Page 741

164 प्राथमिक शिक्षकों की नौकरी पर मंडराया खतरा

0

तथ्यों को छुपाकर 2012 के बाद  केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा पास राज्य के 164 प्राथमिक शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ गई है। नैनीताल, हाईकोर्ट ने इन शिक्षकों की नियुक्तियों को चुनौती देती विशेष अपील पर सुनवाई करते हुए शिक्षकों को नोटिस जारी किए हैं।

शिक्षा विभाग ने नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स एजुकेशन द्वारा 2012 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत शिक्षक बनने को टीईटी अनिवार्य कर दिया था। राज्य सरकार द्वारा 1200 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था।

इन पदों के लिए बीएड व सीपीएड डिग्रीधारकों द्वारा भी आवेदन किया गया, जो टीईटी पास नहीं थे, उन्हें भी नियम विरुद्ध तरीके से नियुक्ति दे दी। इसी बीच मामला हाई कोर्ट में पहुंचा तो एकलपीठ ने सरकार से ऐसे अभ्यर्थियों की सूची मांगी थी, जिनके द्वारा 2012 के बाद सी-टेट पास किया गया था। एकलपीठ ने सरकार से इन शिक्षकों की पात्रता चेक करने को कहा था मगर सरकार द्वारा अर्हता चेक किए बिना ही नियुक्ति दे दी गई।

इधर, हरिद्वार के कुलदीप कुमार व अन्य ने विशेष अपील दायर कर इन शिक्षकों की नियुक्तियों को चुनौती दी। जिसमें कहा गया था कि 23 अगस्त 2010 को केंद्र सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अंतर्गत बीएड पास कर 2012 के बाद सी-टेट पास अभ्यर्थी पहली से पांचवीं कक्षा तक पढ़ाने वाले शिक्षक नहीं बन सकते।

इन अभ्यर्थियों द्वारा तथ्यों को छिपाकर नौकरी हासिल की गई है। लिहाजा नियुक्तियां रद की जाएं। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसफ व न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद सी-टेट पास 164 सहायक अध्यापकों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

आयुर्वेद से संभव है माइग्रेन का इलाज: वैद्य बालेंदु प्रकाश

1

शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो अपनी जिंदगी में सिर दर्द से परेशान ना हुआ हो। अचानक होने वाला सिरर्दद कई बार घातक एंव जानलेवा भी हो सकता है परन्तु कुछ तरह के सिरर्दद बार बार, लगातार और जीवन पर्यन्त भी होते रहते है। शनिवार को देहरादून में आयोजित सेमिनार में माइग्रेन, इसके कारण और आयुर्वेंद से इसके उपचार पर देशभर के नामी चिक्त्सकों ने विचार किया।

माइग्रेन का बारे में बताते हुए पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश ने बताया कि सरदर्द में लगभग 90 प्रतिशत रोगी माइग्रेन से पीड़ित होते हैं, जिसके लक्षण हैः

  • साल में कम से कम 5 बार या उससे अधिक सिर दर्द की पुनरावृत्ति होना
  • बगैर किसी चिकित्सा के इस सिरदर्द की अवधि कम से कम चार घण्टे और ज्यादा से ज्यादा 72 घण्टे तक होना
  • सिर में एक या दो स्थानों पर ही दर्द का होना, सिर की नसों में धड़कन या हथौडे़ की तरह धक धक महसूस होना, तीव्र या असहनीय दर्द का होना, शारिरिक श्रम से दर्द का और बढ़ना
  • सिर दर्द का आवेग होने पर रोशनी और आवाज का अच्छा ना लगना या जी मिचलाना और उल्टी का होना

माइग्रेन रोग में मूल कारणों को छोड़कर केवल लक्षणों की चिकित्सा करने से उक्त सभी औषधियों का द्धीर्घ काल तक सेवन करना पड़ता है जिससे धीरे-धीरे कई खतरनाक परिणाम हो सकते है।

माइग्रेन में दी जाने वाली औषधियॉं आयुर्वेद के रस शास्त्र पर आधारित हैं जिसके प्रायः सभी घटक कच्ची अवस्था में शरीर के लिए हानिकारक है। किन्तु सही तरीके से निर्माण करने पर यह औषधियॉ हो जाती है। लंबे समय तक अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर परखी गई आयुर्वेदिक दवाईयां माइग्रेन के मरीजों को राहत दिलाने और इस बिमारी का जड़ से इलाज करने में सफल रही हैं।

गोष्ठी में बल दिया गया कि:

