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पाकिस्तान का फूंका पुतला,जवानों के शवों के साथ हुए अपमान का कड़ा विरोध..

एलओसी के पुंछ जिले में भारतीय सेना पर हुए हमलों अौर भारतीय जवानों के शवों के साथ हुए अपमानवता व्यवहार का देश भर में कड़ी निंदा हो रही है, तीर्थनगरी ऋषिकेश में भी पाकिस्तान के इस हरकत के विरोध में लोगों का गुस्सा दिखा। ऋषिकेश के कांग्रेस भवन के सामने कंग्रेस कार्यकर्तायों ने पाकिस्तान का पुतला फूंका ओर पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए।

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कांग्रेस के जिला अध्य्क्ष जयेन्द्र रमोला ने बताया कि मोदी सरकार हर बार इन हमलों की निंदा करते आये है लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम इन्हें रोकने के लिए नही उठाया गया है,अब पाकिस्तान के द्वारा किये गए इस बर्बरता का उन्हें सख्त जवाब देना चाहिए वरना सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए।

69 सालों में जो सरकार से न हुआ वो इन गांववालो ने कर दिखाया

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पिथौरागढ, के थल मे देश की आजादी के 69 साल के बाद भी उत्तराखण्ड के दुर्गम क्षेत्र विकास से महरुम है। यहां नदियों को पार कर लोग स्कूल जाते है और अपने दैनिक कार्यों के लिए भी जान जोखिम में डाल कर नदी पार करते हैं। कई सरकारें आई और गयी मगर शायद ही किसी ने विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए गांवों में काम किया है। एेसे एक दर्जन गांव है जो विकास से महरुम हैं और जिनको सरकार से कोई उम्मीद भी नहीं है, लिहाजा गांव के लोगों ने अपनी आवाजाही के लिए खुद ही पुल तैयार कर सरकार को आईना दिखाया है।

बारह दिन पहले रामगंगा नदी पर बना लकड़ी का अस्थायी पुल बह जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की। इससे परेशान ग्रामीणों ने श्रमदान कर 55 मीटर लंबा अस्थायी पुल तैयार कर लिया है। पुल तैयार हो जाने से ग्रामीणों को बाज़ार और स्कूल आने जाने के लिए आठ किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

अस्याली सहित आधा दर्जन गांवों के लिए आज तक स्थायी पुल नहीं बना है। ग्रामीण हर वर्ष अस्थायी पुल का स्वयं निर्माण करते हैं। जून माह में नदी में पानी का जल स्तर बढ़ने तक ग्रामीण इसी पुल से आवागमन करते हैं। इस वर्ष अप्रैल माह में ही नदी का जल स्तर अचानक बढ़ गया। जिससे पुल नदी में समां गया। इसके बाद से ही ग्रामीण बाजार और स्कूल आने जाने के लिए आठ किलोमीटर का फेरा लगा रहे थे।

ग्रामीणों ने पुल बह जाने की सूचना तहसील प्रशासन को दे दी थी, प्रशासन ने पुल निर्माण के लिए कोई पहल नहीं की। इससे परेशान ग्रामीणों ने श्रमदान कर नदी पर 55 मीटर लंबा पुल तैयार कर लिया। इस पुल पर सोमवार से आवागमन भी शुरू हो गया है। नदी में जल स्तर बढ़ जाने पर ग्रामीणों को फिर समस्या का सामना करना पड़ेगा। अस्याली, सिन्तोलिया, बलिगाड़, ब्लयाऊ, ओखरानी आदि गांवों के ग्रामीणों ने अविलंब स्थाई पुल बनाए जाने की मांग की है।

गौरतलब है कि चुनावों के समय जनता से बडे बडे वायदे करने वाले राजनेता जीतने के बाद जनता की भावनाओं से कोई सरोकार नहीं रखते। यही वजह है कि कई दशकों से एक पुल की मांग कर रहे दर्जन भर गांव के लोगों की सुनने वाला कोई नहीं है, लिहाजा गांव के लोगों ने सरकार को आईना दिखाते हुए कुद ही पुल तैयर कर सरकार की नाकामी को दर्शाया है।

