डिर्पाटमेंट ने 2 टाल फ्री नंबर शुरु किए हैः एक देहरादून में और दूसरा नैनीताल में जिसमे पेंशनर को अपने पेंशन के बारे में जानकारी मिल सके।

देहरादून: 1800-180-4236; नैनीताल:  1800-180-4093

मैड ग्रुप ने सफाई को लेकर सीएम रावत से की मुलाकात

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देहरादून के शिक्षित  छात्रों के संगठन, मेकिंग अ डिफरेंस बाय बीइंग द डिफरेंस (मैड) ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र लिख कर रिस्पना, बिंदाल, सुसवा नदियों के पुनर्जीवन पर ठोस कदम उठाने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि केवल नदी तल की दो चार दिन सफाई करने से नदियों की स्थिति नहीं सुधरने वाली, जो अतिक्रमण और प्रदूषण के चलते मरणासन पर पहुँच गयी है। इसलिए उनके पुनर्जीवन पर ठोस नीति बनाने की आवश्यकता है।

गौरतलब है कि मैड का एक प्रतिनिधिमंडल 11 अप्रैल को मुख्यमंत्री से उनके आवास में मिला था और राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (रुड़की) द्वारा 1 करोड़ में पुनर्जीवन की शुरुआत की बात करने वाली रिपोर्ट संस्था ने मुख्यमंत्री से सांझा की थी, जिसपर मुख्यमंत्री भी उत्सुक दिखे थे।

मैड के संस्थापक अध्यक्ष अभिजय नेगी ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को फिर पत्र लिखकर यह सुझाव दिया है कि राज्य सरकार दून की नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए नमामि गंगे कोष से केंद्र से आर्थिक सहायता लें। मैड का तर्क केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय के उस पत्र से आता है जो पिछले वर्ष अप्रैल में लिखा गया था, जब मैड ने तत्कालीन कीन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को प्रस्तुति दी थी, जिसमें दून की नदियों का गंगा की सेहत पर असर कैसे पड़ता है समझाया गया था। केन्द्र ने तब रिस्पना, बिंदाल को गंगा रिवर बेसिन का भाग घोषित किया था। इसलिए मैड की मांग है कि इसके लिए केंद्र आर्थिक साहयता देने हेतु आगे आ सकता है।

शक्ति नहर में सफाई करते एक मजदूर नहाते समय डूबा

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प्रभारी निरीक्षक विकासनगर को सूचना दी गई कि शक्ति नहर में सफाई कार्य के चलते एक मजदूर नहाते समय नहर में डूब गया। जल पुलिस को बचाव राहत के लिए मौके पर रवाना किया गया। घटनास्थल पर पता चला कि 20 वर्ष का जुबेर अपने साथी मोहम्मद, गुलफाम, मुनासिब अौर मोहम्मद यामीन के साथ विकासनगर देहरादून शक्ति नहर में सफाई का कार्य कर रहा था। इनके साथ अन्य मजदूर भी थे जो दोपहर मे खाना खाने चले गए और यह चारों लोग नहर में मटक माजरी बड़े पुल के पास शिर्डी में बैठकर नहाने लगे। इतने में जुबेर का पैर फिसला और वह नदी के गहरे पानी में गिर गया। गुलफाम ने भी नहर में कूद कर अपने भाई को बचाने का प्रयास किया परंतु उसे नहीं बचा पाए। गुलफाम तारबाड़ के सहारे नहर के किनारे आ गया जहां उसे दोनों साथियों ने ऊपर खींचकर बचा लिया परंतु जुबेर को बचाने में नाकाम रहे।

मौके पर गोताखोर, जल पुलिस के साथ राहत बचाव कार्य मे लगाया गया लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। घटना स्थल बेराज पावर हाउस के पास दो टरबाइन चल रही हैं। अतः वहां तक रेस्क्यू अभियान चलाना खतरे से खाली नहीं है था। SDM महोदय विकासनगर के द्वारा शासन से शक्ति नहर का पानी को कुछ समय तक रोकने की अनुमति ली गयी।

पानी बन्द होने पर जल पुलिस, एस.डी.आर.एफ. व स्थानीय पुलिस ने शक्ति नहर मे डूबे व्यक्ति जुबेर का शव गहरे पानी से बाहर निकला व शव को पंचायतनामा भरवा कर पोस्टमार्टम मोर्चरी विकासनगर भिजवाया गया।

चकराता के पास सड़क हादसे में 5 की मौत 17 घायल

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अाज शाम चकराता के नागथात के पास सफेद रंग की बोलेरो गहरी खाई में गिरी गई ।गाङी मे सवार लोग रामपुर से शादी कर लौट रहे थे। गाड़ी में बारात के लोग सवार थे। दर्दनाक हादसे में अब तक 5 लोगों की जान चली गई है व 17 लोग गंभीर रूप से घायल होने की खबर अा रहीं है।। चकराता से वापस अा रही सवारी से भरी गाङी बैंड के समीप खाई मे समा गई। बताया जा रहा है कि काफी तेज गति से अा रही गाङी बेंड के पास अनियंत्रित हो गयी और खाई में समा गयी। मौके की जानकारी लगातार जुटाई जा रही है।

जिस समय यह हादसा हुआ उस समय काफी लोग आसपास मौजूद थे, लेकिन दुर्गम स्थान होने के कारण राहत अभियान चलाने में दिक्कत हुई। सूचना मिलने पर देहरादून व विकासनगर से बचाव दल के साथ पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचें, अौर राहत कार्य में जुट गयें।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने क्षेत्र में हुई वाहन दुर्घटना में मृतकों के प्रति गहरा दुःख व शोक व्यक्त किया गया है। उन्होंने दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं दुःख की इस घडी में शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने के साथ ही घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की की ईश्वर से कामना की है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने दुर्घटना में मृतकों के आश्रित को 1 लाख रूपए, गम्भीर घायलों को 50 हजार रूपए व सामान्य घायलों को 25 हजार रूपए की सहायता के निर्देश दिए हैं।

