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पुलिस की रैकी करने वालों पर सिकंजा

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रेकी करने वाले फिल्डरों की अब खैर नहीं। काशीपुर में अवैध खनन से भरे वाहनों के साथ पुलिस की रैकी करने वाले फिल्डरों पर पुलिस ने नकेल कसना शुरु कर दिया है। जिसके लिए खनन माफिया की लगाई फील्डिंग पर अब पुलिस ने बैटिंग शुरू कर दी है। पुलिस ने रेकी करने वाले कई लोगों की बाइक सीज कर दी है। पुलिस अवैध खनन के साथ-साथ रेकी करने वालों के खिलाफ भी अभियान चला रही है।

कोसी नदी में अवैध खनन करने वाले कुछ युवकों को पुलिस की रेकी करने के लिए रखा गया है। जिन युवकों के पास बाइक नहीं है, उन्हें खरीद कर बाइक भी दी गई है। नदी के खनन क्षेत्र से जुड़े मार्गो पर जगह-जगह खोखों पर युवक खड़े रहते हैं। जब पुलिस व प्रशासन की टीम गुपचुप तरीके से अवैध खनन के खिलाफ छापा मारने जाती है तो इसकी सूचना मोबाइल से युवक खनन माफिया को दे देते हैं। माफिया मौका पाकर अवैध खनन में शामिल लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर व ट्रक लेकर भाग जाते हैं। ऐसी स्थिति में माफिया प्रशासन के हाथ नहीं लग पाते हैं।

अब पुलिस अवैध खनन के साथ रेकी करने वालों पर भी नजर है। आइटीआइ थाना प्रभारी जसवीर सिंह चौहान ने बताया कि कुछ युवक पुलिस की रेकी करते हैं। इन पर भी अंकुश लगाना बेहद जरूरी है। रोजाना रात में अवैध खनन के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। तीन दिन में रेकी करने वाले सात युवकों को बाइक सहित पकड़ लिया गया। युवकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया, मगर सात बाइकों को सीज कर दिया गया है। एक बाइक छोड़ किसी बाइक पर नंबर प्लेट नहीं थी। अब रेकी करने वालों की बाइक सीज करने के साथ केस भी दर्ज होगा।

ईडी ने अवैध ”फॅारेन करेंसी एक्सचेंज” की तीन दुकानों में मारा छापा, 68 लाख सीज़

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बेहिसाब धन पर कार्रवाई के दौरान, ईडी के अधिकारियों ने देहरादून में “अवैध” फारेन करेंसी चेंजर गौरव कुमार के तीन परिसरों में छापा मारा और मंगलवार शाम यहां से 68 लाख रुपये फारेन और इंडियन करेंसी जब्त किए।

ईडी टीम के 3 अधिकारियों ने गौरव के दो बिजनेस जगहों पर छापा मारा जिनमें से एक शहर के बीचों-बीच सेंट जोसफ स्कूल के पास और नेशविला रोड पर स्थित है। इसके अलावा उनके घर जो मसूरी डायवर्जन पर स्थित है वहा भी छापा मारा।

ईडी के अधिकारी ने बताया कि यह छापे 3 जगहों पर चले, लेकिन अभी के लिए 68 लाख की रिकवरी हुई है जिसमें से 17 लाख फारेन करेंसी है और 51 लाख इंडियन करेंसी है, यह पूरा अमाउंट सीज कर दिया गया है। ईडी टीम ने कुछ कागजात भी सीज कर दिए है, जिसमें इनके बिजनेस के लिंक उत्तराखंड के साथ साथ दूसरे राज्यों में भी है।

ईडी के अधिकारी ने बताया कि गौरव और उनके पिता अशोक कुमार पिछले 10 सालों से फारेन करेंसी एक्सचेंज का बिजनेस चलाते हैं, और इन दोनों के लिंक एक ऐसे सिंडिकेट से बताए जा रहे जो बेहिसाब फारेन करेंसी की सप्लाई अलग-अलग देशों में करते हैं जैसे यूएस, कनाडा, दुबई और सिंगापुर।

अब तक की जांच के बारे में अधिकारीयों ने बताया कि दोनों ही बाप और बेटे को ईडी स्कैनर के तहत रखा गया था, और इन दोनों के नाम किसी पूछताछ में सामने आए थे। यह दोनो बिना लाइसेंस के काम कर रहे थे और कम दाम में लोगों को फारेन करेंसी एक्सचेंज करते थे।

