
अनशन में बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद को पुलिस ने जबरन उठाया

टिहरी सांसद ने देहरादून महाराजा प्रदुम्मन शाह की समाधि का किया निरीक्षण
हरीश रावत ने “काफल पार्टी” के ज़रिये जोड़े पहाड़ से तार
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अपने कैम्प कार्यालय राजपुर रोड़, देहरादून में उत्तराखण्ड की परम्परा व संस्कृति को जोड़ते हुए काफल पार्टी का आयोजन किया। जिसमें पत्रकार, समाजसेवा से जुड़े लोग व कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ काफल व चाट का आनन्द लिया। उन्होंने इस अवसर पर बोलते हुए कहा काफल फल ही नहीं है यह हमारी संस्कृति, परम्परा व बेटी के अपने मायके से रिश्ते का प्रतिक है। उन्होंने कुछ पत्रकारों के इसके राजनैतिक निहर्ताथ के सवाल पर कहा कि मैं तो यह चाहता हॅू कि इस परम्परा से जुड़े और इस परम्परा को आगे भी बढ़ायें। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि मेरी इस काफल पार्टी में बढ़चड़ कर सिरकत की, मुझे विश्वास है कि उनके द्वारा पर्वतीय क्षेत्र की विकास जो योजनाऐं, गांव के विकास का जो ऐंजडा मैंने बनाया था, मेरा मडुवा, कोदो, झंगोरा फोकस में रहेगा व मेरा उत्तराखण्ड व गैरसैंण का एजेंडा मजबूत होगा।
हर गांव का विकास सरकार का केन्द्र बिन्दु बनेगा। पर्वतीय क्षेत्र का दुर्गम विकट जीवन को राहत पहुंचाने वाला उनका रोड़ मैप से कोई हटा नहीं पायेगा। इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस केमटी के राष्ट्रीय सचिव एवं विधायक काजी निजामुद्दीन, महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अनुपमा रावत, पूर्व मुख्यमंत्री के मुख्य प्रवक्ता, सुरेन्द्र कुमार, कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी, प्रवक्ता आर0पी0 रतूड़ी, गरिमा दसौनी, संजय भट्ट, शोभा राम, स्टेट यूनियन नेता रवि पचैरी, आर0ए0 खान, उपाध्यक्ष, मदरसा बोर्ड, इकबाल सिद्वक्की, प्रदेश सचिव, कमल रावत, सय्यद मोहम्मद कासिम, कमल शर्मा, साधना तिवारी कई समाज सेवी एवं कांग्रेस नेता आदि उपस्थित थे।
जिला अस्पताल चमोली में करा सकते हैं आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन
सूचना तकनीक के इस्तेमाल से मरीजों को मिलने वाले सेलॉवाओं में सुधार के इरादे से चल रही योजनाओं में अब उत्तराखंड के चमोली ने भी अपना नाम दर्ज करा लिया है। चमोली जिले के राजकीय जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में अब आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। इसके चलते मरीजों को ओपीडी में अपना इलाज करवाने के लिये अस्पताल आकर अपना नाम दर्ज कराने की जरूरत नही है। मरीज घर बैठे ही आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इस से उन्हें अस्पताल जाकर रजिस्ट्रेशन की लाइन में लगने से राहत मिल सकेगी। एम्स, ऋषिकेश के बाद चमोली का जिला अस्पताल राज्य का पहला ऐसा अस्पताल बना है जहां आॅनलाइ रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
इस प्रोजेक्मट से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस सुव्रिधा से न सिर्फ मरीजों को सुविधा होगी बल्कि अस्पताल के डाॅक्टर और स्टाफ मरीजों के आने से पहले उनके इलाज और उपचार से जुड़े कागजात और कुछ केस में दवाई भी तैयार रख सकते हैं। इससे मरीजों के इलाज में तेजडीभी आयेगी और डाॅक्टरों पर भी भार कम हो सकेगा। इस सुविधा का लाब उठाने के लिये मरीज ors.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण और रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