“तलाक तलाक तलाक” कहकर एक अौर जिंदगी तबाह

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खटीमा के डिग्री कॉलेज रोड, वार्ड नंबर 7, की रहने वाली रेहाना ने बताया कि 24 अक्टूबर 1999 को उनकी शादी पीलीभीत निवासी पति मतलूब के साथ हुई थी जिसके बाद दोनों अमेरिका चले गए थे। आरोप लगाया कि पति मतलूब वहां दूसरी महिलाओं के साथ क्लब में ऐश करने लगे जिसका विरोध करने पर वो रेहाना को पीटते थे । सन 2002 में रेहाना का लड़का हुआ और पति इसके बाद भी नहीं सुधरे तो रेहाना ने अमेरिका पुलिस से शिकायत करी। पुलिस ने मतलूब को कुछ दिन घर से बाहर रहने की नसीहत दी तो मतलूब ने माफ़ी मांगी और रेहाना को लेकर सन 2011 में हिन्दुस्तान चले आए।

रेहाना का आरोप है कि मतलूब ने उसे धोखा देने के मकसद से कहा की उसकी नौकरी न्यूजीलैंड में लग गई है जिसकी वजह से उसे शिफ्ट करना पड़ेगा और वो तब तक हिन्दुस्तान में अपने परिजनों के साथ आराम से रहे। अब मतलूब हुसैन न्यूजीलैंड की ओटागो विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर हैं। लम्बे समय तक पति से जवाब नहीं आने पर रेहाना ससुराल गई तो वहां से पता चला कि उसके पति ने उसे फोन से तलाक दे दिया है, जिसपर ससुरालियों ने उसे रखने से साफ़ मना कर दिया। रेहाना ने बताया कि उसने उच्च न्यायालय नैनीताल में याचिका दायर की जिसपर कोर्ट ने उसे पीलीभीत स्थित ससुराल में रहने का अधिकार दे दिया।

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रेहाना कोर्ट का आदेश मिलने के बाद 3 अप्रैल 2017 को ससुराल गई। रेहाना के अनुसार पहले तो ससुरालियों ने उसके और उसके बेटे के कमरे की बिजली-पानी बन्द कर बहुत प्रताड़ित किया और फिर बीती 14 अप्रैल को ससुरालियों ने उसके साथ मारपीट की और उसके ऊपर तेज़ाब से हमला कर दिया। रेहाना ने मतलूब हुसैन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें न्यूजीलैंड में महिलाओं के साथ रहना पसंद है और यही कारण है कि उन्होंने फोन पर ही रेहाना को “तलाक तलाक तलाक” कहकर उसकी जिंदगी तबाह कर दी।

रेहाना का कहना है कि वो पति के इस फरमान को नकारते हुए अभी भी मतलूब के साथ रहना चाहती है। रेहाना ने ये भी कहा कि हिन्दुस्तान में धीमी गति से चलते कानून से उन्हें अकेले रहना पड़ रहा है और इसकी शिकायत उन्होंने मेनका गाँधी से की है जिन्होंने न्याय का भरोसा भी दिलाया है।

ऋषिकेश में पारा पंहुचा 38 के पार, चार धाम यात्रियों को बिजली-पानी ने रुलाया  

 सूरज की तपिश ने जंहा पूरे उत्तर भारत को हिला कर रख दिया है वंही पहाडो पर भी बड़ते पारे का असर दिखने लगा है ,प्रदेश में बिजली-पानी की किल्ल्त का असर तीर्थ नगरी पर साफ़ देखा जा रहा है। उत्तराखंड में चार धाम यात्रा में आये तीर्थ यात्रिओं को चिलचिलाती गर्मी के साथ-साथ पेयजल की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। सूरज की बढ़ती तपिश का असर आम जन जीवन पर साफ़ देखा जा रहा है, गर्मी से पेयजल श्रोत सूख गये हैं और सरकारी पेयजल व्यवस्था भी चरमरा गयी है।
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अप्रैल के शुरुवाती दिनों से ही ऋषिकेश का पारा लगातार ऊपर पहुंचता जा रहा है। सुबह 8 बजे से ही धूप से चार धाम यात्रा में आने वाले यात्रिओं का पल पल भारी गुजर रहा है। चार धाम यात्रा टर्मिनल में यात्रियों की सुविधा के लिए कोई भी व्यवस्था ठीक नहीं है ना ही टीन शेड, ना ही बैठने की सुविधा।  यात्रा पर आये यात्रियों के लिए पानी की व्यवस्था भी पूरी नहीं हो पा रही है और न ही गर्मी से राहत देने के लिए पंखो की कोई व्यवस्था है।
प्रदेश सरकार और प्रशाशन ने यात्रा के दौरान यात्रियों को हर सहूलियत मोहैया कराने की बात तो कही थी लेकिन देवभूमि के प्रवेश द्वार में ही यात्रियों की फजीहत की किसी को चिंता नहीं है । ऐसे में बहार से आने वाले तीर्थ यात्री पहाड़ो के लिए यात्रा टर्मिनल में जमा है लेकिन बिजली -पानी की कमी के साथ ,मूलभूत सुविधाओं की कमी यात्रियों पर भारी पड रही है, जबकि अधिकारीयों का कहना है की इस बार यात्रा में प्रशाशन द्वारा हर तैयारी पूरी की गयी है।