ईडी के अधिकारी ने बताया कि 51 लाख की इंडियन करेंसी को भी फारेन करेंसी में बदलने के लिए रखा गया था। उन्होंने बताया कि हम अभी भी फारेन और इंडियन करेंसी सप्लाई करने वाले लोगों की खोज कर रहे है, और हमें लगता है कि वह जो भी है देहरादून और वेर्स्टन उत्तर प्रदेश सिंडिकेट के है क्योंकि इतने बड़े लेवल पर फारेन और इंडियन करेंसी की लेन देन मुमकिन ही नहीं है।

छापे के बाद, ईडी ने दोनों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम की रोकथाम के तहत मामला दर्ज करने का फैसला किया है।

लाईफ लाईन को बचाने में जुटे वरिष्ठ नागरिक

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कुमाऊं की लाइफ लाइन कही जाने वाली गौला नदी को बचाने में हल्द्वानी के वरिष्ठ नागरिक समाज के सामने मिसाल पेश कर रहे हैं। सेवानिवृत्ति के बाद उम्र के जिस पड़ाव पर लोग आराम पसंद करते हैं, उस उम्र में हल्द्वानी शहर के पांच वरिष्ठ नागरिक जीवनदायिनी गौला नदी को जीवन देने में जुटे हैं।

गौला को साफ रखने का संकल्प ऐसा कि नदी में उतरकर गंदगी को साफ करते हैं। दो साल से चल रही उनकी मुहिम अब बड़ा रूप लेने लगी है। घाट पर शवों का अंतिम संस्कार करने आने वाले लोग भी गौला की सुचिता के लिए चल रहे स्वच्छता अनुष्ठान में शामिल हो रहे हैं। धीरे-धीरे शहर के दूसरे संगठन भी उनके साथ होने लगे हैं।

काठगोदाम के रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर वरिष्ठ नागरिक समिति हर सप्ताह के शनिवार को सफाई अभियान चलाकर नदी को साफ करती है। समिति के सदस्य घाट पर शव का दाह संस्कार करने आने वाले लोगों को नदी को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक करते हैं।

चित्रशिला घाट पर रोजाना औसतन 10-12 शवों का दाह संस्कार होता है। इन्हें जलाने के लिए प्रति शव पांच से सात क्विंटल लकड़ी की जरूरत होती है। शवदाह के बाद लोग अवशेष लकड़ी, कपड़े और अन्य सामान नदी में फेंक देते हैं। कई बार अधजले अंग भी नदी में बहा दिए जाते हैं, जिससे जल दूषित होता है। इसी पानी को हल्द्वानी शहर में पीने के उपयोग में लाया जाता है।

वरिष्ठ नागरिक आनंद सिंह ठठोला बताते हैं कि समिति ने मार्च 2015 में सफाई अभियान की शुरुआत की थी। शुरू में समिति से जुड़े पांच लोगों की टोली ने नदी में उतरकर उसमें जमा गंदगी को बाहर निकाला। समिति अब रानीबाग में विद्युत शवदाह गृह बनाने के लिए अभियान चलाने की तैयारी कर रही है।

जीवनदायिनी गौला नदी की सफाई में भारत स्वाभिमान संस्था भी जुटी है। संस्था के अध्यक्ष कौस्तुभानंद जोशी ने घाट पर टिन शेड बनवाए और उनकी टीम सफाई अभियान में सक्रिय रहती है।

फुड प्वाजनिंग के 56 लोग शिकार

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ऊधमसिंह नगर के शक्तिफार्म, देवनगर में पूजा के बाद प्रसाद खाने से 56 लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। विभागीय टीम ने गांव पहुंचकर मरीजों का उपचार किया। अधिक प्रभावित छह ग्रामीणों का स्वास्थ्य केंद्र में उपचार किया गया।

देवनगर निवासी आनंद मंडल के घर शनिवार रात पूजा हुई। देर रात पूजा के बाद ग्रामीणों को प्रसाद वितरित किया गया। यह प्रसाद कच्चा दूध, आटा, मैदा, गुड़, चीनी, केला, नारियल आदि को मिलाकर बनाया जाता है। रविवार सुबह प्रसाद खाने वाले बच्चे-महिलाओं समेत 50 से ज्यादा लोगों को उल्टी-दस्त शुरू हो गए।

एक साथ लोगों के बीमार होने से गांव में हड़कंप मच गया। ग्राम प्रधान हिना सरकार के पति तपन सरकार ने इसकी सूचना स्वास्थ्य केंद्र में देकर ग्रामीणों के उपचार के लिए कहा। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की एएनएम मंजू रानी, सुपरवाइजर बीएम यादव के साथ एक टीम गांव पहुंची। जहां उल्टी-दस्त से प्रभावितों को ओआरएस के घोल व अन्य जरूरी दवाएं दी गई।