धनौल्टी में शराब के खिलाफ महिलाअों का उग्र आंदोलन

शराब के खिलाफ आंदोलन रुकने का नाम नहीं ले रहा और यह आंदोलन एक जगह से दूसरी जगह आग की तरह फैल रहा।यह आंदोलन और भी दमदार हो जा रहा जब महिलाएं मिल कर इसके लिए मैदान में उतर गई हैं।इस आंदोलन ने तब तूल पकड़ा जब हमेशा शांत रहने वाली धनौल्टी के एक किस्से ने सुर्खियां बटोरी। एक दर्जन महिलाएं ने शराब की दुकान में घुसकर तोड़फोड़ कर दी, जिनमे से 64 साल की हिमदेई एक 40 साल के बेटा की माँ है। वह ड्राईवर होने के साथ ही शराब पीने लगा अौर नौकरी छुट गई।

राज्य सरकार के इस फैसले पर कि हाईवे पर कोई शराब की दुकान व ठेके नहीं होंगे धनौल्टी के लोगों ने चैन की सांस लीम लेकिन देखते-देखते 15 साल पुरानी दुकान बंद तो हुई लेकिन नये अवतार में कुछ दूरी पर फिर खुल गई।

40 साल की बीना देवी कहती हैं कि धनौल्टी में ठेका खुलना हम सभी के लिए खासकर महिलाओं के लिए परेशानी का सबब बन गया है। उन्होंने बताया कि यहा के लोग दिन में कमाते हैं और शाम को कमाए हुए पैसों से ठेकों पर शराब पीते हैं और रात को घर आकर अपनी बीवी और बच्चों को मारते पीटते हैं। इस शराब ने बहुत से परिवार को बरबाद कर दिया है।अंत में बीना ने कहा कि मैं और मेरे जैसी बहुत सी महिलाएं इसके खिलाफ है, हमें इस एरिया में कोई ठेका ही नहीं चाहिए।

जबकि मुकेश जो एक दुकानदार है कहते है कि हर कोई जानता है कि धनौल्टी टूरिस्ट स्पाट है और दूर-दराज के लोग यहां धूमने आते और यहां से शराब खरीदते हैं ऐसे में यहां ठेका ना होने से बिजनेस में नुकसान हो सकता है।जबकि नर्कुची क्षेत्र की ममता कहती है कि हम अपनी लड़ाई बरकरार रखेंगें और इस संबंध में हमने डीएम को चिट्ठी लिखी है और जरुरत पड़ने पर हम इस बात को और आगे लेकर जाएंगे।

मंहगी बिकती शराब अधिकारी मौन

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एक अौर शराब की दुकान खोले जाने का विरोध तो दुसरी तरफ जो दुकाने किसी जुगाड से खुल भी गयी उनकी अब जमकर मनमानी चल रही है। मनमाफिक मुल्य पर उपभोक्ताओं को मदिरा बेची जा रही है, दस से लेकर तीस रुपये तक अधिक मुल्य पर बिकने वाली मदिरा को खरीदने के लिए भी लोगों की जमकर भीड लग रही है क्योकि दुकानों की संख्या कम हो चुकि है और कई किलोमिटर का रास्ता नाप पर उपभोक्ता दुकानों तक तो पहुंच रहा है पर शराब की दुकानों में खुलकर जेबों में डकैती डाली जा रही है।
काशीपुर क्षेत्र में पहले शराब की दुकानों के खोलने का विरोध चरम पर था मगर किसी जुगाड से दुकानें तो खुली, मगर दुकानदार अब मनमानी पर उतर आये है। आबकारी विभाग अौर दुकानदारों की मिलीभगत से इस लिए भी इन्कार नहीं किया जा सकता क्योकि कई शिकायतों के बाद भी किसी दुकानदार पर कोई कार्यवाही नहीं होती और अधिकारियों और दुकानदारों की मिलीभगत से मुल्य वृधि कर उपभोक्ताओं की जेब काटी जा रही हैं।
गौरतलब है कि एक ओर शराब विरोधी आंदोलन से जहां कच्ची शराब के कारोबारियों की चांदी कट रही है वहीं अग्रेजी शराब की दुकानों पर भी मंहगी किमतों पर शराब बिक रही है जिसपर कार्यवाही करने के बजाय आबकारी विभाग के अधिकारी मौन धारण कर बैठे हैं। कार्यवाही करना तो दूर शिकायत के बावजूद अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं देते हैं जिससे जाहिर है कि मिलीभगत से पुरा कारनामा चल रहा है।
क्यो है अधिकारियों को एक ही कुर्सी का मोह
काशीपुर आबकारी विभाग के निरीक्षक पद की कुर्सी में आखिर क्या है जो इस कुर्सी को छोडने को कोई तैयार नहीं होता? कई बार इस कुर्सी पर काबिल अधिकारियों के तबादले हो चुके हैं मगर हर बार ही जुगाड से या फिर न्यायालय की शरण लेकर अधिकारी अपनी कुर्सी बचा ही लेते हैं और सालों तक एक ही स्थान पर काबिज रहकर पद के कार्यों पर सवालिया निशान खुद ही लगा लेते हैं।