  • आयुर्वेदिक दवाईयां माइग्रेन की रोकथाम में प्रभावी है।
  • आयुर्वेदिक दवाईयां एलोपैथी के मुकाबले कम अवधि में अधिक एंव स्थायी लाभ देती है।
  • आयुर्वेदिक दवाईयां पूर्ण लाभ देती है।
  • आयुर्वेदिक दवाईयों का कोई साइड इपेक्ट नहीं होता है।

इस गोष्ठी में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी हिस्सा लिया। भट्ट ने कहा कि “इस पूरे सेमिनार की विस्तृत रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजी जाएगी। ताकी केंद्र सरकार भी आयुष कार्यक्रम में इनका पूरा उपयोग कर सके। इस मौके पर एम्स भुबनेशवर के पूर्व निदेशक डाॅ ए के महापात्रा ने कहा कि “आयुर्वेद से माइग्रेन का इलाज मुमकिन हो सकता है ओर इसलिये आज के समय की जरूरत है कि आयुर्वेद और ऐलोपैथी को साथ लेकर काम किया जाये”। वहीं आॅल इंडिया इंस्टीट्यूट आॅफ आयुर्वेद के निदेशक डाॅ अभिमन्यु कुमार ने कहा कि ” वैद्य बालेंदु के प्रयास काबिले तारीफ हैं”

मसूरी के होटल में लगी आग

0

मसूरी को एक होटल में कल रात आग लगने की सूचना मिली। सूचना पर थाना मसूरी अौर फायर ब्रिगेड मसूरी से पुलिस बल मौके पर पहुँची। मौके पर होटल आशियाना, जोकि कैमल बैक रोङ पर है, के एक कमरे में आग लगी हुई थी। जिसे फायर ब्रिगेड की टीम द्वारा फायर टेंडर की सहायता से तत्काल बुझाया गया।

कमरे में ग्वालियर से आये दंपति संजय जैन का परिवार रुके हुअा था। उनकी बेटिया जिनमें से एक 16 व दूसरी 27 साल की है। प्लास्टिक के पंखे के गल जाने से हाथ पैर मामूली रूप से झुलस गए। जिन्हें उपचार के लिये  तत्काल अस्पताल ले जाया गया। प्रथमदृष्टया आग लगने का कारण शार्ट सर्किट होना पाया गया है, मामले में जाँच जारी है।

जानिए इस बार मिस इंडिया प्रतियोगिता की थीम

0

इस साल मिस इंडिया प्रतियोगिता में कुछ बदलाव किए गए है। कुछ नई चीजें जोड़ी गई हैं। इस पूरी प्रतियोगिता को अलग-अलग पड़ावों से जोड़ा गया है।

इस बार मिस इंडिया प्रतियोगिता की थीम ‘ब्यूटी विद् ए पर्पज’ होगी। यह पहली बार है जब इस प्रतियोगिता को थीम से जोड़ा गया है। हर स्टेट की ब्यूटी को यह बताना होगा कि यदि वे मिस इंडिया बनती हैं तो उनका मुख्य पर्पज क्या होगा। साथ ही, उनका जो पर्पज है, वे इसके लिए अभी क्या कर रही हैं।

मुंबई में चल रही मिस इंडिया प्रतियोगिता में उत्तराखंड की तरफ से अनुकृति गुसाईं भी हिस्सा ले रही हैं। अनुकृति 2013 में भी प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी हैं। तब उन्होंने मिस इंडिया पैसेफिक का खिताब जीता था।

अनुकृति गुसाई ने बताया कि इस बार की प्रतियोगिता में कई बदलाव किए गए हैं। इस बार हर स्टेट की एक सुंदरी को इवेंट में शामिल किया गया है। यानी प्रतियोगिता में 30 सुंदरियां होंगी।

3a5c0717-7485-4c97-82e6-261061e1e345

इसके अलावा इस बार इवेंट की थीम भी रखी गई है। इस बार की थीम ‘ब्यूटी विद् ए पर्पज’ रखी गई है। हर ब्यूटी को अपना पर्पज बताना होगा। अनुकृति ने बताया कि उनका ‘ब्यूटी विद् ए पर्पज’ उड़ान प्रोजेक्ट है। जिससे वे काफी सालों से जुड़ी हैं।

इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य स्लम एरिया के बच्चों को शिक्षित करना है। उन्होंने बताया कि फिलहाल यह प्रोजेक्ट ऋषिकेश में चल रहा है। उन्होंने बताया कि यदि वे मिस इंडिया बनती हैं तो इंटरनेशनल लेवल पर स्लम एरिया के बच्चों को शिक्षित करने की मुहिम चलाएंगी।

 