एएनएम मंजू रानी ने बताया कि सभी मरीजों की स्थिति अब सामान्य है। फिर भी नजर रखी जा रही है। छह लोगों को स्थिति अधिक खराब रहने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां डॉक्टर की तैनाती न होने से फार्मासिस्ट नरेंद्र भट्ट ने उपचार किया। जबकि गांव में आशा कार्यकर्ता मीनाक्षी सरकार व स्नेहलता आदि भी जुटी रहीं।

सलमान खान की फिल्म ट्यूबलाइट का उत्तराखंड कनेक्शन

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आने वाली ईद के मौके पर बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की फिल्म ट्यूबलाइट रिलीज होगी । फिल्म में सलमान के उत्तराखंड मूल के अभिनेता बिजेंद्र काला भी नजर आयेंगे । दिलचस्प बात यह है कि फिल्म में सलमान खान कुछ संवाद गढ़वाली में करते नजर आयेंगे ।

कबीर खान निर्देशित ट्यूबलाइट फिल्म भारत-चीन युद्ध की पृष्ठभूमि में बनी है। बिजेंद्र काला इस फिल्म में एक पहाड़ी गांव के दुकानदार के किरदार में नजर आएंगे। इस फिल्म की कहानी बार्डर के एक गांव के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में सलमान खान का भाई फौज में होता है और वह इस युद्ध को किसी भी तरह रोकना चाहते हैं।

सलमान जिस गांव में रहते हैं उस गांव में यह दुकान गांव की चौपाल है। दुनिया जहान की बातों का अड्डा उनकी दुकान बनती है। फिल्म में उन्होंने कुछ संवाद गढ़वाली में भी किए हैं। फिल्म में सलमान खान का भाई फौज में होता है और वह इस युद्ध को किसी भी तरह रोकना चाहते हैं। सलमान जिस गांव में रहते हैं उस गांव में यह दुकान गांव की चौपाल है। फिल्म में सलमान खान ने कुछ संवाद गढ़वाली में भी किए हैं।

आपदा से बचाएगा बद्रीनाथ भगवान का प्रसाद

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भगवान बदरीनाथ व उनके सेवक कुलदेव घंटाकर्ण की भोजन थाल में सजाए जाने वाले विशेष फल ‘बदरी बेर’ के कुछ और अहम रहस्य खुले हैं। ताजा शोध के मुताबिक औषधीय गुणों से भरपूर यह फल लाइलाज कैंसर के खात्मे में कारगर तो है ही, हिमालयी क्षेत्र की मृदा की सेहत सुधारने व भूकटाव रोकने में भी असरदार है।

समुद्रतल से 2200 से 3300 मीटर की ऊंचाई पर भगवान बदरीनाथ की धरा के धार्मिक फल ‘बदरी बेर’ (हिपोफी सेलीसिफोलिया) पर शोध रिपोर्ट के अनुसार बदरी बेर के पेड़ की जड़ें मिट्टी में नाइट्रोजन की कमी को पूरा कर उर्वरा शक्ति को बढ़ाती हैं। इससे अनुपजाऊ जमीन भी आबाद हो सकती है। इसकी जड़ें मिट्टी को इस कदर बांधे रखती है, कि संबंधित क्षेत्र में भू-कटाव व भू-क्षरण कतई नहीं होता।

बदरी बेर से कैंसर के इलाज को अब तक पांच उत्पाद तैयार करने के बाद जड़ी बूटी शोध एवं विकास संस्थान (भेषज) के वैज्ञानिक उच्च हिमालय में मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ाने तथा अतिवृष्टि में भू-कटाव व मिट्टी का क्षरण रोकने के लिए इस फल के पेड़ों का रक्षा कवच तैयार करने में जुट गए हैं। इसके तहत भूस्खलन तथा बंजर रेतीली जमीन पर वृहद पौधरोपण कर उसे हरा भरा बनाने की तैयारी कर ली गई है।

भेषज के कुमाऊं प्रभारी डॉ. विजय भट्ट के मुताबिक औषधीय गुणों वाले बदरी बेर पर शोध जारी है। इसके पेड़ों की जड़ों में मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने की जो खूबी सामने आई है, वह उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने वाली है। चूंकि यह भूकटाव व मिट्टी का क्षरण रोकने में भी असरदार है, इसलिए हमने उच्च इलाकों में भूस्खलन प्रभावित इलाके चिह्नित कर पौधरोपण का काम शुरू कर दिया है। इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे।