उत्तराखंड विधानसभा में पास हुआ जीएसटी बिल

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विधानसभा के दो दिनी विशेष सत्र में सर्वसहमति से जीएसटी बिल पास कर दिया गया। जीएसटी बिल पास करने वाला उत्तराखंड देश का पांचवा राज्य है। साथ ही आकस्मिकता निधि अधिनियम संसोधन बिल भी पास हुआ। विपक्ष के सुझावों के बीच वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने जीएसटी बिल सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि इसमें केंद्र और राज्य के बीच करों के एकीकरण का प्रावधान है। इससे एकीकृत राष्ट्रीय बाजार की स्थापना भी होगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी के तहत सप्लाई पर कर देयता होगी। जिस राज्य में आपूर्ति होगी, उस राज्य को कर प्राप्त होगा। केंद्र द्वारा लगाए गए कर सीजीएसटी और राज्य के कर को एसजीएसटी कहा जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि शराब और पांच पेट्रो पदार्थ जीएसटी से बाहर रहेंगे। वैट, लक्ज़री, गैंबलिंग, सेसे, समेत 17 टैक्स इसमें समाहित होंगे। इसके लिए हर महीने रिटर्न दाखिल करने होगा। इसके दायरे के किसान बाहर रहेंगे। जीएसटी विधेयक पारित होने के बाद नियम और विधिक प्रावधान किए जाएंगे। इसके लिए कार्यशाला आयोजित की जाएंगी। साथ ही विभागों का ढांचा पुनर्गठित होगा।

इस मौके पर विपक्ष ने जीएसटी को लेकर सरकार को सुझाव दिए। नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि इस संबंध में उन्हें 11 बैठकों में शामिल होने का मौका मिला। इसमें तय हुआ कि डेढ़ करोड़ तक पर 90 प्रतिशत राज्य को मिलेगा। बाकी राशि पर 50 फीसद का प्रावधान है। सरकार को इसका भी ध्यान रखना चाहिए। विधायक निजामद्दीन ने कहा कि व्यापारियों के दिमाग मे जीएसटी को लेकर एक भय है। उसे निकालने के लिए सरकार को व्यवस्था करनी चाहिए।

बाबा केदार धाम में 3 मई को कैसा रहेगा मौसम

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पीएम नरेंद्र मोदी 3 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के समय उत्तराखंड में मौजूद रहेंगे। अभी केदारनाथ में मौसम ने करवट बदली है और बाबा केदार धाम में हिमपात हो रहा है।लेकिन कपाट खुलने के दौरान मौसम कैसा हो सकता है आइये बताते हैं।

बाबा केदार के कपाट 3 मई, यानी कल खुलने वाले हैं और पीएम मोदी भी इस दौरान केदारनाथ धाम में मौजूद रहेंगे। मौसम विभाग के अनुसार इस दिन मौसम में परिर्वतन की संभावनाएं हैं।मौसम विभाग के अनुसार 3 मई को केदारनाथ में बारिश और बर्फबारी नहीं होगी लेकिन बादल जरुर छाएं रहेंगे।

मुहूर्त के मुताबिक केदारनाथ के कपाट खुलने का समय सुबह 8 बजकर 50 मिनट पहले से निर्धारित है। इस दौरान अच्छी खबर यह है कि 11 बजे से पहले आसमान में बादल तो होंगे लेकिन बारिश और बर्फबारी की संभावना नहीं हैं।

लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद बर्फबारी और बारिश का पूर्वानुमान है। केदारनाथ धाम में 3 मई को तापमान अधिकतम 2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान माईनस 2 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