गुरू गोविंद सिंह के 350 वे पर्व पर दून में होगा बड़ा कार्यक्रमः सीएम रावत

0

शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में गुरू गोविंद सिंह जी महाराज के 350 वें प्रकाश पर्व वर्ष को समर्पित ‘कीर्तन दरबार’ का आयोजन किया गया। ‘कीर्तन दरबार’ में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने श्री गुरू ग्रन्थ साहिब के मत्था टेका और श्री गुरू गोविंद सिंह जी महाराज का स्मरण किया।

मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि यह बड़े सौभाग्य की बात है कि मुख्यमंत्री आवास में श्री गुरू गोविंद सिंह जी महाराज के 350 वें प्रकाश पर्व वर्ष को समर्पित ‘कीर्तन दरबार’ का आयोजन किया गया। उडी़सा में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री गुरू गोविंद सिंह जी महाराज के 350 वें प्रकाश पर्व वर्ष को राष्ट्रीय स्तर पर मनाए जाने का प्रस्ताव रखा था। श्री गुरू गोविंद सिंह जी ने धर्म व समाज की रक्षा के लिए अपने पिता को बलिदान के लिए प्रेरित किया और अपने दोनों पुत्रों का बलिदान किया। इतिहास में ऐसी मिसाल बहुत ही कम देखने को मिलती है।

मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि श्री गुरू गोविंद सिंह जी महाराज के 350 वें प्रकाश पर्व को राष्ट्रीय पर्व की तरह मनाया जाना चाहिए। देहरादून में गुरू गोविंद सिंह जी को समर्पित एक कार्यक्रम का बडे़ स्तर पर आयोजन किया जाएगा। यह गुरू गोविंद सिंह जी की दूरदृष्टि थी कि उन्होंने गुरू ग्रन्थ साहिब की को सर्वोच्च स्थान दिया। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की और उसमें सभी वर्गों के लोग शामिल हुए। खालसा का तात्पर्य है पवित्र। खालसा राज का अर्थ है पवित्रता का राज।

मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि उत्तराखंड में सौहार्द्र की परम्परा रही है। यहां सभी धर्मों के पवित्र स्थल हैं। हम अपनी समस्याओं का समाधान आपस में मिलकर स्वयं निकाल सकते हैं। ज्ञान गोदड़ी का मामले का समाधान भी हम उत्तराखंड के लोग आपस में मिलकर खुद ही कर लेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान गोदड़ी के मामले के हल के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी जिसमें सभी की राय से सदस्य नामित किए जाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को सिरोपा भेंट किया गया।

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधायक हरबंस कपूर, हरभजन सिंह चीमा,  गणेश जोशी, खजानदास, राष्ट्रीय सिख संगत के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन अविनाश जायसवाल, राष्ट्रीय महासचिव डा.अवतार सिंह शास्त्री, सहित अन्य गणमान्य व राज्य के विभिन्न स्थानों से आए सिख संगत उपस्थित थे।

तीन तलाक के मुद्दा भाजपा दे रही तूलः सलमान खुर्शिद

0

पूर्व विदेश मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने राष्ट्रपति के चुनाव को लेकर कहा कि भाजपा-कांग्रेस के उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा कर आम सहमति बनती है तो देशहित में यह एक बड़ा फैसला होगा।

नैनीताल पहुंचे सलमान खुर्शीद ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि तीन तलाक कोई मुद्दा ही नहीं है और भाजपा इसे केवल तूल दे रही है। तीन तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कर रहे सलमान खुर्शीद ने कहा कि न्यायालय का फैसला आने के साथ ही इस मुद्दे का पटाक्षेप भी हो जाएगा।

देश में लगातार हो रही आतंकी हमले और कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाओं पर कहा कि यह दोनों ही अलग मसले हैं। आतंकी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सरकार को पाकिस्तान से बातचीत करनी चाहिए, क्योंकि बगैर संवाद के यह मसला हल नहीं होने वाला है। कश्मीर में पत्थरबाजी का मसला अलग है। इसके लिए वहां के नौजवानों को समझाने के लिए सरकार को आगे आना होगा।

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के पाकिस्तान में दिए गए विवादित बयान कि ‘पहले मोदी को हटाएं, फिर पाकिस्तान के चर्चा होगी, पर सलमान खुर्शीद ने मणिशंकर की पैरवी करते हुए कहा कि वह गंभीर नेता हैं। हो सकता है कि उनके मुंह से यूं ही यह बात निकल गई हो। उन्होंने कहा कि उप्र में नई सरकार आने के बाद कानून व्यवस्था की हालत बिगड़ी है।