बिन बिजली आईटी की पढाई
विद्यालय में बिजली नहीं है, इसके बाद भी बच्चों को सूचना एवं प्रौद्योगिकी (आइसीटी) के माध्यम से शिक्षा मिल रही है। बच्चों को मोबाइल प्रोजेक्टर और थ्री-डी मोबाइल स्क्रीन से पढ़ाया जा रहा है। बिजली विहीन राजकीय प्राथमिक विद्यालय खड़कूभल्या गांव, पिथौरागढ़ में यह सब प्रभारी प्रधानाध्यापक कर रहे हैं।
पिथौरागढ़ तहसील के रामगंगा नदी घाटी के दूरस्थ राप्रावि खड़कूभल्या के प्रभारी प्रधानाध्यापक नेत्र सिंह कोरंगा अपने निजी संसाधनों से विद्यालय में शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। विद्यालय में बिजली उपलब्ध नहीं होने के बावजूद भी पठन-पाठन को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। कोरंगा द्वारा विद्यालय में मोबाइल प्रोजेक्टर तैयार किया है। मोबाइल को प्रोजेक्टर के अंदर रखकर व ब्लूटूथ स्पीकर को मोबाइल साउंड सिस्टम से जोड़कर प्रत्येक संबोध को दीवार में बड़े साइज में दिखाया जा रहा है। इसी प्रकार थ्री-डी मोबाइल स्क्रीन भी बनाई गई है। जिसमें पिक्चर को तीन गुना बड़े साइज में दिखाया जा रहा है। ब्लूटूथ स्पीकर व ऑडियो किट को स्मार्टफोन से जोड़कर विभिन्न गतिविधियों को आसान व सरल माध्यम से संचालित किया जा रहा है।
आइसीटी के माध्यम से सामाजिक विषय, अंग्रेजी भाषा, गणित को आसान व सरल ढंग से विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा स्मार्टफोन में इंटरनेट का इस्तेमाल करते हुए मोबाइल प्रोजेक्टर व थ्री-डी स्क्रीन के माध्यम से बच्चों को डांस, संगीत व स्वच्छता संबंधी आवश्यक जानकारी दी जा रही है। इस नवाचारी विधि से बच्चे खेल-खेल में बहुत अच्छी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। कमजोर बच्चों को विषय आसानी से समझ आ रहे हैं। प्रधानाध्यापक कोरंगा ने बताया कि विद्यालय में बिजली उपलब्ध नहीं है। इसलिए वह घर से ही सभी सिस्टम चार्ज करके विद्यालय ले जाते हैं। उनका मानना है कि इस प्रकार के सूचना एवं प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल सरकारी विद्यालयों में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा।
शिक्षक कोरंगा आइसीटी में विण ब्लॉक के मास्टर ट्रेनर रह चुके हैं। उन्होंने डायट डीडीहाट में आयोजित कार्यशाला में आइसीटी का सफलतापूर्वक प्रयोग कर साबित कर दिया कि बिना बिजली के भी आइसीटी का प्रयोग आसानी से किया जा सकता है।
आरपीएफ कर्मियों ने लोको पायलट से की मारपीट
फरुखाबाद से कासगंज जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में आरपीएफ कर्मियों ने लोको पायलट और सहायक लोको पायलट के साथ मारपीट कर दी। इससे खफा ट्रेन ड्राइवरों ने संपर्क क्रांति ट्रेन रोककर प्रदर्शन किया। स्टेशन प्रशासन के चालकों को काफी समझाने के बाद वे ट्रेन को आगे जाने देने के लिए राजी हुए।
सुबह पैसेंजर ट्रेन (55331) फरुखाबाद से कासगंज जा रही थी। कासगंज के पास गार्ड ब्रेक वाहन में आरपीएफ के दो जवान बिना टिकट जाने वाले यात्रियों को चढ़ाने लगे। लोको पायलट प्रेम प्रकाश जुयाल स्पेयर ड्यूटी जा रहे थे। उन्होंने मना किया तो आरपीएफ के जवानों ने उन्हें और सहायक लोको पायलट को पीट दिया। इससे गुस्साए रामनगर से दिल्ली जाने वाली ट्रेन (25036) संपर्क क्रांति को काशीपुर रेलवे स्टेशन पर ड्राइवरों ने रोककर विरोध जताया। साथ ही आरोपी आरपीएफ जवानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। रेलवे स्टेशन के अधिकारियों के काफी समझाने के बाद चालक ट्रेन को आगे जाने देने को राजी हुए। प्रदर्शन से संपर्क क्रांति करीब 17 मिनट देरी से रवाना दिल्ली के लिए रवाना हुई। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जीरों टाॅलरेंस पर सरकार अडिग