भेषज के वैज्ञानिक ‘बदरी बेर’ का उत्पादन बढ़ाने के लिए पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली व उत्तरकाशी की उच्च चोटियों पर एक-एक हेक्टेयर में पौधालय तैयार कर रहे हैं। अब राज्य में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित धारचूला, दारमा (पिथौरागढ़) के साथ ही नीती व माणा, गंगोत्री, यमुनोत्री, उत्तरकाशी, चमोली आदि इलाकों में वृहद पौधरोपण का खाका तैयार कर लिया है। ताकि वहां की मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़े, हरियाली आए और भूकटाव भी काम किया जा सके।

आज खुलेंगे हेमकुंड साहिब के कपाट

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित, सिखों का प्रसिद्ध तीर्थ हेमकुंङ साहिब स्थल है। यह हिमालय में 4632 मीटर (15,200 फुट) की ऊंचाई पर एक बर्फीली झील किनारे सात पहाड़ों के बीच स्थित है। ऋषिकेश से सड़क मार्ग से 290 किमी दूरी पर बदरीनाथ के समीप गोविंदघाट स्थित है। गोविंदघाट से 19 किमी की पैदल दूरी तय कर पवित्र हेमकुंड साहिब पहुंचा जाता है।चारधामों के खुलने के बाद 25 मई को हेमकुंड साहिब के कपाट खुलेंगे। सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह की तपस्थली हेमकुंड साहिब के कपाट सुबह नौ बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ के लिये खोल दिए जाएंगे। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कपाट मुख्य ग्रंथी की पहली अरदास के साथ खोले जाएंगे। 10 अक्तूबर को गुरुद्वारे के कपाट बंद होंगे।

यहां 19 दिन की मेहनत के बाद सेना की 18 इंजीनियरिंग कोर के 30 जांबाज जवानों ने पैदल मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया है। तीन किमी का यह रास्ता बर्फ काटकर बनाया गया है। यहां कई जगह पर आठ से दस फीट तक बर्फ जमी हुई थी। सेना के जवानों ने सीमित संसाधन होने के बावजूद रिकॉर्ड समय में पूरा किया। क्योंकि इतनी ऊंचाई पर बड़ी मशीनें पहुंचाना संभव नहीं है। ऐसे में सीमित उपकरणों के साथ सेना के जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से चट्टान की तरह जमी बर्फ को काटकर रास्ता तैयार किया। अब यात्री इस पैदल मार्ग से आवाजाही कर सकेंगे। हालांकि घोड़े और खच्चरों को धाम में पहुंचने में कुछ समय लगेगा।

गोपेशवर में बेकाबू कार का कहर

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उत्तराखंड के गोपेश्वर में मंगलवार को एक शराबी ने सड़क पर गाड़ी में सवार होकर नशे का ऐसा खेल खेला जिसकी तस्वीर सीसीटीवी में कैद हो गयी ।दरसल नशे में एक युवक पहले तो बाजार में तेज रफ्तार से गाड़ी दौड़ाता रहा।और इसी बीच उसने गाड़ी को भीड़ भाड़ वाले इलाके में घुसा दिया ।

तेज़ गति से आ रही गाड़ी ने वह मौजूद लोगों को टक्कर मारनी शुरू कर दी। इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता इससे पहले ही उसने कई खड़ी गाडि़यो को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया ।इस हादसे में सीसीटीवी ने वो मंजर भी कैद कर लिया जब नशे में सवार ये युवक लोगों को टक्कर मार रहा था ।बाद में स्थानीय लोगो ने इसे पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया ।

आइटीबीपी को मिले 28 जांबाज आफिसर

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16 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण पूरा करने बाद देश रक्षा की शपथ लेकर 28 अधिकारी बतौर सहायक सेनानी आइटीबीपी की मुख्य धारा में शामिल हो गए। आइटीबीपी अकादमी निदेशक आईजी सुधाशुं शेखर मिश्रा ने पासिंग आउट परेड का निरीक्षण कर सलामी ली और पास आउट होने वाले अधिकारियों को बल की मुख्य धारा में शामिल होने के लिए बधाई दी।

आइटीबीपी बल के परेड मैदान में आज दीक्षांत एवं शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। पास आउट होने वाले 28 अधिकारियों में दो महिलाएं भी शामिल रहीं। आइटीबीपी अकादमी निदेशक आईजी सुधांशु शेखर मिश्रा ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। पास आउट अधिकारियों ने बल के ब्रासबैण्ड की धुनों के साथ मार्च पास्ट किया।