पर्वतीय जनपदों से हो रहे पलायन को रोकने के लिए राज्य पुलिस की अनूठी पहल

0

उत्तराखण्ड राज्य में पर्वतीय जनपदों से लोगों का पलायन एक गम्भीर समस्या है। पर्वतीय जनपदों से हो रहे पलायन को रोकने में अपना योगदान देने के दृष्टिगत राज्य पुलिस स्थापना समिति की संस्तुतियों के आधार पर उत्तराखण्ड पुलिस ने एक अनूठी पहल आरम्भ की है जिसमें ऐसे मुख्य आरक्षी/आरक्षी(समस्त संवर्ग यथा अभिसूचना सहित) तथा लीडिंग फायरमैन/फायर सर्विस चालक/फायरमैन/प्रधान परिचालक/सहायक परिचालक/कर्मशाला सहायक एवं समस्त लिपिकीय संवर्ग जिनका गृह जनपद पिथौरागढ़, बागेश्वर,चम्पावत,चमोली, उत्तरकाशी एवं रूद्रप्रयाग है, को उनके उक्त गृह जनपदों में नियुक्त/स्थानान्तरण किया जा सकेगा। गृह जनपद में नियुक्त कार्मिकों को उनसे सम्बन्धित तहसील में नियुक्ति प्रदान नहीं की जायेगी।

इस निर्णय से उक्त जनपदों के निवासी कार्मिक अपने गृह जनपद में नियुक्ति पा सकेंगे जो उसके अपने पैतृक गांव से जुड़ाव बनाये रखने एवं पलायन को रोकने में भी सहायक होगा।

नये ज़माने के अंदाज में ढल रही हैं दून की दशकों पुरानी मिठाई की दुकानें

0

मिठाई की दुकानों के अंदर व्यवस्थित तरीके से रखी गई रंगीन मिठाई या गर्म समोसे , यादों का एक पुराना दौर आखों के सामने ले आता है, खासकर अगर दुकान 100 साल पुरानी हो।जी हां शहर में कई सालों पुरानी दुकानें सड़कों के किनारे हैं,जो बहुत से घरों में खुशीयां बांटती हैं। लेकिन बदलते समय, कड़ी बाजार प्रतिस्पर्धा और तेजी से बढ़ते दुनिया के साथ, इन पुरानी दुकानों ने युवाओं को आकर्षित करने और अपने पुराने ग्राहकों को बनाए रखने के लिए व्यापार करने के नए तरीके निजात किए हैं।

jai sweet

इनमें से कई दुकानों ने अपने कारोबार को एक छोटे से हल्वाई की दुकान के रूप में शुरू किया, सड़कों के कोने में दुकान चलाने के बाद अब अंत में आज दुकानों के मालिक हैं। एक ऐसी ही दुकान है ”जय स्वीट भंडार” जो 1923 में स्थापित की गई थी। इस मिठाई दुकान के मालिक बताते हैं कि वे चुनौतियों से लडने के लिए अधिक से अधिक किस्मों की पेशकश और उत्पादन बढ़ाने के लिए तैयार हैं। राकेश मित्तल, जिनके दादाजी स्वर्गीय श्री बेनी प्रसाद ने दुकान की स्थापना की, का कहना है, “हमने शुरुआत केवल जलेबी बनाने से की थी, लेकिन अब हम सभी तरह के मिठाइयां और नमकीन बनाते हैं।अब हमने आधुनिक उत्पादन तकनीक भी लगा दिए है और केटरिंग सेवाएं भी शुरू की हैं।

New Picture (8)

ऐसी ही एक और दुकान है, ”रोशन स्वीट्स” जो 1901 में स्थापितकी गई थी, और अाज भी देहरादून निवासियों के बीच एक पसंदीदा दुकान है। एम.एन. अग्रवाल 1968 के बाद से दुकान का प्रबंधन कर रहे है उन्होंने बताया कि, “मेरे दादा मंगामल ने पलटन बाजार में एक छोटा सा क्षेत्र खरीदा था। हमने इसे अधिक ग्राहक के अनुकूल बनाने के लिए दुकान का रेनोवेशन किया।अब हम इसे एक ऐसे स्थान पर शिफ्ट कर चुके हैं जहां यह ग्राहकों की नजर में रहे और उन्हें अधिक दिखाई दे। अग्रवाल ने यह भी कहा कि ऑनलाइन डिलीवरी सर्विस भी दुकान के भविष्य के लिये अच्छा होगा।

मनीष गुप्ता जो रोशन स्वीट्स के रेगुलर कस्टमर है वह बताते हैं , “मेरे पिता हमेशा कहते हैं कि इस दुकान में मिठाई गुणवत्ता के कारण सबसे बेहतर है, हम केवल इस दुकान को मिठाई का आर्डर देते हैं।”