नैनीताल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर अडिग है। एनएच घोटाले की सीबीआइ जांच की संस्तुति की जा चुकी है। सीबीआइ नियमानुसार 90 दिन के भीतर जांच पर निर्णय लेती है। इस घपले में अब तक छह अफसरों को सस्पेंड जबकि दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घोटाले के लिए दोषी हर कार्मिक को संवैधानिक दायरे में सजा दिलाई जाएगी। राज्य की विजीलेंस व अन्य एजेंसियां भी लगातार जांच कर रही हैं। कुमाऊं आयुक्त का तबादला रूटीन तबादला था। वह इस मामले की जांच पूरी कर चुके थे।
शुक्रवार को बोट हाउस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए सीएम रावत ने कहा कि भाजपा के घोषणापत्र में किसानों की कर्जमाफी का वादा शामिल नहीं था। इसके बावजूद सरकार खेती को लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए आयोग बनाने व सीमांत व लघु किसानों के लिए शीघ्र नई स्कीम लाई जाएगी। प्रगतिशील किसानों से वह सप्ताह में खुद बात करेंगे। एक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि मानसून में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर 15 जून को वीडियोकांफ्रेंसिंग के माध्यम जिलाधिकारियों से वार्ता की जाएगी। कैलास-मानसरोवर यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हेलीकॉप्टर उपलब्ध रहेगा।
थीम बेस्ड पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये 2 सर्किट हाउस के प्रपोजल तैयार
उत्तराखंड ईकोटोरिसम कॉरपोरेशन स्वदेश दर्शन योजना के तहत दो पर्यटन सर्किट लॉन्च करने के लिए एक प्रस्ताव प्रस्तुत करेगी।थाको-संजय झील, चौरासी कुटिया-रानीचौरी-धनोल्टी-देवलसारी और चीला-रसियाबाद-स्नेह-कोल्हुचौर-कनवाश्रम सर्किट को जोड़ते हुए ऋषिकेश, राजाजी राष्ट्रीय उद्यान, हरिद्वार, टिहरी, मसूरी और कोटद्वार को विकसित करने की योजना बनाई है। तीन सर्किट के कांसेप्ट को जोड़ते हुए हिमालय, ईकोटौरीज़म और वन्य-जीव का यह प्रस्ताव अपने अंतिम चरण में है।
अधिकारी इन स्थानों के विकास में आने वाले खर्चे को जोड़ने का काम कर रहे हैं, प्रस्ताव इस महीने में प्रस्तुत कर दिया जाएगा।पर्यटन मंत्रालय ने पूरे देश में थीम-आधारित पर्यटन सर्किट विकसित करने के लिए स्वदेश दर्शन स्कीम शुरू की थी। इस योजना के तहत, विकास के लिए पूर्वोत्तर, बौद्ध, हिमालयी, तटीय, कृष्णा, रेगिस्तान, आदिवासियों, पारिस्थितिकी, वन्य जीव, ग्रामीण, आध्यात्मिक, रामायण और विरासत के सर्किट की पहचान की गई है। यह थीम पर्यटन पर अधिक जोर देता है – धर्म, संस्कृति, विरासत, अवकाश और अन्य।
दो चुने गए सर्किटों में फारेस्ट रेस्ट हाउस को प्रस्ताव के तहत कुछ पर्यटक स्थलों से जोड़ा जाएगा। हरिद्वार जंगल विभाग की चिरीपुर रेंज में रसायाबाद वन विश्रामगृह 1889 में बनाया गया था। झीलमिल जिल के पास, लगभग खत्म हो चुके स्वैंप डियर यानि की बारहसिंघे के घर के आसपास बने रेस्ट हाउस पर्यटकों के आरामदायक ट्रीप के लिए उनका स्वागत करेंगे।
इसी तरह, देहरादून वन विभाग में थानों विश्रामगृह 1890 में बनाया गया एक पुराना बंगला है। घर से 8 किमी की ऊपरी ट्रेक पर एक जीर्णोद्धारित विश्रामगृह मदन बंगला है जहां से दून घाटी का बर्ड व्यू देख सकते हैं। वन्य जानवरों के बार-बार आगमन की वजह से, थानो रेस्ट हाउस, दून डिवीजन में स्थित एक शानदार पर्यटन स्थल हैं।