प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए सहायक सेनानी इंजीनियर रविकुमार को आचरण में श्रेष्ठ, सहायक सेनानी डा. क्रांति कुमार को संपूर्ण गतिविधियों में श्रेष्ठ और सहायक सेनानी इंजीनियर नरेश चौधरी को संपूर्ण प्रशिक्षण गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षणार्थी के लिए अकादमी निदेशक द्वारा पुरस्कृत किया गया।

पीपिंग सेरीमनी में पास आउट हुए अधिकारियों के कंधों पर उनके परिजनों व अकादमी अधिकारियों ने सितारे सजाए। पासिंग आउट परेड की समाप्ति पर आईटीबीपी बल की केंद्रीय कराते टीम ने मार्शल आर्ट का शानदार प्रदर्शन किया और बल के पाइप बैंड ने मनोहारी धुने प्रस्तुत की। पासिंग आउट परेड का नेतृत्व सहायक सेनानी नरेश चौधरी ने किया। किस

किस राज्‍य से कितने अधिकारीः

  • तेलंगाना    8
  • उत्तर प्रदेश  7
  • आंध्रप्रदेश   5
  • बिहार       3
  • पंजाब       2
  • जम्मू-कश्मीर 1
  • राजस्था     1
  • महार        1

उत्तरकाशी नालूपानी बस हादसा में 19 की मौत, मुख्यमंत्री ने मैजिस्ट्रेट जाँच के दिये निर्देश

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उत्तरकाशी के नालूपानी में एक बस हादसे का शिकार हो गये हैं। बस में अधिक्तर यात्री इन्दौर, मध्यप्रदेश के रहने वाले थे। यह हादसा 5:30 बजे शाम को हुअा। बस में मौजूद क़रीब 19 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है और 7 घायलों को बचाया गया हैं। एडीजी राम सिंह मीणा के बयान ने इसकी पुष्टी करी अौर बताया कि बस का टायर निकलने से यह हादसा हुआ।उत्तराखंड के पहाड़ी इलाको में सड़के हादसे रुकने का नाम नही ले रहे है ।कल भी अलग अलग सड़क हादसों में आदा दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी थी। बताया जा रहा है कि उत्तरकाशी के नालूपानी में गंगोत्री से आ रही बस, धरासू से 11 किलोमीटर आगे अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी।

सड़क हादसा इतना भयानक है कि बस के परखचे उड़ गए है । बस 300 मीटर गहरी गिरी है, अंधेरा होने के कारण भी रेक्सयू ओपरेशन में दिकते आ रही थी । बताया जा रहा है कि कई यात्रिओ के बहाने की भी सूचना है जिसकी खोजबीन की जा रही है।बचाव कार्य में जल पुलिस, पुलिस, आईटीबीपी के जवान लगें रहे। साथ ही डीएम और एसपी मौक़े पर पहुँच गये। साथ ही एसडीआरएफ के और भी जवान राहत के लिये भेजे गये। नदी का जल स्तर अधिक होने से बचाव और राहत के कामों में परेशानी आ रही हैं। राहत कामों में दिक़्क़त न हो इसके लिये जोशियाड़ा बैराज से पानी छोड़ना बंद कर दिया गया है ताकि जल स्तर काम रहे।

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चिंयालीसौड़ अस्पताल को राहत के कामों के लिये नोडल अस्पताल बनाया गया है। राज्य सरकार के अधिकारियों ने मध्य प्रदेश सरकार के अधिकारियों से संपर्क साधा हुअा है। मध्य प्रदेश के रेज़िडेंट कमिशनर से सम्पर्क कर पल पल की जानकारियाँ साझा की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने घटना पर शोक व्यक्त किया और राहत बचाव के कामों में तेज़ी के लिये मुख्य सचिव को निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 1 लाख और गम्भीर घायलों के लिए 50,000 रुपए सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने बस दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए इसकी मजिस्ट्रेटी जाँच के निर्देश दिए हैं। परिवहन आयुक्त और पुलिस को वाहनों की सख़्त जाँच के निर्देश भी दिए है। मुख्य सचिव को राहत बचाव के कार्यों को युद्दस्तर पर करने के निर्देश। बीअारअो तथा नैशनल हाइवे को चारधाम यात्रा मार्गों पर संवेदनशील स्थानों / भूस्खलन संभावित क्षेत्र पर आवश्यक सावधानियाँ रखने और क्रैश बैरीअर बनाने के निर्देश।