रोशन स्वीट्स के एक स्टाफ सदस्य जो 1968 से काम कर रहे हैं उन्होंने कहा कि, “समय शायद बदल गया हो लेकिन हमारे लिए हमेशा काम किया है, युवा पीढ़ी के बीच हमारी सेवाओं को लोकप्रिय बनाने के लिए हमने दुकान का रनोवोशन कराया। शहर के विजीटर अब हमारी दुकान से मिठाई का आॅनलाईन आर्डर भी दे सकते हैं।

New Picture (9)

शहर में एक और आजादी से पहले की मिठाई की दुकान है ”दून स्वीट्स”।दुकान के मालिक आदेश जैन ने बताया कि, “1942 से मेरे पिता इस व्यवसाय में हैं। हमारी दुकान जलेबी और छोले भटुरों के लिए जानी जाती हैं। इसके अलावा, यहां का खाना इसलिए भी मशहूर है क्योंकि यहां सब कुछ प्याज के बिना तैयार किया जाता है।”

New Picture (10)

यह शहर देहरादून राजपुर रोड पर विभिन्न प्रकार के पकौड़ों के लिए भी प्रसिद्ध है। इसमें सबसे जायादा मशहूर है नारायण सिंह सेठी की दुकान। 1946 में स्थापित, यह दुकान अब अपने दो पुत्रों प्रीतपाल सिंह और बलजीत सिंह द्वारा चलाई जाती है।इस दुकान पर केवल जेलबी, पकौड़ा और चाय ही दिये जाते हैं। बलजीत ने कहा,  “दुकान में पकौड़े को उबले आलू के साथ पकाने के लिए हम प्रसिद्ध है। बहुत सारे पर्यटक दूर दूर से हमारी दुकान पर अाते हैं।”

दून के ”विशेष भृगुवंशी” बने इंडिया बास्केटबाल टीम के कप्तान

0

ओएनजीसी देहरादून के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विशेष भृगुवंशी को ब्रिक्स गेम्स 2017 के लिए भारतीय बास्केटबाल टीम की कमान सौंपी गई है। टीम में ओएनजीसी के दो और खिलाड़ियों यादवेंद्र सिंह और अर्जुन सिंह को भी जगह मिली है।

विशेष भृगुवंशी इस साल सीनियर राष्ट्रीय बास्केटबॉल चैंपियनशिप में उत्तराखंड को स्वर्ण पदक दिलाने वाली टीम के कप्तान भी थे। बेहतर फार्म में चल रहे विशेष पर एक बार फिर से चयनकर्ताओं ने भरोसा जताया है।

चीन में 17 से 21 जून तक प्रथम ब्रिक्स गेम्स का आयोजन होगा। भारतीय बास्केटबॉल टीम के विशेष प्रशिक्षण के बाद ब्रिक्स गेम्स के लिए टीम की घोषणा की गई। जिला बास्केटबॉल संघ की सचिव शैलजा असवाल ने बताया कि तीनों खिलाड़ी चीन के लिए रवाना हो गए हैं। पहली बार चीन में हो रही ब्रिक्स चैंपियनशिप में राउंड रॉबिन लीग के आधार पर मुकाबले खेली जाएंगी।

 

मसूरी में आईएएस अधिकारियों ने चलाया सफाई अभियान

0

मसूरी लाल बहादूर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी और नगर पालिका प्रशासन ने शहर में स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहर में सफाई अभियान चलाया। शहर के गांधी चौक से लेकर कुलङी बाजार तक आईएएस ट्रेनी सहित वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों और पालिका कर्मियों ने हाथ में झाङू लेकर सफाई की।

WhatsApp Image 2017-06-17 at 13.51.49

एलबीएस अकादमी में आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम के तहत 16 जून से लेकर 30 तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है।जिसमें देश को स्वच्छ रखने के साथ ही साथ कई जागरुकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जायेगें।

स्वच्छता पखवाङे कार्यक्रम के तहत अकादमी के 184 ट्रेनी आईएएस और अकादमी में मिड कैरियर ट्रेनी कार्यक्रम के 75 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियो ने सफाई अभियान मे शिरकत कर मसूरी मालरोङ में झाङू लगाया। ट्रेनी आईएएस का कहना था कि लोगो को सफाई अभियान में सहयोग करना चाहिए, सिर्फ सरकार पर हर चीज को छोङ देना ठीक नही है।

वहीं प्रदेश के पर्यटन सचिव ने कहा कि पर्यटन विभाग पालिका के साथ सहयोग कर शहर के साफ सुथरा रखने के लिए प्रयास करेगा।