“दोनों सर्किट के तहत पर्यटन की अवधारणा हमारे फारेस्ट रेस्ट हाउस के आसपास घूमती है।” उत्तराखंड ईकोटोरिसम कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक अनुप मलिक ने बताया कि कुछ ऐतिहासिक विश्रामगृहों को महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों से जोड़ा जाऐंगा। परियोजना के तहत मांग की गई धनराशि का उपयोग नवीकरण और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए किया जाएगा। स्थानीय लोगों को विभिन्न गतिविधियों जैसे कि हाउसकीपिंग, रसोईघर और अन्य कामों के लिए जोड़ा जाएगा।
योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार, पर्यटन सर्किट की पहचान वर्तमान पर्यटक यातायात, कनेक्टिविटी, साइटस और समग्र पर्यटक अनुभव से जुड़ी क्षमता और महत्व के आधार पर किया जाएगा।
पहाड़ के बहुत से गांवों को रौशन करेगी ”सूर्य ज्योति”
विषम भूगोल वाले उत्तराखंड में करीब सवा लाख परिवार आज भी विद्युत सुविधा से वंचित हैं। इनमें सीमांत क्षेत्रों के गांव शामिल हैं, लेकिन अब ‘सूर्य ज्योति’ (सोलर डोम) तकनीक पर आधारित संयंत्र से ये गांव रोशन हो सकेंगे।
एनबी इंस्टीट्यूट फॉर रूरल टेक्नोलॉजी (एनबीआइआरटी) कोलकाता की ओर से विकसित यह संयंत्र प्रथम चरण में राज्य के चार जनपदों के 100 गांवों में लगाए जाएंगे। देहरादून के शुक्लापुर में हेस्को संस्था और एनबीआइआरटी के तत्वावधान में आयोजित प्रशिक्षण के दौरान गुरुवार को इस संयंत्र की लांचिंग की गई। मात्र 1800 रुपये की लागत वाले सोलर डोम से चार घंटे तक बिजली मिल सकेगी।
सोलर डोम की लांचिंग के मौके पर हेस्को के संस्थापक पद्मश्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि यह संयंत्र पहाड़ों के लिए क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है। जिन गांवों में बिजली नहीं है, वहां के लिए यह वरदान से कम नहीं है। एनबीआइआरटी के चेयरमैन एवं पश्चिम बंगाल सरकार के पूर्व सचिव डॉ.एसपी गॉन चौधरी ने सोलर डोम तकनीकी की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सोलर डोम से 24 घंटे बिजली उपलब्ध रहेगी। इससे मोबाइल चार्ज भी हो सकता है तो विटामिन डी भी प्राप्त होगी। इसका बैटरी बैकअप भी चार घंटे का है।
सोलर डोम प्रशिक्षक अंकन पटनायक ने बताया कि यह संयंत्र दिन में बिना सोलर पैनल के भी रोशनी देता है। इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण में हिमाचल, उत्तर प्रदेश, असोम, बिहार, नई दिल्ली की नामी संस्थाओं के साथ ही उत्तराखंड से हेस्को व यूपीईएस के प्रतिनिधि भागीदारी कर रहे हैं। हेस्को के संस्थापक डॉ.जोशी ने बताया कि तीन-चार माह में उत्तराखंड के देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली एवं रुद्रप्रयाग के सुदूरवर्ती 100 गांव इस संयंत्र की रोशनी से जगमगाएंगे। उन्होंने बताया कि इसके बाद अन्य गांवों में भी सोलर डोम लगाए जाएंगे।
क्यों घट रही नवोदय की प्रतिभा
गंगोलीहाट-राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, पिथौरागढ़ में इस वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाफल में भारी गिरावट आई है। इससे यहां के शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं। प्रतिवर्ष एक करोड़ की धनराशि व्यय होने के बाद लचर परीक्षाफल को लेकर अभिभावकों का विश्वास डगमगाने लगा है। हाईस्कूल परीक्षा में उत्त्तीर्ण हुए पांच में से दो छात्रों ने विद्यालय से टीसी काट ली है। परीक्षाफल को लेकर संसदीय कार्यमंत्री, जिलाधिकारी और सीईओ ने स्पष्टीकरण मांगा है।