5 मई से यात्रा के लिए स्पाईस जेट बढ़ाएगा दो फ्लाइट

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चारधाम यात्रा शुरू होते ही विमान कंपनियों ने जौलीग्रांट, देहरादून एयरपोर्ट में हवाई सेवाओं में इजाफा करना शुरू कर दिया है। विमान कंपनी स्पाइस जेट पांच मई से दिल्ली और जम्मू के लिए दो नई फ्लाइट शुरू करने जा रही है। इसके बाद एयरपोर्ट से स्पाइस जेट की हवाई सेवा दो से बढ़कर चार हो जाएंगी।

विमान कंपनी स्पाइस जेट के स्थानीय मैनेजर जसवंत रावत ने बताया कि पांच मई से देहरादून से दिल्ली और देहरादून से जम्मू के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू करने जा रही है।विमान कंपनी की पहले केवल दो सेवाएं देहरादून से हवाई यात्रियों को मिलती थी। पहली बार स्पाइस जेट जम्मू के लिए सीधी सेवा शुरू कर रही है।

गौरतलब है कि दून से हवाई सेवा लेने वाले यात्रियों की तादाद लगातार बढ़ने से हवाई सेवाएं बढ़ाई जा रही हैं। हवाई सेवा में बढ़ोत्तरी होने से चारधाम आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को लाभ मिलेगा।

12 लाख के ब्रिटेनिया बिस्कुट राख

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उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड की सीमा पर हाईटेंशन की चपेट में आने से बिस्कुट से लदे एक कंटेनर में आग लग गई। आग से लगभग 12 लाख के बिस्कुट खाक हो गए।

कंटेनर चालक अवधेश सिंह निवासी मैनपुरी (उप्र) दिल्ली से ब्रिटानिया के बिस्कुट लेकर हल्द्वानी के लिए चला। देर रात उसने उत्तराखंड की सीमा पर आरएएन पब्लिक स्कूल के पास बिल्टी पास कराने के लिए कंटेनर को सड़क किनारे खड़ा करने का प्रयास किया।

इस प्रयास में कंटेनर  हाइटेंशन लाइन की चपेट में आ गया और आग लग गई। चालक ने कंटेनर हटाने का प्रयास किया तो उसे जोरदार झटका लगा और वह नीचे गिर गया। देखते ही देखते ट्रक से आग की लपटें उठनी लगी।

आसपास के लोगों ने इसकी सूचना दमकल विभाग को दी। दमकल कर्मियों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने तक कंटेनर में रखे बिस्कुट जल गए। ब्रिटानिया कंपनी के फील्ड मैनेजर रविंद्र सिंह अरनेजा भी मौके पर पहुंच गए। उनके मुताबिक कंटेनर में करीब 12 लाख के बिस्कुट थे।

भारत नेपाल सीमा बनी वन्य जीवों की तस्करी का मुफीद इलाका

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भारत नेपाल सीमा वन्य जीवों के अंगों की तस्करी का सबसे मुफीद क्षेत्र बनता जा रहा है। जिसमें गुलदार (तेंदुए) की खालों और हड्डियों की सबसे अधिक तस्करी होती है। चीन में इनकी सर्वाधिक मांग है। भारत से नेपाल होते खाल और हड्डियां चीन तक, पिथौरागढ से पहुंचती हैं। वन्य जीव तस्करों के तिब्बत से नेपाल तक सूत्र जुड़े हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों के हाथ मात्र वन्य जीव अंगों को लाने-ले जाने वाले कैरियर ही लगते हैं।

तेंदुए भारत में कुमाऊं के पहाड़ों में अधिक होते हैं। वन्य जीवों के अंगों के भारत और नेपाल में डंपिंग यार्ड बने हैं। इन डंपिंग यार्ड तक कैरियर ही तस्करी कर माल पहुंचाते हैं। जहां से काली नदी पार कर खाल और हड्डियां नेपाल के कैरियरों तक पहुंचाई जाती है। नेपाल में तस्करों तक यह सामान पहुंचता है, जहां से खाल और हड्डियां चीन पहुंचाई जाती हैं।

खुफिया सूत्रों के मुताबिक भारत में गुलदार को मारने के लिए इस नेटवर्क के तहत धन मिलता है। अमूमन तस्करी के लिए मारे जाने वाले गुलदारों को बंदूक की गोलियों ने नहीं अपितु सुर्खा (कांटा) लगाकर मारा जाता है। जिससे खाल और हड्डियां सुरक्षित रहती हैं। गुलदार को मारने वाले और कैरियरों को इसके लिए बहुत अधिक रुपये नहीं मिलते हैं। खाल और हड्डियों के लिए तस्करों को चीन में मुंहमांगी रकम मिलती है। अभी तक पकड़े गए लोग कैरियर ही रहे हैं।

गुलदारों की मौत के आंकडों पर अगर विचार करें तो चौकाने वाले नतीजे सामने आयेंगे। जनवरी 2016 से अप्रैल 2017 तक जिले में 13 गुलदारों की मौत हुई है। वन विभाग के अनुसार मौत का कारण बीमारी और आपसी संघर्ष रहा। लंबे समय से गुलदारों की गणना नहीं होने से मारे गए गुलदारों की संख्या का कोई आंकड़ा विभाग के पास नहीं है।

जबकि पिथौरागढ़ के पुलिस अधीक्षक अजय जोशी का कहना है कि वन्य जीवों की तस्करी को रोकने के लिए पुलिस सक्रिय हो चुकी है। एसओजी टीम को सतर्क कर दिया गया है। भारत नेपाल सीमा से लगे थानों की पुलिस को इस पर नजर रखने के आदेश दे दिए गए हैं। नेपाल सीमा पर तैनात सुरक्षा बल एसएसबी के साथ समन्वय को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

ईवीएम पर हाईकोर्ट: छ विधानसभाओं को ईवीएम सील के आदेश

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विकासनगर के बाद उत्तराखंड की छह और विधानसभा क्षेत्रों में ईवीएम में छेड़खानी का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने इन सभी विधानसभा की ईवीएम को सील करने के आदेश दिए हैं।

राजपुर, बीएचईएल रानीपुर, रायपुर, मसूरी, प्रतापनगर और हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम में हुई छेड़खानी के मामले में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रयोग हुई ईवीएम सील करने के आदेश दिए हैं। सील करने की कार्रवाई न्यायिक अधिकारी की मौजूदगी में करनी होगी।

साथ ही इस मामले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार, चुनाव आयोग और सभी जीते हुए प्रत्याशियों से छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है इससे पहले हाई कोर्ट विकास नगर विधानसभा की सभी ईवीएम सील करने का आदेश पारित कर चुका है। यह याचिका पूर्व मंत्री नवप्रभात ने दायर की थी।

इस बार राजपुर देहरादून विधानसभा से हारे हुए उम्मीदवार राजकुमार ने विजयी उम्मीदवार खजान दास, अमरीश कुमार ने बीएइएल हरिद्वार के आदेश कुमार चौहान के खिलाफ, प्रभुलाल बहुगुणा ने रायपुर विधानसभा से जीतने वाले उम्मीदवार उमेश शर्मा काऊ के खिलाफ, मसूरी से गोदावरी थापली ने मसूरी के विधायक गणेश जोशी के खिलाफ, विक्रम सिंह नेगी ने प्रताप नगर के विजय सिंह पंवार के खिलाफ, चरण सिंह ने हरिद्वार ग्रामीण के विजयी प्रत्याशी यतिस्वरानंद के खिलाफ उत्तराखंड हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दायर की।

इसमें याचिगणो का कहना था कि विधान सभा के मतदान के दिन चुनाव आयोग ने मतदान कराने के लिए जो वोटिंग मशीनें उनको चेक करायी थी, उसे बदलकर उनकी जगह दूसरी वोटिंग मशीनों  का उपयोग किया गया। साथ में मशीनों के साथ टैंपरिंग हैकिंग मैनुप्लेटिंग छेड़छाड़ की गई। याचिकर्ताओ की याचिकाओं में सुनवाई के बाद कोर्ट ने चुनाव आयोग  भारत सरकार राज्य चुनाव आयोग रिटनिंग आफिसर और विजयी प्रत्याशी खजान दास, आदेश कुमार चौहान, उमेश शर्मा काऊ, गणेश जोशी, विजय सिंह पंवार, यतिस्वरानंद को नोटिस जारी किए। साथ ही सभी वोटिंग मशीनों को 48 घंटे के भीतर ज्यूडिशियल  मजिस्ट्रेट के सम्मुख सील करने के आदेश दिए है।

हाई कोर्ट ने छह सप्ताह में सभी पक्षकारों से जवाब देने को कहा।  मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह के बाद की नियत की गई है।  मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एसके गुप्ता की एकलपीठ में हुई।