गंगोलीहाट के राजीव नवोदय विद्यालय मे इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा में 34 बच्चे थे। जिसमें 29 विद्यार्थी अनुतीर्ण हुए हैं। इंटर में 20 बच्चों ने परीक्षा दी थी जिसमें नौ बच्चे फेल हैं। बीते वर्ष भी हाईस्कूल में 37 में से 26 बच्चे अनुतीर्ण हुए थे। इधर परीक्षाफल को लेकर मांगे गए स्पष्टीकरण के बाद विद्यालय में हड़कंप मचा है।
विद्यालय में गणित विषय का स्थायी शिक्षक है। इसके बाद भी गणित में सर्वाधिक बच्चे अनुतीर्ण हैं। यही हाल विज्ञान विषय का भी है। विज्ञान में एक शिक्षक का पद रिक्त चल रहा है । इंटर जीवविज्ञान में मात्र तीन छात्राएं थी। जिसमें एक उत्र्त्तीण हुई है उसका कारण भी ट्यूशन पढ़ना था। अधिकांश बच्चों की शिकायत है कि स्थायी शिक्षक प्रतिमाह कई दिनों तक विद्यालय में नहीं रहते हैं। वहीं शिक्षकों की कमी देखते हुए बच्चों को ट्यूशन पढ़ने के लिए कहा गया था।
आवासीय राजीव नवोदय विद्यालय गंगोलीहाट में इस समय 170 विद्यार्थी पढ़ते हैं। जिसमें हाईस्कूल पास किए पांच बच्चों में से दो ने परीक्षाफल देखते हुए टीसी कटवा ली है। अभी अन्य बच्चों के भी टीसी कटवाने की संभावना है। जिस कारण छात्र संख्या घटने के आसार हैं।
विद्यालय में कार्यरत 12 अस्थायी शिक्षकों को समय से मानदेय नहीं मिल पाता है। कभी दो माह बाद तो कभी छह माह, साल भर बाद मानदेय मिलता है। अन्य नवोदय विद्यालयों में मानदेय प्रति वादन 200 से 220 रु पये मिलता है गंगोलीहाट में मानदेय 110-120 रु पये के हिसाब से दिया जाता है। विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा मानदेय बढ़ाने की संस्तुति तक नहीं की जाती है।
वर्ष 2010 में सबको शिक्षा अधिकार के तहत सूचना मांगी गई थी। जिस पर वर्ष 2010 -11 में बच्चों को लाटरी सिस्टम से प्रवेश दिया गया था। लाटरी सिस्टम से जिन बच्चों का नाम निकला उन्हें प्रवेश देना पड़ा। नवोदय विद्यालयों में प्रवेश परीक्षा ली जाती है प्रतिभावान बच्चों को प्रवेश मिलता है। इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा देने वाले बच्चे लाटरी सिस्टम से प्रवेश पाए थे। इसके बाद भी अंग्रेजी ,हिंदी और सामाजिक विज्ञान में शत प्रतिशत परिणाम निकला है।
सी रविशंकर डीएम का कहना है कि विद्यालय में कम परीक्षाफल वाले विषयों के शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा जा गया है। परीक्षाफल कम होने की जांच की जाएगी। लचर परीक्षाफल गंभीर है इसके कारणों की जांच आवश्यक है।
विद्यालय बंद करने की मांग
गंगोलीहाट-राजीव गांधी नवोदय विद्यालय को अभिभावकों ने बंद करने की मांग की है। अभिभावकों ने इस वर्ष विद्यालय के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के परिणाम को देखते हुए अपने पाल्यों को अन्यत्र विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भेजे गए ज्ञापन में अभिभावकों ने कहा कि विद्यालय में पठन-पाठन, प्रशासनिक, सामाजिक स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है। कार्यरत अध्यापकों द्वारा छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जिस कारण विद्यालय का परीक्षा परिणाम निरंतर गिरता जा रहा है। ज्ञापन की प्रतिलिपि शिक्षा मंत्री, स्थानीय विधायक, जिला शिक्षाधिकारी, खंडशिक्षाधिकारी, नवोदय विद्यालय के प्रधानाचार्य को भेजी गई है।





























































